गरम करके मा को बेटे ने दिया लंड का सुख

हेलो दोस्तों, पिछले पार्ट में आप लोगों ने पढ़ा मैने कैसे मम्मी को पकड़ लिया और वो माना कर रही है. अब आयेज-

मम्मी: आदित्या प्लीज़ छ्चोढ़ दे मुझे ये ग़लत है.

मैं: मम्मी कुछ ग़लत नही है. मुझे पता है आप दर्र रही हो. मैं किसी को नही बतौँगा. ये बात सिर्फ़ हमारे बीच ही रहेगी, और हमारे अलावा है ही कौन घर में जो किसी को पता चलेगा.

फिर मैं मम्मी को बेड पे लिटा दिया, और उनके बूब्स दबाने लगा.

वो कह रही थी: नही, मत कर बेटा, तेरे पापा को पता चल जाएगा तो बहुत बुरा होगा.

मैं: मम्मी कुछ नही पता चलेगा.

मम्मी फिर कुछ बोले इससे पहले ही मैं उनके लीप से लीप जोड़ कर किस करने लगा, और एक हाथ से उनकी बर को उनकी सारी के अंदर हाथ डाल के सहलाने लगा. अब मम्मी भी कुछ नही बोल रही थी. वो भी अब जोशीली हो गयी थी. अब वो मुझे बिल्कुल भी माना नही कर रही थी.

फिर मैने मम्मी के बाल खोल दिए. उसके बाद मैने एक हाथ से उनके बाल हल्के से पकड़े, और उन्हे किस करने लगा. मैं अपनी मम्मी की जीभ को चूसने लगा. ऐसे ही हम दोनो की चुम्मा-छाती चली करीब 5 मिनिट तक. फिर मैने उनके ब्लाउस का बाट्टों खोला, और उनका ब्लाउस निकाल दिया.

वो अंदर ब्लॅक कलर का ब्रा पहने हुए थी. क्या मस्त लग रही थी मम्मी. फिर मैने उनके बूब्स दबाए ब्रा के उपर से ही. क्या मखमली गोल-मटोल चूचियाँ थी उनकी. उसके बाद मैने मम्मी की सारी और पेटिकोट उतार दिए.

अब मम्मी सिर्फ़ ब्रा और पनटी में थी. उनकी पनटी लाल रंग की थी, जो उनके गोरे बदन पर बिल्कुल किसी गुलाब की तरह खिल रहे थे. फिर मम्मी ने भी मुझे ज़ोर से पकड़ लिया, और मेरी त-शर्ट और लोवर निकाल दिया. मैं भी अब बस अंडरवेर में था.

मम्मी अब बिल्कुल जोश में थी. वो मुझे किस करते हुए, और मेरे खड़े और टाइट लंड को अंडरवेर के उपर से ही सहलाते हुए बोली-

मम्मी: बेटा ये बात सिर्फ़ हम दोनो के बीच में ही रहनी चाहिए, समझा?

मैने बोला: ओक मम्मी, डॉन’त वरी.

फिर मैने उनकी ब्रा का हुक खोला और उनकी ब्रा निकाल दी. क्या बड़े-बड़े गोरे और गुलाबी-गुलाबी उनके चूचे थे. मैं तो बस उन्हे तुरंत दबा-दबा के चूसने लगा गया. मुलायम और मखमली चूचियाँ थी.

फिर मैं उन्हे और तेज़ी से चूसने लगा. मेरा मॅन तो कर रहा था की पूरा का पूरा खा ही जौ.

तभी मम्मी ने कहा: आराम से बेटा, दर्द हो रहा है. मैं कहा भागी जेया रही हू. जितना चूसना है चूस ले लेकिन आराम से चूस.

फिर 4-5 मिनिट के बाद मम्मी ने मुझे बेड पे सुला दिया, और फिर मेरा अंडरवेर निकालने लगी. हम दोनो एक-दूसरे का साथ दे रहे थे. फिर उन्होने मेरे मोटे लंबे लंड को देखा और बोली-

मम्मी: आदि बेटा, तेरा लंड तो बिल्कुल ख़तरनाक लग रहा है.

फिर उन्होने मेरे लंड को जीभ से हल्का-हल्का छाता. बिल्कुल किसी आइस-क्रीम की तरह चाट रही थी वो. फिर उसके बाद मेरे लंड के गुलाबी हिस्से को मूह में लेके चूसने लगी, बिल्कुल किसी लॉलिपोप की तरह. फिर अचानक से वो मेरा पूरा लंड तेज़ी से मूह में लेने लगी. लेते वक़्त उनकी दोनो चूचियाँ मेरी जांघों पे फटत-फटत लग रही थी.

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मैने पहली बार ऐसा फील किया था. फिर 3-4 मिनिट बाद मैं मम्मी के मूह में ही झाड़ गया. वो बोली-

मम्मी: वाह, इतना ढेर सारा पानी.

मेरे पानी से उनका मूह भर गया था. झड़ने के बाद फिर मैने मम्मी को लिटा दिया, और उनकी लाल पनटी को निकाल दिया. उनकी बर पे बाल थे, लेकिन बड़े नही थे. ऐसा लग रहा था उन्होने कुछ दिन पहले ही जंगल सॉफ किया था.

मैं उनकी बर को चाटने लगा. उनकी बर गीली हो चुकी थी. मैं उनकी बर को बिल्कुल किसी टमाटर की तरह चूस रहा था. मम्मी भी मेरे सर को अपने हाथो से पकड़ कर दबा रही थी, और अपनी टाँगो तो फैला कर आ आहह उहह उहह की आवाज़े निकाल रही थी. उनका तो एक-दूं पानी-पानी हो गया था, और अब मेरा भी फिरसे खड़ा हो चुका था.

मम्मी फिर बोली: बस कर बेटा, अब मुझसे रहा नही जेया रहा. आ अब मुझे छोड़ दे अपने रसीले मोटे लंड से.

फिर मैने मम्मी की टाँगो को दोनो हाथो से फैलाया, और फिर लंड छूट में डालने लगा.

तभी मम्मी बोली: अर्रे रुक बेटा, ग़लत च्छेद में डाल रहा है तू.

मुझे कुछ आइडिया नही था. तब फिर मम्मी ने अपने हाथो से मेरा लंड पकड़ा, और सही च्छेद की तरफ लगा दिया. फिर मैने धीरे से झटका दिया, तो लंड का सिर्फ़ आगे का हिस्सा गया. उसके बाद दोबारा मैने तेज़ से झटका दिया, तो पूरा का पूरा लंड अंदर चला गया, और मम्मी की आवाज़ निकल गयी आह की.

मम्मी: बेटा आराम से.

फिर मैं मम्मी को छोड़ने लगा आराम-आराम से, दोनो टाँगो को पकड़ के. ओह क्या फील था वो. फिर मैने स्पीड बधाई, तो मम्मी की आवाज़ निकालने लगी-

मम्मी: आ आ उहह उहह आ बेटा आराम से धीरे-धीरे.

मेरी भी आवाज़ निकालने लगी थी आ आ आ की. फिर 5 मिनिट्स बाद मम्मी ने रुकने तो बोला और पोज़िशन चेंज की. उन्होने मुझे नीचे लिटा दिया, और मेरे उपर आके बैठ गयी. फिर मेरा लंड पकड़ के अपनी बर में डाल दिया, और फिर चूड़ने लगी उछाल-उछाल के. उनकी चूड़ियाँ भी उछाल रही थी. फिर मैने अपने दोनो हाथो से उन्हे पकड़ा, और दबा रहा था.

फिर 6-7 मिनिट बाद मम्मी ने अचानक स्पीड बढ़ा दी, और चिल्लाने लगी आ आ उहह उहह.

मम्मी: फाड़ दे बेटा मेरी छूट को आज, चोद दे मुझे.

मैं भी झड़ने के कगार पे था. मैने भी आवाज़ निकालते हुए नीचे से झटके मारे तेज़-तेज़ आ आ आ उहह. फिर करीब 3-4 मिनिट बाद हम दोनो झाड़ गये. मम्मी मेरे सीने के उपर ही झड़ने के बाद सो गयी.

बाकी आयेज की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में. नेक्स्ट पार्ट में पाडीएगा कैसे मैं अपने होमे टाउन गया और मम्मी के साथ-साथ चाची को भी छोड़ा. मी एमाइल: आदित्यसेहगल019@गमाल.कॉम

फीडबॅक ज़रूर दीजिएगा और बताईएएगा कैसी लगी स्टोरी. थॅंक योउ रीडर्स.

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