फॉरिन से आए भाई की बहन हुई दीवानी

ही रीडर्स, मैं आपका मूडछंगेरबोय आपके लिए ये नयी स्टोरी लाया हू. जो मुझे एक हाउस वाइफ ने मैल की थी. अब उसको स्टोरी राइटिंग की इतनी नालेज नही थी, तो मैं उसके बिहाफ में ये स्टोरी लिख रहा हू. ये स्टोरी में सारे नामे चेंज्ड है. लेकिन कहानी पूरी सच है.

अगर आपको भी आपकी लाइफ के रियल सेक्स के बारे में स्टोरी अपडेट करनी हो, तो मुझे मूडछंगेरबोय@गमाल.कॉम पर मैल करे. आपकी कोई भी प्राइवेट इन्फर्मेशन के बिना यहा मैं आपके बिहाफ में स्टोरी आपकी पर्मिशन से उपलोआड करूँगा. आपको अब ज़्यादा बोर ना करते हुए सीधा स्टोरी पे आता हू.

मेरा नामे शीला है. मेरी आगे 42 यियर्ज़ है. मैं हाउस वाइफ हू, और कभी फ्री टाइम में हज़्बेंड के साथ फॅमिली बिज़्नेस में हेल्प कर देती हू. हम बेसिकली गुजरात से है. लेकिन मेरे फादर इन लॉ सालों से देल्ही में है. मेरे ससुर के 2 बेटे है, और 2 बेटियाँ.

सबसे बड़े मेरे हज़्बेंड संजय, बाद में 2 ननद और सबसे छ्होटे मेरे देवर जिग्नेश है. मेरी फॅमिली में सब की शादी गुजरात में हुई है. सास, मैं और मेरी देवरानी तीनो गुजरात से है. और मेरी 2 ननद की गुजरात में शादी हुई है.

मेरे हज़्बेंड संजय की आगे 45 एअर है. मेरी आगे 42 एअर है, पर दिखने में 35 एअर की लगती हू. मेरे देवर जिग्नेश की आगे 35 यियर्ज़ है. और देवरानी रूपाली की आगे 34 एअर है. मैं और मेरी देवरानी दोनो ग़ज़ब की बाला है.

मेरे हज़्बेंड और देवर को पुर मार्केट में सब लोग जानते है क्यूंकी उन दोनो की वाइफ पटाखा है.

हमारी गुजराती कम्यूनिटी जब फेस्टिवल, गरबा नाइट या किसी फंक्षन और पार्टी में मिलते है तो सब अंकल, लड़के लोग मुझे और मेरी देवरानी को घूरते रहते है. मैं दिखने में इतनी गोरी नही हू. पर मेरा फेस सेडक्टिव है. आप समझ लो की इतना अछा भी नही, फिर भी देखने का मॅन करे.

मैं और देवरानी ज़्यादातर सारी ही पहनते है. मेरा फिगर एक दूं फिट है. मैं रेग्युलर योगा करती हू, और हेल्त कॉन्षियस हू. मैं 34-28-36 फिगर वाली चॉक्लेट मिलफ हू. मेरी देवरानी रूपाली चब्बी लेडी है. उसका स्किन टोने फेर है, और उनका फेस इनोसेंट है. कोई देख ले तो प्यार हो जाए.

उनका फिगर मुझसे तोड़ा फॅटी है. पर जहा ज़रूरी है, वाहा पर्फेक्ट है. उनका फिगर 36-32-38 है. हम दोनो जब फंक्षन में होती है, तो सारे मर्दों की नज़र हम पर होती है. मैने तो कितनो के मूह से सुना है ये दोनो भाई के मज़े है. मेरे हज़्बेंड और देवर के दोस्त मेरी और रूपाली की बातें भी करते है, और लाइन भी मारते है.

ये बात लॉक्कडोवन् के बाद की है, सॉरी में आपको बताना भूल गयी. हम जॉइंट फॅमिली में रहते है. 2016 में मेरी सास और 2018 में मेरे ससुर की डेत हो गयी. फिर भी हम सब साथ में रहे. मेरा एक बेटा है 20 यियर्ज़ का, जो अभी ऑस्ट्रेलिया में है, और एक बेटी जो 19 यियर्ज़ की है.

मेरी बेटी दिखने में बहुत हॉट है. उसको भी सब लोग घूरते रहते है. और मेरी देवरानी का एक 10 यियर्ज़ का बेटा है. मेरा हज़्बेंड और देवर दोनो साथ में इम्पोर्ट मेटीरियल का स्टॉक देल्ही से पं इंडिया सप्लाइ करते है. कोविद के टाइम पर बिज़्नेस बंद हो गया था.

हमारा ज़्यादातर मेटीरियल्स छीना से इम्पोर्ट होता था. 6-8 महीने तो हम सब लोग घर में फ्री बैठे थे. ना कोई घर आता, ना हम कही जेया पाते. जब लॉक्कडोवन् ख़तम हुआ तो तब हमारा बिज़्नेस फिर से रुटीन में आ गया.

संजय और जिग्नेश दोनो की लाइफ बहुत बिज़ी हो गयी. और एक साल से सप्लाइ बंद थी, तो ऑर्डर के लिए दोनो भाई को पं इंडिया डिस्ट्रिब्यूशन चैन रिसटार्ट करने के लिए मोस्ट्ली बाहर रहना पद रहा था.

कुछ दिन ऐसे ही गुज़र गये. एक दिन मेरे भाई का यूके से कॉल आया की वो इंडिया आ रहा था, वो भी 2 मंत्स के लिए. मैं खुश हो गयी क्यूंकी मेरा भाई 4 साल बाद इंडिया आ रहा था. भाभी नही आने वाली थी, क्यूंकी उनको जॉब से छुट्टी नही मिली थी. भाई की फ्लाइट देल्ही से आमेडबॅड कनेक्टिंग थी, पर मैने ज़िद की तो भाई 2-3 वीक देल्ही में रुकने वाला था.

मैं, संजय और मेरी बेटी भाई को लेने एरपोर्ट गये. मेरा भाई क्या लग रहा था. उनकी पर्सनॅलिटी एक-दूं धांसु थी. भाई आया और सीधा मुझसे मिला. भाई ने मुझे टाइट हग किया. मेरे बूब्स उसकी चेस्ट से टकरा गये, और मुझे अजीब सा फील हुआ. फिर मेरा भाई संजय से मिला, और बाद में मेरी बेटी को. भाई का नामे विजय है, और उसकी आगे 37 एअर है.

शीला: विजय कितने सालों बाद आया है. तू पहले कितना मोटा था, अब तो ये डोले-शोले क्या बात है.

विजय: क्या करू दीदी? कोविद में फ्री थे तो डाइयेट किया, और फ्री टाइम वर्काउट किया.

शीला: हा ये भी ठीक है. पहले से अब ज़्यादा हॅंडसम लग रहा है.

फिर हम भाई को घर ले आए. विजय के आने के बाद घर में सब पॉज़िटिव अट्मॉस्फियर हो गया. वो बहुत मज़किया था. मैने नोटीस किया की मेरी देवरानी रूपाली भाई को लीके करने लगी थी. जब से विजय आया था, तब से उसके हाव-भाव बदल गये. रोज़ आचे से सजने लगी. जब हम साथ में होते तो भाई को चोरी-चोरी देखती. उनकी बातों को आचे से सुनती. कुछ ना कुछ बहाने उनसे बातें करती.

पॅंडेमिक ख़तम हो गया था. तो हम सब लोग भाई को लेकर देल्ही घूमने लगे. बच्चो को भी विजय के साथ मज़ा आने लगा. मैं तो खुश थी, और मेरी देवरानी ज़्यादा खुश थी. भाई आया, उसके 4-5 दिन बाद मेरे हज़्बेंड संजय और जिग्नेश को 15 दिन के लिए बंगलोरे जाना पड़ा. संजय माना कर रहा था, पर विजय ने कहा-

विजय: जीजा जी आप आपका बिज़्नेस संभलो. वैसे भी मैं थोड़े दिन के बाद आमेडबॅड निकल जौंगा.

संजय के जाने के बाद मैं रात को अकेली हो गयी. मुझे नींद नही आ रही थी. मुझे मेरे भाई से एरपोर्ट पर हग हुआ, तब वाली फीलिंग याद आने लगी. और मेरी देवरानी का मेरे भाई पे क्रश होना ये सब बातें मुझे बेचैन बना रही थी. मैने मेरा इंस्टाग्राम ओपन किया, तो मुझे विजय ऑनलाइन दिखा. अब मेरी विजय से छत हुई.

शीला: ही.

विजय: हे, दीदी आप सो नही रहे?

शीला: नही यार, नींद नही आ रही तेरे जीजा जी नही है तो. तुम क्या कर रहे हो?

विजय: कुछ नही, बस ऐसे ही रील्स देख रहा था. आप बताओ आपने मेसेज क्यूँ किया? यूके था, तब तो कभी नही करते थे.

शीला: अर्रे ऐसे ही. मुझे तुमसे कुछ बात करनी है. क्या हम बात कर सकते है अभी?

विजय: हा आ जाओ रूम में.

शीला: नही, इंस्टाग्राम पे करते है. सामने होगे तो नही बता पौँगी.

विजय: ऐसी क्या बात है दीदी, जो आप मेरे सामने रह कर नही बता पाओगे? ठीक है आप बोलो.

शीला: अर्रे ऐसा नही है. मैं कुछ सोच रही हू.

विजय: क्या दीदी?

शीला: अर्रे कुछ नही, जाने दो.

विजय: प्लीज़ दीदी बताओ ना क्या बात है?

शीला: यार मैं कैसे बतौ, मुझे दर्र लग रहा है. तुम मुझे मिसजड्ज कर ना लो.

विजय: मैं कुछ ऐसा नही समझूंगा, आप एक बार बताओ क्या बात है.

शीला: ये बात हम दोनो के बीच रहनी चाहिए. मुझे प्रॉमिस करो तुम किसी से कुछ नही कहोगे.

विजय: ठीक है बाबा, मैं किसी से कुछ नही कहूँगा. बात क्या है?

शीला: यार तुम पहले से काफ़ी चेंज हो गये हो. तेरी बॉडी मस्त हो गयी है. भाभी ने कुछ किया क्या?

विजय: नही दीदी. बताया तो था. फ्री टाइम में क्या करता. घर में इन्स्ट्रुमेंट्स थे, तो वर्काउट स्टार्ट कर दिया.

शीला: हा पर तुम बहुत हॉट लग रहे हो. सच काहु तो तुम अब भी दूसरी शादी कर सकते हो.

विजय: क्या दीदी आप भी? ऐसा कुछ नही है.

शीला: मेरा एक काम करेगा?

विजय: हा बोलो ना दीदी.

शीला: इफ़ योउ डॉन’त मिने. मैं तेरी बॉडी के पिक्स देख सकती हू?

विजय: ऐसा तो कोई नही होगा, पर चेक करके बताता हू.

5 मिनिट बाद विजय ने उसकी शर्टलेस एक पिक सेंड की. मुझे पता नही उसकी ऐसी पिक देख कर मज़ा आ रहा था. मेरा हाथ मेरी बॉडी को चू रहा था. मैं खुद को सहला रही थी.

आयेज क्या बात हुई, और क्या हुआ, वो मैं आपको अगले पार्ट में कहूँगी.

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