लड़के ने अपनी आपी के साथ सोक पानी निकाला

ही फ्रेंड्स मेरा नाम रेहान है. मैं इस टाइम प्राइवेट जॉब करता हू. मेरी उमर 24 साल है. मेरे घर में पापा, मम्मी, मैं और आपी रहते है. ये बात तब की है, जब मैं 12त क्लास में पढ़ता था, और 18 साल का था.

मेरे घर में मेरे कज़िन भाई है, जो की फॉरिन रहते है. उनकी शादी मेरे मामा की लड़की सलमा ख़ातून से हुई है, जो की मेरी आपी लगती है यानी दीदी. ये बात तब की है, जब मैं 12त में पढ़ता था.

सलमा आपी हम लोगों के घर काफ़ी बार आती थी. मेरी अची ख़ासी बनती थी उनसे, और उनके हज़्बेंड से, और सलमा आपी मुझे बहुत मानती थी. उनकी शादी के बाद भैया बाहर चले गये थे, और उस टाइम मेरी मम्मी का ऑपरेशन हुआ था पेट का.

तो सलमा आपी मेरे घर आई थी. क्यूंकी पापा हॉस्पिटल में ही रहते थे. तो घर का सारा काम आपी ही करती थी. मेरे घर में दो कमरे थे. एक में पापा सोते थे, और एक में मैं, और मेरी दोनो आपी यानी सलमा आपी और मेरी आपी.

उस टाइम ठंडी का मौसम था, तो मैं और सलमा आपी एक कंबल में और मेरी आपी दूसरे कंबल में सोते थे.

मुझे सलमा आपी बहुत अची लगती थी, क्यूंकी वो मुझे बहुत मानती थी, और मैं भी उनको बहुत प्यार करता था. बुत मैं उनके बारे में कभी ग़लत नज़र से नही देखा था.

सलमा आपी के हज़्बेंड को बाहर गये लगभग 2 साल हो गये थे. एक रात हम दोनो सो रहे थे, तो अचानक मुझे कुछ फील हुआ, जैसे कोई मेरे लंड को मेरी पंत के उपर से दबा रहा हो हल्के-हल्के से.

लगभग 3 बजे का टाइम था. मेरे लंड का साइज़ 5 से 6 इंच के बीच का था उस टाइम. मुझे लगा की शायद सलमा आपी के मॅन में चूड़ने की इक्चा होती थी, और मेरे मॅन में गंदे ख़याल आने लगे उनको लेकर.

फिर थोड़ी देर बाद सलमा आपी मेरे लंड पर से अपना हाथ हटा कर सो गयी. लेकिन मुझे नींद नही आ रही थी. मेरा मॅन अब उनके प्रति बदल गया था. मैं सीधा सोया हुआ था, और वो मेरी तरफ मूह करके सोई हुई थी.

तो मैने करवट लेकर उनकी तरफ मूड गया और अपना एक हाथ उनकी कमर पे रख दिया. दूसरा हाथ मेरा नीचे था, जो मैने टोपे के पास कर दिया. फिर मैने अपना बया हाथ जो की कमर पे था, उसको धीरे से आपी के गांद की तरफ ले गया, और फिर सलवार के उपर से ही उनकी गांद की दरार के पास ले गया.

एक बात और मैं सलमा आपी के बारे में बताना भूल गया. उस टाइम मेरी उमर 18 की थी, और आपी की उमर लगभग 25 की थी. और उनका फिगर नॉर्मल था, वो ना ज़्यादा पतली थी, और ना मोटी. बुत उनकी हाइट मेरे से ज़्यादा थी, और वो गोरी तो काफ़ी थी. अब स्टोरी पे आता हू.

जब मैने अपना बया हाथ जो की उनकी कमर के पास था, उसको धीरे-धीरे उनकी गांद की दरार के पास ले गया. उन्होने स्लावार सूट पहना था. उनकी गांद के बीच में मुझे लगा जैसे की उनकी गांद के च्छेद के पास काफ़ी बाल थे.

लेकिन मैं उसको फील करके काफ़ी एग्ज़ाइटेड हो गया. आप समझ ही सकते है, की अपनी आपी की गांद के च्छेद के पास हाथ रखने पे अलग ही फॅंटेसी मिलती है. फिर मैं अपने बाए हाथ को उनके सूट के अंदर डाल कर उनकी पीठ सहलाने लगा धीरे-धीरे.

सलमा आपी मस्त सो रही थी. फिर मैने अपना बया हाथ सूट से निकाल कर उनकी सलवार में डालने की कोशिश की, ताकि गांद को चू साकु. तभी आपी मेरा हाथ हटा करके सो गयी.

मैने फिर वापस अपना हाथ उनकी कमर पे रख दिया, लेकिन मैने बाए हाथ को वही रहने दिया और सो गया. फिर थोड़ी देर मैं ऐसे ही लेता रहा. मेरा मूह उनके मूह के पास था. उन्होने बरो प्लस लगाई हुई थी, तो जब उनकी साँस मेरे मूह पे आ रही थी, तो बहुत अची खुश्बू आ रही थी.

हम दोनो का मूह एक-दूसरे के तरफ था, और उनकी दूध के बीच की दरार मेरे सामने थी. मैं तोड़ा सा नीचे हुआ, और उनको सामने से पकड़ के चिपक कर लेट गया, जिससे मेरा मूह उनके दोनो दूध के बीच में लगा हुआ था.

उनको लगा मैने नींद में ऐसा किया, तो उन्होने भी मुझे पकड़ लिया. मैं अब जैसे जन्नत में था. मैं अपने जीभ से उनके क्लेवगे को चाटने लगा, और ऐसे ही सो गया

अगाए दिन सब नॉर्मल था. फिर रात में हमने खाना खाया, और सोने के लिए बिस्तर में आ गये. इस बार मैने मॅन बना लिया था, की मुझे सलमा आपी के दूध दबाने थे. और वो भी अंदर से.

सो मैं उनके सोने का वेट करने लगा. वो हमेशा मेरी तरफ मूह करके ही सोती थी. जब आपी सो गयी, तो मैं धीरे से उनकी तरफ मूड के लेट गया, और अपना पैर उनकी जाँघ पे रख दिया.

फिर मैने धीरे से अपना हाथ उनके सूट में डालना शुरू किया. इस बार उन्होने मुझे रोका नही. क्यूंकी वो मेरी तरफ मूह करके सोई थी, तो आयेज से सूट तोड़ा ढीला हो गया था. इससे मुझे हाथ डालने में ज़्यादा दिक्कत नही हुई, और आराम से उनकी ब्रा के उपर तक हाथ चला गया.

पहले तो मैने उपर से उनके दूध को दबाया धीरे-धीरे. एक हाथ से मैं उनके दूध दबा रहा था, और दूसरे हाथ से मैं अपने लंड को बाहर निकाल कर धीरे-धीरे हिला रहा था. मेरा लंड एक-दूं रोड जैसा हो गया था.

फिर जब मैं ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो गया, तो मैने हिम्मत करके अपना हाथ उनकी ब्रा के अंदर डाल दिया. लेकिन उन्होने मुझे रोका नही. फिर पता नही कहा से मेरे अंदर इतनी हिम्मत आ गयी थी.

मैने अपना मूह एक-दूं उनके होंठ के पास करके उनकी सांसो की महक लेने लगा. मॅन तो हो रहा था, की अभी उनके होंठो को चाट लू उस टाइम. मैने ज़िंदगी में पहली बार किसी का दूध दबाया था.

बहुत ही ज़्यादा सॉफ्ट था उनका दूध. निपल एक-दूं छ्होटे-छ्होटे थे जैसे कभी किसी ने चूसा ही ना हो. मैं धीरे-धीरे दबाए जेया रहा था, और दूसरे हाथ से लंड हिला रहा था. जब मेरा निकालने वाला हुआ, तो मैने और तेज़ दबाना स्टार्ट कर दिया.

आपी की साँसे तेज़ हो रही थी, लेकिन वो चुप-छाप लेती रही बिना कुछ बोले. जैसे ही मेरा निकालने वाला हुआ, मैने अपनी पंत उपर कर ली ताकि बिस्तर पे ना गिरे. नही तो पूरा पता चल जाता सुबा में.

फिर मैने अपना हाथ धीरे-धीरे बाहर निकाला, और पिछली रात जैसे आचे से आपी को पकड़ करके सो गया.

बाकी स्टोरी फ्रेंड्स नेक्स्ट पार्ट में.

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