जेठ जी के साथ सुहागरात के बाद देवर से चुदी

तो फ्रेंड्स चुदाई के बाद हम दोनों एक दूसरे से लिपट कर सो गये थे. और सुबह में जल्दी उठकर नीचे आ गयी थी, जेठ जी अभी भी सोए हुए थे.

क्यूंकी ताकि कोई मुझे देख ना ले के मैं जेठ जी के साथ थी रात को उनके बेडरूम में थी.

और फिर बड़ी सासू मा के पास गयी और मैने सारी बातें बता दी की रात मेरे साथ यह यह हुआ.

बड़ी सासू मा: तो बहू तुमने कुमार को रोका क्यों नहीं???

मई: ससुमा में उनको कैसे रोकती उनको तो बस चुदाई का भूत सॉवॅर था और मैने कोशिश तो बहुत की पर वा नहीं रुके और मुझे छोड़ डाला.

बड़ी सासू मा: ठीक है बहू रिश्तेदारों और मेहमानों को जाने दो फिर कुमार को बुलाकर मैं बात करती हूँ. और उसकी बीवी पिंकी की सक्चाई भी उसे बतौँगी कैसे वो भाग गयी और फिर हमें ये नाटक करना पड़ा.

और बहू तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया जो तुमने मेरे घर के लिए जो यह किया है अगर तुम्हारी जगह कोई और होती तो नहीं करती.

मई: आप ऐसा कह कर मुझे शर्मिंदा ना करें. मैने जो किया आपने घर के लिए किया है.

और फिर जब सारे मेहमान और रिश्तेदार चले गये अपने घर तब सासू मा ने जेठ जी को बुलाकर सबके सामने यह बात की.

हम सब घर के फॅमिली मेंबर करके हॉल में एक साथ एकत्ते हुए जहाँ सासू मा ने कुमार को बोला.

बड़ी सासू मा: तो सुनो बेटा कुमार तुम्हारी बीवी पिंकी कल रात ही घर से भाग गयी थी.

कुमार: तो फिर वा मेरे बेडरूम में कौन थी???

बड़ी सासू मा: वो राकेश की बीवी अंजलि थी जो मेरे कहने पर तुम्हारे बेडरूम में तुम्हारी दुल्हन बनकर बैठी थी.

कुमार: तो अपने ऐसा क्यों किया अगर पिंकी भाग गयी थी?? आपको मुझे सब सच बताना था ना मा.

बड़ी सासू मा: कुमार तुम भूल रहे हो कल रात घर में सारे मेहमान और रिश्तेदार बैठे थे. उनके सामने मैं तुमको कैसे बोलती
की तुम्हारी बीवी घर से भाग चुकी है?

मई: फिर जेठ जी ने कुछ देर तक मेरी तरफ देखा और फिर चुपचाप अपने बेडरूम में चले गये बिना कुछ बोले.

बाकी हम सब अपने काम में लग गये, बात यहीं पर ख़तम हो गयी.

नेक्स्ट दोपहर 2:00 बजे मैं और मेरा देवर सन्नी दोनों एक साथ बैठ कर बातें कर रहे थे.

सन्नी: भाभी आप बहुत आक्ची हो अपने जो किया वो कोई और होती तो कभी नहीं करती. मैं बहुत खुश नसीब हूँ के आप मेरी भाभी हो.

मई: थॅंक योउ सो मच मेरे प्यारे देवर जी और वैसे भी घर के लिए तो मैं कुच्छ भी कर सकती हो. और वैसे भी यह तो घर की बात घर में ही रही ना.

सन्नी: हाँ भाभी यह तो आप सही कह रही हो हर घर में आप जैसी भाभी हो ना ज़रूरी है.

मई: ओह अच्छा ऐसी बात है. सन्नी वैसे तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है.

सन्नी: नहीं भाभी मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है अभी मैं एकदम सिंगल हूँ.

मई: बता भी तो सन्नी मैं थोड़ी किसी को बताने वाली हाँ तुम्हारी गर्लफ्रेंड के बारे में.

सन्नी: भाभी मैं सच बोल रहा हूँ मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है.

मई: ओके बाबा ठीक है चलो वैसे तुम्हें कैसी लड़की पसंद है (मेरा मतलब किस टाइप की)
तो फिर सन्नी ने गौर से मेरी तरफ देखा और बोला.

सन्नी: अंजलि भाभी मैं सच बोलूं तो मुझे बिल्कुल आप के जैसी.

मई: ओह अछा तो मुझे में तुमने ऐसा क्या देखा जो बोल रहे हो मेरे जैसी हो लड़की.

सन्नी: वो भाभी सबसे पहले तो आप एक आक्ची बहू हो सारे घर वालों का अकचे से ध्यान रखती हो.

दूसरा आपका हसीन चेहरा जिस पर एक हमेशा मुस्कान रहती है. और आपके होंठ जैसे गुलाब की पंखुड़ीयान. और आपकी आँखें नशीली जो देखे उसमें डूब जाए और आपके गालों की क्या बात करूँ. कितनी मस्त है जो एक बार चूम ले वो हमेशा याद रखें.

मई: ओह अच्छा तो तुमको सिर्फ़ मेरा यह चेहरा पसंद है इसके आयेज कुच्छ नहीं क्या.

सन्नी: नहीं नहीं भाभी आयेज तो बहुत कुच्छ है पर मुझे दर लगता है कहीं आप बुरा ना मान जाओ.

मई: नहीं मेरे देवर जी मैं बुरा नहीं मानूँगी तुम दिल खोलकर बोलो जो तुमको बोलना है.

सन्नी: आपके चेहरे से नीचे आपकी गर्दन उसके बाद आपके लिए बड़े बड़े उभरे हुए बूब्स इन्हें देख कर मेरी हालत खराब हो जाती है.

मेरी क्या इन्हें देख कर किसी की भी हालत खराब हो जाती है होगी आपका फिगर इतना सेक्सी है की क्या बतौन मेरा लंड आपके नाम से ही खड़ा हो जाता है.

मई: बाप रे मैं इतनी सेक्सी हूँ सन्नी??

सन्नी: हाँ भाभी आप इतनी सेक्सी हो और मुझे तो आप मेरी नज़र में पसंद आ गयी थी.

मई: अछा तो क्या यह सब सच है सन्नी जो तुमने अभी मुझसे कहा.

सन्नी: अभी मैं जो बोला एकदम सच बोला आपसे.

मई: ओके बाबा ठीक है. और फिर राकेश आए और मुझे से बोले

राकेश: अंजलि तुम तैयार हो जाओ हमें अब अपने घर के लिए निकलना है.

मई: ठीक है. तभी बड़ी सासू मा बोली.

बड़ी सासू मा : राकेश इतनी जल्दी क्या है घर जाने की कुच्छ दिनों के बाद चले जाना.

राकेश: नहीं बड़ी मा मुझे कम है ऑफीस में. और बॉस फोन भी आया था.

बड़ी सासू मा: तो ठीक है तुम्हारी मर्ज़ी बाते राकेश. लेकिन यह तुम देख रहे हो कैसे सारा समान बिगाड़ा हुआ पड़ा है.

राकेश: तो ऐसा करते हैं मैं अभी निकल जाता हूँ और अंजलि को रात को भेज देना गाड़ी से. घर का सारा समान ठीक करने के बाद.

बड़ी सासू मा: यह ठीक रहेगा राकेश मैं रात को सनी के साथ भेज दूँगी वैसे भी सन्नी को जाना है ना वहाँ.

राकेश: ठीक है बड़ी मा.

मई: और फिर राकेश चले गये और हम सब घरवाले घर के बिगड़े हुए समान को ठीक करने में लग गये.

करीब 3 घंटे लग गये सारा समान ठीक करने में तभी मैने घड़ी में देखा तो टाइम 6:00 बाज रहे थे.

और फिर सासू मान ने मुझसे कहा की मैं सबके लिए कॉफी बनाकर लाओ.

फिर मैं किचन में चली गयी कॉफी बनाने सबके लिए.

सारे घर वालों की देने के बाद मैने देखा के सन्नी अभी बाकी है.

उपेर रूम में था तो मैं कप में टी लेकर उसके लिए उपर गयी रूम में. मैने रूम का दरवाजा खोला और अंदर गयी देखा तो सन्नी वहाँ नहीं था.

बातरूम में से आवाज़ आ रही थी. पानी की शायद वो नहा रहा था. मैने पहले तो सोचा की यहाँ रख के चली जौ लेकिन मेरे दिल में कुच्छ और ही था सोचा क्यों ना सन्नी को नहाते हुए देखूं.

मैं बातरूम की तरफ गयी जैसे मैने बातरूम की डोर पर हाथ रखा तो देखा दरवाजा तो खुला है.

मैने दरवाजा तोड़ा सा खोला तो अंदर का नज़ारा कुच्छ और था. ( आह आह भाभी आह ऑश उफ़फ्फ़) सन्नी कर रहा था.

मेरी पँति अपने लंड में फँसा कर मूठ मार रहा था. लेकिन मुझे यह अच्छा लगा क्यूंकी मुझे सन्नी का लंड बहुत पसंद आ गया था. काफ़ी बड़ा और मोटा तगड़ा लग रहा था.

इसलिए मैं वहाँ खड़ी रही जब तक के सन्नी के लंड का पानी निकल ना जाए. उसने मेरी पँति पर अपने लंड का पानी निकाला मेरा नाम लेकर.

उसके लंड का पानी काफ़ी गढ़ा गुंड जैसा था और भौत ज़्यादा निकाला हुआ लग रहा था.

और जैसे उसने दरवाजे की तरफ़ देखा था. तो मैने दरवाजा बंद करके जल्दी से बाहर नीचे आ गयी.

कुच्छ देर बाद वो नीचे आया. और मुझे गौर से देख कर. और मुस्कुराने लगा. तो मैं उससे बोली क्या हुआ सन्नी.

सन्नी : कुच्छ नहीं भाभी.
मई: तो फिर मुस्कुरा क्यों रहे हो मुझे देखकर???

सन्नी: नहीं भाभी ऐसा कुच्छ नहीं ऐसे ही.
मई: ओके सन्नी. और फिर नेक्स्ट रत के 9:00 बजे हमारी गाड़ी थी. मैं और सन्नी घर से निकल गये गाड़ी के लिए.

जैसे हम दोनों स्टेशन पहुँचे और हमारी गाड़ी रेडी थी जानने के लिए तभी सन्नी मुझसे बोला.

सन्नी: भाभी जल्दी चलो हमारे गाड़ी रेडी है जाने के लिए.

मई: और हम दोनों गाड़ी में चढ़ गये पर गाड़ी तो भारी हुई थी लोगों से. मैने सन्नी से पूचछा हमारी कौन सीट है.

सन्नी: हमारी सीट नहीं है हमारा स्लीपर है उपर वाला.

मई: मैने उसकी तरफ देखा और चुपचाप स्लीपर के अंदर चढ़ गये और वो भी अंदर आ गया. मैं तो एक साइड होकर लेट गयी स्लीपर मैं.

सन्नी: क्या हुआ भाभी आप उसे तरह मुँह कर कर क्यों लेती हो.

मई: मुझे बहुत नींद आ रही है. क्यूंकी मैं बहुत तक गयी हूँ. और अब तुम भी सो जाओ सन्नी गुड नाइट.

थोड़ी देर में मुझे नींद आ गयी और मैं सो गयी. और करीब 2 घंटे के बाद मेरी आँख खुली. मैने देखा मेरी सारी और पेटीकोत उपर थी और मेरी पैंटी थोड़ी नीचे थी.

और मुझे मेरी छूट पर कुच्छ गीला गीला लग रहा था मैने हाथ लगा कर देखा तो मुझे मालूम हुआ के यह लंड का पानी है ( कम).
मैने रुमाल से अपनी छूट को सॉफ किया और फिर
मैने सन्नी की तरफ देखा तो वो सोया हुआ था मैने उसे जगह ने की कोशिश की पर वो नहीं जगा मुझे मालूम था के ये सोने का नाटक कर रहा है.

इसकी चोरी पकड़ी गयी है इसलिए यह नाटक कर रहा था. मैने भी इसे पकड़ने के लिए मैने भी सोने का नाटक किया. मतलब मैने जान बुझ कर अपनी सारी और पेटिकोट को उपर अपनी छूट तक करके सीधे पावं फैला कर लेट गयी.

थोड़ी देर बाद सन्नी ने अपना हाथ मेरी छूट पर रख कर मेरी छूट को मसालने लगा. और फिर मेरी छूट में अपनी एक उंगली डालकर आयेज पीछे करने लगा.

ऐसे करते हुए मैं गरम होने लगी. और मेरे मुँह से हल्की सी आवाज़ आह आह निकालने लगी.

और और बिना टाइम वेस्ट किए सन्नी मेरे उपर आ गया और मेरे बूब्स को अपने हाथों से दबाने लगा.

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मेरी छूट पर उसका लंड एकदम सीधा टच हो रहा था जब वो मेरे उपर था.

और फिर सन्नी ने मेरा ब्लाउस के बटन खोलकर मेरी ब्रा निकल दी और मेरे बूब्स निपल अपने मुँह में लेकर चूसने लगा.

और अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा तो मैने आँखें खोल दी.

सन्नी: वाउ भाभी आपकी बूब्स तो बहुत मस्त है नरम मुलायम आपके निपल कितनी मस्त है उभरे हुए मुझे बहुत मज़ा आ रहा है इनको चूसने में.

मई: सोचा था की सन्नी का रिक्षन अलग होगा लेकिन यह तो मेरे बूब्स चूसने में मगन है. मेरी आँखें खोलने से इसे कोई फ़र्क नहीं पड़ा यह तो बस मेरे बूब्स निपल चूसे ही जा रहा था.

मेरे मुँह से हल्की हल्की आह आह आह सिसकियाँ निकल रही थी. और फिर सन्नी उठा और मेरे पावं उपर किए और मेरी मेरी छूट पर अपना मुँह लगा दिया.

और वो अब मेरी छूट को अपनी झीब से चाटने लगा. मुझे बहुत मज़ा आने लगा था.

मेरी छूट थोड़ी देर में अपना पानी छ्चोड़ने लगी क्यूंकी सन्नी की झीब मुझे बहुत मज़ा दे रही थी.

और फिर सन्नी उठे अपनी पैंट उतरी और मेरे सामने घुटनों के बाल बैठ गया. और अपना लंड अपने हाथ में पकड़ कर मेरी छूट पर रगड़ने लगा.

सन्नी: भाभी आपकी छूट बहुत गीली है अब देखो मैं कैसे अपना लंड आपकी छूट में घुसेड़ता हूँ और आपको बहुत मज़ा आएगा मेरे लंड से छुड़वा कर.

मई: हाँ सन्नी अब जल्दी डालो मुझसे और इंतेज़ार नहीं हो रहा जल्दी से छोड़ो मुझे.

मेरे मुँह से यह सुनकर सन्नी ने एक झटके में पूरा का पूरा लंड मेरी छूट में घुसा दिया और गपा गुप अंदर बाहर करने लगा और मेरे मुँह से ह ह ऑश उफ़फ्फ़ की आवाज़ आने लगी.

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था सन्नी का लंड अपनी छूट में लेकर उसका लंड बहुत गर्म था और बहुत स्पीड से मेरी छूट के अंदर बाहर हो रहा था.

और मैं मज़े से आ आ करने लगी थी ज़ोर ज़ोर से. तो सन्नी ने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया. तुम मुझे घुटन होने लगी तो सन्नी ने हाथ हटा दिया एकदम से.

सन्नी: भाभी अब मुझे लगता है के तुम्हें छोड़ते हुए किस भी करनी पड़ेगी क्यों की तुम्हारी आहह आह आह ऑश की आवाज़ बाहर जा रही है.

मई: और फिर सन्नी मुझे लीप तू लीप किस करने लगा चुदाई के साथ. वो मेरे होठों को अपने होठों डाबोए हुए था.

उसने करीब 7 से 8 मिनूट तक मुझे ऐसे ही चलता रहा और फिर मेरी छूट के अंदर उसने अपने लंड की घरम घरम पिचकारी छ्होरी और मेरे उपर ही दल होकर लेट गया और मेरा भी पानी निकल गया छूट का. और फिर हम दोनों एक दूसरे को लिपट कर सो गये.

और फिर आयेज ढाबे पर गारी रुकी 4 बजे अपोलो जिसको छाई नाश्ता करना है कर लो यहाँ पर 15 से 20 मिनूट तक ब्रेक है.

हम दोनों भी गाड़ी से नीचे उतरे. और ढाबे पर गये नाश्ता करने के लिए.

सन्नी: भाभी आप नाश्ते में क्या खाओगे बोलो???

मई: सन्नी मुझे दही पराता खाना है.

सन्नी: ठीक है भाभी मुझे भी दही पराता खाना है.

मई: और फिर हुँने नाश्ता करने के बाद कॉफी पी. कुच्छ देर हम दोनों वही बैठकर आपस में एक दूसरे से प्यार भारी बातें करने लगे.

और फिर वाहा ड्राइवर ने बोला के गाड़ी अभी निकालने वाली है जल्दी करो तो मैने सन्नी से कहा तुम चलो मैं वॉशरूम होकर आती हूँ.

मैने वॉशरूम के अंदर जाकर जैसे पेशाब के लिए अपनी सारी पेटिकोट उपर कर के अपनी पेंटी उतरी तो मैने देखा के मेरी छूट अभी तक गीली है और उस में से कम (लंड का माल) बाहर निकल रहा था.

मैने तो छूट सॉफ कर दी थी फिर यह कैसे कम निकल रहा है. लगता है सन्नी का माल बहुत निकाला है इसलिए अभी तक मेरी छूट से बाहर निकल रहा है.

मई फिर पानी से अपनी छूट को धोकर वापस आ गयी और गाड़ी में चढ़ गयी अपनी सीट स्लीपर मैं सन्नी के साथ.

कुच्छ देर बाद सन्नी फिर से मेरे उपर चाड गया और मुझे किस्सिंग करने लगा.

फिर मैने सन्नी के कपड़े उतरे और सन्नी ने मेरे. फिर मैने सन्नी का लंड अपने हाथ में पकड़ा और अस्ते अस्ते रगड़ने लगी.

सन्नी अपने मुँह से आहह आह ऑश भाभी कर रहा था.

और मैं लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी. और सन्नी मेरी छूट चाटने लगे हम दोनों 69 की पोज़िशन में थे.

सन्नी: भाभी आपकी छूट तो बहुत चिकनी हो गयी है मुझे बहुत मज़ा आ रहा है छूट चाटने में.

मई: सन्नी तुम जिस तरह से मेरी छूट छत रहे हो तो चिकनी तो होगी ना. और वैसे तुम्हारी यह झीब मुझे बहुत मज़ा देती है जब तुम मेरी छूट चाटते हो.

सन्नी: हॅना भाभी मुझे भी चिकनी छूट रसीली पसंद है और आपकी छूट तो बहुत मस्त है इतनी मस्त छूट मैने कभी किसी की नहीं देखी. भाभी अब मैं और इंतेज़ार नहीं कर सकता मुझे आपकी छूट में मुझे अपना लंड डालना है.

मई: तो डालो ना सन्नी तुम किसका इंतेज़ार कर रहे हो. वैसे भी मेरी छूट बहुत गीली हो चुकी है. मुझे भी अपनी छूट में अब तुम्हारा लंड चाहिए.

फिर सन्नी उठा और मुझे डॉगी बना कर मेरे पीछे घुटनों के बाल बैठ गया. और एक झटके मारा और पूरा का पूरा लंड मेरी छूट में घुसा दिया.

मेरे मुँह से आहह इतनी ज़ोर से नहीं सन्नी आराम से डालो.

सन्नी : नई भाभी माफ़ करना इस बार में ज़ोर से ही डालूँगा आराम से नहीं करूँगा ज़ोर ज़ोर से आपको छोड़ूँगा.

मैने जितनी बार आपको छोड़ा आराम से चलूँगा अब ज़ोर ज़ोर से छोड़ूँगा. अगर तुमको अच्छा नहीं लग रहा हो तो बोल दो भाभी.

मई: नहीं नहीं ऐसी बात तो नहीं है सन्नी मुझे अच्छा तो बहुत लग रहा है जो तुम ज़ोर ज़ोर से झटके मार रहे हो मेरी छूट में.

बस अब रुकना मत ऐसे ही मुझे छोड़ दे रहो ज़ोर ज़ोर से सन्नी आह आह आ ऑश उफफफ्फ़ ऑश आह रहो बहुत मज़ा आ रहा है.

और सन्नी ने ऐसे ही मुझे छोड़ा करीब 5 से 7 मिनूट तक डॉगी बना कर. और सन्नी ने मेरी छूट के अंदर ही अपने लंड के पानी की पिचकारी छ्चोड़ दी गरम गरम.

वाउ सन्नी मैं अपनी छूट में तुम्हारे लंड का गरम गरम माल महसूस कर रही हूँ.

सन्नी: हन भाभी मुझे भी आपके छूट में झड़ना बहुत पसंद है क्यूंकी ऐसे मुझे बहुत मज़ा आता है.

मई: और फिर हम दोनों चुदाई के बाद साथ लिपट कर लेट गये स्लीपर में.

वैसे मुझे सन्नी से बहुत प्यार हो गया था और सन्नी को मुझसे. और फिर हम घर पहुँच गये.

नेक्स्ट घर पहुँचकर मेरे साथ क्या हुआ वह इस कहानी के अगले पार्ट में बतौँगी… आप सबको अगर मेरी कहानी पसंद आए तो प्लीज़ मुझे कॉमेंट करना और बताना की मेरी चुदाई की कहानी कैसी लगी आपको.

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