दोस्तों मेरा नाम तनीश है. मैं अपनी मा की चुदाई की कहानी आप सब के साथ शेर करने जेया रहा हू. तो चलिए बिना टाइम वेस्ट किए सीधे कहानी पर आते है.
ये कहानी 2 साल पहले की है, जब मैं 21 साल का था. कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको अपनी मा के बारे में बता देता हू. मेरी मम्मी का नाम अनिता है, और वो 46 साल की है. रंग उनका गोरा है, और शरीर भरा हुआ है. वो एक आवरेज दिखने वाली हाउसवाइफ है. लेकिन उनकी गांद एक्सट्रॉर्डिनरी है. उनका फिगर साइज़ 34-32-38 है.
वैसे तो मेरी मम्मी सलवार-कमीज़ पहनती है. लेकिन जिस दिन वो सलवार की जगह लेगैंग्स पहनती है, उस दिन तो उसकी गांद क़हर धाती है. दिल करता है उसकी गांद को काट कर खा जाए बंदा.
तो हुआ यू की पिछले एक साल से मैं अपनी मा के बारे में सोच-सोच कर मूठ मार रहा था. मेरे और मेरे दोस्त एक-दूसरे की मा की फोटो शेर करके उनके बारे में गंदी बातें करते थे. लेकिन कभी भी किसी ने अपनी मा के साथ कुछ किया नही था. करते भी कैसे? इतनी हिम्मत कहाँ से लाते? पर एक दिन मुझे मौका मिला अपनी मा को छोड़ने का.
मैं उस दिन कॉलेज से जल्दी घर आ गया था. घर आके देखा, तो मा कहीं दिखाई नही दे रही थी. पहले मैं उनके रूम में गया, लेकिन वो वहाँ नही थी. फिर मैने किचन में देखा, उसके बाद स्टोररूम में देखा, लेकिन वो कहीं नही मिली.
हमारे घर में 2 फ्लोर है. जब मा नीचे नही मिली, तो मैं उपर चला गया. उपर हमने एक छ्होटा सा गार्डेन बनाया हुआ है, जहाँ थोड़े से गमले रखे हुए है, और थोड़ी घास भी उगाई हुई है.
मैने गार्डेन में देखा, तो मा मुझे वहाँ दिखी. उनकी पीठ मेरी तरफ थी. मैं बिना कुछ बोले मा के करीब जाने लगा. जब मैं उनमे नज़दीक पहुँच रहा था, तो वो आहें भर रही थी.
मा: आ आ आ.
उनकी आहों की आवाज़ सुन कर मैं हैरान होने लगा, और दबे पावं आयेज बढ़ने लगा. और पास गया तो पता चला मा की सलवार उनके पैरों तक थी, और साथ में पनटी भी थी. मैं मा की साइड में जाके खड़ा हुआ तो देखा उनका हाथ उनकी छूट पर था, और वो आँखें बंद करके उसको सहला रही थी.
ये सब देख कर मैं हैरान रह गया. मैं वैसे ही दबे पावं पीछे होने लगा, और पीछे रूम में जाके सोचने लगा की अब क्या करू. पहले मैने सोचा की मा को रंगे हाथ पकड़ कर उनको छोड़ूँगा. फिर मैने सोचा की ऐसा तो पॉर्न वीडियोस में होता है, रियल लाइफ में ऐसा कहाँ हो सकता था.
आख़िर तक मैने सोचा की एक बार ट्राइ तो करना ही चाहिए. वरना ज़िंदगी भर इस पल के लिए खुद को कोस्टा रहूँगा. फिर मैने हिम्मत जुटाई, और फिर से मा की तरफ बढ़ने लगा. वो घास पर बैठी हुई थी. उनके करीब पहुँच कर मैं भी उनके पीछे टाँगें खोल कर बैठ गया.
मैने अपनी टाँगें उनके आस-पास की, और उनके पीछे जाके चिपक गया. इससे पहले वो कुछ समझ पाती, मैने अपना हाथ उनकी छूट पर रखा, और तेज़ी से रगड़ने लगा. मा एक-दूं से हैरान हो गयी, और उन्होने मूह पीछे करके देखा.
जब उन्होने पीछे मुझे देखा, तो वो बोली: तनीश ये तू क्या कर रहा है? पीछे हॅट!
मैने उनकी बात को अनसुना किया, और अपना काम जारी रखा. मैं उनकी छूट को रगड़ता रहा. वो उठने की कोशिश करने लगी, लेकिन मैने उनको जाकड़ रखा था. एक-दो बार और उन्होने मुझे हटने को कहा, लेकिन फिर वो चुप हो गयी. उनकी छूट की गर्मी बहुत बढ़ चुकी थी मेरे रगड़ने की वजह से.
कुछ देर में वो पहले जैसे आहें भरने लगी, और उन्होने आँखें बंद कर ली. मैं समझ गया की मेरी मा खुद को मेरे हवाले कर चुकी थी. मैं उनकी छूट के दाने को रगड़ता रहा, और उनकी गर्दन पर किस करने लगा.
कुछ देर ऐसे ही करने के बाद मैं जल्दी से उनके पीछे से उठा, और उनकी टाँगों के बीच आके उनकी छूट पर मूह लगा लिया. इससे उनकी सिसकी निकल गयी, और मैं उनकी छूट को चाटने-चूसने लगा. उन्होने मुझे रोका नही, बल्कि वो मेरे सर में हाथ रख कर उसको सहलाने लगी.
अब मैं समझ चुका था की मा मुझसे आराम से चुड जाएगी. मैं और जोश से मम्मी की छूट को चूसने लगा. वो आ आ करती रही, और कुछ देर बाद उनकी छूट ने पानी छ्चोढ़ दिया. मैं उनका सारा पानी पी गया.
अब मम्मी ढीली पद गयी, और वही पर टाँगें खोले हुए सीधी लेट गयी. लेकिन मुझे अभी अपना लंड शांत करना था. मैने जल्दी से अपनी पंत और अंडरवेर निकाला, और अपना खड़ा लंड लेके मा की टाँगों के बीच आ गया. मा ने आँखें बंद कर रखी थी, जिसको मैने चुदाई की रज़ामंदी समझा.
फिर मैने अपना लंड मा की छूट पर टच किया, तो वो मेरी तरफ देखने लगी. वो कुछ बोल नही रही थी, बस देखे जेया रही थी. मुझे लगा शायद वो मेरी हिम्मत चेक कर रही थी, की मैं लंड छूट में डालूँगा के नही.
लेकिन मैं आज नही रुकने वाला था. मैने लंड को छूट के मूह पर रखा, और ज़ोर का धक्का मार कर पूरा लंड एक ही बार में घुसा दिया. मा की चीख निकल गयी, और मेरा लंड उनकी गीली गरम छूट के अंदर चला गया.
अब मैने धक्के मार कर छोड़ना शुरू किया. मुझे तो जन्नत का एहसास मिल रहा था. मा भी आ आ कर रही थी. फिर छूट को छोड़ते हुए मैं मा के होंठ चूसने लगा. वो भी मेरा साथ देने लगी. मेरी मा वाइल्ड किस्सिंग कर रही थी.
मैं किस करते हुए धक्के मारे गया, और मज़ा लेता गया. कुछ देर बाद मैने लंड छूट से बाहर निकाला. मेरा लंड मा की छूट के पानी से लबालब भीगा पड़ा था. फिर मैने मा को घोड़ी बनने को कहा.
मा मेरी बात मानते हुए घोड़ी बन गयी. पीछे से मा की गांद कमाल की लग रही थी. फिर मैने पीछे से मा की छूट में लंड पेला, और छोड़ना शुरू कर दिया. मैं मा के कंधे पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर के धक्के मार रहा था. मा आ आ आ कर रही थी.
अब मेरा निकालने वाला था, तो मैने लंड बाहर निकाला. मा ने जल्दी से मेरा लंड मूह में ले लिया. मैं मा के मूह में झाड़ गया, और वो मेरा सारा पानी पी गयी.