घर मे इन्सेस्ट चुदाई के अफेर

निधि को लेने के लिए मैं हॉस्पिटल पहुँच गया जहाँ वो पहले से ही मेरा वेट कर रही थी. मुझे देखते ही वो झट से बिके पर बैठ गयी.

निधि: आहह फाइनली आज मेरी जॉब ख़तम हो गयी. कल मैने लीव ली है. और परसो से मैं जनरल वॉर्ड वो मे शिफ्ट हो जौंगी.

नील: चलो अक्चा हुआ

निधि: ह्म बहुत महीने हो गये तुमसे दूर हूँ. बहुत मिस कर रही हूँ तुम्हे. इसलिए कल च्छुतटी ली है. बस अब घर जाकर फ्रेश हो जौंगी फिर रात भर तुमसे चड़वौनगी.

नील: अक्चा तो ये प्लान बनाया है?

निधि: हा मेरी छूट मे बहुत खुजली हो रही है. बहुत परेशन हूँ. बड़ी मुश्किल से खुद को कंट्रोल कर रही हूँ. लेकिन आज तुमसे चड़वौनगी तब बहुत मज़ा आएगा. डिन्नर के बाद मैं डाइरेक्ट अपने कमरे मे चली जौंगी. तुम फ्री होने के बाद मेरे बेडरूम मे आ जाना

नील: ठीक है

थोड़ी देर बाद उसे एक मेडिकल शॉप दिखा और उसने बिके रोकने को कहा

निधि: एक काम करो तुम जाकर कॉनडम्स लेकर आओ. मैने आज चेक किया था तो ख़तम हो गये थे

नील: ठीक है

मैं मॅन मे सोच रहा था. ख़तम तो होंगे ही ना दिन रात मम्मी को जो छोड़ रहा हूँ. फिर मैं कॉनडम्स लेकर आ गया तभी निधि ने कहा

निधि: एक मीं. जब हुँने लास्ट सेक्स किया था उससे पहले ही तुमने कॉनडम्स लाए थे और उसके बाद तो हुँने सेक्स किया ही नही. फिर कॉनडम्स ख़तम कैसे हो गये?

मुझे इसी बात का दर था. निधि बहुत शार्प थी उसे हर चीज़ अकचे से पता थी.

नील: अरे होगा ना कुछ तुम कहा ये सब सोच रही हो. कॉनडम्स ही तो है

निधि: ह्म

इतना बोल के हम वहाँ से निकल गये. मैं बिके के मिरर से देख रहा था निधि ये सब कॅल्क्युलेशन कर रही थी. उसका दिमाग़ अभी तक उस कॉंडम के पॅकेट्स पर ही था. मुझे हर वक़्त निधि की इस मेमोरी से बहुत दर था.

कुछ देर बाद हम घर आ गये. निधि जल्दी से बातरूम की तरफ भागी और सबसे पहले नहाने चली गयी. अब मुझे रहट की साँस मिली.

मैं किचन की तरफ चला गया जहाँ मम्मी काम कर रही थी. मैने उन्हे पिच्चे से हग किया.

मम्मी: आहह आ गये तुम?

नील: हन और निधि भी आ गयी

मम्मी: ओके

मैने अपने दोनो हाथों से उनके बूब्स को दबाने लगा और वो सिसकारियाँ लेते हुए मज़े ले रही थी.

नील: आप बहुत तक गयी होंगी ना?

मम्मी: हन तुम आज कल इतना छोड़ रहे हो ना इसलिए

नील: ठीक है आप आज रात आराम करो

मम्मी: थॅंक्स… वेट, ये तुम बोल रहे हो?

नील: हन

मम्मी: नही नही… कुछ तो गड़बड़ है. अब जल्दी बताओ क्या करने वेल हो?

मैने उनके बालो को साइड मे किया और उनकी गर्दन पर चूमते हुए कहा

नील: निधि आज बहुत वक़्त के बाद फ्री हुई है तो उसने कहा के मैं उसके साथ ही सो जाो

मम्मी: आहह और तुम क्या करने वेल हो?

नील: आप ने मुझे निधि को छोड़ने की पर्मिशन दे दी है ना

मम्मी: हन

नील: तो क्यू चिंता कर रही हो आप? आज रात ही मैं उसे अपनी बना लूँगा

मम्मी: आज रात ही?

नील: हन

मम्मी: एक ही रात मे उसे माना लोगे तुम?

नील: हन

मम्मी: जाओ जाओ… मस्ती मत करो मेरे साथ. मैं अपनी बेटी को अकचे से जानती हूँ. उसने आज एक लड़के को भाव नही दिया और वो अपने भाई से छुड़वा लेगी?

नील: अक्चा ठीक है. देख लेना कल सुबह निधि जब उठेगी तब उसकी चाल बदल जाएगी

मम्मी: ओह गोद! इतना छोड़ने वेल हो उसे?

नील: निधि अभी तक वर्जिन है ना… फिर ये तो होगा ही

मम्मी: ह्म

मम्मी ने फिर से मुझे वॉर्निंग दी के मैं उसे आराम से छोड़ू. मैने उन्हे कन्विन्स किया और चेंज करने चला गया. मुझे खुद पर हसी आ रही थी. मम्मी की पर्मिशन से निधि को छोड़ने के लिए मैने उसे वर्जिन बता दिया था. सच तो ये था के मैं निधि की वर्जिनिटी सालो पहले तोड़ चुका था. निधि भी हर रोज मुझसे चुड़वति थी.

लेकिन आज ये काफ़ी महीनो बाद होने वाला है इसलिए मैं बहुत एग्ज़ाइटेड था. मैं बहुत लकी था के अपनी मम्मी और बहें दोनो को छोड़ रहा था. मम्मी की गांद मारनी अभी बाकी थी उनके जिस्म को हर तरहा से प्यार करके उन्हे अपना बना लेना चाहता था जैसे के निधि के साथ किया था.

मैं चेंज करके हॉल मे आकर बैठ गया. कुछ देर बाद निधि भी नाहकार चेंज करके आ गयी. वो बहुत फ्रेश लग रही थी. वहाँ हम दोनो ही थे. निधि मेरे साइड मे आकर बैठ गयी और हम बातें करने लगे.

वो मुझे अपनी ड्यूटी और कोविद पेशेंट्स के बारे मे बता रही थी. कुछ देर बाद वहाँ मम्मी भी आ गयी और हम तीनो मिलकर बातें करने लगे. बहुत टाइम बाद वो हम दोनो के साथ बैठी थी वरना वो अपने कमरे मे ही रहती थी ड्यूटी की वजह से.

हम तीनो ने बातें करते हुए डिन्नर कर लिया. मम्मी अपने ही ख़यालो मे थी के आज उनकी बेटी अपने भाई से चूड़ने वाली है. मैं बीच बीच उनके पैरो को अपने पैर से सहला के च्छेद देता था जिसपर वो गुस्सा हो जाती लेकिन निधि के सामने वो कुछ भी नही कर सकती थी. यही मैं निधि के साथ भी करता था. उसे बड़ा मज़ा आ रहा था के मैं उसे च्छेद रहा था.

वो भी मम्मी के सामने होने की वजह से मुझे कुछ कह नही पति. निधि बहुत शर्मा रही थी. फिर उसने भी मुझे अपने पैरो से सहलाना शुरू किया. ऐसे चलते हुए हुमारा डिन्नर ख़तम हुआ.

डिन्नर ख़तम होने के बाद निधि उठी और मुझे इशारा करके उपर आने को कहने लगी. मैने उसे इशारे मे हन कहा फिर वो उपर भाग गयी. निधि के जाते ही मम्मी मुझपर गुस्सा करने लगी क्यू के मैं उन्हे च्छेद रहा था. लेकिन मैने मम्मी को शांत किया और वो अपने काम मे लग गयी.

कुछ देर बाद उपर जाने से पहले मैं मम्मी के साथ रहा उनसे बातें करने लगा. लेकिन मम्मी थोड़ी टेन्षन मे थी.

नील: क्या हुआ मम्मी? आप क्या सोच रही हो?

मम्मी: यही के जब निधि तुम्हारा इतना लंबा और मोटा लंड लेगी तब उसकी क्या हालत होगी. कितना दर्द होगा उस बेचारी को. मैं इतना चूड़ने के बाद भी मुझे तोड़ा सा दर्द होता है और वो तो वर्जिन है. वो पहली बार कोई लंड लेगी और भी अपने भाई का. पता नही क्या और कैसे होगा.

नील: मम्मी आप चिंता मत करो. मैं हूँ ना सब आराम से करूँगा

मम्मी: ह्म और हन तुम कॉंडम ज़रूर लगा लेना. मुझे कोई रिस्क नही चाहिए

नील (हेस्ट हुए): अक्चा बाबा लगा लूँगा. आप सो जाओ

मम्मी: क्या सो जाओ? मेरी बेडरूम के उपर वेल फ्लोर पर निधि का बेडरूम है जहाँ आज तुम उसे छोड़ने वेल हो. मुझे कैसे नींद आएगी?

फिर जैसे तैसे करके मम्मी को शांत करके मैं उपर चला गया. निधि के कमरे मे मैं चला गया और वो पहले से ही रेडी थी. मेरे आते ही वो मुझपर टूट पड़ी. मुझे अंदाज़ा आ गया के ये रात कैसे काटने वाली है, फिर हुमारा रोमॅन्स शुरू हुआ.

उस रात निधि ने मुझसे जमकर चुडवाया. सुबह होने तक मैं उसे छोड़ता रहा. हर पोज़िशन मे वो छुड़वा रही थी. मिशनरी, डॉगी स्टाइल, काउ गर्ल, कड्ड्ल, 69, रिवर्स काउ गर्ल, एट्सेटरा. मैने उसकी गांद भी मारी.

काफ़ी दीनो बाद वो मुझसे छुड़वा रही थी इसलिए उसके अंदर बहुत जोश था. उसने मेरी गर्दन और जिस्म पर बहुत सारे लोवे बाइट्स के निशान बना दिए. मुझे भी मज़ा आ रहा था निधि को छोड़ने मे.

उसकी कामुक आवाज़े कमरे के बाहर तक जेया रही थी. पूरे कमरे मे सिर्फ़ आहह आहह वाली आवाज़े थी. मैने उसकी जिस्म को पूरी तरहा से निचोड़ दिया. उसने मुझसे आयेज पिच्चे हर जगह से चुडवाया. मैने भी कोई कसर नही छ्चोड़ी.

सुबह होने के बाद मैं उठा तो निधि मेरे साइड नंगी लेती हुई थी. कमरा पूरी तरहा से तहेस्नएहेस हो चुका था. ये देखकर कोई भी साँझ जाता कितनी बुरी तरहा से चुदाई हुई होगी. निधि बहुत गहरी नींद मे थी.

मैं जल्दी से उठा और फ्रेश होने चला गया. नाहकार बाहर आने के बाद मिरर मे देखा तो मेरे बॉडी पर हर जगह निधि ने अपने दाँत से निशान बनाए हुए थे. मुझे पता था मम्मी ये ज़रूर नोटीस करेगी. मैं झट से रेडी हुआ और नीचे चला गया.

मम्मी किचन मे थी तो मैं वही चला गया. आज उन्होने निघट्य डाली हुई थी ब्लॅक कलर की. गौर से देखने पर मुझे पता चला के उन्होने अंदर ब्रा पनटी नही डाली हुई थी. उनका रंग एकदम दूध जैसा गोरा है जिससे वो ब्लॅक कलर की निघट्य मे बहुत हॉट लग रही थी. उनकी गांद बहुत ही बड़ी और बाहर निकली हुई थी जिसपर मेरी नज़र बार बार जेया रही थी.

मैने जाकर उन्हे पिच्चे से हग किया और उनके गाल पर किस करके गुड मॉर्निंग कहा.

मम्मी: गुड मॉर्निंग बाकचा… नींद पूरी हो गयी?

नील: अरे कहा मुम्मा… आपकी बेटी एकदम वाइल्ड है

मम्मी: मतलब

नील: अरे रात भर चुडवाया उसने… सोने ही नही दिया. अभी 5:30 बजे सो गये हम

मम्मी: सच मे?

नील: हन

मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था मम्मी को च्छेदने मे.

मम्मी: पहले ये बता वो मानी कैसे तुमसे चूड़ने के लिए?

नील: इसमे क्या बड़ी बात है… साथ मे सोए थे. रात को मैने उसे सिड्यूस किया और धीरे धीरे उसके कपड़े उतार के यहाँ वहाँ किस करने लगा.

मम्मी: फिर

नील: फिर उसकी नींद खुल गयी और वो मज़े लेने लगी. जब होश मे आई तब उसे पता चला के मैं उसके साथ ये सब कर रहा हूँ तो उसने तोड़ा नाटक किया और गुस्सा भी. लेकिन सब झूठ का गुस्सा था.

मम्मी: अक्चा

नील: मैं रुका नही और उसे हर जगह चूमने लगा. जैसे ही उसके होंठों को चूसना शुरू किया वो एकदम से शांत हो गयी और झट से उसने मेरा साथ दिया. फिर एकदम टूट पड़ी मुझपर

मम्मी: तुमने तो झट से अपनी बहें को पता लिया.

नील: मैने कहा था आप से

मम्मी: उसे दर्द तो नही हुआ तुम्हारा लंड लेने मे?

नील: दर्द तो बहुत हुआ. उसे भी और मुझे भी.

मैं मम्मी को च्छेदने के लिए निधि और मेरा पहला चुदाई का एक्सपीरियेन्स बताने लगा.

मम्मी: तुम्हे भी?

नील:. हन. उसकी छूट इतनी टाइट है के मुझे बहुत ज़ोर लगाना पड़ा. वो चिल्ला रही थी लेकिन उसे मज़ा बहुत आ रहा था.

मम्मी: हन वो तो मैने सुना. उसकी आवाज़े कमरे के बाहर तक आ रही थी.

नील: अक्चा

मम्मी: और तुम भी कुछ कम नही हो. उसे कितनी ज़ोर ज़ोर से छोड़ रहे थे. तुम्हारे धक्को की आवाज़ यहाँ नीचे मेरे बेडरूम मे भी आ रही थी. मैं रात भर सो नही सकी. मुझे पता है रात भर छोड़ा तुमने उसे

नील: अक्चा पर कुछ भी बोलो निधि के अंदर बहुत हवस है. वो काफ़ी रिलॅक्स फील कर रही थी चूड़ते वक़्त.

मम्मी: होगा ही ना. अरे उसकी उमर मे लड़कियों के कितने ब्फ रहते है लेकिन निधि का तो एक भी नही था. अक्चा हुआ जो तुमने उसे छोड़ा. उसे वो सब मिला जो उसे चाहिए

तभी मम्मी ने मेरी गर्दन पर दांतो के निशान देखे.

मम्मी: सच मे निधि बहुत वाइल्ड है

नील: देखना आज उसकी चाल कैसे बदल जाती है

मम्मी: हन वो तो मैं देखने वाली हूँ. रूको मैं तुम्हारी बेडरूम देखकर आती हूँ

फिर वो चुपचाप निधि के बेडरूम मे गयी जहाँ उन्होने देखा के कमरा पूरी तरहा से खराब हो चुका था. हम दोनो के कपड़े यहाँ वहाँ पड़े हुए थे. बेडशीट पर हुमारे छूट और लंड का पानी लगा हुआ था. निधि बेड पर नंगी सोई हुई थी. ये देखकर मम्मी जल्दी से नीचे आ गयी.

तो बे कंटिन्यूड…

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