जिम में मिली भाभी की चुदास

हैलो फ्रेंड्स.. मेरा नाम हनी है और मैं गुडगाँव से हूँ. मैं दिल्ली कोचिंग कर रहा हूँ. मेरा रंग फेयर है, अच्छी हाइट है और लंड का साइज़ भी 6 इंच से ज्यादा है, जो किसी भी चूत को पागल बना दे. कोई भी आंटी, भाभी मुझसे बिना टेंशन के मेल कर सकती हैं.

दिल्ली में मैं जहां रहता था, वहां मेरे सामने के घर में फर्स्ट फ्लोर पर एक फैमिली रहती थी. उस परिवार में मियाँ बीवी, उनका एक 4 साल का बेबी और एक बूढ़ी अम्मा जी रहती थीं.

उन भाभी का नाम कुसुम था और कुसुम भाभी एक जबरदस्त माल थीं. मतलब भाभी का ऐसा टाइट फिगर कि देखते ही लौड़े में आग लग जाती थी. जब भी वो बाल्कनी में आतीं तो हम सभी फ्रेंड्स आकर खड़े हो जाते और उनको प्यासी निगाहों से घूरते रहते कि बस एक बार भाभी की मिल जाए. मैं भी भाभी की छलकती जवानी को देख कर ये ही सोचता रहता था.

फिर मुझे पता चला कि वो भाभी जी सुबह जिम और योगा वगैरह के लिए जाती हैं, तभी उसका फिगर इतना मेंटेन और कातिल था.

भाभी का 34-26-36 का फिगर वास्तव में इतना कसा हुआ था कि वो किसी भी लंड को एक बार में ही खड़ा कर दें. उनकी सुबह की एक्टीविटी के बारे में जानकर मैं खुश हो गया कि कम से कम अब मैं उनको रोज करीब से देख तो सकूँगा, इसलिए मैंने भी उसी जिम को ज्वाइन कर लिया और रोज जाने लगा. वो एक छोटा सा जिम था और मैंने भी उस जिम में सुबह के टाइम एड्मिशन ले लिया.

उस रात में सो नहीं पाया और उनको याद करके मुठ मार ली. सुबह में जिम गया, तो वो भाभी मुझे देख कर थोड़ा चौंक गईं कि ये लौंडा तो मेरी गली का ही है. मैंने भी भाभी को देखा और वॉर्म अप होने लगा.

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ऐसे ही 4-5 दिन निकल गए.. हमारी कोई बात नहीं हुई. मैं बस उन्हें चोरी छुपे जिम करते देखता रहता. जो वे भी नोटिस कर चुकी थीं.. कि ये लड़का उनकी तरफ देखता है.

एक दिन वो मेरे साथ ही जिम से निकलीं, मैं भाभी के बगल से गुजरा तो भाभी बोलीं- हैलो गुड मॉर्निंग.
मैंने भी ‘गुड मॉर्निंग..’ बोला.
भाभी बोलीं- जिम को अभी ज्वाइन किया है या शाम को आते थे.
मैंने बोला- मैंने अभी स्टार्ट किया है.
वो बोलीं- ओके.
मैंने बोला कि आपको तो जिम ज्वाइन किए काफ़ी टाइम हो गया ना!
वो बोलीं- हां.. लेकिन आपको कैसे पता.
मैं बोला- आपकी बॉडी से.. जो इतनी फिट है.
वो मुस्कुरा कर थैंक्यू बोलीं.

तभी उनका घर आ गया और वो चली गईं. मैं खुश हुआ कि चलो आज बात तो हुई.

अगली सुबह जिम में जाते ही मैं उनको देख कर मुस्कुराया और विश किया. आज मैं उनके साथ वाली मशीन पर ही साइकिलिंग करने लगा. वो भी मुझे कुछ बताने लगीं कि पहले ये कर लो और फिर ये वाली एक्सर्साइज़ करना चाहिए. इस तरह हम दोनों में बातचीत होने लगी और हम दोनों रोज ही साथ में आने लगे.

एक दिन मैंने पूछा कि आपके हज्बेंड कहाँ रहते हैं?
तो उन्होंने बताया कि वो चंडीगढ़ में जॉब करते हैं, एक या दो हफ्ते में ही आ पाते हैं.
मैं बोला- आपका मन लग जाता है यहां?
वो बोलीं- हां मेरी बेटी है ना.. और सासू माँ भी हैं.
मैंने ओके बोला और कहा कि मेरे लायक कोई काम हुआ करे तो बता दिया कीजिएगा.
उन्होंने ओके और थैंक्स बोला.
मैंने अपनी मुस्कान बिखेर दी.

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फिर उन्होंने भी मुस्कुराते हुए कहा कि अपना नम्बर दे दो, मैं सुबह मिस कॉल कर दिया करूँगी तो साथ में चल लिया करेंगे.

भाभी की ये बात सुनकर मैं तो पागल सा ही हो गया और झट से अपना नम्बर उन हसीन भाभी जी को दे दिया.

रात को व्हाट्सैप पर उनका हैलो का मैसेज आया.
मैंने जबाव दिया तो भाभी ने कहा कि ये मेरा नम्बर है, सेव कर लो.
फिर ऐसे ही बातें हुईं और डाइट वगैरह पर बात करते रहे.

भाभी से अब मेरी व्हाट्सैप पर लगभग रोज ही बात होने लगी.

ऐसे ही एक रात मैंने भाभी से काफी देर तक चैट के बाद बोला कि अब सोओगी?
तो वो बोलीं- हां और क्या करूँगी इतनी रात को?
मैंने जरा नॉटी हो कर बोल दिया कि वैसे करने को काफ़ी कुछ है.
तो भाभी हंसने लगी और बोलीं- अच्छा शरारती लड़के..

मैं धीरे धीरे यूं ही भाभी के साथ नॉटी बातें करता रहा.. फिर एकदम से बोला कि आई लाइक यू कुसुम.
वो बोलीं- अच्छा जी.. कुसुम! मुझे तुम्हारे मुँह से भाभी की जगह कुसुम सुनना अच्छा लगा.
मैंने भाभी शब्द का इस्तेमाल बंद करते हुए कह दिया- सच में कुसुम, तुम बहुत हॉट हो.
वो बोलीं- थैंक्यू.. अभी पढ़ाई में मन लगाओ.. यहां वहां नहीं.
मैं बोला- पढ़ाई में तभी मन लगता है जब आदमी होश में हो. तुम्हें देख कर तो मैं वैसे ही खो जाता हूँ.
भाभी हंसने लगीं और बोलीं- बहुत प्यारी बातें करते हो.

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