कर्जदार की बीवी से मिला चुदाई का सुख

दोस्तो, मेरा नाम रवि साहू है और मैं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हूँ. मेरी उम्र 32 साल है. मेरी ऊंचाई 5 फीट 5 इंच गेहुंआ रंग है. मैं अन्तर्वासना से पिछले 2 साल से जुड़ा हूँ और इसमें सेक्स कहानी पढ़ते आ रहा हूँ. सबके कहानियां पढ़ने के बाद मुझे भी इच्छा हुई कि मैं भी अपनी कहानी आपको बताऊं.
तो आज मैं आपको अपनी एक भाभी के बारे में बताने वाला हूँ कि कैसे मैंने उन भाभी जी को उनकी सहमति से भोगा.

ये बात तब की है, जब मैं 22 साल का था और फायनेंस कंपनी में फील्ड ऑफिसर के रूप में काम कर रहा था. मुझे रिकवरी के लिए जाना पड़ता था. एक दिन एक आदमी का पर्सनल लोन की 3 किस्तें नहीं चुकी थीं, तो मैं उसके घर गया.

जैसे ही मैंने दरवाजे की घंटी को बजाया, तो एक बहुत ही खूबसूरत महिला ने दरवाजा खोला. मैं उनको देखता ही रह गया … क्या मस्त शरीर की मालकिन थीं. उनका 36-26-38 का फिगर बड़ा ही कंटीला और एकदम संगमरमर की तरह गोरा बदन था.

उन्होंने बोला- आपको किन से मिलना है?
मैंने उनके पति का नाम लेते हुए बताया कि उनके लोन का पेमेंट नहीं हुआ है … आज अगर पैसा नहीं मिला, तो रिकवरी के लिए भेज देंगे.
इतने में वो भाभी जी बोलीं- नहीं ऐसा मत करो … रिकवरी के मत भेजो, अभी उनका काम छूट गया है, जिस वजह से क़िस्त नहीं दे पाए हैं.

हालांकि मुझे मालूम था कि ये बात पूरी तरह से सच नहीं है, अन्दर की बात ये थी कि उनका पति शराबी था. जहां वो काम करता था, वहां से शराब पीने के कारण उसे निकाला गया था.

मैंने उनसे पूछा, तो उन्होंने बताया कि पैसों के इंतजाम लिए कहीं गए हुए हैं, शाम तक आ जाएंगे.
फिर मैं वहां से चला आया.

यह कहानी भी पड़े  राजधानी एक्सप्रेस में भाभी की चुदाई

ऑफिस में बैठकर मैं उन भाभी के बारे में सोच रहा था. मेरा काम करने का मन नहीं हो रहा था. शाम को छुट्टी हो गई, तो मैंने सोचा क्यों न एक बार और उनके घर चला जाए.

वैसे भी मुझे अपने घर जाने के लिए उनके मोहल्ले को पार करके जाना पड़ता था. मैं ऑफिस से निकल कर उनके घर गया. दरवाजे की घंटी बजाने पर फिर से वो ही निकलीं. इस बार उन्होंने नाइट सूट पहना हुआ था. इस वक्त तो भाभी जी सुबह से ज्यादा मस्त माल लग रही थीं.

मुझे देखते हुए ही उन्होंने बताया- मेरे पति तो अभी आए ही नहीं हैं.

मैं जाने लगा, तभी अन्दर से उनके पति के चिल्लाने का आवाज आई- कौन है किससे बात कर रही हो?

मैं घर के अन्दर गया, तो वो शराब पी रहा था और अपनी बीवी को गाली दे रहा था. उसने मुझे देखा तो भाभी का पति एकदम से घबरा गया और फिर कहने लगा कि अरे आप थे … मुझे लगा कि पता नहीं कौन है. भाईसाब, कल से 7 दिनों के अन्दर मैं पैसा जमा कर दूंगा.

उसकी बात से मैंने नहीं माना और मैंने रिकवरी भेजने की धमकी दी.

इस पर उसकी पत्नी यानी मस्त भाभी जी हाथ जोड़ कर बोलीं- हमारी इज्जत खराब हो जाएगी.
मैं उन पर भी चिल्लाया, लेकिन वो रोने लगीं. ये मुझे अच्छा नहीं लगा.

फिर मैंने मोबाइल नंबर मांगा, तो उसके पति के पास मोबाइल नहीं था, वो साला पूरा शराबी था और उसने पता नहीं किस किस से लेन देन का झंझट पाला हुआ था. इसलिए वो फोन नहीं रखता था.

यह कहानी भी पड़े  मेरी सहेली की मम्मी की चुत चुदाइयों की दास्तान-2

मेरे फोन नम्बर मांगने पर उसकी पत्नी ने अपना नंबर दे दिया. मैंने उनके पति को समझाया कि अपने बीवी बच्चों को देखो, शराब पीने से तुम्हारा नौकरी छूट गई. आज तुम इसी शराब के कारण पैसे के लिए तरस रहे हो.

वो मेरी बात सुनता रहा, मगर उसने मुझसे कुछ नहीं कहा. मैं उससे जल्दी पेमेंट देने की बोल कर आ गया.

भाभी जी के घर से आते समय मैंने उनको देखा और नमस्ते की, तो भाभी जी ने एक मस्त मुस्कान देते हुए मुझसे बाय कहा. उनकी वो कातिल मुस्कान मेरा कलेजा चीर गई.

उस दिन मैंने भाभी जी को याद करके मुठ मारी, फिर दिल नहीं माना, तो मैंने उनके नंबर पर कॉल किया.
भाभी जी ने फोन उठाया. मैंने पूछा- हैलो भाभी जी, मैं बोल रहा हूँ. भैया जी कहां हैं?
वो वितृष्णा से बोलीं- शराब पी कर पड़े हैं और सो रहे हैं.
मैंने कहा- मुझे उनसे बात करनी थी.

भाभी जी ने पूछा- आप कौन?
मैं बताया कि अरे भाभी जी आपने पहचाना नहीं, मैं वही सुबह आया था … वही फायनेंसर बोल रहा हूँ.
भाभी जी ने मुझे पहचान लिया और कहा- अरे सर … मैं एकदम से पहचान नहीं पाई. दरअसल हम लोग इनकी वजह से बहुत बहुत परेशान हैं. ये अपने बच्चों के स्कूल फीस के पैसों की भी शराब पी गए. फिर मैंने अपने गहने गिरवी रख कर फीस चुका पाई है. आपने रिकवरी न भेजने की बात मानकर मुझ पर बड़ा अहसान किया है … आपका बहुत बहुत शुक्रिया.

Pages: 1 2 3 4 5

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!