गस्ति बहन की चुदाई सब के सामने

लास्ट पार्ट में आपने पढ़ा की दीदी और राहुल के बीच आक्सिडेंटल सेक्स होने के बाद दीदी राहुल से नाराज़ हो गयी थी. लेकिन फिर दोनो में वापस बात हुई और दोनो राज़ी हो गये.

अब मुझे लगा की शायद दोनो के बीच फिरसे कुछ हो. लेकिन दीदी ने राहुल को सॉफ माना कर दिया की आयेज और कुछ नही होगा, और ना कुछ एक्सपेक्ट करना, ना ही किसी और से ये बात शेर होनी चाहिए.

मुझे भी लगा की अब इनके बीच कुछ और नही होगा. लेकिन दीदी और राहुल के बीच छूट, लंड, बूब्स जैसे वर्ड्स उसे होने स्टार्ट हो गये. इससे ये भी लग रहा था, की क्या पता बात और आयेज बढ़ जाए. फिर मैं मूठ मार के सो गया.

नेक्स्ट दे, सुबा दीदी शूटिंग के लिए रेडी हो गयी. और मैं भी कॉलेज के लिए. लेकिन मेरा फिरसे कल की तरह ही दीदी के बाद सेट पर जाके शूटिंग देखने का प्लान था. राहुल दीदी को पिक करने आया. मुझसे भी थोड़ी बात-चीत की, हाल-चल पूछा, और वो दोनो चले गये.

20 मिनिट्स बाद मैं भी शूट पे पहुँच गया. और कल वाले उन दोनो भाइयो के पास बैठ गया, जहा से वो दोनो सीन्स को अपने लॅपटॉप में देख रहे थे. लेकिन तब तक शूटिंग स्टार्ट नही हुई थी. दीदी को स्क्रिप्ट दी हुई थी, और वो पढ़ रही थी. डाइरेक्टर भी दीदी को कुछ समझा था था.

फिर उनमे से एक आदमी मुझे बोला: और भाई, कैसी रही तेरी हेरोयिन की रात?

मे: मतलब?

वो आदमी: अर्रे यार, तुमने भी तो कल सब देखा ही था, रूम में दोनो ने क्या घपा-घाप किया था. तो तुझे लगता है क्या की ये घर जाने के बाद रुके होंगे. तू भी तो फ्रेंड है इसका. तुम्हारे कुछ हाथ नही लगा क्या?

मे: नही भाई, ऐसा कुछ नही. मैं कों सा इनके साथ रहता हू. और ये भी तो साथ नही रहते. दोनो के घर अलग-अलग है.

वो आदमी: जो भी हो भाई, लेकिन अगर तेरी हेरोयिन पॉर्न स्तर बन जाए ना, तो ये वर्ल्डवाइड फेमस हो जाए. क्या मस्त फिगर है, और उतनी ही फेस ब्यूटी. देखा नही था कल कैसे लपक-लपक के छूट में लंड ले रही थी, गांद उठा-उठा के छुड़वा रही थी.

मे: नही यार भाई. मुझे नही पता. शूटिंग स्टार्ट हो गयी है, वो देखते है.

ये बोल कर हम शूटिंग देखने लगे. सीन कुछ ऐसे था की पिछली रात को दीदी को उसके हज़्बेंड ने ज़बरदस्ती सेक्स किया था. तो अगली सुबा वो अपने माइके चली गयी. फिर उसके माइके में नॉर्मल डाइलॉग होते है, और शूटिंग में ब्रेक होता है.

फिर नेक्स्ट दे को दीदी अपने पुराने लवर से मिलने जाती है स्टोरी के हिसाब से. तो वो दीदी को अपने प्ग में रूम में ले गया. दोनो ने काफ़ी सारी बातें की. फिर वो दीदी के लिए जूस भी लेके आया, और कुछ एमोशनल सीन भी हुए.

फिर ब्रेक हुआ. अब नेक्स्ट सीन दीदी को समझाया गया की वो एक इंटिमेट सीन था. आक्ट्रेस को आक्टर मादक तरीके से बॉडी को टच करेगा, और प्यार करेगा. दीदी कुछ हिचकिचाहट के बाद रेडी हो गयी. दीदी ने एक लोंग स्कर्ट और टॉप पहना हुआ था.

दोनो में फोर्हेड किस्सिंग से स्टार्ट हुआ, फिर टाइट्ली हग, देन बॉडी रब्बिंग, और फिर चीक्स पे किस्सिंग. 2 मिनिट से ज़्यादा यही चलता रहा.

फिर डाइरेक्टर ने बोला: लीप तो लीप.

तो दीदी का लवर जो जे नाम का आक्टर था, उसने दीदी के होंठो पे अपने होंठ रख दिए. लगभग 1 मिनिट बाद दीदी ने भी उसका पूरा साथ देना स्टार्ट कर दिया, और वो भी उसके बराबर होंठ चूमने लगी. फिर जे ने दीदी के एक बूब पे हाथ रख दिया, और हल्के-हल्के दबाने लगा. दीदी ने भी कोई विरोध नही किया.

उसका एक हाथ दीदी की पीठ और हिप्स पर था, और दूसरा हाथ बूब्स पर. ऐसे ही 3 मिनिट तक वो दीदी के होंठ चूस्टा रहा, और दीदी के बूब्स दबाता रहा. फिर उसने दीदी को अपने बेड पे लिटा दिया, और खुद साइड में लेट कर दीदी की नेक पर किस करने लगा.

तभी डाइरेक्टर ने कट बोला, और सीन एंड हुआ तो दीदी की साँसे कुछ उखड़ी-उखड़ी सी लग रही थी. फिरसे दीदी का मेकप किया गया और डाइरेक्टर ने अगला सीन समझाया की अब आक्ट्रेस को कपड़े उतारने होंगे और लास्ट में एक सेक्स सीन होगा. तो दीदी ने कपड़े निकालने से माना कर दिया. डाइरेक्टर ने समझाया लेकिन फिर भी दीदी रियल सेक्स और फुल न्यूड होने के लिए नही मानी.

तो डाइरेक्टर ने बोला: ऐसा कर सकते है, की तुम चादर के अंदर लेट कर अपने कपड़े निकाल दो, और चादर मत हटाना. उसको लपेटे रखना. आक्टर और आक्ट्रेस एक चादर में लेते हुए लोवे मेकिंग सीन शूट कर लेते है.

फिर दीदी फाइनली रेडी हो गयी. जे अपने कपड़े निकाल कर सिर्फ़ अंडरवेर में आ गया. उसने दीदी को पकड़ कर बेड पर लिटा दिया, और चादर ओढ़ा दी. दीदी के चेहरे पर परेशानी दिख रही थी.

फिर चादर के अंदर ही दीदी ने च्चत की तरफ देखते हुए अपना टॉप और लोंग घाघरा/फ्रॉक निकाला, और बाहर फेंक दिया. डाइरेक्टर ने आक्षन बोला, और कॅमरमन ने रेकॉर्ड करना शुरू किया. अब दोनो के बीच डाइलॉग स्टार्ट हुए.

चादर के अंदर जे ने अपनी टांगे दीदी की जांघों पर रखी, और दीदी के पेट पर हाथ रख कर दीदी की गर्दन और गालों को चूमने लगा. फिर चादर में कुछ हलचल हुई. पहले जे ने अपना अंडरवेर और बाद में दीदी की ब्रा और पनटी निकाल कर चादर से बाहर फेंकी. दीदी की ब्रा और पनटी भी जे ने ही निकली.

दीदी की ब्रा ब्लॅक थी और ब्राउन पनटी. कपड़े निकालते टाइम दीदी के चेहरे पर परेशानी सॉफ दिख रही थी. डाइरेक्टर ने दोनो को डाइलॉग चालू रखने को बोला. चादर के अंदर अब जे का हाथ दीदी के नंगे बूब्स पे आ चुका था, और वो डाइलॉग बोलते हुए दीदी की गर्दन और गालों को चूमते हुए दीदी के बूब्स दबा रहा था.

जे का पैर भी दीदी की नंगी जाँघ और छूट के आस-पास रग़ाद रहा था. उसने दीदी की गर्दन और गाल को चूम-चूम कर पूरा गीला कर दिया. बीच में उसका हाथ कुछ देर दीदी के बूब्स से हटा कर दीदी की छूट पर भी आया, और फिर वापस दीदी के बूब्स से खेलने लगा.

फिर कुछ हलचल हुई चादर के अंदर. शायद जे ने दीदी का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रखना चाहा. लेकिन दीदी ने अपना हाथ वाहा से हटा लिया.

जे अब झट से उठ कर दीदी के उपर लेट गया, और आयेज-पीछे हो कर धक्के मारने लगा. ज़रूर अब उसका लंड दीदी की छूट पर रग़ाद रहा था. उसने दीदी के होंठ चूमने की कोशिश की, लेकिन दीदी ने अपना चेहरा एक तरफ घुमा लिया.

फिर जे चादर में अपना हाथ तोड़ा नीचे ले गया, और कुछ हरकत हुई की अचानक दीदी के मूह से ‘नही जे नही, आ आहह’ की आवाज़ आई. और फिर जे दीदी के उपर पूरा चिपक कर लेट गया.

मुझे लगा की सच में दीदी की छूट में लंड डाल दिया उसने. उसने दीदी के कान में कुछ कहा. फिर अपने दोनो हाथो से दीदी का चेहरा पकड़ कर होंठ चूमने लगा. उसके धक्के अभी बंद थे फिरसे स्टार्ट हुए, और दीदी की सिसकारियाँ आनी शुरू हो गयी. अब उसने दीदी के होंठ चूमे तो दीदी भी बराबर उसके होंठ चूमने लगी.

फिर कुछ ही देर में लगातार धक्के लगाने के वजह से चादर तोड़ा नीचे खिसक गयी, और दीदी के नंगे बूब्स सब के सामने आ गये. हर धक्के के साथ दीदी के बूब्स उपर-नीचे हो रहे थे, और दीदी के मूह से मादक सिसकारियाँ भी आ रही थी.

दीदी के बूब पुर लाल हो चुके थे. शायद जे ने काफ़ी देर तक आचे से दीदी के बूब्स मसले थे. चादर लगातार नीचे खिसकती जेया रही थी. सब को अब एहसास हो चुका था की चादर के अंदर असली सेक्स हो रहा था.

मेरे पास बैठा एक आदमी भी बोला: ले भाई, कल तो रूम के अंदर चूड़ी थी. आज तो सेट पर सब के सामने चुड गयी.

मैं कुछ नही बोला. मेरी तो बुरी हालत हो चुकी थी. 20 मिनिट्स से लंड खड़ा हुआ था. अब डाइलॉग कम और दीदी की सिसकारियों के साथ जे के हाँफने की आवाज़े ज़्यादा आ रही थी. लेकिन बीच-बीच में दोनो के डाइलॉग भी जारी थे.

जे ने फिरसे दीदी के होंठ चूमे और दीदी भी वापस उसका पूरा साथ देने लगी. अब जे का जोश और बढ़ गया, और वो और ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगा. चादर अब दोनो की गांद से नीचे उतार चुकी थी.

दो नंगे जिस्मो का मिलन अब सॉफ देखा जेया सकता था. सेट पे सभी लोगों को दीदी की छूट पे पड़ते झटके सॉफ दिख रहे थे. दोनो के शरीर बहुत तेज़ी से हिल रहे थे. दीदी शायद झाड़ गयी थी, या पता नही, उसकी छूट में चिकना पानी काफ़ी हो जाने के कारण अब फॅक-फॅक की आवाज़ भी आने लगी थी.

लगभग 1 मिनिट बाद दोनो चेख-चिल्लाहट के बाआड़ शांत हुए. फिर जे दीदी की बॉडी से साइड हुआ, और दीदी का एक बूब चूसने लगा, और दूसरा दबाने लगा. लेकिन शायद किसी को ध्यान नही आया की जे ने अपना पूरा पानी दीदी की छूट में ही छ्चोढ़ दिया था, और वो अब धीरे-धीरे निकल कर बह रहा था.

दीदी की भी आँखें बंद थी, और इतने लोगों के सामने नंगी लेती हुई थी, अपनी चूड़ी हुई छूट ले कर. तभी सयद जे ने दीदी के निपल को या बूब्स को ज़ोर से काट लिया होगा, की दीदी ने आउच करते हुए आँखें खोली, और वाहा से हॅट गयी और चादर लपेट कर टांगे मोड़ कर बैठ गयी.

जे ने भी पास में पड़ी दीदी की ब्रा से अपना लंड सॉफ किया, और अपना अंडरवेर पहन लिया.

आयेज जो हुआ, वो जानने के लिए नेक्स्ट पार्ट.

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