लखनऊ की कामवाली को गर्लफ्रेंड बना कर चूसने की

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम कार्तिक है, और आज मैं आपको अपनी कंवली को गर्लफ्रेंड बना के कैसे चुदाई की, और मज़े लिया, वो बताने वाला हू. बस आपको भी मज़ा तब ही आएगा जब आप अपनी पंत को नीचे कर दे. फिर लंड और छूट पर हाथ रख ले. क्यूंकी आपकी छूट में और लंड में पानी आने ही वाला है. तो चलो टाइम पास नही करता हू, और स्टोरी पर आता हू.

दोस्तों मेरा नाम कार्तिक है, और मैं लुक्कणोव का रहने वाला हू. मेरी उमर 22 साल है, और मैं एक स्पोर्टस्मन हू, और रेग्युलर जिम भी जाता हू. जिसकी वजह से मेरी बॉडी काफ़ी वेल बिल्ट है. मेरी हाइट 6’2″ है, और मेरे डिक का साइज़ 8 इंच है, जो किसी भी फीमेल को सॅटिस्फाइ करने के लिए काफ़ी है. तो अब आते है कहानी पे.

ये बात है पिछले साल की, जब पूरा देश लॉक्कडोवन् में था. उस समय कुछ करने को नही था, तब मैने सेक्स स्टोरीस पढ़नी शुरू करी, और मुझे पता चला की लोग कैसे-कैसे मज़े करते है. कोई बेहन के साथ, तो कोई भाभी के साथ, क्यूंकी इससे पहले मैने सिर्फ़ अपनी गफ़ के साथ सेक्स किया था, जिसकी कहानी मैं बाद में बतौँगा.

कुछ दिन बाद ऐसे ही स्टोरी पढ़ते-पढ़ते एक स्टोरी मुझे मिली, की कैसे एक आदमी ने अपनी नौकरानी को पत्ता के छोड़ा, और मज़े करे. उस दिन के बाद से मेरे दिमाग़ में वो स्टोरी घूमने लगी. पर लॉक्कडोवन् की वजह से मेरे घर पे कंवली आ ही नही रही थी. पर शायद किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था, की उसी शाम हमारी नौकरानी घर आई, और मम्मी से बोली-

नौकरानी: मेडम घर में पैसे की तंगी हो गयी है. आप फिरसे काम पे रख लीजिए.

तो मम्मी को भी दया आ गयी, और उन्होने उससे बोला: ठीक है, कल से आ जाना.

अगले दिन कंवली तो नही आई, पर उसने अपनी बेटी को काम करने के लिए भेज दिया. उस लड़की ने डोरबेल बजाई, तो मैं गाते खोलने गया और जब मैने उसे देखा तो मैं देखता ही रह गया. क्या ग़ज़ब का माल थी यार वो. उसने पिंक लोंग त-शर्ट पहन रखी थी, और नीचे लेगैंग्स जिसमे से उसकी गांद का शेप सॉफ दिख रहा था. माफ़ करना मैं आप लोगों को उस लड़की के बारे में बताना ही भूल गया.

उसका नाम दीप्ति है, और वो 19 साल की है. 5’5″ हाइट है उसकी, दूध जैसा गोरा रंग, और गांद तक लंबे बाल है उसके. और फिगर तो मैं क्या ही बतौ. दूध ऐसे की हाथ में पाकड़ो तो पुर हाथ में ना आए, और पतली कमर और गांद इतनी बड़ी की लेगैंग्स में कवर होने के बाद भी इतनी बड़ी दिख रही थी की अगर बुद्धा भी देख ले तो उसका भी लंड खड़ा हो जाए. उसका फिगर साइज़ 32-28-34 है (जो की मैने पर्सनली नापा था).

मैं गाते पे खड़ा होके बस उसको ही देखे जेया रहा था. इतने में मम्मी ने आवाज़ दी की ‘कों है?’ तब कही जाके मुझे होश आया, और मैने उसे अंदर आने को कहा. वो स्माइल देके अंदर चली गयी मम्मी के पास और मा उसे सारे काम बताने लगी. मैं तुरंत भागा अपने रूम में जो की उपर था, और मैने गाते लॉक किया. फिर उसको इमॅजिन करके मूठ मारी और झाड़ के फिर बेड पे लेट गया.

इतने में किसी ने गाते नॉक किया. मैने जल्दी से शॉर्ट्स पहने, और गाते खोला तो देखा दीप्ति छाई लेके गाते पे खड़ी थी. मैने उसे अंदर बुलाया. वो आई और उसने छाई टेबल पे रखी.

फिर मुझसे बोली: मेडम ने आपके रूम में झाड़ू लगाने को कहा है. तो आप बाहर चले जाओ.

पर मैं उसके दूध और गांद के दर्शन करना चाहता था.

तो मैने उससे कहा: मैं बेड पे बैठ जाता हू. तुम अपना काम कर लो.

उसने फिरसे स्माइल दी, और झाड़ू लगाने लगी. जब वो झाड़ू लगा रही थी, तो उसकी त-शर्ट लूस होने की वजह से मुझे उसके आधे दूध दिख रहे थे. फिर जब मुड़ती तो उसकी गांद जो की बैठने पे कुछ ज़्यादा ही बाहर को निकल जाती थी. मैं उसको घूरे जेया रहा था, और उसने भी मुझे घूरते हुए देख लिया था. घूरते-घूरते पता नही चला की कब मेरा लंड शॉर्ट्स में तंबू बन के खड़ा हो गया.

पता तो तब चला जब उसने बोला: क्या देख रहे हो?

मैने घबरा के कहा: कुछ नही.

तो वो बोली-

दीप्ति: देखो मैं काफ़ी देर से देख रही हू की तुम मुझे घूर रहे हो. सच बता दो की क्या देख रहे हो.

कार्तिक: मैं कसम से तुम्हे नही देख रहा हू. मैं तो सिर्फ़ अपनी छाई पे रहा हू

दीप्ति: अछा तो ये जो तुम्हारे ककचे में तुम्हारा समान खड़ा है, वो क्या छाई पीने की वजह से खड़ा है?

तब मैने देखा की मेरा लंड खड़ा था, और मैने जल्दी से उसपे हाथ रख लिया. फिर वो बड़बड़ाते हुए कमरे से बाहर चली गयी, और मैं जल्दी से वॉशरूम भागा और हिला के अपना माल निकाला. फिर हाथ मूह धो के मैं नीचे गया. मेरी फटत रही थी, की कही दीप्ति मम्मी को कुछ ना बता दे. बुत नीचे जब आया तो माहौल बिल्कुल नॉर्मल था. तब जाके मेरी साँस में साँस आई.

अगले दिन दीप्ति आई पर मुझे पता नही था क्यूंकी मैं अपने कमरे में वर्काउट कर रहा था. मैं यूष्यूयली वर्काउट सिर्फ़ शॉर्ट्स और सपोर्टर्स पहन के ही करता हू. मतलब उपर नंगा होता हू. मैं वर्काउट कर रहा था. इतने में दीप्ति रूम में आ गयी झाड़ू लगाने के लिए. पर मैने उसे कहा की 5 मिनिट वही बैठ जाए, क्यूंकी मेरा वर्काउट ख़तम होने ही वाला था.

तो वो बेड पे बैठ गयी, और मुझे देखने लगी. मेरी बॉडी पूरी पसीने से भीगी हुई थी, और मेरे एबेस सॉफ दिख रहे थे. थोड़ी देर बाद मैने नोटीस किया की दीप्ति मुझे बहुत घूर रही थी, और उसका एक हाथ उसकी जांघों के बीच में था शायद. वो अपनी छूट सहला रही थी तो मैने उससे पूछा-

कार्तिक: ओये, ऐसे क्या देख रही हो?

तब वो एक-दूं से घबरा के बोली-

दीप्ति: नही कुछ नही. मैं तो बस तुम्हे जिम करते देख रही थी. तुम्हे बॉडी बनाने का शौक है ना?

कार्तिक: हा क्यूँ? तुम वर्काउट नही करती क्या?

दीप्ति: कहा यार इतना टाइम ही नही है. इतना काम होता है दिन भर, और ना पैसे है की जिम कर साकु.

कार्तिक: डॉन’त वरी, अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हे जिम करवा सकता हू.

दीप्ति: अर्रे नही, वैसे तुम्हारी बॉडी काफ़ी अची है. मुझे भी बॉडी वाले लड़के पसंद है.

कार्तिक: अछा, तुम्हे पसंद आई?

दीप्ति: बहुत.

कार्तिक: हा वो तो मुझे दिख रहा है तुम्हारे हाथो को देख कर की कितनी बॉडी पसंद आई तुम्हे मेरी.

इतना सुन के दीप्ति शर्मा गयी, और उसने अपना मूह नीचे कर लिया. फिर मैं उसके पास गया, और उसको कंधो से पकड़ के उठाया. उसका मूह अभी भी नीचे था, और वो शर्मा रही थी. फिर मैने उसका चेहरा उपर उठाया, और आँखों में देख के बोला.

कार्तिक: शर्मा क्यूँ रही हो. ये नॉर्मल है. मेरा भी तो कल तुम्हे देख के खड़ा हो गया था.

वो फिर शर्मा गयी और अपना फेस च्छूपा लिया हाथो से. फिर मैने उसके हाथ पकड़े, और अपने सीने पे रख दिए. उसके हाथ मेरे गरम सीने पे बहुत सुकून दे रहे थे, और उसे भी मेरे सीने से निकलती गर्मी पसंद आ रही थी. उसने मेरे सीने पे हाथ फेरना शुरू कर दिया. मैने उसका फेस उपर उठाया, और उसकी आँखों में आँखें डाल कर के पूछा-

कार्तिक: दीप्ति तुम्हे मैं पसंद हू?

उसने मेरी आँखों में देखा और स्माइल करके हा में अपना सर हिलाया. फिर मैने उसे सीने से लगा लिया, और वो मेरे सीने से चिपक गयी. उसके बड़े-बड़े दूध मेरे सीने में डब रहे थे, और वो अपने हाथ से मेरी पीठ सहलाने लगी.

मैने उसे अलग किया और उसको ई लोवे योउ बोला, और उसने मेरे सीने पे किस करके मुझे ई लोवे योउ टू बोल दिया. फिर मैने उससे पूछा-

कार्तिक: दीप्ति तू मेरी गर्लफ्रेंड बनेगी?

दीप्ति: जान आज से मैं सिर्फ़ आपकी हू, जो चाहे बना लो मुझे. पर खुद से डोर मत करना.

और इतना बोल के उसने मेरे चेहरे को अपने हाथ में लिया, और मेरे होंठो पे होंठ रख दिए, और किस करने लगी. मुझे तो अपनी किस्मत पे विश्वास ही नही हो रहा था, की इतना सुंदर माल पट्ट गया मुझसे. पर मैने उसका पूरा साथ दिया, और आचे से किस किया. हमने एक-दूसरे की जीभ चूसी.

हमारा किस 5 मिनिट तक चला. फिर हम अलग हुए, और मैं फिर उसके पास गया और उसकी गर्दन चाटने लगा. वो आँखें बंद करके बस आ आ कर रही थी, और उसके हाथ मेरे बालों को सहला रहा थे. वो पुर फील में आ गयी थी. फिर मैने उसका एक दूध पकड़ लिया, और ज़ोर से दबा दिया. उसके मूह से हल्की सी सिसकारी निकल गयी.

अब मैं उसकी गर्दन चाट रहा था, और उसके दूध दबा रहा था. और वो मेरे बाल सहला रही थी. फिर मैने उसको घुमाया, और उसके कान को चूसने लगा, और हाथ आयेज ले जेया कर उसके दोनो दूध त-शर्ट के उपर से सहलाने लगा. उसने अपने दोनो हाथो को मेरे हाथो पे रखा, और अपने दूध डबवाने लगी.

थोड़ी देर बाद मैने एक हाथ उसकी लेगिंग के उपर से ही छूट पे रख दिया, और रगड़ने लगा. इससे वो मचल उठी, और ज़ोर-ज़ोर से अपना एक दूध दबाने लगी. फिर एक हाथ से मेरी गर्दन पकड़ ली, और मैने देर ना करते हुए अपना हाथ उसकी लेगिंग और पनटी के अंदर घुसा कर छूट पे रख दिया और रगड़ने लगा उसकी छूट को.

कसम से यार, इतनी गीली हो रही थी उसकी छूट, और थी भी पूरी क्लीन शेव्ड और फूली हुई. मैं उसकी छूट रगडे जेया रहा था, और वो अया अया जान ज़ोर से की आवाज़ निकाल रही थी. फिर रगड़ते-रगड़ते मैने एक उंगली उसकी छूट में डाल दी. उसकी हल्की सी दर्द भारी आ निकली, और मैने अपनी उंगली को अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया.

वो पुर जोश में थी, और मैं यही चाहता भी था की दीप्ति को आचे से मज़ा दिया जाए. फिर मैने उसे पकड़ा, और बेड पे लिटाया और उसकी त-शर्ट और ब्रा उपर कर दी. उसके बाद मैं उसके गूरे-गूरे दूध दबाने लगा, और फिर एक दूध को मैने चूसना शुरू किया और दूसरे हाथ से दूसरे दूध को दबा रहा था.

क्या बतौ यारो, क्या मस्त दूध थे उसके. बेदाग गोरे और उसके उपर गुलाबी निपल जिनको चूसने में बड़ा मज़ा आ रहा था. वो अपनी छूट सहला रही थी. फिर मैं दूध चूसने के बाद नीचे बढ़ा, और उसकी नेवेल में अपनी जीभ डाल दी, और उसे चाटने लगा.

दीप्ति तो मानो जन्नत की सैर कर रही थी. उसने मेरे बालों को कस्स के पक्कड़ रखा था, और नोच रही थी. वो श आहह जान की सेक्सी आवाज़े निकाल रही थी. फिर मैं उठा, और उसकी लेगैंग्स और उसकी पनटी एक बार में ही उतार दी. मैं उसकी टाँगो की बीच आके बैठ गया, और उसकी छूट देखने लगा.

उसकी छूट सुर्ख गुलाबी थी, जिसपे एक भी बाल नही था. मैने उसकी छूट पे हाथ रखा और हाथ रखते ही उसकी छूट से रस्स बहने लगा. मैं तुरंत अपनी जीभ लगा के चाटने लगा, और जीब लगते ही दीप्ति ने ज़ोर से सिसकी भारी, और बेडशीट को दोनो हाथो से ज़ोर से पकड़ लिया.

मैने उसकी छूट चाटना कंटिन्यू रखा. वो अपने दोनो बूब्स ज़ोर-ज़ोर से दबा रही थी, और अपने निपल्स खींच रही थी. फिर मैने अपनी एक उंगली उसकी छूट में डाली और अंदर-बाहर करने लगा, और छूट का दाना चाटने लगा.

दीप्ति तो जैसे पागल ही हो गयी थी. उसने अपनी जांघें भींच ली, और मेरे सर को अपने हाथो से अपनी छूट पे दबाने लगी. फिर 1 मिनिट के बाद ही वो झाड़ गयी. मैने उसका तोड़ा सा रस्स चखा. वो ज़ोर-ज़ोर से हाँफ रही थी, और वो ऐसे ही लेती रही बेड पे. फिर उठी और मेरे होंठ चूसने लगी. इतने में मा ने आवाज़ दी दीप्ति को, तो वो जल्दी से उठी और अपने कपड़े पहने. फिर जाते-जाते मेरे गालों पे किस करके नीचे भाग गयी.

मुझे बहुत गुस्सा आया अपनी किस्मत पर, की जब मेरे मज़े का टाइम आया, तब मम्मी ने आवाज़ दे दी. फिर मैं उठा, और अपना रूम लॉक किया, और अपना शॉर्ट्स और सपोर्टर उतार के नंगा बेड पे लेट गया. मेरा लंड तो वैसे भी कड़क हो रखा था. फिर मैने दीप्ति को याद करके मूठ मारी और तक के सो गया.

दोस्तों ये पार्ट यही तक. आशा करता हू की आपको मेरी कहानी पढ़ के मज़ा आया होगा, और आपने अपना पानी निकाला होगा. अगले पार्ट में मैं बतौँगा कैसे मैने दीप्ति की चुदाई करी, सो कृपया बने रहे कहानी के साथ. और मैं माफी चाहूँगा की कहानी थोड़ी लंबी हो गयी क्यूंकी मैं चाहता हू की रीडर्स को एक-एक घटना को खुल के बतौ, जिससे और ज़्यादा मज़ा आए.

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