ग्रूप सेक्स की तैयारी में भाई और उनकी बीवियाँ

तो दोस्तों ये मेरी इस कहानी का 5त पार्ट है, और उमीद करता हू की आपको इसके पहले के पार्ट्स पढ़ कर मज़ा आया होगा. अब आयेज

निराल: अछा बच्चो, तुम दोनो ने फर्स्ट स्टेप सीख लिया है. अब आयेज बढ़ते है.

मोना: अछा इन्हे डाइरेक्ट सेक्स सीखने से अछा है क्यूँ ना ये लोग पहले हमे देखे सेक्स करते हुए? और साथ-साथ में इन्हे हम बताते जाएँगे?

विवेक: वैसे सोच तो बिल्कुल सही लग रही है.

विकास: हा तो देर किस बात की? बच्चो अभी तुम दोनो एक काम करो. वाहा सामने सोफा पर बैठ जाओ. अभी हम सब सेक्स करेंगे, और तुम्हे सीखते जाएँगे.

राहुल: ओके पापा.

इतना कहते ही मैं और सोनू नंगे तो थे ही, तो हम उठे, और बेड के सामने की तरफ सोफा था, वाहा बैठ गये नंगे ही. उसके बाद हम दोनो के मम्मी पापा एक-दूसरे के करीब आए, और वो एक-दूसरे को किस करने लगे. लेकिन पता है किस करने से ज़्यादा मज़ा तो मेट्यूर्ड लोगों को किस करते हुए लिव देखने में आता है.

मम्मी और पापा तो एक-दूं स्लो-स्लो एक-दूसरे के होंठो को चूज़ जेया रहे थे, और मम्मी के हाथ पापा के बालों में थे, जो मम्मी सहला रही थी. पापा ने मम्मी की कमर पे हाथ रखा हुआ था. दूसरी तरफ चाचू और चाची भी होंठ चूस रहे थे. लेकिन चाची चाचू की गोद में बैठ गयी थी.

वो चाचू के उपर बैठ कर अपनी कमर हिला रही थी. वाहा मैने नोटीस किया की चाची काफ़ी ज़्यादा लेड लेने में इंट्रेस्टेड थी, जैसा डॉमैनेटिंग नेचर होता है बिल्कुल वैसे. जैसे उन्हे चाहिए वैसा ही सब होना चाहिए.

वाहा से फिर हम दोनो को उनकी किस्सिंग की आवाज़े आने लगी. कैसे किस करते हुए थूक और मोनिंग की, और चूसने की आवाज़ आती है ठीक वैसी ही. अब मैं आपको बता डू की हम तो नंगे ही थे. लेकिन हमारे पेरेंट्स ने क्या पहना हुआ था.

तो पापा और चाचू ने तो वही शॉर्ट्स और त-शर्ट पहना था. अब जेंट्स ज़्यादा कहा ही पहन लेंगे वाकेशन में. खैर आते है मम्मी पे. तो मेरी प्यारी चब्बी मम्मी ने ग्रे कलर की टाइट लेगैंग्स पहनी हुई थी, और उपर ब्लॅक कलर की स्लीव्ले त-शर्ट.

दूसरी तरफ चाची ने वन पीस पहना था, जो नीस की लेंग्थ तक था, और वो ड्रेस डार्क ब्लू कलर का था. उपर से स्ट्रॅप्स उसके स्लीव्ले ही थे, और चाची के अंदर की पिंक ब्रा का स्ट्रॅप नज़र आ रहा था. तो इतना तो क्लियर था की चाची ने अंदर पिंक कलर की ब्रा पहनी हुई थी.

खैर तो किस्सिंग चालू थी बेड पर और चाचू ने चाची के थाइस पे हाथ फेरना शुरू किया. कुछ ही देर में चाचू के हाथ चाची के ड्रेस के अंदर थे, और किस्सिंग अभी भी शुरू ही थी. धीरे-धीरे चाची की ड्रेस थोड़ी उपर होती गयी और बीच-बीच में उनकी पिंक कलर की कॉटन पॅंटीस नज़र आने लगी. करीब 2-3 बार तो मैने देख लिया.

फिर मैने देखा की मम्मी ने पापा की त-शर्ट उतार दी थी, और पापा की चेस्ट पे किस कर रही थी. धीरे-धीरे वो पापा के निपल्स चूस रही थी, और पापा मम्मी के बालों को सहला रहे थे. जैसे ही चाची ने देखा की मेरे पापा की त-शर्ट उतार चुकी थी, उन्होने चाचू की भी त-शर्ट उतार दी, और वो भी मम्मी की तरह चाचू की अप्पर बॉडी को चूमने लगी.

फिर पापा ने मम्मी की ब्लॅक त-शर्ट उतारने की कोशिश की, लेकिन उतार नही पाए. इसलिए मम्मी बेड से उठी, और साइड में खड़े रह कर उन्होने अपनी त-शर्ट उतार दी. अंदर भी मम्मी ने ब्लॅक ब्रा ही पहनी हुई थी. लेकिन मम्मी के बूब्स काफ़ी बड़े थे, और हल्का-हल्का पेट भी बाहर था, जो बहुत सेक्सी लग रहा था.

नीचे उन्होने लेगैंग्स भी तो टाइट पहनी थी, जिससे उनकी थाइस और उनकी गांद की शेप साइड से क्लियर नज़र आ रही थी. चाचू मम्मी की तरफ ही देख रहे थे जिसके बाद उन्होने कहा-

विवेक: वाउ भाभी. पहली बार आपको ऐसे रूप में देख रहा हू. काफ़ी सेक्सी लग रही हो आप.

निराल: अछा देवर जी. क्या सेक्सी लग रहा है वो भी बता देते तो सुन कर और अछा लगता.

चाचू तोड़ा शांत हुए की उन्हे खुल कर कहना चाहिए या नही. खुद की बीवी के सामने किसी और की बीवी के साथ उसके पति के सामने खुल कर बात करने से पहले आदमी 10 बार सोचेगा ज़रूर. मम्मी ये समझ गयी थी की चाचू चुप क्यूँ थे.

निराल: अर्रे घबराईए मत. मोना और आपके बड़े भाई से डरने की बात नही है. हम तो इस बारे में बात कर ही चुके है ना.

मोना: हो जी? आप दर्र रहे हो खुल कर निराल की तारीफ करने से?

विवेक: नही-नही वो तो बस (चुप हो गये).

निराल: अछा चलिए इस ऑक्वर्डनेस को मैं डोर कर देती हू. मोना, ज़रा देवर जी के शॉर्ट्स तो उतार. मैं भी देखु छ्होटे भाई और बड़े भाई में क्या फराक है?

मोना: हा क्यूँ नही भाभी. वैसे एक काम करते है. दोनो भाइयों के शॉर्ट्स साथ उतारते है.

ये सुनते ही पापा और चाचू बेड की दोनो तरफ खड़े हो गये, और उनकी पत्नियाँ उनकी शॉर्ट्स उतारने में लग गयी. कुछ ही सेकेंड्स में हमने देखा की पापा का ब्लॅक अंडरवेर था, और चाचू का वाइट.

निराल (जीभ बाहर निकालते हुए): वाउ, वाइट अनडाइस देवर जी. देखिए मैं ना कहती थी वाइट अनडाइस आप भी पहनो आचे लगॉगे. सी आपके छ्होटे भाई तो पहनते है, आंड हे इस लुकिंग सो हॉट.

विकास: वो तो जल्द ही गंदे हो जाते है, इसलिए नही पहनता मैं.

मोना: वैसे भाभी, अंडरवेर इनकी ब्लॅक हो या वाइट. अंदर दोनो का कोब्रा तो ब्लॅक ही होगा, हहा

निराल: हा बिल्कुल. चल अब रहा नही जाता. ये भी उतार देते है.

इसके बाद चाची और मम्मी दोनो ने एक ही झटके में चाचू और पापा की अनडाइस उतार दी. और ये उतरते ही पापा और चाचू के अलावा हम सब चौंक गये थे, और सर्प्राइज़्ड थे.

क्यूंकी पापा और चाचू दोनो की लुल्ली एक-दूं ब्लॅक थी. पापा की लुल्ली बिल्कुल केले के शेप में थी. कर्व्ड, मोटी और उपर की तरफ टिप. दूसरी तरफ चाचू की लुल्ली की शेप बिल्कुल उल्टी थी. मतलब उल्टा केला. कर्व्ड, मोटा और नीचे की तरफ बेंड हुआ था.

मोना: ऑम्ग भैया, आप दोनो का केला सिमिलर ही है. बस दोनो की शेप ऑपोसिट साइड बेंड है. सो सेक्सी.

निराल: यार मोना. इमॅजिन हमे न्यू एक्सपीरियेन्स मिलेगा. और साथ में बारी-बारी. कितना मज़ा आएगा.

मोना: हा लेकिन ये पर्पस के साथ हमारा दूसरा पर्पस भूलना नही है हमे. बच्चो को भी सीखना है. क्यूँ बच्चो? मज़ा आ रहा है देखने में?

सोनू: मम्मी, वो राहुल की लुल्ली देखने के बाद पापा की लुल्ली देखी तो मुझे तो घबराहट हो गयी. इतनी बड़ी कैसे हो सकती है?

राहुल: हा मम्मी. क्या मुझमे कोई प्राब्लम है?

निराल: अर्रे नही बेटा. पापा तुझसे बड़े है ना. आयेज जाके तेरा भी इतना ही बड़ा होगा.

मोना: एस राहुल. और अगर तुम्हे कोई भी डाउट हो, कुछ टेन्षन हो, अब तुम हमारे पास या अपने पापा या चाचू के पास डाइरेक्ट्ली जा सकते हो.

राहुल: थॅंक योउ सो मच मम्मी आंड चाची.

विवेक: वैसे भाभी आप ने अब तक सिर्फ़ आपकी त-शर्ट उतरी है. टिटीस तो आपके काफ़ी मस्त है. लेकिन नीचे का भी उतरिय. हम दोनो बाप को आप दोनो ने बच्चो के सामने नंगा कर दिया. और खुद बैठे हो.

निराल: अछा देवर जी. तो आपको उपर के पार्ट्स से ज़्यादा नीचे के पार्ट्स में इंटेरेस्ट है. ठीक है जी उतार देती हू.

मोना: एस भाभी, हे लव्स आस. तो आप घूम कर अगर अपनी लेगैंग्स और पनटी उतारेंगी ना, तो इनके शरीर का खून इनके लंड तक पहुँच जाएगा.

निराल: हहा, सो फन्नी मोना. लेकिन देवर जी के लिए इतना तो कर सकती हू. वैसे मोना, तूने तो वन पीस पहना है. क्या पहला क्या दूसरा उतारेगी. इनको जो दिखा दे, ये उसमे अपना सुख ढूँढ लेते है.

खैर ये बातें होने के बाद पापा और चाचू बैठ चुके थे बेड पे अपनी-अपनी पत्नियों के सामने और एक-दूसरे की पत्नियों की तरफ तो नज़र थी ही. फिर मम्मी ने दूसरी तरफ घूम के अपनी लेगैंग्स उतार दी. मम्मी की गांद काफ़ी ज़्यादा बड़ी थी, और उनकी टांगे बिल्कुल गोरी-गोरी.

दूसरी तरफ चाची ने अपना वन पीस ड्रेस उतरा, और दोनो अब सिर्फ़ अपनी-अपनी लाइनाये में खड़ी थी.

मोना: आप दोनो यहा बस बैठने आए हो क्या?

निराल: हा ना. आपके कपड़े भी हम उतरे. हमारे कपड़े भी हम उतारे.

विवेक: अछा-अछा नाराज़ मत हो आप दोनो. हम ये उतार देते है.

मोना: बहुत-बहुत आभार आपका.

फिर चाचू ने चाची की पनटी उतार दी और फिर उनकी ब्रा का हुक खोल दिया जिसके बाद चाची ने ब्रा उतरी और फेंक दी साइड में. दूसरी तरफ पापा ने मम्मी की ब्लॅक पनटी उतरी, और मम्मी जब उसे टाँगो से निकाल रही थी, तो पापा ने ज़ोर से मम्मी के गांद पे स्पॅंक किया.

निराल: आउच! बड़े नॉटी हो रहे हो आज.

विकास: हा बस माहौल ही कुछ ऐसा बना है.

फिर पापा ने मम्मी की ब्रा का भी हुक खोल दिया और ब्रा उतार दी. तो हमारे सामने अब हमारे घर वाले थे जिन्हे हम पहली बार बिना कपड़ों के देख रहे थे. वैसे चाची के आयेज की तरफ खूब ज़्यादा बाल थे, और दूसरी तरफ मम्मी बिल्कुल शेव्ड थी. जैसे कल परसो ही किया हो.

इसके बाद चारो बेड पर जेया कर बैठ गये, और इस वक़्त कमरे में 6 लोग थे, और सब के सब बिना कपड़ो के.

तो दोस्तों यहा तक की कहानी आपको कैसी लगी, कॉमेंट्स करके और मैल करके ज़रूर बताए. ताकि मुझे आयेज की स्टोरीस और पार्ट्स लिखने का मोटिवेशन मिले.

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