होटेल में वर्जिन लड़की की चूत चुदाई की सेक्स कहानी

हेलो दोस्तों! हाज़िर हू आज आपके सामने एक नयी घटना की कहानी लेके. इससे पहले जो कहानिया मैने लिखी है, उनको आपने बहुत प्यार दिया है. आशा है आप इसको भी उतना ही प्यार देंगे.

मानता हू की ये कहानी मैं बहुत समय बाद लिख रहा हू. क्यूंकी इससे पहले की जो घटना थी, वो मैं आपको पहले ही बता चुका हू. तो चलिए शुरू करते है.

ये कहानी जिस लड़की की है, उसका नाम शीतल है, और वो मेरी ही एक पाठक. वो दिखने में बाला की खूबसूरत है. और किसी भी लंड को बड़े आराम से खड़ा करने की ताक़त अपने जिस्म में समाए रखती है. उसका फिगर 32-28-34 रंग एक-दूं गोरा था.

मैने बहुत टाइम से कोई स्टोरी भी नही लिखी थी, तो मैने अपनी मेल्स भी चेक करना कम कर दिया था. ऐसे ही एक दिन मैं अपनी मेल्स चेक कर रहा था. तो उसमे एक मैल शीतल की गमाल से आई थी.

मैने उससे बात करना शुरू किया, तो पता चला की वो भी आगरा से ही एक बड़े परिवार की लड़की थी. फिर हमने एक-दूसरे की इंस्था ईद एक्सचेंज की. फिर बातों ही बातों में उसने बताया की वो 23 की थी. और उसने अभी तक किसी के साथ सेक्स नही किया था.

वो चाहती थी की मैं उसकी वर्जिनिटी तोड़ू. तो उसने एक दिन एक 5 स्तर होटेल में मिलने को कहा. मैं सही टाइम और जगह पर ऑटो से गया, क्यूंकी ये टाइम मेरे स्ट्रगल का चल रहा था, और मैं अपने लिए जॉब भी ढूँढ रहा था. फिर वो एक कार से आई, और मुझे अपने साथ होटेल ले गयी.

वाहा जाके हमने खाना वग़ैरा खाया, और फिर अपने रूम में चले गये. वाहा जेया कर मैने देखा की वो एक बाग लेकर आई थी अपने साथ. मैने उससे पूछा-

मैं: इस बाग में क्या है?

उसने बोला: खुद ही खोल के देख लो.

जब मैने बाग खोल के देखा तो उसमे डिल्डो, कुत्ते का पत्ता, मैड की ड्रेस और उसके एक्विपमेंट, बियर, कॉनडम्स वग़ैरा ऐसी बहुत सी चीज़े थी, जो ब्दसम मैं उसे होती थी.

मे: ये सब क्या बवाल है यार?

शीतल: मैं ये पॉर्न में देखती थी, और आज मुझे ये सब ट्राइ करना है तुम्हारे साथ.

मे: तो बता कैसे अपनी छूट का उद्घाटन करवाना चाहती है?

शीतल: तुम ना मुझे अपनी पूरी रंडी बना के, पूरा बेइज़्ज़त करके छोड़ो, मुझे बहुत मज़ा आता है.

बस फिर क्या था. मैं भी बहुत दीनो से प्यासा बैठा था, तो मैने उसको एक झटके से अपने पास खींचा, और उसके गाल दबा के उसके गुलाबी होंठो को चूसने लगा.

बीच-बीच में मैं उसके होंठो को दांतो से काट भी देता था, और जैसे ही मैं उसके होंठो को ढीला छ्चोढता, तो उसके गालो पर ज़ोरदार थप्पड़ लगा देता. उफफफ्फ़ यार, वो सीन आज भी मुझे पागल बना देता है उसके लिए.

थप्पड़ खाने की बाद उसके गाल एक-दूं टमाटर की तरह लाल हो गये, और फिर मैं उसके होंठो से अपने होंठो की प्यास बुझाने लग गया. करीब 10 से 15 मिनिट उसके होंठ चूसने और उसके गाल लाल करने के बाद, मैने उसको छ्चोढा.

उसने उस टाइम एक सेक्सी रेड सूट जो की एक-दूं उसके जिस्म से चिपका हुआ था, और एक वाइट सलवार पहन रखी थी, जिसमे वो एक-दूं माल लग रही थी. मैने फिर एक झटके में उसका सूट फाड़ दिया, और उसकी सलवार निकाल दी. अब वो सिर्फ़ मेरे सामने ब्लॅक ब्रा और पनटी में थी.

ज़रा सोचो दोस्तों की कोई भी दूध सी जैसी लड़की, और वो आपके सामने सिर्फ़ ब्लॅक ब्रा और पनटी में आपसे चूड़ने के लिए तैयार खड़ी हो. तो आपके लंड का क्या हाल होगा? वही हाल मेरा था उस टाइम.

फिर मैं उसके 32″ के सेक्सी मुलायम बूब्स को उसकी ब्रा के उपर से ही चूसने लगा, और पीछे उसकी मस्त 34″ की गांद सहलाने और उस पर थप्पड़ मारने लगा. कभी-कभी मैं उसके बूब्स पर काट भी लेता था, जिससे उसके बूब्स और गांद दोनो खून जैसे लाल पद गये थी.

अब मुझसे रहा नही गया, तो मैने उसकी ब्रा और पनटी भी फाड़ कर फेंक दिए, और खुद भी पूरा नंगा हो गया. मेरा 7 इंच का लंड उसके सामने उसकी छूट को सलामी दे रहा था. फिर मैने उसको कहा-

मे (अपने हाथ में कुत्ते का पत्ता ले कर ): आजा साली आज तुझे मैं अपनी कुटिया बना कर तेरी छूट की आग शांत करूँगा.

शीतल: जी, आप जो भी कहोगे, मैं वो करूँगी. मैं आपकी गुलाम बन के रहना चाहती हू.

और वो एक हवसी कुटिया की तरह चल कर मेरे पास आई, और मैने वो पत्ता उसके गले में पहना दिया. फिर उसके बाल पकड़ के उसके गाल पर कुछ थप्पड़ मारे, और अपना पूरा लंड उसके मूह में डाल कर उसका मूह छोड़ने लगा.

मैं अपने हाथ से उसके बूब्स को कभी दबाता, कभी थप्पड़ मारता, तो कभी नोच लेता. इस तरह से मैने उसके बूब्स भी घायल कर दिए. लेकिन वो फिर भी मेरे लंड से अपने मूह की चुदाई का मज़ा लेने में मस्त थी.

अब मैं उसके कुटिया बने ही उसके पीछे आ गया, और वो जो मैड का सफाई करने वाला झाड़ू सा होता है, वो लिया, और उसकी गांद पर ज़ोर-ज़ोर से मारने लगा. फिर थोड़ी देर बाद मैं उसके उपर आ गया.

उसका सेक्सी जिस्म मुझे चाटने का आवाहन दे रहा था, तो मैं कैसे रह जाता. तो मैने उसके बाल उसकी गर्दन से हटाए, और मैं उसकी गर्दन को चाटने लगा. उफ़फ्फ़ यार, इतना मज़ा तो किसी वाइट चॉक्लेट को चाटने में नही आता.

जब मैं उसकी गर्दन पर अपनी जीभ फिरा रहा था, तो वो एक-दूं से मदहोश होने लगी, और मेरे लंड को अपने हाथ से और ज़्यादा प्यार करने लगी. अब मैने बेल्ट लेकर उसके हाथ पलंग के कोनो से बाँध दिए, और मैं फिरसे उसके जिस्म को चाटने में मदहोश हो गया.

मैं उसकी गर्दन को चाट-ते हुए उसके बूब्स तक आ गया, और उसके बूब्स को खूब मसल मसल कर चबाने और चूसने लगा. इस वक़्त तक उसकी छूट से पानी की धार आने लगी, और वो चूड़ने की लिए बहुत बेताब होने लगी.

शीतल: जी ये सब अगली बार कर लेना. अभी आप मुझे छोड़ दो. बस मेरी छूट आपका लंड खाना चाहती है.

मुझे उसको चुदाई की लिए तड़पाने में बहुत मज़ा आ रहा था, और उसका पूरा शरीर मानो की आग की भट्टी बन गया हो. अब मैं उसकी नाभि को चूस रहा था. उसकी नाभि का क्या कहना यारो, वो तो नाभि में तमन्नाह को भी पीछे छ्चोढ़ दे.

सोचो आप तमन्नाह की नाभि छातो तो कैसा लगेगा? मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था. अब मेरे लंड का भी हाल बहाल होने लगा था. ऐसा लग रहा था, की अब इसका माल नही निकाला तो ये ओवरलोड होके फट पड़ेगा.

तो मैने ज़्यादा देर ना करते हुए उसके बाग से कॉंडम निकाला, और पहन लिया. अब मैं उसकी छूट के उपर अपना लंड रगड़ने लगा, और उसको बोला.

मे: साली कुटिया अब ये तेरी छूट में जाएगा. तेरी छूट फाड़ेगा, तो तुझे तोड़ा दर्द भी होगा साली.

शीतल: आप बस डाल दो अपने लंड को मेरे अंदर. मुझे दर्द सहना बहुत पसंद है.

तो मैने उसकी छूट पर अपना लंड सेट किया, और एक झटका लगाया तो लंड फिसल कर उसकी गांद के नीचे पहुँच गया. उसकी छूट बहुत छ्होटी थी, तो मैने थोड़ी देर उसकी छूट को खोलने की लिए अपनी उंगली से छोड़ा, और बाद में उसकी गांद के नीचे एक तकिया लगा दिया.

इससे उसकी छूट मेरे सामने और उभर कर आ गयी. अब फिरसे मैने उसकी छूट पर अपना लंड सेट किया, और एक झटका लगाया तो मेरे लंड का आयेज का हिस्सा उसकी छूट में जेया फ़ससा, और वो एक-दूं से चिहुक उठी. लेकिन उसने अपनी टाँगो को मेरी कमर से लपेट लिया, और कहा-

शीतल: तुम करते रहो, मेरे दर्द की परवाह मत करो.

तो मैने एक और झटका लगाया, और मेरा आधा लंड उसकी छूट में था. अब उसकी छूट से खून आने लगा, और वो दर्द से कराहने लगी. लेकिन वो चाहती थी, की मैं बस उसको छोड़ू.

लेकिन मैने थोड़ी देर रुकना ही सही समझा, और मैं उसके होंठो को चूसने लग गया, और उसके बूब्स को दबाने लग गया, जिससे उसको थोड़ी राहत मिली.

तो मैं फिर उसकी छूट को अपने आधे लंड डाले ही छोड़ने लगा, जिससे उसकी छूट में मेरे लंड की लिए जगह बनने लगी. और फिर मैने अपना पूरा लंड उसकी छूट में उतार दिया.

उसकी आँखों से आँसू आने लगे. लेकिन उसकी छूट की आग उसको दर्द सहने की हिम्मत दे रही थी, और वो बस चूड़ना चाहती थी. तो मैने उसको धीरे-धीरे छोड़ने लगा. फिर थोड़ी देर बाद उसको आराम मिला.

मैं उसके पुर जिस्म को चाट-ता हुआ और दबाता हुआ उसको छोड़ने और गालियाँ देने लगा, जिससे थोड़ी देर में ही वो झाड़ गयी और निढाल हो गयी.

लेकिन मेरा अभी तक नही हुआ था. तो मैने कॉंडम निकाला, और अपना लंड उसके मूह में डाल दिया. करीब 7 से 8 मिनिट उसका मूह छोड़ने के बाद, मैने अपना माल उसके मूह में ही गिरा दिया. माल को वो पूरा पी गयी और मैं भी उसके बगल में निढाल होके लेट गया.

अब इसके आयेज भी हमने बहुत कुछ और ट्राइ किया. वो मैं आपको अगली कहानी में बतौँगा दोस्तों.

आपको कहानी कैसी लगी “” पर अपना ओपीनियन बताए. धन्यवाद दोस्तों, मिलते है अगली कहानी में.

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