घूमने के लिए आई टूरिस्ट की चुदाई

jaipur tourist ki chudai मैं राजस्थान के जैसलमेर में एक टूरिस्ट एजेंसी में काम पर लगा हुआ हूँ. आज से करीब छा महीने पहले मैं काम पर लगा था. मैं दसवीं तक पढ़ा हूँ लेकिन मेरी अंग्रेजी बहुत अच्छी है. इसी कारण मेरे मालिक ने मुझे विदेशी टूरिस्टों के लिए रखा. मैं दिखने में साधारण हूँ लेकिन मेरा कद ५ फुट ११ इंच और वजन ८० किलो है. किसी पहलवान से कम नहीं दिखता हूँ.
एक बार अमेरिका ने एक बड़ा ग्रुप आया. उस ग्रुप में पंच शादी शुदा जोड़े थे. उसके अलावा तीन युवक और पांच अन्य युवतीयां भी थी. मेरा मालिक खुश हो गया क्यूंकि मेरे अंग्रेजी ज्ञान के कारण उस ग्रुप के नेता ने मेरे मालिक के यहाँ ही अपना सारा घूमने का प्रोग्राम पका कर दिया. मेरे मालिक ने एक इम्पोर्टेड मिनी बस किराए पर करवा दी और उस ग्रुप को मेरे हवाले कर दिया. पहले दो दिन जैसलमेर ही घुमे. इसके बाद एक दिन थोड़ी दूर पर एक गाँव घूमने का कार्यक्रम बनाया गया. मैंने उन सभी को सब बताते हुए गाँव घुमाया.

हमने दोपहर का खाना गाँव से थोड़ी दूर पेड़ों के एक झुण्ड के नीचे बैठ कर खाया. ड्राइवर और उसका साथी बस के पास जाकर आराम करने लगे. सभी टूरिस्ट भी कुछ लेटे और कुछ अधलेटे आराम करने लगे.मैंने देखा कि जो पांच जोड़े थे वे पास पास बैठ हुए थे. आपस में बात करते करते एक दूजे को चूम लेते. कभी गालों पर ; कभी छाती पर ; कभी होंठों पर. मुझे ये गन्दा लगा क्यूंकि मैंने कभी ऐसा पहले देखा नहीं था. इन जोड़ों के अलावा बाकी के ग्रुप में भी मैंने जब यही चलता देखा तो मुझे गुस्सा आने लगा लेकिन क्या करता. हमारे मेहमान और अन्नदाता जो ठहरे.

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मैं वहां से दूर आकर बैठ गया. कुछ देर के बाद जब मैं बस में रख एअपने बैग में से पानी पीकर वापस अपनी जगह जा रहा था तो मैंने देखा कि एक पेड़ के पीछे कोई लेटा हुआ है. मैं उधर देखने गया क्यूंकि वो पेड़ दूर था. मैंने वहां पहुंचकर जो देखा तो मेरे एक बार तो होश ही उड़ गए. उन पांच जोड़ों में से एक जोड़ा वहां अपने सभी कपडे उतारकर आपस में लिपट कर सोया हुआ था और उनमे उछलकूद चल रही थी. गुस्से तो आया लेकिन मैंने ऐसा कभी पहले देखा नहीं था इसलिए उन्हें चोरी छुपे देखने लगा. मैंने कभी इससे पहले किसी को भी सेक्स करते नहीं देखा था. इसी जिज्ञासावश मैं उन्हें देखता रहा. मुझे धीरे धीरे मजा आने लगा और साह ही मेरे शरीर में हलचल भी महसूस होने लगी.

मैं अपनी जगह लौटने को हुआ तो मैंने देखा कि मेरे ठीक पीछे एक युवती मुझे मुस्कुराकर देख रही थी. मैं झिझका तो वो मेरे पास आकर बोली ” मैं जानती हूँ तुम्हे वो देखना अच्छा लगा था. अगर तुम चाहो तो मेरे साथ वो सब कुछ दोहरा सकते हो.” मैं उस युवती की बेशर्मी देख गुस्से में आ गया लेकिन कुछ ना बोल कर अपनी जगह आकर बैठ गया
रात को हम लोग वापस जैसलमेर लौट आये. मेरे मालिक के एक छोटा सा होटल भी है. सभी उसमे ठहरे थे. उस होटल में केवल हार कमरे हैं. सभी उसमे खाने के बाद सोने चले गए. मैं उसी होटल की छत पर बने एक छोटे से कमरे में ही रहता था. कमरा क्या था; बस सूखे घास .से दीवारें और ऊपर एक प्लाईवुड का शीट लगाकर बस सोने लायक बना हुआ था.

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मैं जमीन पर एक मोटा कालीन बिछा हुआ था उसी पर सोता था. मैं जैसे ही लेटा वो ही युवती मेरे कमरे में आ गई. उसने आते ही बिना कोई लाग लपेट के अपना टी शर्ट उतार दिया और हाफ पैंट भी उतार दी. अब केवल चोली और चड्डी में वो मेरे सामने बैठ गई और मुस्कुराते हुए मुझे देखने लगी. मैं घबरा गया. वो मेरे करीब आ गई. उसने कहा ” डरो मत. मुझे पता है उम उच्च नहीं जानते हो सेक्स के बारे में. मैं तुम्हें सब बता दूंगी और सिखा भी दूंगी. आओ मेरे पास आ जाओ.” मैं पहले तो डरा लेकिन फिर उस युवती ने मुझे जब और करीब आकर पकड़ लिया तो मेरा बदन कांपने लगा. उसने मेरे कपडे उतार दिए. उसने मुझे गालों को चूमा.

फिर उसने मुझे गाल; गरदन ; सीना और आखिर में होंठों को चूमना सिखाया. मैं अब अपना डर एक तरफ रखकर उस युवती से सब कुछ सीखे जा रहा था. तभी उसके साथ वाली एक और लड़की आ गई. वो तो पहले से ही केवल चोली पहने हुए थी और नीचे एक छोटा कपड़ा लपेटा हुआ था. उसने हम दोनों को चिपके हुए देखा तो उसने पहली वाली युवती से कहा ” मुझे तो तुमने कहा था कि हम दोनों इसके साथ मजा करेंगे. लेकिन तुमने मुझे धोखा दिया.” पहली ने कहा ” बिलकुल नहीं. इसे तो सेक्स के बारे में कुछ भी पता नहीं है. मैंने इसे अभी किस के बारे में बताया है.” अब दूसरी भी मेरे पास बैठ गई.

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