गाओ की शादी के मज़े-3

ही ड्के फॅमिली कैसे हैं आप लोग उमीद है पिछले पार्ट अकचे लगे होंगे आप लोगो को.

अब आयेज..

कों था उस खेत मे जो चुदाई के इतने मज़े ले रहा था. जब मई और सारा ने झका तो हुमारे होश उड़ गये, और वो थे नेहा और प्रवीण. (शादी मे आया हुआ एक कज़िन).

नेहा की सलवार नीचे गिरी हुई थी और वो घोड़ी बनी थी जिसकी लगाम, मतलब उसके बाल प्रवीण ने पकड़े हुए थे और जनवरो जैसा उसे पीछे से छोड़ रहा था.

उसको देख के मेरा लंड वापस खड़ा होने लगा. एकदम गोद गांद थी उसकी और हर धक्के मे शेक हो रही थी जो मुझे बहोट पसंद है.

सारा ने जैसे ही आयेज जाके उनको रोकना चाहा मैने उसे रुका लिया और अपना फोन निकल के उनकी वीडियो बनाने लगा. थोड़ी देर मे दोनो झाड़ गये हम दोनो वही छुपे रहे.

सारा – शाबाश अब हम इस वीडियो से उसे ब्लॅकमेल करके उसका मूह बंद करवा देंगे.

मे – नही मेरी जान अब तो तू देखते जेया कैसे नाचता हू इसे.

हम दोनो वापस आके रसम मे शामिल हो गये. नेहा ह्यूम घूर रही थी पर ह्यूम कोई दर्र नही था और हुमारे एक्सप्रेशन देख के वो भी सोचने लगी.

मई शादी के कामो मे लग गया, लड़की वालो को बहोट कुछ देखना होता है, काम होने के बाद हम छत पर ही थोड़ी देर के लिए सो गये.

नेहा – आह फक राइयन बहोट मस्त छोड़ रहा है भाई राइयन….. र्यांन्णणन्..

अचानक मेरी आँख खुली और नेहा सामने मई हुड बड़ा गया क्यूकी मेरा लंड बिल्कुल खड़ा था और मई उठते ही उसे चादर से धक लिया.

नेहा – सपनो मे भी यही सब करता है क्या चल नीचे मम्मी बुलरी है.

और वो वाहा से जाने लगी.

मे – लोग तो दिन दहाड़े चालू है, मई तो सिर्फ़ सपनो मे ही हू…

ये सुनते ही वो रुकी और बोली क्या??

मे – कुछ नही (पर उसके एक्सप्रेशन चेंज हो गये थे).

वो नीचे चली गयी, मैने भी नएचए आके नाश्ता किया. सब टायर होने मे लगे थे. मैने भी अपने कपड़े निकले और नहाने के लिए जघा ढूँदने लगा, तो मम्मी ने कहा पीछे स्टोर रूम वेल बातरूम मे चला जा हो दीपाली मामी वही गये है. उनका हो गया होगा.

मई वाहा पोहच्ा डोर नॉक किया सारा ने खोला,

मामी – कों है सारा?

सारा – कोई नही बनती (बाकचा) था.

मामी – ठीक है

मैने सारा को दरवाज़े के पीछे दीवार से लगाया और उसके मुलायम गुलाबी होंठो पर टूट पड़ा और वो भी मेरे साथ दे रही थी.

फिर मैने उसे पलताया और उसकी चमकती गोरी गर्दन पर किस करने लगा. एक हाथ से उसके बूब्स मसलता और एक से उसी छूट और पेचए से अपना लंड उसकी गांद पे दबाने लगा. वो धेमे धेमे आहे भर रही थी.

सारा – आममह रुकजा कुत्ते मामी सुन लेगी आह..

मे – सुनने दे रंडी, उसको भी यही नंगा कर दूँगा..

सारा – आह पागल मरवाएगा तू..

इतने मे किसी के आने की आवाज़ आई और हम अलग हो गये, मेरी मम्मी थी.

मा – बेटा ज़रा शॅमपू लदे तब तक मामी का हो जाएगा.

मे – ठीक है मा(पूरा मूड खराब हो गया)

मैने शॅमपू लेक मम्मी को दे दिया और स्टोर रूम की तरफ जाने लगा तो मामी मिली

मामी – अरे वो सारा को भी शॅमपू चाहिए था लाओ दो

मे अरे मामी मई वही जा रहा हू मई दे दूँगा.

मामी वाहा से चली गयी मई स्टोर रूम मे जाके अंदर से डोर लॉक कर दिया और सारे कपड़े निकल दिए, बातरूम का डोर नॉक किया. जैसे ही सारा ने हाथ बाहर निकाला मैने अपना लंड उसके हाथ मे पकड़ा दिया, उसने मेरा लंड पकड़ के अंदर खीच लिया.

सारा – मुझे पता था मदारचोड़ तू ही होगा ये!

मे – साली छीनाल तू तो बहोट चालक है.

सारा – आख़िर रंडी किसकी हू.

मे – तो चल दिखा दे कमाल.

सारा पूरी नंगी थी, उसके बदन पर साबुन लगा था, और वो अपना बदन मुझ पर रग़ाद रग़ाद का मुझे साबुन लगा रही थी. उसके बड़े बड़े बूब्स साबुन से और मुलायम लग रहे थे. मेरा लंड उसकी दोनो टॅंगो के बीच पे था.

उसके अपने पैर फैलाए और छूट को लंड पर रागाने लगी. (अगर किसी ने कभी ट्राइ किया होगा तो पता होगा डबल चढ़ने लगती है.)

मई पागल हो गया. मैने उसे दीवार से लगाया तोड़ा झुका, लंड सेट किया एक ही झटके मे साबुन की वजह से मेरा लंड अंदर पार हो गया. सारा की हल्की चीक्ख निकल गयी मैने उसकी नेक पकड़ी और उसे छोड़ने लगा.

सारा – आहह फक आहह राइयन ऊहह..

मे – आह रंडी तुझे जितना छोड़ो कूम है..

और ही थोड़ी देर मे हम दोनो झाड़ गये फिर हम दोनो ने साथ नाहया और बाहर निकल गये. मई पहले बाहर निकला और अपने कपड़े पहें कर अपने रूम मे आ गया,

थोड़ी देर बाद रूम मे नेहा आई. मई उसे देखते ही रह गया उसने क्रीम कलर का ब्लाउस और घग्रा पहना था. ब्लाउस पीछे से बॅकलेस था और घाघरा इतना नीचे था के उसकी नाभि दिख रही थी और छब्बी लड़कीो की कमर मुझे बहोट आक्ची लगती है.

नेहा – बस कर हावष्ी अपनी बाहें को तो चोर दे.

मे – तूने किसी को छोरा है..

नेहा – क्या मतलब?

मे – मुझे भी तेरे सब राज़ पता है.

नेहा – कोन्से राज़… क्या सबूत है तेरे पास हन?

मे – सबूत क्या बहना तुझे तो लिव कवरेज दिखा डू..

नेहा – (हड़बड़ते हुए) जो बोलना है सीधा सीधा बोल,

मैने उसे उस वीडियो की एक झलक दिखा दी और मई वाहा से चला गया.

बारात आ गयी, हम सब खतीदारी मे लग गये, इसी मे मेरी नज़र सारा पर पड़ी, हाए ब्लॅक ड्रेस मे बवाल लग रही थी.

ऐसे ही रात हो गयी दुल्हन विदा हो गयी थी. सारे काम ख़तम हुए, सब थके हुए थे. करीब रात के 1 बजे जब सब सो गये. मैने नेहा को म्स्ग किया की स्टोर रूम मे मिलो, मई वाहा वेट करने लगा.

नेहा – (अंदर आते ही) वो वीडियो डेलीट कर्दे मई मों को कुछ नही बोलूँगी.

मे – मेरी बहना अब तू बोल भी नही सकती क्यूकी तेरे पास प्रूफ नही है पर मेरे पास है, मुझे तो कुछ और चाहिए

नेहा- क्या?

मे – तेरी मखमली गांद, या तो मुझे अभी छोड़ने दे या कल मों से बात कर लेना.

नेहा – पागल हो गया है क्या अपनी बाहें को छोड़ेगा बेशरम तुझे समझ आ रही है! तू क्या बोल रहा है (और भी बहोट कुछ)

मे – देख नेहा मेरे पास तेरा राज़ है और तेरे पास मेरा एक राज़ है, और ये भी हम दोनो के बीच राज़ रहेगा. बाहें के हिसाब से नही लड़की के हिसाब से सोच (उसने बहोट ना नुकुर किए.)

अगले पार्ट मे जानिए कैसे मैने उसे माना के चोदा.

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