हनिमून पर चला बीवी का चक्कर

हेलो फ्रेंड्स, मैं आपका दोस्त अंश फिरसे आपके सामने अपनी बीवी की चुदाई की कहानी लेके आया हू. जैसा की आपने अभी तक मेरी इस कहानी के पिछले दो पार्ट्स में पढ़ा, की कैसे हम गोआ गये, और फिर क्लब में गये.

फिर वाहा हम प्रियांश से मिले. अब इस पार्ट में मैं बतौँगा की विप ज़ोन में जाने के बाद क्या-क्या हुआ, और मेरी बीवी कैसे प्रियांश से चुड गयी. अब आयेज-

सो दोस्तों जैसा की मैने बताया की वाहा बैठने की सिट्टिंग नही थी. तो प्रियांश हमे विप में ले गया. वाहा ज़्यादा लोग नही थे, और कॅबिन की तरह बने हुए थे, जिससे फ्रंट वाला ही हमे देख सकता था, साइड वाले को कुछ नही दिखता.

फिर हम वाहा बैठे ही थे, की वेटर आ गया प्रियांश के पास. वो प्रियांश से बोला-

वेटर: सिर कुछ ऑर्डर करना है आपको? हमारे बॉस ने कहा है प्रियांश सिर का ख़याल रखने के लिए.

तो प्रियांश ने मेरी तरफ देखा और मुझसे पूछा: अंश तुम्हे कुछ ड्रिंक चाहिए?

मैने कहा: प्रियांश वैसे मैने अभी तक 3 ड्रिंक्स ली है. बुत इफ़ योउ इन्सिस्ट तो एक विस्की का पेग माँगा लो.

फिर प्रियांश ने सोनिया से पूछा: सोनिया तुम्हे कुछ चाहिए?

तो सोनिया ने कहा: नही यार, मुझे कुछ नही चाहिए. वैसे भी तुमने ज़बरदस्ती मुझे विस्की पीला दी. अब सर घूम रहा है मेरा. अब कुछ नही, बस कुछ खाने के लिए माँगा लो जो तुम्हे पसंद हो यहा का.

फिर मैने प्रियांश से पूछा: क्यूँ यार, तुमने ज़बरदस्ती मेरी वाइफ को विस्की पिलाई? (और मैं हासणे लगा)

फिर प्रियांश ने कहा: नही यार, मैने पूछा सोनिया से उसने हा कही, और मैने मंगवा ली. और अब बोल रही है की ज़बरदस्ती पीला दी.

फिर सोनिया तेज़ी से हेस्ट हुए बोली: प्रियांश से कुछ मत बोलो, मैं तो बस ऐसे ही कह रही थी.

और हम सब हासणे लगे. फिर थोड़ी देर में वेटर ऑर्डर ले आया. मेरे लिए और प्रियांश के लिए विस्की और स्नॅक्स में फ्राइस और रोस्टेड फिश. हम विप ज़ोन में ऐसे बैठे थे. पहले प्रियांश, फिर मैं, और फिर सोनिया. जब ऑर्डर आया तो सोनिया ने कहा-

सोनिया: मुझे बीच में बैठने दो. स्नॅक्स लेने में प्राब्लम हो रही है.

मैने अपने मॅन में सोचा की कोई प्राब्लम नही है. इसे तो प्रियांश का स्नॅक खाना है, इसलिए नाटक कर रही है. इतने में प्रियांश अपनी जगह से उठा, और सोनिया को बोला-

प्रियांश: तुम यहा आ जाओ, और अंश तुम तोड़ा सा साइड हो जाओ.

फिर सोनिया बीच में आ गयी. हम ड्रिंक करते-करते बातें करने लगे. जब मैं ड्रिंक की सीप ले रहा था, तो मैने साइड आइज़ से देखा की प्रियांश टेबल की साइड से सोनिया की जांघें सहला रहा था. सोनिया भी उसका सपोर्ट कर रही थी.

फिर मैने प्रियांश से पूछा: यार तुम्हारी कोई गफ़ नही है?

वो अभी भी लगातार सोनिया की जांघें सहला रहा था.

फिर प्रियांश बोला: अंश मेरी अभी तो कोई गफ़ नही है. पहले थी, लेकिन उससे ब्रेक-उप हो गया.

सोनिया बोली: ब्रेकप क्यूँ किया? अगर मैं उसकी जगह होती तो कभी भी तुम्हे नही छ्चोढती.

सोनिया के चेहरे पे एक अलग स्माइल थी. फिर प्रियांश ने मुझे देखते हुए बोला-

प्रियांश: शायद सोनिया को चढ़ गयी है (और हासणे लगा).

मैने बोला: हा, लग तो रहा है. वैसे सोनिया कह तो सही रही है. तुम इतने स्मार्ट हो फिर कों छ्चोढ़ सकता है तुम्हे?

प्रियांश बोला: कभी-कभी नही हो पाता जैसा आप चाहते हो. वो बस मेरे पैसे से प्यार करती थी, मुझसे नही (प्रियांश तोड़ा साद हो गया).

तो मैं बोला: चलो कोई नही. हम यहा 3 डेज़ और है. हमारे साथ एंजाय करो. हमे भी कंपनी मिल जाएगी. 2 से आचे 3.

फिर प्रियांश बोला: नही-नही यार, तुम दोनो अपना हनिमून मानने आए हो. मैं नही चाहता मैं कबाब में हड्डी बनू. आप दोनो एंजाय करो. मैं पार्टी ख़तम होने के बाद अपने होटेल चला जौंगा.

फिर मैं बोला: यार ऐसा नही है. हनिमून तो बस रूम में होता है. बाहर तो हम तीनो साथ में घूम सकते है. तुम्हे नालेज भी है यहा की.

तो ये बोल के मैं हस्स दिया.

प्रियांश फिर बोला: तुम दोनो के साथ मैं अछा नही लगूंगा. तुम एंजाय करोगे, फिर मेरा भी मॅन करेगा तो मैं क्या करूँगा?

मैं बोलने ही वाला था की सोनिया बीच में बोली: प्रियांश यार ऐसा नही है. तुम साथ होगे तो मुझे काफ़ी अछा लगेगा. हमे भी तुम्हे जानने का मौका मिलेगा, और हम तुम्हारे साथ में तो बस घूमेंगे, पार्टी करेंगे, तो तुम्हे विर्द क्यूँ लगेगा. हनिमून तो रूम में ही मनाएँगे (फिर हम हासणे लगे).

मैं बस मॅन में ये सोच रहा था, की देखो कितनी अची आक्टिंग कर रहे है दोनो, जैसे मुझे कुछ नही पता की क्या चल रहा था यहा. फिर मैने हल्का सा देखा साइड से तो प्रियांश सोनिया की जांघें सहलाते-सहलाते उसके शॉर्ट्स में हाथ डाल चुका था.

फिर प्रियांश बोला: चलो तुम दोनो इतना इन्सिस्ट कर रहे हो तो ठीक है. मैं तुम दोनो के साथ न्यू एअर स्पेंड करूँगा.

फिर मुझे सिगरेट की तलब उठी तो मैने प्रियांश को बोला: यार यहा पी सकते है सिगरेट?

तो उसने कहा: नही मगर यहा एक विप वॉशरूम है, वाहा तुम जाके पी सकते हो. अंदर से लॉक हो जाता है वो.

फिर मैने कहा: मैं आता हू सिगरेट पी कर.

मैं उठा, और उससे पूछा: कहा है वॉशरूम?

तो वो बोला: चलो मैं ले चलता हू.

फिर वो मुझे वॉशरूम तक छ्चोढ़ के आ गया. मैं वॉशरूम में घुसा, और सस्यू करने लगा. मैं सिगरेट निकालने के लिए पॉकेट में हाथ डाला तो मुझे याद आया की मैने सिगरेट का पॅकेट तो टेबल पे रख दिया था. क्यूंकी वो मुझे शॉर्ट्स की पॉकेट में चुभ रहा था. तो मैं वापस गया सिगरेट लेने.

वापस जाके मैने क्या देखा, और आयेज क्या हुआ, ये आपको कहानी के अगले पार्ट में पता चलेगा. आयेज की कहानी जानने के लिए मुझसे जुड़े रहिए, और अपना फीडबॅक मुझे [email protected] पे दीजिए. दोस्तों अपनी फीडबॅक मुझे ज़रूर भेजिएगा, और अगर कोई ग़लती हो गयी हो लिखने में तो मुझे माफ़ कर दीजिएगा. कहानी पढ़ने के लिए आप सब रीडर्स का बहुत धन्यवाद.

यह कहानी भी पड़े  माँ की जवानी की रसीली मिठास


error: Content is protected !!