एक कुंवारी लड़की की चुदाई

दोस्तों यह कहानी करीब दो साल पहले की है जब में अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी करके में खुद भी एक अच्छे से कॉलेज में पार्ट टाईम नौकरी करने लगा। मुझे उस नौकरी से अपने खर्चो में थोड़ा सा सहारा मिल जाता था और में उस नौकरी को करके बहुत खुश था। दोस्तों वहां पर मुझे हर दिन तीन क्लास लेनी होती थी, लेकिन मेरी क्लास में बहुत कम स्टूडेंट थे जो मेरी क्लास में बैठने आते थे और ज़्यादातर लड़कियां ही मुझसे क्लास लेती थी, लड़को को मेरी क्लास में बैठना अच्छा नहीं लगता था।

फिर जब में पहले दिन उस कॉलेज में क्लास लाने गया तो वहां पर इतनी सुंदर सुंदर लड़कियों को देखकर में बहुत खुश हो गया, वो सभी लड़कियां अपनी 12th की पढ़ाई पूरी करके कॉलेज में आई थी और वो सब कच्ची कलियाँ थी, लेकिन वो सब लड़कियां दिखने में एक से बढ़कर एक थी और उसी क्लास में एक लड़की सबसे हटकर थी जिसका नाम नीतू था, वो दिखने में सबसे ज्यादा सुंदर, गोरी, उसकी बड़ी बड़ी गोल आखें, पतली सुराहीदार गर्दन, एकदम गुलाबी रस भरे होंठ, घने काले लंबे बाल जो उसकी गांड से भी नीचे तक लटके हुए थे, उसकी वो पतली कमर जिस पर थोड़ी सी उभरी हुई गांड और पूरे उस सेक्सी बदन पर छोटे आकार के कसे हुए बूब्स जिनको देखकर उसके अब तक कुंवारे होने का अंदाजा लगाया जा सकता था। दोस्तों उसने अभी अभी अपनी जवानी की पहली सीड़ी पर अपना पहला कमद रखा था, शायद उसकी चूत पर अभी ठीक तरह से बाल भी नहीं निकले होंगे और उसकी चूत अब तक वर्जिन थी। यह सब मुझे उसकी पहली चुदाई करने के बाद पता चला। दोस्तों वो बहुत मासूम भोली भाली लड़की थी, लेकिन मैंने उसके ऊपर गौर किया कि वो हमेशा क्लास में बस चोरी छिपे मुझे ही घूरती रहती थी। उसका ध्यान अपनी किताब की पढ़ाई में कम और मेरे चेहरे पर कुछ ज्यादा रहता था इसलिए मुझे उसका इस तरह से लगातार घूरकर देखना बहुत अजीब लगता था, लेकिन यह मेरी पहली नौकरी थी इसलिए में उससे इस बारे में खुलकर बात भी नहीं कर सकता था और मुझे बहुत थोड़ा डर भी लगता था कि कहीं किसी को पता चलेगा तो मेरी बहुत बदनामी होगी और कॉलेज के मालिक भी मेरे पापा के एक बहुत अच्छे दोस्त थे, यह बात मेरे घर पर भी पहुंचने का मुझे बहुत डर था इसलिए में हमेशा बिल्कुल चुप रहा और मैंने उससे कभी भी कुछ नहीं कहा और ऐसे ही दिन बीतने लगे। वो मेरी हर बात का मुस्कुराकर जवाब देती और क्लास में सबसे ज्यादा बार वो मुझसे हर कोई सवाल पूछती। उसका मेरी तरफ झुकाव अब धीरे धीरे कुछ ज्यादा बढ़ने लगा था और वो कॉलेज केंटिन में भी मेरे साथ बैठकर बातें करने के नए नए मौके देखने लगी और हर कभी मुझे देखकर हंसने लगी थी दोस्तों वैसे तो अब मुझे भी उसका यह सब करना बहुत अच्छा लगने लगा था और मुझे भी अब उसके साथ बैठना, बातें करना अच्छा लगने लगा था। फिर एक दिन की बात है नीतू ने किसी से मेरा मोबाईल नंबर लेकर मुझे फोन किया और वो मुझसे कहने लगी कि सर आप मुझे बहुत अच्छे लगते हो, में आपको मन ही मन चाहने लगी हूँ और आपको देखे बिना मेरा दिन नहीं बीतता, में आपको बहुत प्यार करती हूँ।

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फिर मैंने उसे उसकी पूरी बात सुनकर डांट दिया और मैंने उससे कहा कि तुम मेरी स्टूडेंट हो और तुम्हे मेरे बारे में यह सब गलत बातें नहीं सोचना चाहिए। तुम्हारा मेरे लिए यह बात सोचना बहुत गलत बात है और मैंने उसे बहुत देर तक समझाया, लेकिन फिर वो भी नहीं मानी। फिर मैंने उससे कहा कि ठीक है हम बैठकर इस बारे में बात करेंगे और वैसे तुम भी मुझे बहुत अच्छी लगती हो, लेकिन में तुमसे यह बात कहने में बहुत समय से डरता था। में यह बात सोचता था कि इससे मेरी बहुत बदनामी होगी। तभी उसने तुरंत कहा कि सर आप इस बात की बिल्कुल भी चिंता मत करो। में आपके साथ हूँ और आपसे कोई भी कुछ नहीं कहेगा और उससे कुछ देर बात करने के बाद मैंने फोन कट कर दिया। फिर उसके दूसरे दिन हम दोनों कॉलेज केंटिन में मिले और हमने बैठकर बहुत देर तक बातें की उसने मुझे अपने मन की पूरी बात बताई और में भी सही मौका देखकर उसे अपने मन की सभी बातें बताने लगा और उस दिन के बाद से अब हम दोनों धीरे धीरे फोन सेक्स करने लगे। दोस्तों जितनी वो खुबसूरत थी उतनी ही उसकी आवाज़ मीठी थी।

दोस्तों उसके बाद हमारे बीच अब बातचीत और मिलना बहुत हद तक बढ़ चुका था। अब हम दोनों घंटो तक फोन पर बातें चेटिंग करने लगे थे, इस बीच में उसे ब्लूफिल्म की डीवीडी दे देता था और वो उसे देखकर बहुत गरम हो जाती थी। फिर एक दिन की बात है उस दिन हमारी किस्मत से कॉलेज प्रॅक्टिकल क्लास में बस हम दोनों ही अकेले थे और मैंने सही मौका देखकर उसे किस किया, उसके गाल और होंठो को चूसा। दोस्तों उसके वो गुलाबी गुलाबी होंठ बहुत ही रसीले थे और फिर मैंने उस मौके का पूरा पूरा फायदा उठाते हुए ज्यादा देर ना करते हुए बूब्स भी दबाए। उसने लाल कलर की ब्रा और पेंटी पहनी हुई थी। मैंने दबाते समय महसूस किया कि उसके बूब्स बहुत छोटे, लेकिन एकदम कसे हुए थे। मेरा ऐसा करने से हम दोनों बहुत जोश में आ चुके थे, लेकिन कुछ देर बाद हम दोनों अलग हुए और हमने अपने आप पर बहुत कंट्रोल किया, क्योंकि हम उस समय कॉलेज में थे और वहां पर कोई भी किसी भी समय आ सकता था, लेकिन अब हम दोनों एक दूसरे को पाने के लिए बहुत बेकरार थे और बस हम एक दूसरे की प्यास बुझाना चाहते थे। हम कोई अच्छे मौके की तलाश में थे और हम इस बीच मौका देखकर किस करते और में कभी कभी बूब्स भी दबा देता था, लेकिन बहुत दिन तक अपने आप पर कंट्रोल करने के बाद भी हमें कोई भी अच्छा मौका नहीं मिल रहा था और हम ऐसे ही थोड़ा बहुत एक दूसरे को चूमना, बूब्स को दबाना और फोन सेक्स करके अपनी आग को थोड़ा थोड़ा ठंडा करने लगे थे। फिर एक दिन भगवान ने हमारी मन की बात को सुनकर हमें वो सबसे अच्छा मौका दे दिया जिसमें हमने वो सब कुछ किया जो हमें इतने दिनों पहले ही करना था। दोस्तों उस दिन उसका मेरे पास फोन आया और वो मुझसे कहने लगी कि आज मेरे सभी घर वाले दोपहर के समय बाहर किसी शादी में जा रहे है तो में आपको उनके चले जाने पर फोन कर दूंगी और आप उनके चले जाने के बाद मेरे घर पर आ जाना।

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