खूबसूरत लड़की की बड़े लंड से तगड़ी चुदाई की कहानी

लास्ट पार्ट में पिंकी अपने शराबी बाप प्रकाश के दोस्त जगदीश से चूड़ी. अब सरपंच का बेटा विशाल आया था उसकी चुदाई करने. अब आगे…

विशाल के सामने पिंकी वाइट ब्रा और ब्लॅक पनटी में खड़ी थी. पिंकी की उमर कम थी, लेकिन इस उमर में चुदाई करवा के उसका बदन एक मेच्यूर औरत जैसा हो गया था. उसके बूब्स बड़े हो गये थे. चेहरा इतना मासूम था की कोई बोल नही सकता था की ये पैसे लेकर चुड़वति होगी. विशाल ने जब पिंकी को अपनी बाहों में भरा, तो ऐसा लगा जैसे काली मिट्टी पर दूध गिरा हो.

पिंकी इतनी मजबूर हो गयी थी, की पैसों के लिए उसको काले सांड से चुदाई करनी पद रही थी. अब विशाल ने पिंकी को गोदी में उठा लिया, और उसको दूसरा एक कमरा था वाहा ले गया. प्रकाश की हालत इतनी खराब थी, तो हमे उसको डिस्टर्ब करना सही नही लगा और मैं और कमाल पिंकी की चुदाई देखने उस तरफ चले गये.

टूटी विंडो से हमे पूरा कमरा दिख रहा था. उसमे तो एक डबल बेड लगा था, और रूम सब चीज़ो से भरा पड़ा था. लगता था ये विशाल ने अपनी ऐयाशी के लिए सेट किया हुआ था.

संगीता ( कमाल के कानो में): अर्रे ये रूम तो अपने खेत के स्टोररूम से भी अछा है. (मैने उसको आँख मारी)

कमाल ने मेरी कमर में हाथ डाला, और अपनी और खींच लिया. कमाल तो पिंकी की जवानी देख कर ही गरम हो गया था. उसका लंड पंत के उपर खड़ा दिख रहा था. मेरी भी छूट गीली हो गयी थी. कमाल मेरे पीछे खड़ा हो गया. उसका लंड मुझे अपनी गांद में फील हो रहा था. अब उसके दोनो हाथ मेरी कमर पर थे, और उसका गाल मेरे गाल से चिपका हुआ था. ऐसे रोमॅंटिक पोज़ में हम पिंकी की चुदाई देखने लगे.

हमने देखा विशाल ने पिंकी के दूध जैसे जिस्म पर चूमना शुरू कर दिया था. पिंकी भी मदहोश हो कर ये सब से रही थी. उसकी आ निकल रही थी. पिंकी की आवाज़ बहुत ही सेक्सी थी. उसकी आवाज़ सुन कर ही किसी का पानी निकल जाए. वो अपनी आँखें बंद करके अपने दांतो तले रसीले होंठ चबा रही थी. अब विशाल ने पिंकी को बेड पर लिटा दिया, और उसके गोरे बदन पर किस करने लगा.

मेरी छूट ने पानी छ्चोढ़ दिया. फिर विशाल ने पिंकी की गर्दन पर जीभ से छाता, और यहा कमाल ने भी मेरी गर्दन पर चाटना शुरू कर दिया. मेरे से अब कंट्रोल नही हो रहा था, और मेरी आ निकल रही थी. मैं अपनी मादक आवाज़ को रोक रही थी. हमने देखा विशाल ने पिंकी की ब्रा और पनटी निकाल दी, और उसको पूरी नंगी कर दिया.

विशाल ने पिंकी को खड़ा किया, और पीछे से उसके दोनो बूब्स दबाने लगा. फिर छूट पर हाथ घूमने लगा. मैने देखा पिंकी की छूट ने पानी छ्चोढ़ दिया था, और वो काँपते हुए झाड़ गयी. विशाल पिंकी के दोनो बूब्स आचे से चूस रहा था. वो भी पक्का खिलाड़ी थी. उसको आचे से पता था लड़की को कैसे खुश करते है. पिंकी अब विशाल की गोदी में बैठ गयी. पिंकी और विशाल कुछ बातें कर रहे थे जो मैं आपको बताती हू.

विशाल: वाह मेरी जान, आज तो कुछ और इरादे से आई लगती हो. क्या बात है?

पिंकी: विशाल मुझे बस तुम ही निचोड़ के रख देते हो. तेरे में जो पवर है, वो किसी और मर्द में नही है. तुम्हारी आगे में बाकी सब पानी कम है.

विशाल: वाह क्या बात है. ऐसा है तो कितनो के लंड ले चुकी हो?

पिंकी: हफ्ते में 2 बार यहा चूड़ने ये जाती हू. एक दिन में 4-5 लोग छोड़ने आ जाते है. अब याद नही है कितनो के लंड लिए है. पर मेरी प्यास बस तुम ही बुझते हो.

पिंकी की बातें सुन कर तो मैं डांग रह गयी की ये लड़की ने अपनी छूट में कितनो के लंड उतार लिए थे. अब पिंकी ने विशाल के लिप्स पर किस कर दिया. पिंकी की हरकत से लग रहा था की उसको विशाल से चूड़ने में मज़ा आ रहा था. मुझे भी विशाल और पिंकी की चुदाई देखनी थी. अब पिंकी विशाल की गर्दन पर किस करने लगी, और धीरे-धीरे उसकी शर्ट के सारे बटन खोल दिए.

विशाल बहुत ही मोटा था. उसके पेट पर 2 टाइयर बन रहे थे. पिंकी विशाल की चेस्ट पर किस कर रही थी, और धीरे-धीरे नीचे उतार गयी. विशाल अब खड़ा हो गया, और पिंकी बेड पर झुकी हुई थी. पिंकी ने विशाल की पंत का जीप खोला, और उसकी आँखों में देख कर मुस्कुरा रही थी.

पिंकी: आज तुझे मैं बहुत मज़ा देने वाली हू. पर तुझे मुझे खुश करना होगा.

विशाल: कितना चाहिए?

पिंकी: 5000.

विशाल: चल हॅट रंडी, मैं नही दूँगा. 5000 कितना होता है पता है?

पिंकी ने विशाल की पंत और अंडरवेर निकाल दिया. विशाल का लंड स्प्रिंग की तरह उछाल कर बाहर आया. मैं तो उसका लंड देख कर ही डांग रह गयी. पिंकी ने उसके लंड को अपने फेस पर रखा. विशाल का लंड पिंकी के फेस की लंबाई जितना था. लंड पूरा काला नाग जैसा दिख रहा था.

पिंकी ने विशाल के काले और मोटे लंड को नीचे से उपर तक जीभ से छाता. मुझे ये देख कर बहुत ही गंदा और अजीब लगा. पिंकी का रंडी-पाना देख कर मैं हैरान थी. उसने ये सब बहुत ही स्पीड में कर दिया.

पिंकी: ठीक है, 5000 बहुत है तो तुम जाओ. मुझे नही छुड़वाना तुमसे.

विशाल: नही तुम ऐसा नही कर सकती. मैं तुम्हे आज 100 नही 1000 दूँगा ( आज से 25 साल पहले इतने पैसों की बहुत वॅल्यू थी).

पिंकी: नही मुझे तुम 3000 देना. तो ही आज चुदाई होगी.

विशाल: ठीक है, पर मेरी एक शर्त है. आज मैं तेरी गांद भी मारूँगा.

पिंकी: फिर तो पुर 5000 लगेंगे.

विशाल: तो रहने दे. मैं गाओं में किसी और की चुदाई कर दूँगा. इतने पैसों में तो बहुत सी औरतें अपनी टांगे खोल देंगी.

पिंकी भी बड़ी होशियार थी. उसने विशाल के लंड को मूह में लिया, 1-2 बार चूसा, और बाहर निकाल दिया. फिर पिंकी खड़ी हो गयी. पिंकी अब कपड़े पहनने जाने लगी. विशाल ने उसको पीछे से पकड़ लिया. विशाल के कड़क लंड को पिंकी के नरम होंठो की गर्मी मिल गयी थी. अब विशाल पिंकी के जाल में फ़ासस गया था.

पिंकी: 5000 बहुत होते है ना.

विशाल: अर्रे मेरी जान, तू आज 5000 पूरा ले लेना. पर आज तू मुझे किसी भी चीज़ के लिए माना नही करेगी.

पिंकी: ठीक है मेरे राजा. आज तेरी ये रंडी तुझे बहुत खुश करेगी.

अब पिंकी घुटनो के बाल बैठ गयी, और विशाल का लंड चूसने लगी. मैं ये सब पहली बार देख रही थी. मुझे बहुत अजीब लग रहा था. कमाल ये देख कर मेरी और देखने लगा. मैने कमाल की आँखों में चमक देखी. वो मुझे बहुत ही नशीली आँखों से देख रहा था.

पिंकी की हरकत से कमाल पर चुदाई का नशा चढ़ गया था. मैं और कमाल एक-दूसरे की आँखों में देख रहे थे. मेरे से रहा नही गया. मैने कमाल को खिड़की से दीवार की और सत्ता दिया ताकि हमे कोई देख ना सके.

मैने कमाल के होंठो पर होंठ रख दिए, और उसको किस करने लगी. मुझे कमाल की मेरी और चाहत देख कर मुझसे रहा नही जेया रहा था. थोड़ी देर बाद जब मैने उसके होंठो को छ्चोढा तो कमाल मेरी गर्दन पर किस करने लगा. मैने कमाल को कस्स कर गले लगा लिया. मेरे हाथ उसकी पीठ को सहला रहे थे.

अब मैं कमाल के सीने से चिपक गयी थी. कमाल ने मेरा चेहरा उसकी और किया, और मेरी आँखों में देखते हुए मुझे घुटनो पर बिता दिया. अब उसने पंत खोल कर लंड बाहर निकाल दिया. उसका लंड देख कर मेरी धड़कने तेज़ हो गयी. मैं कमाल का इरादा समझ गयी थी. मैने कमाल की आँखों में देखा.

वो हवस की दुनिया में खो गया था. पिंकी की हरकत से मुझे भी कुछ हो रहा था. मैने अपनी आँखें बंद करी और मेरा मूह खोल दिया. कमाल ने मेरे मूह में उसका लंड रख दिया. मैने उसके लंड का उपरी हिस्सा चूसा. मुझे उसके लंड की गंध आ रही थी, और उसका मेरे पे असर हुआ.

पहले तो मुझे अछा नही लग रहा था. लेकिन जैसे-जैसे चूस्टी गयी, मुझे मज़ा आने लगा. मैं भी अब पूरी मस्ती में लंड की चुसाई कर रही थी. मैं आपको बता डू. मैने मेरी पूरी ज़िंदगी में पहली बार उस दिन लंड चूसा था. थोड़ी देर बाद मैने अपनी आँखें खोली, तो मैने देखा कमाल ने भी अपनी आँखें बंद कर ली थी.

चरमसुख भरा उसका चेहरा देख मैं भी खुश हुई. अब मैने पूरा लंड मूह में लिया, और उसको लॉलिपोप की तरह चाट रही थी. अब पता नही मुझे क्या हो गया था. मेरी हरकतें एक प्यासी हवस से भूखी औरत जैसी हो गयी थी. कमाल भी मेरे मूह की गर्मी का . ले रहा था. ऐसे ही मैं . लंड चूस्टी रही, और कमाल ने लंड बाहर निकाल दिया. फिर वो साइड में झाड़ गया.

फिर कमाल ने मेरी और देखा. मेरे मूह से लार तपाक रही थी, और मेरे चेहरे पे मुस्कान थी. मेरा मॅन कर रहा था और लंड की चुसाई करू. कमाल मेरी और देख कर मुस्कुराया और मुझे खड़ा किया.

हमने देखा विशाल पिंकी को घोड़ी बना कर पीछे से उसकी चुदाई कर रहा था. विशाल का हर एक धक्का पिंकी के बदन को हिला कर रख देता था. पिंकी के बूब्स झूल रहे थे, और बहुत सेक्सी दिख रहे थे. थोड़ी देर बाद विशाल ने पोज़िशन चेंज की, और पिंकी को उसके लंड पर बिता दिया. अब मुझे विशाल का लंबा और मोटा काला लंड उसकी छूट में अंदर-बाहर हो रहा दिख रहा था.

विशाल का लंड देख कर मुझे भी ऐसे तगड़े लंड से चूड़ने की इक्चा होने लगी. मैं सोचने लगी की काश मैं पिंकी की जगह होती और ऐसे बड़े लंड को अपनी छूट में ले पाती. अगर कोई औरत एक बार गैर मर्द से चुड ले, तो उसको दूसरे गैर मर्द से भी कोई प्राब्लम नही होती. ऐसे ही मुझे अब कमाल के बाद एक और नया लंड लेने की इक्चा होने लगी. फिर विशाल का लंड देख कर मैं भी सोच में डूब गयी की कब मुझे ऐसा मस्त तगड़ा लंड मिलेगा.

पिंकी लंड का मज़ा ले रही थी, और विशाल नीचे से धक्के मार रहा था. ये सब देख कर मेरा एक हाथ मेरी छूट मसालने लगा. थोड़ी देर बाद मेरे बूब्स पर कमाल ने हाथ रख दिया, और दबाने लगा. मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था.

विशाल: चल साली, बहुत हुई छूट की चुदाई. अब घोड़ी बन जेया. आज तेरी गांद फादनी है.

पिंकी: हा मेरे राजा, पैसों के लिए आज कुछ भी करने को रेडी हू. पर ध्यान से, आज पहली बार गांद मरवा रही हू.

विशाल: क्या बात है रंडी. तेरी गांद की ओपनिंग मेरे लोड से होगी. तेरी सेक्सी गांद देख कर कितने दीनो से मारने की सोच रहा था. आज मौका मिला है, और सील पॅक गांद मारने में बहुत मज़ा आएगा.

विशाल ने इस चुदाई खाने में पहले से सब कुछ तैयारी करी हुई थी. उसने सेक्स में पवर रहे उसके लिए तेल की बॉटल रखी हुई थी. पिंकी ने वो बॉटल खोल कर तेल से पहले विशाल के लंड की मालिश की. फिर तोड़ा तेल उसकी गांद के च्छेद पर लगाया.

अब विशाल ने पिंकी को घोड़ी बनाया और 2-3 बार लंड रख कर झटका मारा. पर अंदर नही गया. थोड़ी कोशिश के बाद लंड तोड़ा अंदर गया की पिंकी की चीख निकल गयी. उसकी आँखों से आँसू निकल गये. कुछ ही सेकेंड्स में विशाल ने पिंकी को कस्स कर पकड़ा, और ज़ोर से धक्का मारा. पूरा लंड गांद में उतार दिया.

पिंकी इतना ज़ोर से चिल्लाई की प्रकाश उठ कर हमारी और चला आया. मैने प्रकाश को कुछ ना बोलने का इशारा किया. हम सब ने देखा पिंकी विशाल के आयेज रो रही थी, गिड़गिदा रही थी, अपनी गांद से लंड निकालने के लिए भीख माँग रही थी. पर विशाल को तो पुर 5000 देने थे, तो कहा रुकने वाला था. वो तो लगातार गाली देके उसकी गांद छोड़ रहा था. पिंकी की गांद से खून निकल रहा था.

वो उसके पैरों से नीचे उतार रहा था. उसकी ऐसी गांद की चुदाई देख कर मैं काँप गयी. एक बार तो मॅन किया की उस हवस के पुजारी के आयेज से उस लड़की को बचा लू. पर थोड़ी देर बाद पिंकी भी गांद पीछे करके लंड के रही थी. पिंकी सच ने बहुत चुड़क्कड़ थी. थोड़ी देर बाद विशाल उसकी गांद में झाड़ गया और उसने 50 रुपय का पूरा बंड्ल पिंकी के उपर फेंका.

विशाल: मज़ा आ गया मेरी रंडी. ये ले अपने पुर 5000. और जो करना है कर. मैं चलता हू. अब जब भी मॅन किया बूलौँगा.

पिंकी की हालत इतनी खराब थी की उससे चला भी नही जेया रहा था. आपको नेक्स्ट पार्ट में बतौँगी आयेज क्या होता है. आपको स्टोरी अची लगे तो प्लीज़ कॉमेंट करिए.

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