कामवाली ने करवाई लंड को मौज

हेलो दोस्तों, मेरा नाम है निमकु और मैं बिहार का रहने वाला हूँ. मेरे लंड का साइज है ७ -इंच. तो इस कहानी की हीरोइन है मेरी कामवाली बाई, जिसका नाम अनीता है. अनीता २ बच्चों की माँ है और दिखने में एकदम मिल्फ है. अनीता की हाइट छोटी है, मगर फिगर एकदम कड़क. ३६-३२-३६ है उसका फिगर. किसी सेक्स करने वाले के लिए ये फिगर बेस्ट है, चोदने लिहाज़ से.

तो मैं अपनी कामवाली बाई पर पहले अट्रक्टेड नहीं था. उनपे उतना ध्यान नहीं देता था. मगर एकदिन, जॉब वो मेरे रूम में झाड़ू करने आयी. तो मैंने सोचा, क्यों ना ऐसे ही उनकी वीडियो बनायीं जाये.

तो वो मेरे बेड के पास झुककर झाड़ू कर रही थी, तब उनका क्लीवेज दिखने लगा. ३६ चुचे झूल रहे थे नीचे की ओर बिलकुल अच्छे से. उनकी वीडियो – लेते लेते मेरा लंड खड़ा हो गया. शायद कामवाली बाई को पता था, कि मैं उनका वीडियो ले रहा हूँ.

और वीडियो बनवाने में, उनको कोई प्रॉब्लम नहीं था. वो रोज़ कैमरा को देखती और अपनी सेक्सी बॉडी को एक्सपोज़ करती रहती. और मैं अच्छे से उनकी वीडियो को रिकॉर्ड करता था. मैं अब धीरे – धीरे उनकी तरफ अट्रैक्ट होने लगा था और उनको देख कर हर बार मेरा लंड खड़ा हो जाता था.

मैंने सोचा- क्यों ना, जिनकी वजह से लंड का ये हाल है. उनको लंड दिखाया जाए. जब वो सुबह काम करने के लिए आयी. तो मैंने अपनी पेण्ट खोलकर लंड को बाहर निकाल लिया और उसको पूरा कड़क करके खड़ा कर दिया. और बाद ऐसे ही सोने का नाटक करने लगा.

वो आयी और मेरे लंड को एकदम से तना हुआ देख कर हैरान हो गयी. इसके बाद, जब भी मौका मिलता. मैं किसी न किसी बहाने से उनको अपने कड़क खड़े हुए लंड के दर्शन दे देता. मुझे लगता था, कि वो भी मेरे टाइट लंड को देख कर खुश होती थी.

अब उनको पता लग गया था, कि मेरे मन में उनको लेके क्या है? अब वो उतना एक्सपोज़ नहीं करती थी. काफी दिन चले गए, मगर कुछ नहीं हो पाया हम दोनों के बीच. एकदिन की बात है, मेरी माँ टेरेस गयी थी अपनी सहलियों से बात करने के लिए.

मैं घर पर अकेले था. मैं बहुत हॉर्नी था, तो बस ऐसे ही लंड हिला रहा था. तभी कामवाली बाई आ गयी.

उनको टीवी रैक्स और मेरा कंप्यूटर टेबल साफ़ करना था. तो बस अब घर में, मैं और मेरी कामवाली बाई थे. कामवाली बाई ने टीवी रैक्स से शुरू किया और तब मैं अब रूम में लंड को हिला रहा था.

तभी कूरियर वाला आया कुछ देने. मैं बालकनी में गया, उनसे अमाउंट पूछने और उन्होंने मुझे बता दिया. अब मैं जब कूरियर लेके वापस आया, तो देखा. कामवाली बाई मेरे रूम में मेरा कंप्यूटर टेबल साफ़ कर रही है.

उस टाइम उन्होंने दुपट्टा नहीं लिया हुआ था और लाल सूट और ब्लैक पायजामा में वो बहुत सेक्सी लग रही थी. बिना दुपट्टा के ३६ इंच के चुचे उभर – उभर कर दिख रहे थे. ये देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया.

मैंने अब उनकी तरफ बढ़ना शुरू किया. वो हलके से पीछे देख – देख कर सफाई कर रही थी. वो मुझे और मेरे खड़े लंड को देख चुकी थी, मगर वो सफाई किये जा रही थी इस उम्मीद में, कि कुछ नहीं होना है.

पर अब मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और मैंने उनको कमर से पकड़ लिया. उनकी कमर के चारो तरफ हाथ घुमाते हुए उनके चुचो को पकड़ कर जोर से दबा दिया और पीछे से किस किया. वो अचानक मेरी इस हरकत से भौचक्की रह गयी और संभलने के चक्कर में उनके हाथ से सफाई वाला कपड़ा छूट गया और उनके मुँह से सिसकारी निकल गयी “आआह्ह्ह”.

मैंने उनकी चूचियों को जोर-जोर से दबाना चालू कर दिया और उनकी कमर को जोर रखा था. और उनके कान को चाट कर किस कर रहा था. फिर उनके नेक को लिक कर कर के किस कर रहा था.

वो बोल रही थी, “बाबू, ये गलत है. ये सही नहीं है. आह्ह्ह्ह”. पर मुझे फरक नहीं पड़ रहा था. अब मैंने उनको अपनी तरफ मोड़ा और लिप तो लिप किस करने लगा. हम एक दूसरे के लिप्स को चूसे जा रहे थे.

उनका थूक मेरे मुँह में, और मेरा थूक उनके मुँह था. क्या स्वाद था थूक का, उफ्फ्फ्फ़. मजा ही आ गया था. अब मैंने उनको अपनी गोदी में उठा कर किस करना शुरू कर दिया और वो मेरे बालों में हाथ फेरते हुए मजे ले रही थी.

मैंने उनको बेड और उनके चीक्स और नेक को चाट – चाट कर किस कर-कर के गिला कर दिया. और वो मजे में मोअन करे जा रही थी. वो मुझे बाबू कहके बुलाती थी.

अब मैंने उनके सूट और ब्रा को ऊपर उठाकर के चूची को चूसने लगा. उनके ३६ के बड़े, फुले और गोल- गोल चुचे और खड़क भूरे निप्पल मुझे पागल कर रहे थे. मैं दूध पीते बच्चे की तरह उनके निप्पल को चूसे जा रहा था और उनके निप्पल को काट रहा था.

वो मजे में “आह्ह्ह्ह”, “ऊऊह्ह्ह्ह” सिसकारियां ले रही थी और अपने पैरो को इधर- उधर किये जा रही थी. अब मैं उनके स्टोमक को चाटने लगा और उनके गहरे नेवल में, पहले ऊँगली की और फिर जीभ से चाटने लगा.

वो मोअन कर रही थी. जब मैं उनका पायजामा उतारने को गया, तो उन्होंने बोला – “बाबू, अभी नहीं. भाभी (मेरी माँ) कभी भी आ सकती है. कल करेंगे इसके आगे.

मैं उनको ऐसे ही नहीं छोड़ने वाला था. तो मैंने उनको बोला, “आप आज लंड चूस कर निकाल दो. बाकी कल कर लेंगे”. वो थोड़ा सोची और फिर बोली – ठीक है. मैंने अपनी पेण्ट उतार दी और अपना ७ इंच कर कड़क खड़ा लंड ले कर बेड पर बैठ गया.

वो अपने घुटनो के बल बैठ गयी और मेरे लंड को चूसने लगी. उफ्फ्फ्फ़ क्या फील था वो. उनके लिप्स मेरे लंड के टॉप को चूस रहे थे और फिर पूरा लंड उनके मुँह के अंदर हुआ..बेस्ट फीलिंग.

वो मेरे लंड पर थूक लगा-लगा कर चूस रही थी और रगड़ रही थी. मैंने उनका सिर पकड़ा और पूरा गले के अंदर ठोक दिया. वो चोक हुई, पर उनको अच्छा लगा. माँ कभी भी आ सकती थी, लेकिन पकड़े जाने का डर मुझे और भी जयादा हॉर्नी कर रहा था. १५ मिनट चुसवाने के बाद, मैं झड़ गया.

तभी डोरबेल बजी. कामवाली बाई में मेरा मुठ पिया और मैं जल्दी – जल्दी पयजामा पहन कर डोर ओपन करने चला गया. कामवाली ने भी अपने कपडे ठीक किये और काम करने लगी. कमरे में हम दोनों के पसीने की खुशबु थी. मैंने रूम फ्रेशनर मारा और फेन चालू कर दिया, ताकि माँ को कोई शक ना हो.

अगले दिन माँ को मार्किट जाना था. ये मेरे लिए मौका था, कामवाली को चोदने का. माँ मार्किट निकली और १० मिनट के बाद ही कामवाली भी आ गयी. डोरबेल बजी और मैंने कामवाली को डोर से ही किस करना शुरू कर दिया और अपनी गोदी में उठा लिया.

उनको अपने रूम तक ले गया और उनको बेड पर लेटा दिया. मैंने अपना शर्ट उतारा और किस करते हुए कामवाली का पीला सूट भी. अब बेड पर, मैं उनके पीछे बैठ गया और उनके इयर्स और नेक को लिक करते हुए ब्रा के ऊपर से चुचो को दबाने लगा.

३६ के चुचे, हाथ में काफी सही से आ रहे थे और दबाने का मजा अलग था. उनके नेक और कंधो को किस करते – करते और लिक करते-करते मैंने उनकी ब्रा को कंधो से उतार दिया. उनका चुचा अब आधा नंगा था और निप्पल पूरी तरह से खड़े थे एक्साइटमेन्ट में.

अब मैंने उनको अपनी तरफ मोड़ा और किस करते – करते वो मेरे ऊपर थी. हम किस करते – करते पुरे बेड पर करडेल कर रहे थे. कभी वो मेरे ऊपर और कभी मैं उनके ऊपर.

अब मैंने उनकी ब्रा उतारी और चूचियों को फिर से चूसने लगा. वो मजे में बस सिसकारियां लिए जा रही थी. अब बारी थी उनकी चुत की. मैंने बिना मौका गवाए, उनका पायजामा उतार दिया. फिर पेंटी को सिर्फ उनके घुटनो तक खोल कर उनकी हेयरी चुत को चाटने लगा.

इतनी प्यारी स्मेल मैंने आजतक नहीं एक्सपीरियंस किया था. उनकी चुत की स्मेल मुझे और भी ज्यादा पागल कर रही थी. उनकी चुत को अब मैं, पागलो की तरह खाये जा रहा था. और चूचियों को दबा – दबा के मजे में सिसकारियां ले रही थी.

मैं उनकी चुत में ऊँगली करते हुए, अपनी जीभ से चुत को चाट – चाट कर उनका पानी निकाल दिया और चुत चाटते हुए, पूरा पानी पि लिया. अब मैंने उनको घोड़ी बनाया और उनकी गांड को चाटने लगा.

चूतड़ तो बड़े मस्त थे उनके. चूतड़ के छेद में, मैंने जीभ डालकर चूसने के बाद उनकी पीठ को लिक करने लगा. वो पेट के बल मजे ले रही थी. अब मैंने उनको लेटा दिया.

हमारे पास कंडोम नहीं था, तो कामवाली ने मेरे लंड पर पॉलिथीन बाँध दिया. हम दोनों नहीं चाहते थे, कि कोई भी प्रॉब्लम ना हो. अब मेरे लंड पर पॉलीथीन था कंडोम की जगह. अब मैंने उनकी चुत पर अपने लंड को लगा दिया.

उनकी चुत अब बहुत गरम हो चुकी थी और वो मेरे लंड को और भी ज्यादा टाइट कर रही थी. वो सिसकारियां भर रही थी. पुरे रूम में थप-थप की आवाज़ गूंज रही थी. अब मैंने उनको अपने लंड पर बैठ्या और ,बोला, “अब आप को जैसे करना हो, करो”.

वो काफी एक्सपीरियंस थी. वो मेरे लंड पर उछल – उछल कर मजे ले रही थी और अपनी चुत को मेरे लंड पर गोल – गोल घुमाकर मस्त सेक्स कर रही थी. इतने में, वो दोबारा झड़ गयी और पूरी बेडशीट गीली हो गयी उसके रस से.

अब मैंने उनको घोड़ी बनाया और गांड में लंड डाल दिया. गाड़ की ठुकाई उनकी फर्स्ट टाइम थी और अनल सेक्स में उनकी जोरकी चीख निकल गयी. वो दर्द में “आह्ह्ह्ह”, “ओह्ह्ह” कर रही थी. मगर कुछ देर में जब दर्द कम हुआ, तो सब बदल गया.

मैं अब जोर – जोर से उनकी गांड को ठोक रहा था अपने लंड से और उनकी चुत से पानी की धार बहे जा रही थी. उनकी चुत से “सुरररर” “सूउऊउररर” कर के पानी निकले जा रहा था. मैं उनकी गांड को चोदे जा रहा था.

दो – ढाई घंटे सेक्स के बाद, उन्होंने मुझे ब्लोजॉब दिया और मेरा सारा मुठ पी लिया.

बेडशीट और गद्दा तो चुत और लंड के पानी से भीग चुके थे. तो कामवाली ने उनको बाहर सूखने के लिए डाल दिया. जब माँ ने वापस आकर पूछा, कि ये सब गीले कैसे हुए? तो कामवाली ने जवाब दिया, “भाभी, बाबू से पानी गिर गया था”. और वो मुझे देख कर मुस्कुराने लगी.

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