हमारा एक दो मंज़िला घर है. ग्राउंड फ्लोर रेंट पर है, और हम 1स्ट्रीट फ्लोर पर रहते है. उपर आने की सीधी नीचे हॉल में से ही है.
ये बात 2019 की है, जब मैं 1स्ट्रीट एअर में पड़ता था, और 19 साल का था, पर मैं हटता-कटता, लंबा और जवान था. तभी हमारे नीचे रेंट पर एक फॅमिली आई. पति नदीम, पत्नी शबिया और दो छ्होटे बच्चे थे. अंकल (नदीम) का टेक्सटाइल का बिज़्नेस था, इसलिए वो बाहर आना-जाना करते थे. मेरी उनसे अची बनती थी.
अंकल बूढ़े थे 44 साल के. वहीं आंटी 32 की यंग मिलफ थी. शरीर भी एक-दूं फिट था. वो बाहर जाती थी, तो पॅक हो कर जाती थी. इसलिए रंग भी गोरा था, और एक-दूं हेरोयिन लगती थी.
मुझे आंटी अची लगने लगी. वो अपने सारे कपड़े एक साथ सनडे को धोया करती थी. एक-दिन मैने ध्यान दिया मंडे को सुबा उनकी ब्रा और पनटी सूख रही थी.
ये देख कर बॉडी में करेंट दौड़ गया. मुझसे रहा नही गया, और मैं ब्रा और पनटी उतार कर मूठ मारने लगा. मैं आंटी को उसमे इमॅजिन करने लगा. वो घर में रात में जब अंकल बाहर जाते थे, तब निघट्य और त-शर्ट पहन लिया करती थी.
काई हफ्तों तक ऐसा चलता रहा. हर मंडे मैं वेट करता और मूठ मारता. एक दिन मुझसे रहा नही गया, और मेरा मूठ आंटी की ब्रा पर गिर गया. तभी कोई आ गया और मैने ऐसे ही उसको रख दिया. मैं जब बाद में सॉफ करने गया, तो देखा आंटी कपड़े ले जेया चुकी थी. अब मैं दर्र गया की अब तो पक्का मैं पकड़ा जौंगा.
लेकिन अगले हफ्ते मैने देखा आंटी ने फिर ब्रा पनटी सूखने रखी थी. मैने देखा एक पनटी धूलि हुई नही थी. उसमे स्टेन भी था, जिसमे आंटी का माल था. मज़ा ही आ गया वो देख कर.
अंकल कुछ दिन के लिए बाहर चले गये काम से और उनके बच्चे भी घर पर नही थे. वो छुट्टी मानने गये थे. मैं आंटी को देखने के मौके ढूंढता रहता. आंटी भी समझ चुकी थी और वो भी मुझमे इंटरेस्ट लेने लगी थी.
अब वो नॉर्मल निघट्य की जगह डीप नेक निघट्य पहनने लगी, जिसमे उनकी क्लीवेज मुझे सॉफ नज़र आती थी. और उन्होने मुझे काफ़ी बार छाई पीने बुलाया और जान-बूझ कर मेरे सामने झुक कर अपना क्लीवेज दिखती थी. इससे मेरा खड़ा हो जाता था, और मैं आंटी के बारे में सोच कर हिलता था. उनके बच्चे अक्सर उपर आ कर मेरे साथ टीवी देखा करते थे, खेला करते थे.
एक बार वो दिन में 3 बजे नहा कर निकली अपने रूम में ही. मैं जैसे ही उनके कमरे के बाहर से निकला, थोड़ी खिड़की खुली थी, और मैने पीछे से आंटी को पूरा नंगा देख लिया. पिछली साइड होने की वजह से बस गांद की लाइन दिखी, और पूरा गोरा बदन पानी के साथ.
कुछ दीनो बाद मेरे घर वाले सभी बाहर गये थे. मेरे पेपर थे, इसलिए मैं नही गया था. पर मेरे पेपर अब ख़तम हो चुके थे. आंटी के दोनो बच्चे मेरे पास आए थे, और हम टीवी देख रहे थे. अंकल भी काम की वजह से घर पर नही थे. तो आंटी उपर आई उनके बच्चो को बुलाने के लिए.
उन्होने आवाज़ दी. मैं गया और देखा आंटी ने एक टाइट स्लीव्ले निघट्य पहनी थी, और अंदर ब्रा भी नही थी. उनके निपल्स नाइट में सॉफ दिख रहे थे. देख कर ही जैसे शरीर में करेंट लग गया. वो अंदर आई और बच्चो से बोला सोना नही है, और बैठ कर टीवी देखने लगी.
फिर बच्चे नीचे चले गये और वो मेरे साथ बैठ कर टीवी देखने लगी. हम बात करने लगे. वो मुझसे एग्ज़ॅम के बारे में पूछने लगी. मैं भी उनसे बात करने लगा और अंकल के बारे में पूछा तो वो मेरे पास आ कर बैठ गयी और बोली-
आंटी: क्या बतौ (और थोड़ी साद हो गयी).
मैने बोला: आंटी कोई बात नही. आप जो चाहो मुझसे कह सकते हो.
आंटी बोली: पक्का ना? किसी को नही बोलेगा ना?
मैने बोला: हा आंटी, बिल्कुल.
वो फिर बोली: तुम्हे पता है तुम्हारे अंकल ज़्यादातर बाहर ही रहते है. कभी-कभी घर आते है.
मैने कहा: हा आंटी, अंकल बिज़्नेसमॅन है.
आंटी बोली: हा, पर मेरे बारे में सोचते ही नही.
मैने कहा: आंटी सोचते तो है. आप लोगों के लिए ही कमा रहे है.
वो बोली: पैसा सब कुछ नही होता. मेरी भी लाइफ है. मैं अभी 32 की हू. तुम्हारे अंकल 44 के. बस घर आते है, रुकते है, और चले जाते है. तुम भी जवान हो रहे हो. समझ सकते हो नीड्स.
मैं समझ गया था आंटी को चुदाई चाहिए. पर मैने नाटक किया और पूछा-
मैं: आंटी क्या नीड्स?
आंटी बोली: तुम्हारे अंकल मुझसे अब पहले जैसा प्यार नही करते.
मैने कहा: कैसा प्यार? अंकल तो आपसे प्यार करते ही होंगे.
वो बोली: नही, वैसा पायर नही.
मैने कहा: फिर कैसा?
आंटी बोली: किसी को बताना मत.
मैने बोला: ओक.
आंटी बोली: औरत को भी सेक्स चाहिए होता है. और मेरी तो अभी सेक्स की आगे है. जब से उनका लड़का हुआ है, उसके बाद से सेक्स बंद हो गया (और वो थोड़ी एमोशनल हो गयी).
मैने कहा: आंटी आप बोल दिया करो ना अंकल को.
वो बड़ी दुखी आवाज़ में बोली: मैं हर बार कोशिश करती हू, पर वो ताल देते है.
और वो मेरे कंधे पर सिर रख कर रोने लगी. मैने उनकी तरफ देखा तो मुझे उनके बूब्स दिखे. मैं फिर उन्हे चुप करने के बहाने से उनके कंधे पर हाथ फेरने लगा.
मैने बोला: आंटी आप रू मत. मैं हू. अगर मैं आपके लिए कुछ कर साकु तो मुझे बहुत खुशी होगी.
आंटी बोली: पक्का तुम मेरे लिए करोगे?
मैने बोला: हा आंटी, बिल्कुल.
फिर आंटी बोली: मैं जानती हू की तुम मुझे पसंद करते हो.
मैं दर्र कर बोला: आंटी ऐसा नही है. आप ऐसा क्यूँ बोल रहे हो?
वो बोली: मुझे पता है. मैने देखा है मेरी ब्रा पनटी के साथ तुम क्या करते हो.
मैं घबरा गया.
आंटी बोली: कोई बात नही, मैं जान-बूझ कर ऐसा करती हू. शरमाओ मत मुझे अपना दोस्त समझो.
मैने आंटी से हिम्मत करके बोला: हा आंटी, आप मुझे अची लगती हो.
वो हस्स दी और बोली: तभी मेरी ब्रा पनटी के साथ हिलाते हो.
मैने बोला: हा आंटी आप प्लीज़ किसी को बताना मत.
वो बोली: हा, नही बतौँगी. वैसे क्या सोचते हो?
मैने बोला: आपको ब्रा पनटी में इमॅजिन करता हू.
आंटी हस्सी और बोली: नंगा इमॅजिन नही करते?
मैने बोला: आंटी सच बतौ मैने आपको नंगा देखा है. उस दिन दिन में आप नहा कर आई, तब.
वो बोली: मैं जान-बूझ कर खोल कर रखती हू. ताकि तुम देखो.
मैं शॉक हो गया. आंटी ने अपना हाथ मेरे थाइस पर रखा और बोली: और क्या सोचते हो?
मैने सब बता दिया की: बस मॅन करता है की आ कर पकड़ लू आप को.
वो हस्सी और थोड़ी निघट्य आयेज की तरफ कर दी. अब उनकी क्लीवेज सॉफ दिखने लगी. मैने हिम्मत करके उनके हाथो पर हाथ रखा, और उन्होने मेरा हाथ अपने हाथो में ले लिए.
फिर हमने एक-दूसरे की आँखों में देखा, और उन्होने मुझे किस कर लिया. मैं अपने होश खो बैठा था और ज़ोर से किस करने लगा. आंटी ने किस के साथ मेरा लंड मसलना शुरू किया शॉर्ट्स के उपर से ही. मेरा लोड्ा तंन के खड़ा हो गया, और मैं भी उनके बूब्स मसालने लगा.
उन्होने मुझे डोर करके बोला: एक बात याद रखना, ये बात हमारे बीच रहनी चाहिए.
मैने बोला: ठीक है आंटी.
उन्होने कहा: बच्चो को देख कर आने दे.
फिर उन्होने देखा बच्चे सो चुके थे. आंटी जल्दी से वापस आई, और साथ में एक कॉंडम भी लाई. फिर आ कर वापस हम किस करने लगे. मैं किस के साथ उनकी गांद मसालने लगा. आंटी ने पनटी भी नही पहनी थी.
उन्होने बोला: मेरी निघट्य खोल.
मैने आचे बच्चे की तरह उनकी निघट्य खोली और उन्होने मेरे कपड़े. मैने जो देखा वो जन्नत थी. ऐसा लग रहा था जैसे कोई जवान लड़की हो, मस्त मोटे बूब्स थे. गोरी छूट थी जिस पर एक भी बाल नही था.
वो बेड पर लेट गयी और उन्होने मुझसे छूट चाटने को कहा. मुझे पहले अजीब लगा, पर उन्होने मेरा सिर पकड़ कर अपनी छूट में रग़ाद दिया. फिर मुझे मज़ा आने लगा, और मैं छूट चाटने लगा आचे से. वो मेरे बाल पकड़ कर छूट में दबाती, पैरों से भी मेरा सिर दबाती. मैं साथ में उनकी छूट में उंगली करने लगा और वो सिसकियाँ लेने लगी.
वो कहने लगी: तेज़ कर, तेज़ कर.
और फिर उनकी पूरी छूट पानी-पानी हो गयी.
उन्होने फिर बोला: अब तेरी बारी.
फिर मुझे लिटा कर मेरा लंड चूसने लगी. उनका मूह बहुत गरम था. मेरा 2 मिनिट में ही निकल गया. फिर आंटी मुझे अपने बूब्स चूसने लगी, और थोड़ी देर में मेरा फिर खड़ा हो गया.
आंटी ने कॉंडम मेरे लंड पर लगाया, और लेट गयी. फिर लंड पकड़ पर अपनी छूट पर लगाया. मैने जैसे ही अपना लंड उनकी छूट में डाला, उनकी चीख निकल गयी. फिर मैं उन्हे ज़ोर से छोड़ने लगा. वो भी ज़ोर से सिसकियाँ लेती रही आ आ तेज़ और तेज़.
मैं उन्हे देखता रहा और छोड़ता रहा. वो बेड पर लेती हुई चुड रही थी. उनके बूब्स मस्त हिल रहे थे. मैं छोड़ते हुए आंटी के बूब्स मसल रहा था. छोड़ते हुए मैं बूब्स चूस भी रहा था. इस बार काफ़ी देर बाद मेरा माल निकल गया. आंटी भी काफ़ी बार झाड़ चुकी थी.
फिर हम दोनो नंगे ही लेट गये. जब नींद खुली तो आंटी ने मुझे उठाया, और कपड़े पहनने को कहा.
फिर मुझसे पूछा: कैसा लगा?
मैने बोला: मज़ा आ गया.
फिर मैने पूछा: आंटी आपको कैसा लगा?
उन्होने बोला: सच काहु तुम्हारे अंकल भी इतना मज़ा नही दे पाए कभी.
हमने कपड़े पहने और उन्होने कहा: कल भी करेंगे.
फिर वो चली गयी. उसके बाद हम रोज़ सेक्स करने लगे. मैने आंटी के साथ सब कुछ किया. हम बहुत सेक्स करते थे बहुत मज़ा आता था. उनके बच्चे नही होते थे तब पुर दिन नंगे रहते थे और सेक्स करते थे. फिर कुछ सालों बाद 2022 में उनका जहाँ बुयसनेस्स था वो वहाँ चले गये. और आंटी मुझे गिफ्ट में अपनी ब्रा पनटी देकर गयी. वो मैने आज भी रखी है. तीस इस थे बेस्ट एक्सपीरियेन्स ऑफ मी लाइफ. or koi aunty hai to mail kare [email protected] pe