हवस से भरे जोड़े ने शादी से पहले की चुदाई

मेरा नाम संगीता है. उमर 24 साल, फिगर 32-28-32, रंग गोरा, और दिखने में किसी अप्सरा से कम नही हू. कॉलेज ख़तम होते ही घर वालो ने मेरे लिए लड़के देखना शुरू कर दिया था. महज़ दो महीनो में मेरी और प्रट्यूश की शादी तय हो गयी. हमारी सगाई हो गयी, पर शादी का शुभ मुहूरत 6 महीने बाद का निकला.

यहा मैं और वाहा प्रट्यूश एक-दूजे के लिए तड़प रहे थे. मेरी पहले से ही पढ़ाई में रूचि नही थी. मैं भी शादी करना चाहती थी, और शादी तय होते ही मैं और प्रट्यूश काफ़ी करीब आ चुके थे. एंगेज्मेंट होने के बाद प्रट्यूश मेरे साथ नॉटी बातें करने लगे थे.

प्रट्यूश मुझसे एक साल बड़े थे 25 के. जिम जया करते थे, तो उनकी बॉडी बन चुकी थी. अक्सर वो मुझे देर रात को फोन करके सेक्स की और चुदाई की बातें करते थे. और मैं भी बड़े मज़े लेती थी.

एक दिन प्रट्यूश ने मुझे अकेले में मिलने के लिए बुलाया. मैने हा कर दी. प्रट्यूश मुझे उनके दोस्त के घर ले गये. वाहा सिर्फ़ हम दोनो थे. प्रट्यूश ने मुझे अपने बाहों में कस्स कर पकड़ा, और मुझे प्यार करने लगे. पहले में चौंक गयी, पर बाद में मैं भी अपने आप को रोक नही पाई.

प्रट्यूश ने कहा: सुनो संगीता, अब हमारी सगाई हो गयी है. आओ आज मैं तुम्हे अपना बना लू.

मैं: नही प्रट्यूश जी प्लीज़. शादी के बाद करते है ना.

प्रट्यूश: शादी तक नही रुका जाएगा जानू. तुम्हारी चुदाई करने का बहुत मॅन करता है.

मैं: शादी तक रोक लीजिए ना. फिर तो आपकी ही हू मैं. फिर आप जैसा कहोगे वैसे करूँगी, प्लीज़.

प्रट्यूश मेरी बात नही मान रहे थे.

प्रट्यूश: अछा ठीक है संगीता, अगर तुम यही चाहती तो यही सही. पर क्या मैं कुछ माँग सकता हू?

मैं: क्या चाहिए आपको?

प्रट्यूश: क्या मैं तुम्हे एक बार बिना कपड़ों के नंगा देख सकता हू? प्लीज़ ना जानू, अब इतना तो कर सकती हो ना?

उनके बहुत बार कहने के बाद मुझे फाइनली उनकी बात माननी पड़ी. मैने एक-एक करके अपने कपड़े उतरे और नंगी हो गयी अपने होने वाले पति के सामने. उन्होने डोर से मुझे उपर से नीचे तक देखा. मैं शरम से पानी-पानी हो गयी.

उन्होने बोला: शरमाओ मत, मुझे देखना चाहोगी?

मैने हा में सिर हिलाया तो उन्होने अपने कपड़े उतारे, और मेरे सामने नंगे खड़े हो गये. उनका लंड 8″ लंबा, और 3″ मोटा था. मैं तो शॉक हो गयी. अब तक इतना बड़ा तो पॉर्न मूवीस में ही देखा था. दर्र भी लग रहा था की ये लंड मेरी छूट में जाएगा. पर खुशी भी हो रही थी की इतना बड़ा लंड मेरे नसीब में था. अब तो चुदाई का मज़ा हर रोज़ दुगना आएगा.

हम वापस घर आ गये. पर एक-दूसरे को नंगा देखने के बाद यहा ना मुझे चैन आ रहा था, और वाहा ना उन्हे. वो अक्सर मुझे मानने की कोशिश करते थे. मैं शादी के बाद करेंगे ऐसा बोल कर हर बार ताल देती थी. पर सच बात तो ये थी अब मैं भी और इंतेज़ार नही कर पा रही थी. ऐसा हो रहा था की कब मैं उनकी बाहों में जौ और कब उनके जंबो लंड का स्वाद चखू.

एक दिन घर में कोई नही था. सब रिश्तेदार की शादी में गये थे. देर रात प्रट्यूश का कॉल आया. फोन पर सेक्सी बात करते-करते मुझसे रहा नही गया और मैने उन्हे घर बुला लिया. प्रट्यूश तुरंत घर आए. उनको लेके मैं कमरे में गयी, और अंदर पहुँचते ही हम दोनो भूखे भेड़िए जैसे एक-दूसरे पर झपट पड़े.

कुछ ही क्षानो में उन्होने मुझे नंगा कर दिया, और मेरे पुर शरीर को चाटने लगे. अपने हाथो में मेरे बूब्स लेकर दबाने लगे. मूह से दोनो बूब्स को चूसने और निपल्स काटने लगे. उन्होने अपने कपड़े भी उतरे, और मेरे सामने नंगे खड़े हो गये.

मैं घुटनो के बाल बैठ गयी और अपने दोनो हाथो से उनको हॅंजब देने लगी. कुछ देर बाद उन्होने मूह में लेने का इशारा किया. पर मैं तैयार नही थी. पर आख़िर उन्होने मुझे माना ही लिया. मैने उनका लंड चूसना शुरू किया. पहले तो मुझे टेस्ट अछा नही लगा, पर बाद में मज़ा आने लगा. पर प्रट्यूश तोड़ा वाइल्ड चाहते थे, तो उन्होने मेरे सिर को पकड़ा और खुद मेरा मूह छोड़ने लगे.

उनकी चुदाई से उनका लंड मेरे गले तक घुस रहा था. मेरी आँखों और मूह से पानी निकालने लगा, पर उनका जोश कम ना पड़ा. कुछ 15-20 मिनिट बाद उन्होने मुझे बेड पर लिटाया, और मेरी छूट चाटने लगे. मैं सातवे आसमान पर थी. मैने भी उनका सिर पकड़ कर अपने छूट में घुसने की कोशिश की.

प्रट्यूश: संगीता क्या छूट है यार तुम्हारी. कितना तडपा हू इसके लिए.

मैं: अब तुम मुझे ना तड़पाव मेरे राजा. डाल दो अपना लंड और कर दो चुदाई.

इतना कहने की देर थी, की उन्होने मेरे पैर अपने कंधो पर रखे. फिर अपना लंड मेरी छूट पर सेट किया. उन्होने धक्के लगाए और कुछ वक़्त के बाद उनका लंड मेरी छूट में घुसा दिया. मेरी चीखें निकल गयी, और उन्होने मेरे मूह में कपड़ा तूस दिया.

फिर उन्होने मेरे दोनो पैर पकड़े, और अपनी रेल-गाड़ी चलाई. पहले खून भी निकला, और दर्द भी हुआ. पर बाद में जो मज़ा आया, वो तो कुछ और ही था. 15-20 मिनिट लगातार प्रट्यूश जी ने मेरी चुदाई की, और अपना सारा कम मेरे पेट पर निकाला.

आज हमने सुहग्रात माना ली थी. रात अभी बाकी थी. प्रट्यूश को भूख लगी थी तो मैं किचन में उनके लिए कुछ लेने गयी. हमने नंगे ही खाना खाया, और देखते ही देखते उनका लंड वापस खड़ा हो गया. उन्होने वही डाइनिंग टेबल पर मुझे बिताया और मेरे दोनो पैरों के बीच आके खड़े हो गे. मेरी छूट पर लंड लगा कर धक्के देने शुरू किए.

उन्होने फिर मेरी चुदाई शुरू की. छाप-छाप करती आवाज़ कमरे में गूंजने लगी. दोनो चुदाई के मज़े लेने लगे. 20-25 मिनिट इस बार छूट चुदाई हुई. फिरसे एक बार प्रट्यूश ने अपना कम हम दोनो के बीच निकाला. वो कम किसी अमृत से कम नही था.

प्रट्यूश: आज तो इसे यहा निकाला, पर आयेज से ये पूरा का पूरा तुम्हारे मूह में जाएगा. तैयार रहना मेरी जानेमन.

मैं शरमाई. हम नंगे ही सो गये. सुबा होते ही प्रट्यूश घर चले गये. पर दिन भर मैं ठीक से नही चल पा रही थी. घर के लोग वापस आ गये थे. मेरी बड़ी बेहन समझ गयी थी कुछ गड़बड़ त्बी. अकेले में पूछने पर मैने उन्हे बता दिया की मैं प्रट्यूश जी से चुड चुकी थी.

मेरी बड़ी बेहन की शादी हो चुकी थी. पर उनके पति आर्मी में थे, तो वो 6 महीने वही सर्विस करते थे. इसलिए दीदी यहा आ गयी थी. दीदी भी अपने पति से चुदाई के लिए तड़प रही थी.

उन्होने मुझसे कहा: क्यूँ ना शादी से पहले तुम दोनो अपने सेक्स के अलग-अलग एक्सपीरियेन्स लो.

उन्होने कहा की वो, मैं और प्रट्यूश साथ में थ्रीसम करते है. मैने तो सुनते ही माना कर दिया.

ये कहानी कैसी लगी मुझे जवानिकजोश@आउटलुक.कॉम पर ज़रूर बताइए, ताकि मैं इसका अगला पार्ट लाउ, की कैसे दीदी ने हम दोनो को थ्रीसम के लिए मनाया, और कैसे प्रट्यूश जी ने अपने जंबो लंड से मुझे और दीदी वो को सॅटिस्फाइ किया. शादी के पहले ही जीजा को बीवी और साली दोनो को छोड़ने का मौका मिल गया.

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