गर्लफ्रेंड के साथ पहली बार सेक्स

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम राकेश है (बदला हुआ नाम) मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और पिछले कई साल से अन्तर्वासना पर प्रकाशित कहानियां पढ़ रहा हूँ. आज मैं अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पहली बार सेक्स की सच्ची कहानी आपके सामने ला रहा हूँ. उम्मीद है आप सब दोस्तों को ये पसंद आएगी.

यह बात उस वक़्त की है, जब मैं बीए फाइनल इयर में था. मेरे घर के थोड़ी दूरी पर मेरी एक फ्रेंड रहती थी, जिसका नाम अदिति (बदला हुआ नाम) था. हम दोनों करीब 4 साल से बहुत अच्छे दोस्त थे और करीब दिन भर व्हाट्सऐप पर बात किया करते थे. पूरा दिन उससे बात करने में निकल जाता था और रात में भी काफी देर तक हम बात करते रहते थे.
एक वक़्त तो ऐसा आलम आ गया था जिस घड़ी उससे बात नहीं होती थी, उस दिन मन ही नहीं लगता था.

मैं उसके फिगर के बारे में बता दूँ, उसके बूब्स बहुत बड़े थे.. करीब 34 साइज़ के और उसकी तोप की तरह उठी हुई गांड का तो मैं शुरू से ही दीवाना था और उसका शरीर भी हल्का सा गदराया हुआ था. मतलब ऐसा शरीर, जिसे हम न पतला बोल सकते है न अधिक मोटा.. वो बहुत सेक्सी फिगर वाली थी.

जैसा कि मैंने बताया कि हम काफी समय से अच्छे दोस्त थे और सब तरह की बातें आपस में शेयर करते थे. इसी कारण से धीरे धीरे मेरा उसकी तरफ आकर्षण बढ़ता गया. मुझे उसकी उठती जवानी की नदी में डुबकी लगाने का मन करने लगा. मुझे लगता था कि वो भी मेरी निगाहों को समझती थी लेकिन उसने कभी भी मुझे इस तरह का कोई इशारा नहीं दिया.

जब भी वो अपने किसी लड़के दोस्त के साथ बाहर जाती थी, मुझे जलन सी होने लगती थी. मुझे उसे किसी और लड़के के साथ देखना पसंद नहीं था, चाहे वो उसका साथ पढ़ने वाला दोस्त ही क्यों न हो.

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ऐसे ही काफी दिन बीत गए और एक दिन रात में बात करते वक़्त मैंने उसे प्रपोज़ कर दिया, जिसमें उसका जवाब न तो हाँ था.. और न ही ना था.
उसने कहा- मैं तुम्हारे बारे में ऐसा कुछ नहीं सोचती, पर तुम मेरे बहुत अच्छे दोस्त हो.. मैं मना करके तुम्हारा दिल भी नहीं तोड़ना चाहती. प्लीज मुझे थोड़ा वक़्त चाहिए.
मैं कहा- ओके मुझे लगता था कि शायद तुम भी मुझे उतना ही प्यार करती थीं जितना मैं तुमको प्रेम करता हूँ.

उसने मेरी आँखों में प्यार से देखा लेकिन कुछ कहा नहीं.. उसकी इस बात से मुझे बहुत बुरा लग रहा था. उसने फिर से कहा- प्लीज़ यार मुझे कुछ वक्त तो दो.
उसके मुँह से ये सुन कर मेरा मन उदास हो गया. मैं उससे बाय कहा और गुड नाईट बोल कर सो गया.

इसके बाद से मैं दिन दिन भर परेशान रहने लगा था. मेरा किसी भी काम में मेरा मन नहीं लगता.

एक दिन उसने चैट के दौरान बोल ही दिया कि मैं काफी दिन से तुम्हारा बिहेवियर देख रही हूँ, तुम बहुत बदले बदले रहने लगे हो.. पहले जैसी बात नहीं रही अपने बीच.
मैंने उसे समझाया- अदिति, सच बात ये है कि मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ और अब मैं तुम्हारे साथ नार्मल फ्रेंड बनकर नहीं रह सकता. मेरे मन में तुम्हारे लिए अब अलग फीलिंग्स हैं.. सॉरी.. लेकिन तुम मेरी इस भावना को शायद समझ ही नहीं रही हो. मैं तुमसे जबरन मुहब्बत वाला सीन तो क्रियेट नहीं कर सकता लेकिन मेरी बात को शायद तुम नहीं समझ रही हो.

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उसने थोड़े दिन का टाइम लिया और मुझे बोली- राकेश, मैं तुम्हारे साथ रिलेशन में आ रही हूँ.. मैं तुम्हें ऐसे नहीं देख सकती.. पर अगर मैं तुम्हें प्यार न दे सकूं, तो मुझे माफ़ कर देना, मैं तुम्हारे जितना प्यार शायद ही तुम्हें दे पाऊं.

मैंने भी हामी भर दी और उस दिन से हम रिलेशन में आ गए. इसके बाद भी काफी दिन नार्मल ही बीते, पर धीरे धीरे अब वो भी मुझे प्यार करने लगी थी. सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था. अब हम कभी कभी फ़ोन सेक्स भी करने लगे थे और वो मुझे अपने बूब्स की पिक्स भी भेजने लगी थी. फिर से चैट में मस्ती होने लगी थी. वो मुझे लगभग हर वक्त छेड़ने की कोशिश करती रहती ताकि मैं उसके साथ पहले जैसा हो जाऊं.

मुझे आज भी याद है उसने सबसे पहली फ़ोटो लाल ब्रा में भेजी थी, जिसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थी. उसके 34 के बूब्स ब्रा से बाहर आने को बेताब थे. मैंने उससे ब्रा हटा कर फोटो भेजने का कहा तो उसने पूरे नंगे दूध तो नहीं पर अपने निप्पल तक ब्रा को सरका कर गुआबी निप्पलों की हल्की सी झलक दिखती हुई एक फोटो भेजी. अब वो मुझे टीज करने लगी थी. ये सच है कि किसी लड़की की नंगी चूचियों को देखने से ज्यादा उसकी अधनंगी चूचियों को देख कर वासना जागती है.

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