होटेल में सर्प्राइज़ चुदाई करने को मिली

हेलो दोस्तों. तो मैं हू सौरव, और मेरी चुदाई की कहानी में आप सब का स्वागत है. लड़के नंगे हो कर अपना लंड अपने हाथ में लेले, और लड़किया अपनी छूट में उंगली करते हुए अपने बूब्स को मसालती रहे.

इसके पिछले भाग में मैने आपको बताया की कैसे मैने करिश्मा माँ यानी की मेरी रंडी के भारी ठंड में भी कपड़े भिगो दिए. फिर उस रंडी को नंगा खुली छूट के साथ कंबल के अंदर सुलाया. साली रंडी ऐसी दूध माखन मलाई जैसी चुचि वाली है, की मानो उसके चुचे का दूध पीने के लिए तो आप कुछ भी कर सकते हो.

साली को मसालने का मज़ा किसी जन्नत से कम नही है गाइस. मैं खुश-नसीब हू, जो मुझे करिश्मा जैसी रंडी की छूट जब मॅन हो मिल जाती है

एक बात बताना भूल ही गया. मैं ठंडी के मौसम में हमेशा ही करिश्मा की चुचियों की मालिश करता हू. और वो मेरे लंड की मालिश करती है. हम एक-दूसरे को इतना छोड़ते थे, की करिश्मा मेरा लंड का सोच कर ही अपनी चड्डी भिगो लिया करती थी.

फिर मैं उसे अपने मूह पे बैठने को कहता था. वो मेरा लंड अपने मूह में घूमती थी, और मैं अपनी जीभ उसकी छूट के हर एक कोने पर. उसकी छूट की ऐसी कोई जगह नही बची थी, जहा मेरी जीभ ना पहुँचे. साली की छूट की खुश्बू थी भी तो इतनी सुहानी, की छूट का पानी निकालने का किसी को भी मॅन कर जाए.

अब अगले दिन करिश्मा को मीटिंग के लिए लाइब्ररी जाना था. उसकी फॅकल्टी की मीटिंग कोलकाता में थी, और वाहा उसे जाना था. उसने बताया बहुत से अमीर जो इन्वेस्टर्स थे, वो आ रहे थे वाहा. मैं समझ गया था इस रंडी के दिमाग़ में क्या चल रहा था. उसने अंदर ब्रा नही पहनी थी, और टाइट एक-दूं ब्लाउस पहना था.

उसके निपल्स सॉफ विज़िबल हो रहे थे, और गोलडेन कलर की सारी पहन ली थी उसने. मुझे शक हो रहा था उसके अंडरगार्मेंट्स को लेके. इसलिए मैने उसे धक्का देके बेड पे लिटा दिया, और नीचे सारी में से मूह डाल के देखने लगा की उसने चड्डी भी पहनी थी की नही. सो गाइस उस रंडी ने चड्डी भी नही पहनी थी.

मुझे पता था वो क्या करना चाहती थी. लेकिन मैने माना नही किया, क्यूंकी पैसे की हमे सख़्त ज़रूरत थी. तो उसकी छूट के लिए तो लखो लूटा दे कोई भी मर्द. अब करिश्मा चली गयी थी. कमरे में मैं अकेला बच गया था. मैने मेरी और करिश्मा की आल्बम देखी. कुछ वीडियोस बड़े टीवी पे लगाई और अंधेरे में मूठ मारने लगा. आधे घंटे मूठ मारने के बाद मेरी आँख लग गयी और मैं सो गया.

शाम को मेरी आँख खुली एक फोन रिंग की आवाज़ से, और किसी ने बोला-

“सॉरी आपके लंड को इतना इंतेज़ार करवाने के लिए. मैं अभी नंगी हो कर छूट में उंगली दिए आपके ही बारे में सोच रही थी. मेरा मतलब है आपके और करिश्मा की चुदाई के बारे में. ”

मैं नींद में था, तो कुछ समझ नही पाया, और फोन कट हो गया. लेकिन मेरी नींद कुछ देर में पूरी तरह से टूटी तो मुझे याद आया नींद में हुई बात के बारे में. मैने देर ना करते हुए कॉल बॅक किया तो रिंग जेया रही थी, पर कोई उठा नही रहा था. मैने दो टीन कॉल लगातार किए, पर किसी ने नही उठाया.

फिर मैने करिश्मा को कॉल लगाया. उसने भी नही उठाया. उसके बाद मैने खुद के लिए बिरयानी ऑर्डर की, और खाने ही लगा था की उस लड़की का कॉल आया और उसने बोला-

“सॉरी मुझे पता है मेरी छूट गीली है सुन कर आपका लंड उबाल रहा होगा. लेकिन अब मैं आप से चुसवाना चाहती हू. आपके लंड पे कूदना चाहती हू. आप अपना अड्रेस मुझे दीजिए. ट्रेन में मैने आपकी और करिश्मा की आल्बम देखी थी, और सेक्स करने की आपके साथ इक्चा जताई थी”.

मेरे खुशी का ठिकाना नही था, की मुझे एक और छूट मारने को मिलेगी. इस चक्कर में मेरे एग्ज़ॅम्स भी थे सर पर, लेकिन जब छूट मारने मिले तो दिमाग़ को कुछ नही सूझता. मैने उसे अपना होटेल अड्रेस और रूम नो बता दिया, और उसने कहा वो बस कुछ देर में मेरे लंड के साथ खेल रही होगी.

कुछ आधा घंटा ही बीता होगा, और मेरे रूम की डोरबेल बाजी. गाते खोला तो सामने वो लड़की हॉट पंत और ब्लॅक टॉप में मेरे सामने खड़ी थी. उसकी आँखों में हवस सॉफ दिखाई दे रही थी. उसके होत चबाने के अंदाज़ से मेरा लंड अब बाहर झाँक रहा था. वो चड्डी से बाहर आना चाह रहा था.

मैने देर ना करते हुए उसे अंदर खींचा और कुण्डी लगा कर गाते में लगते हुए उसे गांद से पकड़ कर चूमने लगा. वो भी मेरा साथ दे रही थी. मेरे चेहरे को पकड़ कर मेरे होंठ चूज़ जेया रही थी. मानो कितने दिन की हवस की भूखी हो

मैने तान लिया था, की इसकी भूख आज मिटा के रहूँगा. मैने उसके होंठ चूमते हुए उसकी गांद पे मारना शुरू किया, और वो चिल्लाने की कोशिश कर रही थी. लेकिन चिल्ला नही पा रही थी, क्यूंकी मैने अपने होंठ उसके होंठो पे दबा रखे थे. अब उसने नीचे देखा तो सॉफ मेरा मोटा बड़ा लंड बाहर निकलना चाह रहा था.

उसने मेरी पंत में हाथ घुसने की कोशिश की. लेकिन नही कर पाई. फिर उसने मेरा बटन खोला, और मेरा लंड बाहर निकाल के अपने हाथ में लेके मसालने लगी. इसी दौरान मैं उसके बालों को एक साइड करके उसकी गर्दन पे चूमने लगा. वो सिसीकियाँ लेते हुए मुझे कान तक आने की इशारा करने लगी.

जब तक मेरी जीभ उसके कान तक पहुँची, वो मेरा लंड हाथ में लेके उपर-नीचे कर रही थी. अब कुछ देर अपनी जीभ फिरने के बाद मैने अपना लंड उसके मूह में देना चाहा. उसे घुटनो के बाल बिताया, और लंड से उसके गाल पे मारने लगा. अब मुझे लंड उसके मूह के भीतर उसकी थूक से लथपथ चाहिए था.

देर ना करते हुए मैने अपना लंड उसके मूह में डाल दिया, और वो भी रंडियों की तरह मेरे लंड को चूस-चूस कर गरम और अपनी थूक से लथपथ करने में लग गयी. कुछ देर ऐसे ही चूसने के बाद मैने उसके बाल काससे, और खुद फुल स्पीड से उसके मूह को लंड से छोड़ने लगा.

वो तड़प रही थी, और रुकना चाह रही थी. लेकिन मैं धक्के पे धक्का मारे जेया रहा था. कुछ देर ना सुनने के बाद वो बुरी तरह झटपटाने लगी. तो मैने उसे छ्चोढ़ दिया. अब नैने उसकी टॉप निकली, और ब्रा के हुक खोल के चुचियों को आज़ाद किया, और अंडरवेर निकाल के रंडी की तरह नंगा कर दिया.

उसके अंडरवेर से बेहद ही मदहोश करने वाली खुसबु आ रही थी, जो उसके छूट के पानी की थी. मैने ये खुश्बू को सूँघा और मेरा जोश बढ़ गया. अब मुझे उसकी छूट के पानी की तलब होने लगी. मैने उसे अपने लंड पे बिताया, और ज़ोर-ज़ोर से कूदने को कहा.

मैने एक ही बार में पूरा लंड पे बिता के उसे ज़ोर-ज़ोर से लंड पे कूदवाया. वो और ज़ोर-ज़ोर से कूदने लगी. कुछ देर ऐसे ही चुदाई करने के बाद वो तक गयी. अब हमने पोज़िशन चेंज की, और मैं कुटिया बना के उसे छोड़ने लगा. उसके बाल कस्स कर उसके चुचे दबा कर उसे छोड़-छोड़ कर उसकी चीखें निकाल दी. हम दोनो पसीने में लथपथ थे, लेकिन चुदाई नही रुकी.

उसने बोला: उम्म्म ह एस. ओह एस, और तेज़ बेबी, और तेज़. छूट फाड़ दो आज तो. मुझे चरम सुख मिल रहा है. रूको मत. ओह यॅ, हा बस ऐसे ही छोड़ो मुझे. मैं तुम्हारी दूसरी रंडी हू. मुझे छोड़ते रहो.

मैने उसे काफ़ी देर छोड़ा, और उसने पानी छ्चोढ़ दिया. मेरा पानी नही निकला था. लेकिन मैने उसका पानी चाटने के लिए अब उसे लिटाया और जीभ छूट पे लगा के उसके छूट का सारा पानी चाट-चाट के छूट के दाने को चूसने लगा. कसम से क्या खुश्बू थी उसकी छूट की.

अब मेरा लंड और चुदाई करना चाहता था. मैने एक पैर उसका कंधे पे रखा, एक हाथ उसकी चुचियों पे, और ज़ोर-ज़ोर से चुदाई करते रहा. धक्के पे धक्का मार रहा था मैं. पूरा रूम छाप-छाप की आवाज़ से गूँज रहा था, और फिर कुछ देर में मैं भी झाड़ गया.

मैने अपना सारा माल उस रंडी के मूह पे डाल दिया. वो भी अपनी उंगली से मेरा गरम-गरम माल चाटने लगी और जीभ से होंठ के चारो तरफ चाटने लगी. मेरा लंड चाट के उसने सॉफ किया, और सारा माल जीभ से चाट गयी. ऐसे ही उस दिन रात भर हमने अलग-अलग पोज़िशन में चुदाई की, और फिर गंदे पसीने में लथपथ एक-दूसरे से चिपक के सो गये.

, तो मेरी एमाइल ईद – [email protected] पर मैल कर सकते है.

मुझे फीडबॅक में ज़रूर बताईएएगा आपका पानी निकला की नही.

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