कहानी जिसमे भाई ने अपनी कुँवारी बहन की सील तोड़ी

हेलो दोस्तों, कैसे हो आप सब? सबसे पहले मैं बहुत थॅंक योउ कहना चाहती हू जिन्होने भी फीडबॅक दिया. मुझे लगा नही था की मेरी स्टोरी आंड मुझे इतना प्यार मिलेगा. उसके लिए रियली थॅंक योउ.

मेरे बारे में फिर से बता डू. मेरा नाम सुरभि है. मैं 25 साल की हू. ये स्टोरी तब की है, जब मैं 21 साल की थी. मैं एक लोवर-मिड्ल क्लास फॅमिली से बिलॉंग करती हू.

मेरे घर में पापा, मम्मी, दादा, और मेरी बड़ी सिस्टर है. मैं दिखने में फेर हू, आंड हाइट 5’1″ है. अभी का फिगर 32सी-30-34(पनटी) है. अब कहानी को आयेज बढ़ते है.

अब उसका हाथ मेरी पनटी के अंदर था. पहली बार एक मर्द का स्पर्श फील किया था, और मैं ऑलरेडी झाड़ चुकी थी, जो उसको पता था. आंड कही ना कही वो कमज़ोरी भी थी मेरी.

अब उसने हाथ से मेरी छूट रब करना शुरू किया. उसके जिम जाने की वजह से बहुत रफ था आंड मेरी छूट एक-दूं सॉफ्ट आंड वेट, जिससे मेरे अंदर सेन्सेशन बढ़ती जेया रही थी. आंड अब फिर से मेरे मूह से हल्के मोन्स निकल रहे थे.

मैं बस बिस्तर में उसकी आर्म्स में मछली जैसे धीरे-धीरे उफ़फ्फ़ अयाया… स… अया कर रही थी. भूल चुकी थी मैं, की वो मेरा भाई था, जो मेरा योवां खाने के लिए आतुर था.

अब उसको समझ आ गया था, की मेरा सारा आटिट्यूड गुस्सा साइड हो चुका था, आंड अब मैं बस एक कुँवारी लड़की थी, जिसकी तिजोरी यानी सील्ड छूट उसके हाथ में थी. फिर उसने मौका पा कर मेरी नेक पर लीक करना शुरू कर दिया.

छूट पर हाथ और नेक पर लीक से मैं अपने आप को संभाल नही पाई, और मेरी आहह निकल गयी. अब उसने मुझे सीधा किया. मेरी आँखें बंद थी और साँसे तेज़. कमरे में रेड लाइट थी, जिससे उसका फेस नही दिख रहा था. बुत उसकी गरम साँसे मेरे होंठो के पास थी.

और फिर उसने मेरे होंठो पर अपने होंठ रखे. एक हाथ पनटी में था उसका, और एक बूब्स पर, और उसने मुझे किस किया. धीरे-धीरे हमारा किस इनटेन्स हो रहा था, और उसने अपनी जीभ मेरे अंदर डाल कर फेरी. और मैं बस उसके नीचे पड़ी थी बिना किसी रेज़िस्टेन्स के, और वो मेरा उसे कर रहा था.

थोड़ी देर किस करने के बाद उसने मेरी कुरती को कमर से पकड़ा, आंड उपर किया. अब मैने उसको रोका तो उसने कहा-

वो: दीदी हाथ उपर करो चुप-छाप.

और मैने हाथ उपर कर दिए ना जाने क्यू. फिर उसने कुरती उपर खींची, और मैने ही उपर होके कुरती निकालने दी. और अब मैं ब्रा में थी, जिसके हुक्स खुले थे. मेरे बूब्स ऑलमोस्ट उसके सामने नंगे थे.

जैसे ही उसने बूब्स देखे, मेरी ब्रा को खींच कर डोर फेंक दिया. फिर वो बूब्स को खाने लग गया. मैं बस तड़प रही थी-

मैं: अयाया धीरे करो, उफ़फ्फ़ मा अयाया.

बुत वो सुन नही रहा था, और बस चूस रहा था. वो मेरे बूब्स को खा रहा था, बीते कर रहा था निपल्स को, और कॉमेंट्स कर रहा था.

वो: इनके सपने कब से देख रहा था. सेयेल कितने टाइट है. तंग कुरती में एक-दूं खड़े रहते थे, आज मसल दूँगा इन्हे. सुबा ब्रा भी पहनोगी तो मेरी याद आएगी. बहुत दाँत-ती है तू दी, अब मज़ा चाखौँगा तुझे.

जैसे ही उनसे तू कहा, मैं एक-दूं चौंक गयी, और मेरा दिमाग़ मेरे सेक्स ड्राइव्स पर भारी हुआ और मैने कहा-

मैं: रूको, सुनो, बस अब और नही. बहुत हो गया. मेरे उपर से हटो.

उसने कहा: चल चुप पड़ी रह.

ये सुन कर मैने तोड़ा रेज़िस्ट किया, बुत उसने फिर मेरी छूट में एक उंगली डाल दी, और मेरी चेख निकली आहह. जैसे ही मैं चीखी, उसने मेरे लिप्स पर लिप्स रख दिए, और बस स्मूच कर रहा था. पहली बार मेरी छूट में इतना मोटा कुछ गया था. नीचे जलन हो रही थी, लेकिन शायद ये शुरुआत थी.

अब उसने एक हाथ से मेरी सलवार पनटी के साथ नीचे की, और लीक करता हुआ नीचे गया. अब वो मेरी कुँवारी छूट पर टंग रख के लीक कर रहा था. ये अनुभव मेरे लिए एक-दूं नया था. मैं फिर से भूल चुकी थी, की मैं कहा थी, और वो मर्द कौन था. बस बेडशीट पकड़ के अपनी टांगे हिला रही थी.

थोड़ी देर बाद वो मेरे उपर आया, और मैने उसका डिक फील किया. जैसे ही उसका डिक मेरी थाइ पर टच हुआ, तब मुझे लगा यार ये कितना बड़ा है. उसका डिक अराउंड 6 इंच था, और एक-दूं गरम टाइट था.

उसने मेरे कान में कहा: टांगे हवा में उठा के चौड़ी करो.

मैने एक-दूं वैसे ही किया. और फिर उसने अपने लंड और कमर को मेरे उपर अड्जस्ट किया. उसने सारा वज़न मुझ जेसी पतली सी लड़की पर डाला, और एक पुश लगाया. इससे फिर से मेरे मूह से चीख निकली, जिसको उसने हाथ से दबाया.

मैं अब बस गून-गून अया की आवाज़े निकाल रही थी. अब उसने हस्स के मेरे कान में कहा-

वो: साली तू तो वर्जिन है. मज़ा आ गया. सारा हिसाब पूरा हो गया मेरा. कितनी टाइट है तेरी छूट.

ये सुन के मैं शरम से मॅर गयी, और खुद पर शरम आने लगी, की मैं कितनी स्लट थी, जो अपने भाई से चुड रही थी. और फिर इतने में उसने अगला धक्का दिया मेरी कमर पकड़ के. तब तक मेरी टांगे नीचे आ गयी थी, और अब उसका लंड अंदर जैसे सब चीरते हुए टकराया, और मैं फिर से चिल्लाई-

मैं: कुत्ते निकालो इसको. मॅर गयी मा आहह. मम्मी आहह अया दुख रहा है.

और मुझे चक्कर आने लग गये थे. मेरी आँखों से आँसू निकल रहे थे, लेकिन वो बस हस्स रहा था.

उसने फिर से कान में कहा: साली कितनी टाइट है तेरी छूट मज़ा आ गया. बहुत चिल्लती थी, ज्ञान देती थी. अब ले मेरा ज्ञान तेरे अंदर. ज़िंदगी भर याद रखना किसने तेरी छूट और सील पर अपना नाम लिखा. तुझे एक लड़की से औरत किसने बनाया.

ये सुन के मुझे और चक्कर आ रहे थे. लेकिन उसने मेरी टांगे पकड़ी, और हवा में की, और अब पुश कर रहा था. वो हर पुश के साथ मुझे गंदे कॉमेंट्स दे रहा था.

वो: अया साली मज़ा आ गया. क्या छूट है तेरी.

आज से मैं तेरी छूट का मालिक हू. अब जहा बोलू वाहा टाँग खुली रखना. घर में ही इतनी टाइट माल है, मेरी तो लॉटरी लग गयी.

अगले 10 मिनिट उसके धक्के चल रहे थे. और फिर अचानक वो टाइट हुआ, और उसने लंड बाहर निकाल के मेरे पेट पर रखा. उसका सारा माल मेरे पेट, नाभि, और लोवर बूब्स तक फील हुआ एक-दूं गरम.

फिर वो मेरी साइड से हटता, और बगल में लेट गया. मेरी छूट में स्वेल्लिंग आ चुकी थी. मैने जल्दी से अपनी सलवार उपर की, और कुरती पहनी बिना ब्रा के, और बातरूम की तरफ भागी.

बातरूम में शीशे में देखा, तो मेरा बदन पर हर जगह लाल बाइट्स के निशान थे. कुरती मेरी शोल्डर से फाटती हुई थी. बाल एक-दूं बिखरे हुए थे. एक-दूं स्लट लग रही थी मैं.

चलते टाइम मेरी छूट में बहुत पाईं था. मैने बातरूम में गरम पानी से छूट ढोई. उस पर ब्लड के निशान थे मेरे. फिर पेट सॉफ किया और वापस आई. तब तक वो सो चुका था.

आन मैं एक कुँवारी लड़की से औरत बन चुकी थी. मैं चूड़ी थी अपने भाई से, जिसने मुझसे उसकी बेइज़्ज़ती का हिसाब लिया था. इतना बड़ा हिसाब, की मेरी सील तोड़ दी, और मुझे अपने लंड का गुलाम बना लिया.

अब आयेज और क्या हुआ मेरी लाइफ में, ये जानने के लिए आप मुझे फीडबॅक दे

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