हवस भारी टीचर और स्टूडेंट की चुदाई की कहानी

ही फ्रेंड्स, मैं अर्जुन अपनी कहानी के अगले पार्ट के साथ वापस आया हू. उमीद है आप सब ने पिछला पार्ट पढ़ा होगा, और वो आपको पसंद भी आया होगा. अगर आपने पिछला पार्ट नही पढ़ा है, तो पहले उसको ज़रूर पढ़े.

पिछले पार्ट में आप सब ने पढ़ा, की मैं स्कूल टाइम में अपनी एक टीचर का दीवाना था. फिर वो टीचर कुछ सालों बाद मुझे एक शादी के फंक्षन पर मिली. हमारी बातें हुई, और जल्दी ही हमारी बातों ने सेक्सी रुख़ ले लिया. अब आयेज चलते है.

फिर निधि मेडम ने मेरा हाथ पकड़ा, और मुझे खींच कर कही लेके जाने लगी. मैं दर्र गया, की वो क्या कर रही थी. वो मुझे फंक्षन वाली जगह की साइड में कुछ रूम्स थे, वाहा ले गयी. वाहा जाके उसने रिसेप्षन वाले से पूछा-

निधि मेडम: एक्सक्यूस मे. ये दुल्हन का कमरा कहा है?

रिसेप्षन वाला: जो वो 102 नंबर कमरा है.

निधि मेडम: ठीक है, थॅंक योउ.

मैं समझ नही पा रहा था, की वो मुझे दुल्हन वाले कमरे में क्यूँ लेके जेया रही थी. फिर हम रूम के बाहर पहुँचे तो रूम लॉक्ड था. रूम का लॉक लगा हुआ देख कर मैने माँ से पूछा-

ही फ्रेंड्स, मैं अर्जुन अपनी कहानी के अगले पार्ट के साथ वापस आया हू. उमीद है आप सब ने पिछला पार्ट पढ़ा होगा, और वो आपको पसंद भी आया होगा. अगर आपने पिछला पार्ट नही पढ़ा है, तो पहले उसको ज़रूर पढ़े.

पिछले पार्ट में आप सब ने पढ़ा, की मैं स्कूल टाइम में अपनी एक टीचर का दीवाना था. फिर वो टीचर कुछ सालों बाद मुझे एक शादी के फंक्षन पर मिली. हमारी बातें हुई, और जल्दी ही हमारी बातों ने सेक्सी रुख़ ले लिया. अब आयेज चलते है.

फिर निधि मेडम ने मेरा हाथ पकड़ा, और मुझे खींच कर कही लेके जाने लगी. मैं दर्र गया, की वो क्या कर रही थी. वो मुझे फंक्षन वाली जगह की साइड में कुछ रूम्स थे, वाहा ले गयी. वाहा जाके उसने रिसेप्षन वाले से पूछा-

निधि मेडम: एक्सक्यूस मे. ये दुल्हन का कमरा कहा है?

रिसेप्षन वाला: जो वो 102 नंबर कमरा है.

निधि मेडम: ठीक है, थॅंक योउ.

मैं समझ नही पा रहा था, की वो मुझे दुल्हन वाले कमरे में क्यूँ लेके जेया रही थी. फिर हम रूम के बाहर पहुँचे तो रूम लॉक्ड था. रूम का लॉक लगा हुआ देख कर मैने माँ से पूछा-मैं: निधि मेडम, हम यहा क्यूँ आए है? और ये रूम तो लॉक्ड है.

तभी उन्होने पॉकेट से चाबी निकली, और रूम ओपन कर लिया. फिर हम दोनो अंदर चले गये. अंदर जाते ही मेडम ने मुझे धक्का देके बेड पर गिरा दिया. फिर उन्होने दरवाज़ा बंद किया, और अपना दुपट्टा उतार कर फेंक दिया. उसके बाद वो मेरी तरफ बढ़ी. अब तक मैं समझ गया था, की अब आयेज क्या होने वाला था.

फिर वो मेरे उपर आके खड़ी हुई. उनके लहँगे के नीचे से उनकी जांघे दिख रही थी, और उन्होने लहँगे के नीचे सिर्फ़ पनटी पहनी थी. फिर वो मेरे उपर आके बैठ गयी, और बोली-

निधि मेडम: क्या आज तुम वो सब सुख मुझे दोगे जो मुझे मिलना चाहिए?

मैं: मेडम सुख तो मैं दे दूँगा. लेकिन ये जो रूम है, यहा लड़की वाले कभी भी आ सकते है.

निधि मेडम: इस रूम की चाबी सिर्फ़ मेरे पास है. जब तक फेरे नही हो जाते तब तक यहा कोई नही आएगा. और अगर कही किसी ने आना भी हुआ, तो पहले वो फोन करके मुझसे चाबी लेंगे. तो ऐसी सिचुयेशन में मुझे पहले ही पता चल जाएगा की यहा कोई आने वाला है.

मैं: वाउ, ब्यूटी वित ब्रायन.

फिर मैने मेडम को अपनी बाहों में खींच लिया और कहा-

मैं: चलिए अब मैं आपको बताता हू, की असली सुख क्या होता है.

ये बोल कर मैने अपने होंठ उनके होंठो से मिला दिए. क्या स्वाद था मेडम के होंठो का एक-दूं कमाल. मैं उनके होंठ चूस रहा था, और वो भी बराबर में मेरे होंठ चूस रही थी. मैने उसको अपनी बाहों में भर लिया था, और हम दोनो वाइल्ड किस कर रहे थे.

किस करते हुए मैं पहले अपने हाथ उसकी कमर पर ले गया, और उसकी कमर को भींचने लगा. फिर मैं हाथ और नीचे ले गया, और उसके चूतड़ को दबाने लग गया. चूतड़ दबाने से वो और वाइल्ड हो गयी. मैने उसका लहंगा उपर खींचना शुरू किया, और हाथ उसके अंदर डाल कर पनटी के उपर से गांद दबाने लगा. बड़ी सॉफ्ट गांद थी साली की, एक-दूं पिल्लो जैसी. साली को इतनी गर्मी चढ़ि हुई थी, की मेरे होंठ छ्चोढ़ ही नही रही थी.

फिर मैने उसको घुमाया, और अब वो मेरे नीचे थी. मैने हमारी किस तोड़ी, और उसकी गर्दन को चूमने लग गया. क्या मस्त खुश्बू आ रही थी उसकी बॉडी में से, एक-दूं मदहोश कर देने वाली थी. फिर मैने अपना मूह उसकी डीप क्लीवेज में डाल दिया, और उसको चूमने चाटने लगा.

वो भी पूरी तरह से पागल हो रही थी, और मेरे सर को अपनी ब्रेस्ट में दबा रही थी. दोस्तों लड़की की ब्रेस्ट जब ब्रा में टाइट होती है, तो उसमे मूह मारने में इतना मज़ा आता है, जैसे जन्नत का मज़ा मिल रहा हो. क्या सॉफ्ट-सॉफ्ट और गरम एहसास होता है, एक-दूं कमाल.

फिर मैने उसके पीछे हाथ डाल कर उसकी चोली की डोरी खोल दी. जैसे ही मैने उसकी चोली निकली, उसने खुद ही अपनी ब्रा उतार दी. अब उसके रस्स से भरे बूब्स मेरे सामने थे. इतने बड़े और टाइट बूब्स थे उसके की कोई भी मर्द उनको देखते ही पागल हो जाए. मेरा भी कुछ ऐसा ही हाल था.

मैं देखते ही उसके बूब्स पर टूट पड़ा. दोनो बूब्स को मैं अपने हाथो में लेके दबाने लगा, और निपल्स को चूसने लगा. मैने जल्दी ही उनके निपल्स चूस-चूस कर लाल कर दिए. मेडम बस मदहोश हुई जेया रही थी और जो कुछ उनके साथ हो रहा था, उसका मज़ा ले रही थी.

उनके निपल्स अब सुर्ख लाल हो चुके थे, और उनके बूब्स में से हरी-हरी नाडियान (नर्व्स) दिख रही थी. फिर मैने उनके बूब्स चूसने छ्चोढे, और नीचे जाने लगा. पहले मैं उनके पेट को किस करने लगा. फिर मैने उनकी नाभि में जीभ डालनी शुरू की. वो आ आ कर रही थी.

उसके बाद मैं और नीचे आया, और उनके लहँगे की डोरी खोलने लगा. इतनी सेक्सी लग रही थी वो, की मैं क्या बतौ. डोरी खोलने के बाद मैने लहँगे को कमर से पकड़ा, और उसको नीचे करने लगा. मेडम ने भी गांद उठा कर मुझे लहंगा उतारने में हेल्प की.

अब वो सेक्स की देवी सिर्फ़ एक पनटी में थी. उसकी पनटी छूट वाली जगह से काफ़ी गीली हुई पड़ी थी, जिससे ये सॉफ पता चल रहा था, की उसको कितना मज़ा आ रहा था. फिर मैने उसकी पनटी पर अपना मूह लगाया, और उसको चाटना शुरू कर दिया.

मेडम की छूट का रस्स काफ़ी टेस्टी था. मैने उनकी पनटी को जीभ से चाट-चाट कर पूरा गीला कर दिया. फिर वो तड़प कर बोली-

निधि मेडम: कब तक इसी तरह से तड़पता जाएगा? अब छोड़ दे ना मुझे.

फिर मैने उनकी पनटी उतार दी. अब उनकी नंगी छूट मेरे सामने थी.

इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. अगर आपको कहानी पढ़ कर मज़ा आया हो, तो इसको अपने फ्रेंड्स के साथ शेर ज़रूर करे. कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद.

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