जिस्म की भूख को ठंडा करने की मा की कोशिश

मुझे काफ़ी अछा लग रहा है की आपको स्टोरी में मज़ा आ रहा है. ऐसे ही कॉमेंट्स और मेल्स करके मुझे बताते रहिए ताकि मैं और अची स्टोरी लिख पौ. अब आयेज-

रात को हम सब सो ही गये थे. फिर थोड़ी हिल-डुल से मेरी आँख खुली तो मैने देखा की मम्मी अपनी जगह पे नही थी, और पापा अपनी जगह पे सो रहे थे. मैं भी तुरंत धीरे से उठ कर बाहर निकला, और मम्मी को इधर-उधर देखने लगा.

मुझे यकीन था की मम्मी उपर हमारे नये नौकर राजू के पास ही गयी होंगी. तो मैं भी सीधा वही जाने लगा. मैं सीडीयों से जब उपर जाके उसके रूम की तरफ मुड़ा, तो देखा मम्मी गाते खोल के उसके रूम के बाहर खड़ी थी, और अपनी छूट मसल रही थी. मैं दीवार के सहारे बैठ गया, और आराम से मम्मी को देखने लगा.

मम्मी ने फिर अपनी लोंग त-शर्ट उतार दी और बिल्कुल नंगी हो गयी. नंगी होके मम्मी खड़े-खड़े अपनी छूट में उंगली डालने लगी. मुझे रूम के अंदर का कुछ नही दिख रहा था, बस साइड लुक से मम्मी दिख रही थी. मम्मी फिर वही गाते के बाहर ही लेट गयी और अपनी टांगे खोल के छूट में उंगली करती रही.

वो आधी रूम के अंदर थी, तो मुझे सिर्फ़ मम्मी का नंगा पेट बूब्स और मूह ही दिख रहा था बाकी टांगे और छूट नही दिख रही थी. मम्मी ने एक हाथ अपने मूह पे रखा हुआ था आवाज़ कंट्रोल करने के लिए. मम्मी 10 मिनिट तक फिंगरिंग करती रही और जहा राजू सो रहा था वही झाड़ गयी. उनका माल राजू के रूम में ही गिरा था.

फिर मम्मी उठी, और 2-3 मिनिट ऐसे ही अंदर देखती रही. मुझे लगा मम्मी अपनी त-शर्ट से माल सॉफ कर देंगी. लेकिन मम्मी ने अपना माल ऐसे ही छ्चोढ़ दिया, और वाहा से चलने लगी. मैं भी फटाफट रूम में आके लेट गया. मेरे 2-3 मिनिट बाद मम्मी भी आके लेट गयी. फिर मैं सो गया था.

सुबा मैं उठा तो पापा स्टोर जेया चुके थे, और मम्मी किचन में थी, और राजू भी मम्मी के साथ खड़ा था. मम्मी राजू को कुछ-कुछ बता रही थी, की कॉन्सा समान कहा पड़ा था.

मैं ये सब रूम के अंदर से ही देख रहा था. फिर जब मम्मी रूम की तरफ आने लगी तो मैं जल्दी से बेड पे लेट गया और सोने का नाटक करने लगा. मम्मी ने आके मुझे उठना चाहा, लेकिन मैं नही उठ रहा था.

मम्मी: उठ बेटा, कॉलेज के लिए लाते हो जाएगा.

मैने कोई जवाब नही दिया.

मम्मी: बेटा कॉलेज नही जाना क्या आज?

मैने सोते-सोते माना कर दिया और दूसरी साइड मूह करके लेट गया. मम्मी फिर मुझे उठना छ्चोढ़ कर नहाने जाने लगी. उन्होने अभी वो लोंग त-शर्ट पहन रखी थी. मम्मी ने वो तुरंत उतार दी, और आल्मिराह में से कपड़े ढूँढने लगी. वो ऐसे नंगी होके ही कपड़े ढूँढ रही थी.

मम्मी पूरा झुक कर कपड़े निकाल रही थी. मुझे मम्मी की गांद और छूट मस्त क्लियर दिख रही थी. इतने में राजू रूम में आ गया.

राजू: मालकिन.

मम्मी पूरी झुकी हुई थी, जिस वजह से राजू ने भी मम्मी की नंगी छूट और गांद के दर्शन कर लिए थे. वो एक-दूं से दर्र गयी और खुद को उसी त-शर्ट से ढकने लगी जो बेड पे पड़ी थी. मम्मी के बस थोड़े से बूब्स ही ढके थे, और नीचे से मम्मी ने अपनी टांगे भींच कर छूट छुपा ली थी. राजू ने भी अपना मूह दूसरी साइड कर लिया था.

मम्मी: क्या हुआ?

राजू: मालकिन सॉरी. मुझे पूच के आना चाहिए था सॉरी. मुझे माफ़ कर दीजिए.

मम्मी तोड़ा मूह बनाते हुए बोली: क्या काम था बोलो?

राजू: मैं ये पूछने आया था की लाल मिर्च कहा रखी है.

मम्मी ने उसको बता दिया और वो वाहा से चला गया. इस बीच मैं वैसे ही लेता सब देखता और सुनता रहा, लेकिन हिला नही. राजू के जाते ही मम्मी ने त-शर्ट साइड रख दी, और फिर खुले आम नंगी खड़ी हो गयी.

मम्मी वैसे ही खड़ी हुई स्माइल कर रही थी. उनके इरादे मुझे ठीक नही लग रहे थे. फिर मम्मी ने कपड़े बेड पे रखे और अंदर नहाने चली गयी. फिर 5 मिनिट बाद मम्मी बाहर आई बिल्कुल नंगी और भीगी हुई. फुल मस्त बॉम्ब लग रही थी मम्मी.

बाहर आके मम्मी ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़ी हो गयी और खुद का सेक्सी जिस्म टवल से पोंछने लगी. फिर मम्मी ने एक ढीली सी फ्रॉक पहन ली. वो फ्रॉक ब्लू कलर की थी. मम्मी की फ्रॉक काफ़ी छ्होटी सी थी, और उपर से स्लीव्ले थी. फिर मैं उठ गया.

मे: गुड मॉर्निंग मुम्मा.

मम्मी: गुड मॉर्निंग, उठ गया मेरे बेबी.

मम्मी मेरे पास आई और मुझे गाल पे किस कर दिया. उनके जिस्म में से क्या सेक्सी स्मेल आ रही थी, मेरे तो पुर होश उडद गये थे.

मे: मम्मी इस ड्रेस में तो आप बहुत सुंदर और क्यूट लग रही हो.

मम्मी: थॅंक योउ बेटा. चलो बेटा जल्दी से फ्रेश हो जाओ, और ब्रेकफास्ट करने आ जाओ.

फिर मम्मी बाहर चली गयी. मैं भी मम्मी के पीछे-पीछे गया. मम्मी किचन में राजू के पास गयी और वाहा खड़ी हो गयी. राजू ने मम्मी को देखते ही फिरसे सॉरी बोला.

मम्मी: अर्रे अब तुम उस बात को भूल जाओ. हो जाता है ऐसा सब. तुम अब बार-बार उसकी फिकर मत करो.

राजू ने मम्मी की तरफ देख के स्माइल किया, और मम्मी ने भी उसको स्माइल दे दी.

राजू: मालकिन आपने जो बनाने को कहा था बिल्कुल रेडी है. आप चलिए मैं लेके आता हू.

मम्मी: ह्म.

मम्मी जब मूड कर सोफे के पास जेया रही थी, तो राजू मम्मी की गांद को हवस भारी नज़रो से देख रहा था.

मैं फिर जल्दी से नहा धो के बाहर आ गया, और डिन्निंग टेबल पे बैठ गया मम्मी के साथ. मम्मी और मैने ब्रेकफास्ट करना शुरू किया. उन्होने पहली बीते में ही राजू की तारीफ करी.

मम्मी: वाह राजू, ये तो बहुत टेस्टी बना है.

राजू खुश हो गया.

राजू: थॅंक योउ मालकिन.

मम्मी और मैं जीतने टाइम ब्रेकफास्ट कर रहे थे, उतनी देर राजू वही खड़ा मम्मी का जिस्म निहार रहा था.

मैं भी तिरछी नज़रो से सब देख रहा था, की मम्मी की उसको काफ़ी सिड्यूस कर रही थी.

मम्मी की ड्रेस की स्ट्रिप्स जो शोल्डर पे होनी चाहिए थी, वो बार-बार नीचे एल्बो तक चली जाती थी.

एक तो वैसे ही मम्मी ने ब्रा नही पहनी थी, और उपर से ये ड्रेस भी ऐसी. और फिर मम्मी का गोरा चमकता हुआ बदन. तो राजू का दिमाग़ खराब तो होना ही था. मम्मी और मैने खाना फिनिश किया और मैं मम्मी को बोल कर उपर चला गया गेमिंग के लिए.

मम्मी: चलो राजू सारी प्लेट्स उठा लो, और किचन में ले आओ.

राजू: जी मालकिन.

मम्मी भी राजू के साथ किचन में चली गयी. उन्होने पहले राजू से प्लेट्स और बाकी सब बर्तन सॉफ करवाए. फिर मम्मी और राजू लंच की प्रेपरेशन में लग गये. मैं ये सब सीडीयों पे च्छूप कर देख रहा था. फिर मम्मी ने राजू को सलाद के लिए कुछ वेजिटेबल्स काटने के लिए दे दी, और मम्मी आता गूँथने लगी.

मम्मी ने जैसी ही आतते में पानी डाल कर उसको गूँथना शुरू किया, मैं सीडीयों पे से उतार के किचन की दीवार के पीछे आ कर चुपके से देखने लगा.

मुझे लग ही रहा था जब भी मम्मी आता गूँथने लगती है तो कोई ना कोई कांड ज़रूर होता है. वो आता गूँथ रही थी, और राजू अन साथ ही खड़ा वेजिटेबल्स कट कर रहा था. आत्ता गूँथते हुए मम्मी की ड्रेस की दोनो स्ट्रीप शोल्डर से उतार कर नीचे हो गयी थी, और बस मम्मी की ड्रेस बूब्स पे ही टिकी हुई थी.

मम्मी ने बाल भी खोल रखे थे, जो मम्मी को आत्ता गूँथने में दिक्कत दे रहे थे.

मम्मी: अर्रे राजू, ज़रा मेरे बालो को पीछे करना.

राजू ने घबराते हुए मम्मी के बाल पीछे किए.

मम्मी ने उसको स्माइल करते हुए लुक दिया. उसने भी बदले में स्माइल कर दी थी.

राजू की नज़र बार-बार मम्मी के बूब्स पे जेया रही थी. क्यूंकी मम्मी की ड्रेस लूस होने की वजह से और शोल्डर पे से गिरे होने की वजह से ड्रेस सिर्फ़ मम्मी के बूब्स के सहारे थी, और मम्मी के आधे बूब्स तो क्लियर दिख रहे थे.

मम्मी: राजू प्लीज़ मेरी ये ड्रेस की स्ट्रिप्स उपर कर दोगे?

राजू: जी मलिक.

राजू ने वो उपर की, और जैसे ही राजू का हाथ मम्मी के बदन पे पहली बार टच हुआ, उसको एक-दूं करेंट सा लग गया. मैं देख रहा था राजू बिल्कुल हिल सा गया था मम्मी को छूटे ही. उसने दोनो तरफ से वो उपर कर दिया और अपना काम करने लगा.

मम्मी राजू से थोड़े सवाल वग़ैरा करने लगी.

मम्मी: राजू तुम्हारी आगे क्या है?

राजू: 24.

मम्मी: और तुम्हारे घर में कों-कों है?

राजू: मलिक मेरे घर में मेरे बोउ जी है, मा है, और एक छ्होटी बेहन है बस.

मम्मी: अछा, और तुम्हारी कोई सहेली नही है, जिससे तुम्हारी शादी वग़ैरा की बात चल रही हो?

ये सुन कर राजू शरमाने लगा, और उसने माना किया की ऐसा कुछ नही है. फिर मम्मी और राजू ने खाना रेडी कर लिया. आज मम्मी ने ज़्यादा कोई हरकत नही की थी. फिर मैं उपर चला गया. थोड़ी देर बाद बेल बाजी तो मैं समझ गया की पापा आ गये होंगे.

2-4 मिनिट बाद राजू मुझे बुलाने आया.

राजू: छ्होटे मलिक. खाना रेडी है, आपको मालकिन नीचे बुला रही है.

मे: हा आप चलो मैं आता हू.

फिर मैं भी नीचे चला गया, और हम सब ने खाना खाया. पापा स्टोर चले गये, और मैं और मम्मी रूम में सोने चले गये, और राजू टीवी देखने लगा. मैं सोने का नाटक कर रहा था. इतने में मैने देखा की मम्मी उठ कर बाहर चली गयी. मैं भी विंडो से देखने उठा. तो मम्मी राजू के साथ बैठी हुई थी.

मेरी साइड से मुझे राजू के पीछे से सर दिख रहा था, और मम्मी उसकी साइड वाले सोफे पे जेया कर बैठ गयी थी.

विंडो से मुझे राजू तो बिल्कुल भी नही दिख रहे था. लेकिन मम्मी दिख रही थी.

विंडो पे कर्टन्स डाले हुए थे, तो मैं उसमे से ही च्छूप-च्छूप कर देख रहा था.

मैने आचे व्यू के लिए चेर वाहा रखी, और उसके उपर चढ़ के देखने लगा.

अब मुझे राजू का शरीर भी तोड़ा-तोड़ा दिख रहा था. मैने देखा की मम्मी सोफे पे बैठी हुई अपने बाल बाँध रही थी. मम्मी ने बालों की छोटी बना ली. उनके इन्नर और जांघें भी सॉफ दिख रहे थे क्यूंकी मम्मी मज़े से टांगे खोल के बैठी थी.

मम्मी की ड्रेस बिल्कुल मम्मी की छूट ही कवर कर रही थी. अगर वो तोड़ा और हिलती-डुलती, तो मुझे मम्मी की छूट भी दिख जाती.

राजू भी पक्का वही सब देख के एंजाय कर रहा होगा. क्यूंकी मम्मी चाहती ही ऐसा थी. मम्मी के शोल्डर के स्ट्रॅप्स भी नीचे गिरे हुए थे. . देख के ऐसा लग रहा था की मम्मी राजू से चूड़ने के लिए फुल रेडी थी.

मम्मी: राजू क्या देख रहे हो टीवी में?

राजू: कुछ नही मालकिन, ऐसे ही बस.

मम्मी: लाओ मैं एक मोविए लगती हू. वो देखते है.

राजू ने रिमोट मम्मी को दे दिया. मम्मी ने कोई मोविए लगा दी, और दोनो वही देखने लगे. मैं तो वैसे तक गया था, तो मैं जाके बेड पे लेट गया, और सो गया. मैं फिर उठा तो 5 बजे रहे थे, और मैने विंडो से ही देखा तो मम्मी और राजू अभी भी मोविए ही देख रहे थे. मम्मी सोफे पे लेती हुई थी, और मम्मी की ड्रेस इस वजह से फुल एड्ज पे हो रखी थी.

मुझे डोर से भी मम्मी की गांद साइड से सॉफ दिख रही थी, तो सोचा राजू के तो मज़े ही मज़े होंगे. मम्मी फुल हॉर्नी हो रखी थी. मैं जब रूम से निकला तो राजू तोड़ा सा घबरा गया. लेकिन मम्मी को कोई फराक नही पड़ा.

मैं जाके सोफे पे बैठ गया, और मैं भी मोविए देखने लगा. मेरे आने से राजू तोड़ा अनकंफर्टबल हो गया था. क्यूंकी अब वो मम्मी का आधा नंगा बदन एंजाय नही कर पा रहा था.

आख़िर 2-3 मिनिट बाद वो उठ कर किचन में चला गया. मम्मी वैसे ही लेती हुई मोविए देखती रही. और मुझे मम्मी की साइड से फुल गांद दिख रही थी, और उपर निपल भी सॉफ उभर रहे थे.

5 मिनिट बाद राजू छाई लेके आया. उसने मम्मी को और मुझे छाई दी और साइड खड़ा होके खुद भी पीने लगा.

मम्मी अब उठ कर बैठ गयी थी. लेकिन ड्रेस का तो मम्मी क्या ही करती, वो तो थी ही ऐसी. तो मम्मी जितना भी सेट कर ले, वो उपर तक पहुँच ही जाती थी.

मम्मी: अर्रे राजू, तुम वाहा क्यूँ खड़े हो? इधर आके बैठ जाओ.

राजू आके बैठ गया. हमने छाई पी, और इतने में मोविए भी ख़तम हो गयी. तो मम्मी उठ कर बातरूम चली गयी, और मैं टीवी पे अपना कोई प्रोग्राम लगा के देखने लगा.

राजू समान लेके किचन में चला गया, और जब मम्मी बाहर आई, तो मम्मी भी किचन में चली गयी. मम्मी और राजू की आपस में बहुत बातें हो रही थी.

फिर मम्मी और राजू ने डिन्नर रेडी किया. रात को पापा के आने के बाद हमने डिन्नर किया, और सोने चले गये.

तो अब जैसे की सब को इंतेज़ार था, की मम्मी आज रात क्या करेंगी. वो अगले पार्ट में पता चलेगा की रात को मम्मी ने क्या-क्या हरकत की.

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