kaumkta सौतेली माँ का प्यार

हाई दोस्तो, आपका दोस्त रंगीला फिर से वापस आ चुका हूँ दोस्तो वैसे तो आप जानते ही हैं मैं पहले भी कई बार अपनी सोतेली माँ को चोद चूका हूँ. अब आपके लिए कुछ और हॉट एनकाउंटर मेरे और मेरी सोतेली माँ शन्नो के बीच, हमने नया घर लिया था उसकी पार्टी चल रही थी, फिर शन्नो आई.. क्या गजब की लग रही थी उसने डीप ब्लू कलर की साड़ी पहन रखी थी, ब्लाउज डीप कट नेक वाला था जिसकी वजह से उसकी पूरी पीठ साफ़ नज़र आ रही थी जिसे देखकर मेरा लंड एकदम फनफनाने लगा, जैसा आप सब जानते है में

तो मेने उसकी गांड पर एक चिकोटी काटते हुए कहा माँ आज तो तुमने सबको फ़ैल कर दिया तुम तो गजब की सेक्स बम लग रही हो, तो वो हंस कर कहने लगी चल हट पगले जवानी के जोश में पागल हुए जा रहा है तू, तेरे पापा से तेरी शादी के बारे में बात करनी पड़ेगी लगता है अब.

तो मेने कहा क्या करोगी मेरी शादी कराके उस दिन जो आपको चोदा था में तो उसी दिन से आपको अपनी लुगाई मानने लगा हूँ, तो वो कहने लगी इधर आ और मुझे वो एक साइड में ले गयी और कहने लगी वो सब तो अनजाने में हुआ था तो, उसे वही टोकते हुए कहा चलो माना वो सब अनजाने में हुआ था उस दिन जब कोई नहीं था और तुमने खुद ही मेरा लंड हाथ में पकड़ लिया था और मेने तुम्हारी गांड भी मारी थी.

तो क्या हुआ तुम सब भूल जाओ और वेसे भी तुम्हारी और मेरी उम्र में बड़ा फर्क भी तो है, मेने उसकी बात को वही रोकते हुए कहा फर्क वर्क गया अपनी माँ की चूत में मैं तो बस इतना जानता हूँ की में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ, और करता रहूँगा और मेने उसके होठो पर किस कर लिया और वो स्मूच करने लगी और कहने लगी अच्छा ठीक है तुम जाओ पार्टी एन्जॉय करो में अभी आती हूँ.

फिर वो बाथरूम की तरफ चल दी और में भी उसके पीछे पीछे चल दिया मेने देखा वो बाथरूम में अपनी पंतय में हाथ डालकर मेरा नाम लेकर अपनी चूत में उंगली डालकर अन्दर बाहर कर रही थी और बड़ी तेज़ तेज़ सिसकारियां भी ले रही थी, वो मजे मजे में बाथरूम का डोर लॉक करना भूल गयी थी शायद.

मेने भी एक झटके में डोर पूरा खोल दिया और अन्दर घुस गया और उसे इसी हालत में उठाया और अपना लंड निकालकर उसके मुह में डाल दिया पहले तो मना करने लगी, मेने कहा जैसी तुम्हारी मर्ज़ी और में बाथरूम से बाहर की तरफ निकालने लगा तो उसने मुझे अपनी और खिंचा और जोर जोर से मेरे होठों को अपने रसीली होठों से चूसने लगी इस पर मेने उसे कहा इतना बेताब होना अच्छी बात नहीं आज पूरी रात मजे करेंगे तो वो कहने लगी और ये जो आग तुमने मेरी चूत में लगायी है उसका क्या..

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मेने कहा थोडा सब्र तो रखो रात में और भी ज्यादा मजा आएगा तो वो मान गयी और मेने उसकी पेंटी ऊपर चढाई और उसकी साड़ी वगेरह सही करने में हेल्प की और हम पार्टी में आ गयी, और रात को करीब 11 बजे सभी लोग अपने अपने घर चले गए फिर मेरी रियल माँ और भाई बहन वगेरह भी जाने लगे तो माँ ने कहा रंगीला तुम यही रुक जाओ तुम्हारे पापा ने कुछ ज्यादा ही पी ली है.

मेरे तो मन की मुराद पूरी हो गयी, क्योंकि में तो खुद ही रुकना चाहता था जिससे की स्टेप माँ की चुदाई कर सकू, तो मेने कहा ओके माँ आप लोग जाओ में बाद में आ जाऊंगा, मेरी स्टेप माँ ये सब दुसरे रूम से ये सब कुछ देख कर रही थी और मुझे इशारा करके अपने रूम में बुला रही थी, मेने भी उसे इशारा किया और थोडा सब्र रखने को कहा..

फिर मेने डोर लॉक किया और शन्नो मेरी तरफ बड़ी तेज़ी से आई, और मेरे होठो को पागलो की तरह चूसने लगी, फिर मेने उसे अपनी गोदी में उठाया और उसकी साड़ी में हाथ डालकर दो उंगली उसकी चूत में दाल दी, जिससे उसने एक बड़ी तेज़ सिसकारी ली फिर मेने उसे अलग किया और कहा एक मिनट रुको जरा पापा जी को तो देख आने दो सो गए या नहीं, फिर वो शांत हुई और मुझसे अलग हो गयी.

फिर मेने उससे कहा की तुम मेरे रूम में वेट करो और रूम की तरफ चली गयी मेने चेक करा तो पापा जी फुल टूल होकर सो रहे थे, फिर मेने उनका रूम बाहर से लॉक किया और अपने रूम की तरफ चल दिया, जैसे ही में रूम में घुसा शन्नो पूरी तरह नंगी होकर सिर्फ एक चादर लपेटे हुए थी, मुझे देखते ही उसने अपने ऊपर से चादर हटाके एक तरफ फेक दी और मुझ पर टूट पड़ी में उसके नंगे बदन का स्पर्श पाकर पागल हो उठा और उसे गोद में उठाया और बेड पर पटक दिया.

और फिर मेने उसकी दोनों टांगो को खोला और उसकी चूत को चाटने लगा जिससे उसकी जोर जोर से सिस्कारियां लेने लगी फिर मेने धीरे धीरे अपनी जीभ और भी अन्दर डालकर अन्दर बाहर करनी शुरू कर दी जिससे वो और भी ज्यादा तेज़ तेज़ सिसकारियां लेने लगी, अह्ह्ह्ह करके अब उसकी चूत का पानी उसकी बड़ी बड़ी झांटो में से होता हुआ मेरे मुह पर आ रहा था, और में उसकी चूत का सारा पानी चाट कर साफ़ कर लिया.

फिर मेरी बारी आई और फिर उसने जल्दी जल्दी मेरे सारे कपडे उतार दिए और एक ही झटके में मेरा पूरा का पूरा लंड अपने मुह में ले लिया और उसे खूब जोर जोर से चूसने लगी और अब उसके मुह से आह्ह्ह आह्ह्ह्ह करके आवाजे आ रही थी, मेरा लंड पूरा का पूरा उसके मुह के थूक से भीग गया था, उसके मुह के थूक से मेरा लंड और मेरे दोनों आंड बिलकुल भीग चुके थे, इस समय वो बिलकुल हवास की देवी लग रही थी.

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फिर मेने अपना लंड उसके मुह से निकाला और उसे बिस्तर के सहारे खड़ा कर दिया खड़े खड़े ही अपना लंड उसकी चूत पे सेट किया और पूरा लंड एक ही बार में अन्दर घुस गया और मेने उसकी दोनों टाँगे अपनी कमर पे बाँधी और नीचे से उसको अपनी गोदी में उठा कर दबा दबा के जोरदार धक्के लगते हुए उसे चोदने लगा, हर धक्के में मेरा पूरा लंड उसकी चूत के बच्चेदानी के मुह पर जाकर लग रहा था, और हर धक्के के साथ फच्च फच्च की आवाजे आ रही थी, बहुत ही मजा आ रहा था.

फिर मेने उसे उल्टा लिटाया और उसकी गांड को अपने हाथ से फैलाया और खूब सारा थूक लिया और लंड को उसकी गांड पे सेट किया और एक जोरदार धक्का मारा तो लंड आधे से जादा उसकी गांड में घुस गया और उसके मुह से हलकी सि चीख निकली, फिर थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम हो गया तो मेने धक्के मारने शुरू किये और धीरे धीरे मेने तूफानी जोरदार तरीके से धक्के मारने लगा.

फिर मेने उसे सीधा किया और में नीचे लेट गया और उसे अपने लंड पे बेठने को कहा और उसने मेरा लंड अपने हाथो में पकड़ कर अपनी गांड के छेड़ पर सेट किया और बेथ गयी और एक ही बार में मेरा लंड पूरा का पूरा उसकी गांड में चला गया और उसने आँखे बंद कर ली और मेरा लंड अपनी गांड में लिए वो उछलती रही, फिर मैंने उसे थोडा सा नीचे झुकाया और उसके होतो को चूसने लगा फिर वो सीधा हो गयी और भी तेज़ तेज़ उछलने लगी, इस क्रिया में उसके मोटे मोटे चुचे खूब उछल रहे थे.

फिर मेने उसके चूचो को जोर जोर से दबाता रहा और वो जोर जोर से धक्के लगाते हुए सिसकारियां लेते हुए उछलने लगी, फिर मेरा निकलने वाला था तो मेने उसे बताया नहीं और एक जोरदार पिचकारी उसकी गांड में ही छोड़ दी और फिर जब मेने लंड उसकी गांड से बाहर निकाला तो मेरा वीर्य उसकी गांड से बाहर आ रहा था.

फिर मेने उंगली से उसकी गांड में डालकर अपना वीर्य निकाला और चटाया और वो मजे से सारा वीर्य चाट गयी, और अब भी मेरे मुरझाये हुए लंड को देख रही थी फिर हम पूरी रात नंगे रहे और साड़ी रात हमने जमकर चुदाई करी.

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