जीजा ने साली को अपनी फीलिंग्स बता कर चोदा

हेलो दोस्तों मेरा नाम ख़ान है. मेरी हाइट 5’10” है, और मैं देल्ही का रहने वाला हू. मेरे लंड का साइज़ 8 इंच है, और मोटा भी है. चलिए अब मैं अपनी सॅकी स्टोरी पे आता हू.

मेरी शादी पक्की हो गयी थी. मेरी होने वाली बीवी की एक बेहन है. उसका नाम नाज़ है. वो दिखने में बहुत मस्त है. थोड़ी सावली कलर की है, बुत उसका फिगर बहुत मस्त है.

मेरी नज़र मेरी साली पे पहले नही थी, लेकिन जैसे-जैसे मैं अपनी साली को देखता गया, वैसे-वैसे वो मुझे बहुत अची लगने लगी. मेरा बहुत मॅन करता था उसकी छूट मारने का. लेकिन दर्र भी लगता था की कही वो अपनी बेहन से बोल ना दे, और हम जीजा-साली का रिश्ता खराब ना हो जाए.

लेकिन मैं जब भी उसको देखता, मेरा मॅन उसे पेलने को करता. फिर मैने प्लान बनाया की उसे छोड़ना था, चाहे कैसे भी. अब मैं धीरे-धीरे उसे लाइन मारने लगा. एक बार वो मेरे घर आई थी किसी पार्टी में. तो वाहा हम मिले. वो मुझसे बहुत प्यार से बात करती, और मैं भी बहुत प्यार से बात करता.

पार्टी के बाद वो मेरे घर ही रुक गयी. सुबह में हमने नाश्ता किया. फिर हम घूमने गये. इस बीच मैं उसे टच करता रहा, और उसकी कमर को पकड़ता रहा. जब शाम को हम घर आए, तो उसको नहाना था. तो उसने बोला, “जीजू, मैं जेया रही हू नहाने”. मैने बोला, “ठीक है नहा लो. मैं तब तक कुछ खाने के लिए लेकर आता हू”.

फिर मैने छाई बनाई और तब तक वो नहा के आ गयी. फिर उसने बोला, “जीजू आज तो आप मुझे बहुत टच कर रहे थे. क्या बात है? सब ठीक तो है ना”?

मुझसे कंट्रोल नही हुआ और मैने बोल दिया, “मैं तुमको बहुत लीके करता हू. प्लीज़ तुम अपनी बेहन को ये मत बताना”. वो बोली, “जीजू मैं भी आपको बहुत लीके करती हू. लेकिन मैं कभी बोल नही पाई”. बस इतना सुनते ही मेरे मॅन में खुशी होने लगी. फिर मैने धीरे से उसे किस कर लिया, और वो शर्मा गयी.

अब रात को सब ने खाना खा लिया, और सोने चले गये. तब मैने नाज़ को मसाज किया, “उपर च्चत पे आओ, कुछ बात करनी है”. उसका रिप्लाइ आया, “ठीक है”.

मैं च्चत पे बैठ के उसका इंतेज़ार कर रहा था. तभी वो धीरे से आई. मैं उसे देख के फुल जोश में आ गया, और उसे पकड़ के किस करने लगा. वो भी मेरा साथ देने लगी. फिर मैने उसकी पंत में हाथ डाला.

कसम से उसकी छूट बहुत मुलायम थी, और बाल भी नही थे. शायद आज ही उसने अपनी झांतो को सॉफ किया था. मैं उसे किस करता रहा, और उसकी छूट को अपने हाथ से रगड़ता रहा.

फिर मैने उसे बोला, “अब तुम नीचे बैठ जाओ”. तो वो नीचे बैठ गयी. फिर मैने धीरे-धीरे अपनी पंत नीचे की. उसका रिक्षन बहुत ही ख़तरनाक था. वो दर्र के बोली, “जीजू ये क्या है? इतना मोटा और लंबा कैसे? मैने आज तक ऐसा नही देखा”. मैने बोला, “अब इसे किस करो”.

तो वो मेरे टोपे को किस करने लगी. फिर मैने अपना लंड धीरे-धीरे उसके मूह में घुसना शुरू किया. मेरा पूरा लंड उसके मूह में नही जेया रहा था, बस आधा ही जाता था. मैने थोड़ी कोशिश की, तो उसको उल्टी जैसे फील होता.

फिर मैने अपना आधा लंड ही चुस्वाया. करीब 20 मिनिट चूसने के बाद मैने उसे घोड़ी बनाया, और उसके पीछे आके उसकी पंत निकाल दी. क्या छूट थी उसकी यार गीली-गीली, और बिना बाल की बिल्कुल चिपकी हुई, ज़रा भी खुली नही थी.

मेरे मॅन में तो लड्डू फूट रहे थे, की आज सील तोड़ने को मिलेगी. फिर मैने उसकी छूट को चाटना शुरू किया. मैं जितना चाट-ता उतना ही उसकी मधुर आवाज़े निकलती, जो सुन के मुझे जोश आता. फिर मैने अपना लंड उसकी छूट के मूह पे सेट किया, और तोड़ा धक्का मारा, तो लंड फिसल गया.

उसके बाद मैने लंड को हाथ से पकड़ के अंदर घुसने की कोशिश की, तो वो चिल्लाने लगी. कोई उठ ना जाए उस दर्र से मैने लंड निकाल लिया. मैने बोला, “तुम रूको, मैं 2 मिनिट में आता हू”. फिर मैं किचन में गया, और तेल लेकर आया. फिर मैने उसे अपना लंड चुस्वाया, और अपने लंड के टोपे पे और तोड़ा उसकी छूट पे तेल लगाया.

अब मैने उसे बोला, “प्लीज़ बस तोड़ा सा सबर करना”. फिर मैं उसके पीछे आ गया. अब मैने अपना लंड छूट के मूह पर रखा और धीरे-धीरे लंड को हिलाते-हिलाते अपना टोपा उसकी छूट में उतार दिया. वो गांद हिलने लगी और बोली, “प्लीज़ जल्दी निकालो, जलन हो रही है मेरी छूट में”.

मैने बोला, “बस 5 मिनिट”. और फिर मैं रुक गया और धीरे-धीरे अपना लंड अंदर करता रहा. फिर उसे तोड़ा रिलॅक्स हुआ और अब मैने धीरे-धीरे लंड को अंदर-बाहर करना शुरू किया. लंड आधा ही अंदर जेया रहा था, क्यूंकी उसकी छूट बहुत ज़्यादा टाइट थी. मैं उसी में धीरे-धीरे धक्का लगता रहा. करीब 10 मिनिट बाद मेरा माल निकालने वाला था, तो मैने लंड बाहर निकाला.

मैने देखा मेरे टोपे पे और तोड़ा नीचे की साइड खून लगा था, और उसकी छूट से भी खून निकल रहा था. मैने लंड सॉफ किया और उसके मूह के पास जेया कर मूठ मार के माल निकाल दिया. फिर हमने 10 मिनिट किस किया, और मेरा लंड फिरसे तैयार हो गया.

नाज़: अब क्या फिरसे करना पड़ेगा क्या?

मैने बोला: हा, एक बार और. लेकिन तोड़ा सबर करना दर्द हो तो.

अब मैने उसको लिटा दिया, और उसकी टाँग को अपने कंधे पे रख लिया. फिर मैने अपना लंड सेट किया, और उसके मूह पे अपना मूह रख लिया ताकि आवाज़ ना आए. इस बार मैने अपना लंड धीरे-धीरे करके पूरा अंदर डाल दिया. वो मेरे लिप्स को काटने लगी. उसे बहुत दर्द हो रहा था. लेकिन किस की वजह से उसकी ज़्यादा आवाज़ बाहर नही आ रही थी.

अब 2 मिनिट रुकने के बाद मैने धक्के लगाने शुरू किए. कुछ टाइम तो हल्के धक्के मारे. जब उसे भी मज़ा आने लगा, तो मैने अपनी स्पीड बढ़ा दी. अब मैं स्पीड में धक्के पेलने लगा, और वो एंजाय करने लगी. करीब 40 मिनिट के बाद मुझे लगा अब उसका निकालने वाला था, तो मैने स्पीड और बढ़ा दी, और उसकी छूट में ही झाड़ गया.

पूरा माल अंदर गिरने के बाद मैने उसे बिता दिया. उसकी छूट से धीरे-धीरे मेरा माल निकालने लगा. जब वो खड़ी हुई,.तो उसकी कमर में और छूट में दर्द हो रहा था. मैने जब देखा तो उसकी छूट लाल हो गयी थी, और थोड़ी सूजन भी थी. मैं उसे नीचे ले गया, और उसकी छूट को हल्के गरम पानी से ढोई, और उसे ई-पिल खिला दी. फिर वो बेडरूम में चली गयी और सो गयी.

उस दिन मुझे बहुत मज़ा आया अपनी साग्गी साली की सील खोल के.

आप लोग अपनी राय ज़रूर दे, की क्या मैने सही किया?

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