लड़के ने लड़की को पहली बार झाड़वाया

नमस्कार दोस्तों, कैसे है आप सब? उम्मीद है ठीक होंगे.

मैं सागर एक बार फिर हाज़िर हू अपनी स्टोरी का दूसरा पार्ट लेकर. पिछले पार्ट में अपने पढ़ा कैसे मैं उसको व्सी पे गरम करते-करते खुद गरम हो रहा था. अब आयेज-

मे: उंगली अंदर डालो बर में.

शी: बहुत दर्द हो रहा है.

मे: मेरे लिए तोड़ा बर्दाश्त कर लो जान.

शी: आपके लिए तो अपनी जान भी दे दूँगी राजा जी.

मे: उंगली पूरी घुसा के कैसा लग रहा है?

शी: बहुत दर्द हो रहा है जान.

ये उसका पहली बार था, इसलिए उसकी बर पूरी टाइट थी, जिससे उंगली अंदर जाने में प्राब्लम हुई.

मे: अब अंदर-बाहर करो उंगली.

शी: कर रही हू बेबी.

मे: ज़ोर-ज़ोर से करो.

शी: आ आ उहह कर रही हू.

उसकी बर पूरी गीली दिख रही थी व्सी में. अब वो पूरी गरम हो गयी थी.

मे: रानी, अब जल्दी-जल्दी अंदर-बाहर करो उंगली.

शी: कर रही हू बेबी, उहह अया अफ, अजीब लग रहा है जान.

मे: मज़ा आ रहा है बाबू को?

शी: ओह आफ उउउफ़ आ आ हा जान बहुत मज़ा आ रहा अया है.

मे: और जल्दी-जल्दी करो जान.

व्सी पे उसको बर में उंगली करते देख मैं बहुत हॉर्नी हो गया, और यही सोच रहा था, की कैसे उसकी मक्खन जैसी बर में अपना लंड घुसौंगा.

शी: आ आ ऊओ ऊओ ऊऊ उफ़ मुझे कुछ हो रहा है जान.

मे: मैं समझ गया की वो झड़ने वाली थी, और मैं भी अपने चरम पर था.

शी: ऊ आ अफ एयेए आआ आआ ऊऊऊः जान कुछ करो ना.

मे: और जल्दी-जल्दी करती रहो. स्पीड कम मत करना.

ये कहते हुए मैं भी अपने लंड को ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगा.

शी: कर रही हू जान आहह.

ये बोलते-बोलते वो झड़ने लगी, और अब उसकी सारी उंगलियाँ उसके काम-रस्स से भीग चुकी थी.

मैं उसको इस अवस्था में देख कर बहुत ही एग्ज़ाइटेड हो गया.

काम-रस्स से भीगी हुई उसकी कुवारि बर बिल्कुल मक्खन लगे पॉ की तरह चमक रही थी. जिसको देख कर खा जाने का मॅन कर रहा था, और मैं यही सोचते-सोचते झाड़ गया.

फिर व्सी काट के उसने वाय्स कॉल की.

मे: हेलो बेबी, कैसा लगा?

शी (शरमाते हुए): हट्तो, कुछ भी हा.

मे: मुझसे भी च्छुपावगी?

शी: लगा तो बहुत अछा, पर बहुत जलन हो रही है जान. मेरी टांगे काँप रही है. फिर कभी मुझसे ये सब मत कहिएगा. मैं नही करने वाली.

मे (वित आ सेक्सी स्माइल): अब तो आदत डाल लो जान. अब तो ये मज़ा रोज़ आएगा.

शी (नॉटी तरीके से): बिल्कुल नही जी, मुजसे नही होगा.

मे (बनावटी उदासी के साथ): ठीक है, कोई बात नही, तुम्हारी मर्ज़ी. अब मैं ज़बरदस्ती तो कर नही सकता तुमसे.

और फिर मैं चुप हो गया.

शी (घबराते हुए): हेलो, हेलो.

मैं चुप रहा.

शी: बोलिए ना जान प्लीज़. आप जो बोलॉगे मैं करूँगी. आप बस चुप मत रहा करिए. मैं तो आपके लिए जान भी दे सकती हू.

वो मेरे रंग में पूरी तरह से रंग गयी थी.

मे (तोड़ा नाटक करते हुए): ऐसी बातें मत कहो मुझे. तुम्हारे साथ जीना है मुझे, और मैने सिर्फ़ सेक्स के लिए तुमसे प्यार नही किया है. मैने तुम्हे रूह से रूह तक चाहा है. हा थोड़ी बहुत नीड होने लगती है तुम्हे देखता हू तो. इसलिए ये सब बोला करने को. पर अब नही बोलूँगा. मैं मॅनेज कर लूँगा अपने आप. ये बातें सुन कर वो सीरीयस हो गयी.

शी: क्यू नही करेंगे आप? मैं आपकी सारी नीड पूरी करूँगी. मैं आपको अपना पति मानती हू, और एक पत्नी का धरम होता है अपने पति को खुश रखना. आप जो बोलॉगे मैं करूँगी. आप बस खुश रहिए.

ये सुन के तो मेरे मॅन में लड्डू फूटने लगे, और मैने सोचा अब चिड़िया फ़ासस गयी थी जाल में.

मे: ये हुई ना बीवियों वाली बात. अब लगा है जाके की तुम मेरी बीवी हो.

शी: और आप मेरे पति.

मे: चलो अब बताओ मज़ा आया की नही?

शी: बहुत मज़ा आया. मैं तो आसमान में उडद रही थी.

ऐसा लग रहा था अब वो खुल चुकी थी मुझसे. लाज शरम के सारे बंधन टूट चुके थे. अब कोई दीवार नही थी हम दीनो के बीच में.

मे: अभी मेरी बर कैसी है, और क्या कर रही है?

शी: आपकी बर अभी भी पानी टपका रही है आपकी याद में, और अपने आप खुल और बंद हो रही है.

मे: मुझे बुला रही है क्या जान?

शी: ना, अपने लंड को बुला रही है.

मे: क्या कह रही है?

शी: आओ लंड मुझमे घुस जाओ.

मे (मज़ा लेते हुए): मतलब मेरे से कोई काम नही, सिर्फ़ लंड से ही मतलब है?

शी (वित हॉर्नी एक्सप्रेशन): आप होगे तभी ना आपका लंड जाएगा बर में.

मे: सिर्फ़ बर में लंड ही जाएगा, और कुछ नही मिलेगा क्या?

शी: सब कुछ मिलेगा, जो आपको चाहिए. मैं भी आपकी हू, और मेरा जिस्म भी.

मे: ई लोवे योउ रानी.

शी: ई लोवे योउ राजा.

मे: चलो अब रात अधिक हो गयी है. सो जाओ, सुबा तुम्हे जल्दी उतना भी है.

शी: आप मेरी कितनी केर करते है.

मे: मेरी जान जो हो तुम.

शी: ई मिस योउ बेबी.

मे: ई मिस योउ टू मी लोवे.

ठीक है चलो अब सोने जाओ,

रात बहुत हो गयी

है. बाइ, गुड नाइट.

शी: बाइ, गुड नाइट बेबी.

फिर हम सो गये. सुबा 7 बजे मेरी नींद खुली तो मैं लाते हो चुका था. फिर मैं जल्दी से फ्रेश होके नहा धो के नाश्ता करके जॉब पे निकल गया. मैं एक पॅयन मसाला की कंपनी में सेल्स ऑफीसर हू, इसलिए जनरली बहुत प्रेशर होता है.

बिकॉज़ पुर डिस्ट्रिक्ट की ज़िम्मेदारी होती है. 50 लोगों की टीम को हॅंडल करना होता है. इसलिए मैं जॉब में जाके बिज़ी हो गया, और उसको मेसेज करना भी याद नही रहा.

वो भी 4 भाइयो की एक-लौटी बेहन थी. तो उसको भी टाइम कम मिलता है. इसलिए वो भी अपने काम में बिज़ी रही. वो कॉलेज सिर्फ़ मंडे, ट्यूसडे और वेडनेसडे को ही जाती थी. इसलिए मैं जानता था की सब काम करके वो जब फ्री होगी, तो 2 बजे तक खुद मेसेज करेगी.

उम्मीद के मुताबिक 2:20 पे दोपहर को उसका मेसेज आया.

शी: गुड आफ्टरनून स्वीटहार्ट.

मे: योउ टू मी लोवे.

शी (शिकायत भरे लहजे में): क्यू जी सारा प्यार रात को ही ख़तम हो गया क्या? आपने एक मेसेज तक करना ज़रूरी नही समझे.

मे (मक्खन लगते हुए): नही जान, ऐसी बात नही है. मैं जानता हू की तुम बिज़ी रहती हो, इसलिए मेसेज नही किया की किसी और ने देख लिया तो बिना मतलब ये ड्रामा हो जाएगा.

शी (खुश होते हुए): मेरी जान बहुत आचे है. कितना सोचते है मेरे बारे में.

मे (अपने मॅन में; तुम्हारे बारे में नही डार्लिंग, तुम्हारी जवानी के बारे में सोचता हू ): क्या करू, मेरी जान जो हो तुम.

शी: आपने कुछ खाया?

मे: अभी नही.

शी: क्यू?

मे: टाइम नही मिला अभी तक.

शी (हक़ जमाते हुए): सब काम धाम छ्चोढिए, और पहले कुछ खा कर मुझे तुरंत मेसेज कीजिए.

मे: अभी खा लूँगा मेरी जान.

शी: अभी मतलब अभी.

मे: ओक मेरी जान.

भूख तो मुझे भी लगी थी. फिर मैने एक होटेल पे बिके लगाई, और खाना ऑर्डर किया, और खाने की पिक लेके उसको व्हातसपप कर दिया.

शी: गुड बॉय, अब आराम से खा लीजिए. मैं बर्तन धो कर आपको मेसेज करती हू.

मे: ओक, पर तुम भी टाइम से खाना खा लेना.

कहानी जारी रहेगी दोस्तों, मिलता हू आपसे जल्द ही. अगले पार्ट में बतौँगा आयेज क्या-क्या हुआ.

जो भी गर्ल्स या आंटीस मेरे साथ सेक्स करना चाहती है, या टिप्स लेना चाहती है, वो मुझे कॉंटॅक्ट कर सकती है. उनकी पूरी प्राइवसी रहेगी

मेरी मैल ईद है:

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