एक नयी स्टाइल की शादी

हैल्लो दोस्तों, आज मैं एक बहुत ही रोचक ग्रुप सेक्स की कहानी सुनाने जा रहा हूँ. अपने पेरेंट्स के मरने के बाद हम 2 परिवारों ने आपस में शादी करने का फैसला किया. और शादी होगी पर नंगी.. आप आमंत्रित है.

मेरा नाम तरुण है और मेरी उम्र 19 साल है. ये कहानी एक साल पहले की है जिसमें 2 फेमिली है, एक मेरी और दूसरी हमारे फेमिली फ्रेंड कमल अंकल की है. मेरी फेमिली में हम 5 लोग है में, मम्मी, पापा और दो बहनें, जो अभी पढ़ रही है और कमल अंकल की फेमिली में 6 लोग है वो, उनकी वाईफ और 3 बेटे और एक बेटी, जो कि 19 साल की है और वो अभी पढ़ रही है. एक दिन कमल अंकल और उनकी वाईफ हमारे घर आए, अब वो मेरे पापा और मम्मी से बात कर रहे थे. वो लोग कहीं बाहर जाने की प्लानिंग कर रहे थे, वो लोग छुट्टी मनाने ऊटी जाने का प्लान बनाकर रविवार को निकल गये. वो दोनों अंकल, आंटी और मेरे मम्मी, पापा और हम सब बच्चे अपने घर पर ही थे.

फिर हम सबने अपने-अपने कपड़े उतारे और ड्रेस कोड में आ गये. अब दामिनी और वीणा ने ब्लेक कलर की ब्रा और पेंटी पहनी थी और विनती ने रेड कलर की ब्रा पेंटी पहनी थी और सभी बॉय ने ब्लू कलर की शॉर्ट पहनी हुई थी.

विनती : लेकिन, हम शादी शुरू कैसे करे?

फिर हमने हॉल में सब गद्दे बिछाए और अब हम हार पहनाकर शादी कर रहे थे.

वीणा : सिंदूर कहाँ है?

पियूष : हाँ, सिंदूर हम माँग में नहीं चूत में भरेंगे.

तो वो खुश हो गई और अब सब लेडीस अपनी पेंटी को साईड में करके खड़ी थी.

में : हम सिंदूर हाथ से नहीं लंड से भरेंगे.

तो सब राजी हो गये, फिर मैंने अपने 8 इंच के लंड पर सिंदूर लगाया और विनती की नाज़ुक चूत पर सिंदूर लगाया. वही धीरज और सागर ने मेरी बहन वीणा की चूत पर सिंदूर लगाया और पियूष ने दामिनी की चूत पर अपना लंड लगाकर शादी कर ली थी. अब हम सब रोमांस कर रहे थे, अब में विनती की ब्रा खोलकर उसके 19 साल के निपल चूस रहा था. अब वो बहुत सिसकियां मार रही थी, अब वीणा धीरज और सागर के साथ मज़े ले रही थी और पियूष दामिनी की चूत को चाट रहा था. अब में भी विनती की चूत चाट रहा था. अब वो लाल हो गई थी और में उसकी चूत पर अपना लंड मसल रहा था और अब वो भी मेरा साथ दे रही थी.

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फिर मैंने एक जोरदार धक्के के साथ विनती की चूत में अपना लंड डाल दिया, तो वो चीख उठी और वहीँ दामिनी का भी यही हाल था और वीणा भी एक लंड चूस रही थी और दूसरा लंड अपनी चूत में ले रही थी. इस तरह से हमने रात के तीन बजे तक चुदाई की और अब सब कई बार झड़ चुके थे. फिर सुबह 9 बजे मेरी आँख खुली तो मैंने देखा कि विनती मेरी बाहों में सो रही है, दामिनी पियूष का लंड अपनी चूत में लिए सो रही हैं और वीणा के दोनों साईड में सागर धीरज सो रहे थे.

फिर मैंने सबको उठाया और कहा कि नहा लो, तो अब सब उठकर एक दूसरे को देख रहे थे और फिर सबने अपनी बीवियों को मॉर्निंग किस किया और बीवियों ने लंड मुँह में लेकर सबको ठीक से जगाया. अब सब कपल एक के बाद एक बाथरूम में जा कर चुदाई के साथ फ्रेश होकर कपड़े पहनकर बाहर आए और नाश्ता किया.

तभी विनती ने कहा कि आज राखी है हम सब अच्छे से मनायेंगे, तो मैंने कहा कि अच्छा आइडिया है.

धीरज : मगर हम राखी हाथ पर नहीं बांधेगे.

वीणा : फिर कहाँ?

सागर : सब बहने अपने भाइयों के लंड पर राखी बांधना.

में : मस्त आइडिया है.

अब सब राजी हो गये और भाई अपने लंड को खोलकर सोफे पर बैठ गये. अब विनती आरती की थाली ला कर अपने भाइयों के लंड पर राखी बांध रही थी.

में : अपने भाइयों का मुँह मीठा करो.

विनती : हाँ करुँगी ना अपनी चूत और निपल से.

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अब ये सुनते ही पियूष विनती का सलवार उतारकर उसके निपल्स चूस रहा था और यहाँ वीणा और दामिनी मेरे लंड पर राखी बाँधकर मेरा लंड चूस रही थी. तभी वीणा अपनी पेंटी खोलकर मेरे लंड पर बैठ गई, अब मुझे बहुत मजा आ रहा था. अब में दामिनी की चूत को चाट रहा था और वहीं विनती भी पियूष का लंड अपनी चूत में लेकर उछल रही थी और सागर धीरज का लंड चूस रही थी. अब सब भाई अपनी बहनों को शाम तक चोदकर थक गये और सो गये.

दोस्तों फिर एक दिन सागर और धीरज किसी काम से बाहर गये हुए थे में और विनती अपने रूम में नंगे सो रहे थे. मैंने अपना लंड विनती की चूत पर लगाया हुआ था और पियूष भी रिया के साथ रूम में सो रहा था. तभी हमने देखा कि सिया मेरे रूम के पास आकर खड़ी हो गयी और वो उस समय सिर्फ़ पेंटी में ही थी तभी मैंने उसको आवाज़ दी वो मुस्कुराते हुए मेरे पास आ गई और किस करने लगी और विनती ने उसकी पेंटी को खोल दिया और वो उसकी चूत में उंगली डाल रही थी. फिर सिया ने तुरंत मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर खड़ा कर दिया, वो मेरे लंड को चूस चूसकर लाल कर रही थी और वो किसी अनुभवी रंडी की तरह मेरे लंडे को लोलीपॉप की तरह चूस रही थी.

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