लड़के और उसकी मौसी के सेक्स कांड की कहानी

ही फ्रेंड्स, कैसे हो आप लोग? आप सब को मेरी गहरी छूट का और बड़े लंड वालो के टॉप पार्ट का नमस्कार. कैसे है आप सब? आशा करती हू आपका सब अछा होगा, और आप अपनी चुदाई दुनिया में मस्त होंगे.

अब मैं बताने जेया रही हू अपने भाई की कहानी, की कैसे उसने देल्ही जाके मेरी मौसी की ठुकाई की. वो चुदाई की कहानी सुन के मेरी छूट पानी से भर आई थी, इसलिए मैं भी चाहती हू आपकी छूट और लंड गीले हो जाए. और आज ही आप एक ताबाद-तोड़ छूट चुदाई करो.

आपको किसी को छुड़वाना हो देल्ही में, तो मेरे से संपर्क करे. अभी मेरा भाई देल्ही में ही है कुछ दिन, तो मैं आपकी हेल्प कर सकती हू. चलिए अब कहानी स्टार्ट करते है.

मेरी मौसी के घर में मौसी, मौसा, और उनकी एक बेटी जो डून में पढ़ती है रहते है. मेरी मौसी मेरी तरह गोरी है. उनका फिगर 34-30-32 है, मीन्स वो बहुत माल लगती है सारी में. ईवन सम्टाइम्ज़ मुझे लगता है, की काश मैं भी मौसी के लिए लेज़्बीयन बन जौ.

तो मौसा जी को कुछ दिन के लिए बिज़्नेस ट्रिप पे जाना था फॉरिन. हे इस आन एग्ज़िक्युटिव मॅनेजर इन वन ऑफ थे मंक इन गुरगाओं. सो मौसा जी ने भाई को बुला लिया. अब मैं कहानी को भाई के बिहाफ पे लिखने जेया रही हू.

जब मैं पहुँचा तो देखा मौसी अपने नॉर्मल काम में लगी थी, और उनके पेरेंट्स ड्रॉयिंग रूम में थे. वो छाई पी रहे थे. मौसी मुझे देख कर बहुत खुश हुई.

फिर मौसी ने मुझे नाश्ता दिया आंड टी पिलाई. उसके कुछ देर बाद उनके पेरेंट्स अपने बेडरूम में चले गये, तो मौसी बोली-

मौसी: तुम भी सो जाओ अंदर मेरे वाले बेडरूम में. क्यूंकी तुम तक गये होगे. इसलिए मैं बाग लेके अंदर चला गया. पहले मैने चेंज किया तो सोचा हिला के सो जौ, क्यूंकी नींद अची आएगी. इसलिए मैं बातरूम में गया, और देखा साइड में दो पॅंटीस तंगी थी.

एक पनटी धूलि हुई थी, आंड एक उसेड थी. तो मैने सोचा ये उसेड पनटी इन्होने क्यूँ उतार दी. फिर उसको मैने उठाया, और देखा उसके बीचो बीच मौसी की छूट की मलाई थी. मैं पनटी को उठा कर सूंघने लगा.

मुझे पनटी देखना चाटना, आंड सूंघना बहुत पसंद है, इसलिए आप मुझे पनटी भेजा करो. और अब मैने पनटी को लंड से सत्ता कर मूठ मार दी, और मौसी की पनटी को अपने स्पर्म से भर दिया.

फिर मैं मूह हाथ धो कर सो गया. जब मैं जागा, तो मुझे याद आया मैने पनटी उनकी और कही पे रख दी थी. मीन्स शायद टब के उपर रखी थी. अब मेरी गांद फटत गयी, लेकिन मैने सोचा मौसी किससे क्या बोलेंगी, सो ई वाज़ चिल.

और दूसरी बात, हिला लेने के बाद दिमाग़ रिग्रेट फील करता है, की ये क्या कर लिया, आंड ये ग़लत है. तो मैं वॉशरूम गया और देखा वो उसेड पनटी मौसी ने धो कर हॅंगर पे फैला कर टाँग रखी थी.

मैं उसको देख कर मदहोश होने लगा. मैं समझ रहा था, की पनटी को फैलाना कही कुछ इशारा तो नही. क्यूंकी देल्ही में लोग तोड़ा फ्रॅंक ज़्यादा है, आंड एक्सट्रा-मॅरिटल अफ़ायर बहुत ज़्यादा है यहा.

मेरे अंकल (मौसा ) फ्लओरेड सिगरेट पीते है, इसलिए वो शायद नपुंसक हो गये थे. या वो टाइम नही देते मौसी पे. फिर जब मैं हॉल में आया, तो देखा मौसी टीवी देख रही थी. उनके इन-लॉस सोने चले गये थे. मैं मौसी के पास आके बैठ गया तो मौसी बोली-

मौसी: मैं खाना लाती हू. सब लोग खा चुके है, बस तुम रह गये हो.

इसलिए मैने हा कह दी. हब मौसी उठी मेरे सामने, और किचन की तरफ जाने लगी, तो मैं उनकी मटकती गांद को देखने लगा. भाई क्या गांद मटका रही थी वो. मॅन तो कर रहा था, की किचन में स्लॅब पे ले-जाके उनको यही छोड़ डालु. बुत ऐसा नही कर सकता था.

लेकिन उनकी लाइट कलर लेगैंग्स में उनकी पनटी की स्ट्रॅप्स थोड़ी विज़िबल हो रही थी. फिर जब वो खाना परोस रही थी, उनकी स्ट्रॅप्स और उनकी गांद का उभार मेरे लंड को टाइट कर रहा था. मॅन कर रहा था जैसे पॉर्न वीडियो में होता है, पीछे से गाउन उठा कर इनको घोड़ी बना कर छोड़ डू.

फिर मौसी खाना लेके वापस आने लगी, और आयेज से उनकी क्लीवेज दिख रही थी. क्यूंकी नेट वाला गाउन था उपर पार्ट में, और मौसी मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी. मैने खाना खाना स्टार्ट किया.

फिर मैने कहा: क्या बात है मौसी, बड़ी खुश लग रही हो?

वो बोली: आक्च्युयली अभी तेरे आने से पहले तेरे मौसा गये है, और अभी मैं नहा के आई हू. तो तोड़ा रिलॅक्स फील हो रहा है.

मैं अब समझा उस छूट के पानी वाली पनटी की कहानी, की जाते टाइम मौसा जी ने इनको रगड़ा होगा. इसलिए वो ऐसे खुश-खुश लग रही थी. बुत एक मॅन कह रहा था, की ये इस मौसम में नहाने गयी, और उनकी खुशी मुझे कुछ और इशारा कर रही थी, जैसे मौसी चुदसी बैठी हो.

क्यूंकी मुझे इतना तो लगता था, मौसा बहुत बिज़ी रहते थे. तो ये आध-चूड़ी रहती थी. और ऐसा पहली बार हो रहा था, की मैं आया था, और मौसी ने मुझे अपने बेडरूम में लेटने या समान रखने को बोला हो. या मे बे ऐसा हो सकता था, की मौसी अकेली थी. अब मौसा नही थे, तो ये लग रहा था, की वो कुछ और चाह रही थी.

क्यूंकी जब से उनकी पनटी देखी थी, और उनकी गांद और उसमे उभार आती हुई, वो पनटी, आंड लाइट ब्लॅक गाउन में उनके उभरे हुए चूचे, मुझे सिर्फ़ चुदाई की और ले जेया रहे थे.

खाना खाते-खाते हम लोग हस्सी मज़ाक करते रहे. फिर हम दोनो सोने के लिए रूम में चले गये, तो मौसी बोली-

मौसी: यहा सोने में कोई दिक्कत हो नही?

तो मैने कहा: मौसी मुझे यहा नींद आ जाएगी. गेस्ट रूम में मुझे दर्र लगता है.

मौसी बोली: अर्रे बाबा, अब तो बड़े हो गये हो.

तो मैने मज़ाक में बोल दिया: बड़े होने से क्या कुछ फ़ायदा होता है?

तो मौसी बोली: बन के दिखाओ, फिर देखना.

मुझे ये बात कामुकता की तरफ इशारा कर रही थी.

मैने कहा: आप पिल्लो बीच में रख दो क्यूंकी मेरे सोने के आदत तो आप जानती हो. मा बताती होती उपर पैर रख लेता हू, कभी पेट पे रख लेता हू. तो आप से डोर रहूँगा, जिससे आप सो सको.

तो मौसी कहने लगी: मुझे कोई दिक्कत नही है. बस मेरी तरफ आके मुझे धक्का मत दे देना. ताकि मैं नीचु गिर जौ.

और हम दोनो हासणे लगे.

फिर मौसी ने बोला: चलो सोते है.

और ये बोल कर उन्होने लाइट ऑफ कर दी. मैने फिरसे वही दिमाग़ लगाया की तोड़ा सोने के बाद जब आँख खुलेगी, तो वही करूँगा जो मैने बेहन के साथ किया था.

मौसी को सहला कर उनकी खूब ठुकाई करूँगा, और उनको कुटिया बना कर छोड़ूँगा. और मैं अपनी कहानी में सक्सेस्फुल भी हुआ पहले दिन.

तो चलिए जल्दी मिलते है, क्यूंकी मेरा भाई आने वाला है, और मुझे अपनी छूट को धोना है, ताकि वो आचे से इसको सक कर सके. तो तब तक के लिए बाइ-बाइ फ्रेंड्स, जल्दी मिलती हू और बतौँगी की कैसे भाई ने मौसी को छोड़ा.

आप अपने सजेशन्स और अपने लंड आंड विमन अपने अंडरगार्मेंट्स की पिक्स दिखाओ. अपने एक्सपीरियेन्सस बताओ. देल्ही वाले भाई को बुलाओ. मिलती हू जल्दी, बाइ-बाइ. लॉट्स ऑफ लोवे फॉर युवर डिक्स आस वेल आस फॉर युवर पुसीस.

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