ही दोस्तों, तो जैसा की आपको पता है की कैसे मेरी पहली मोविए की आडिशन में कॅस्टिंग डाइरेक्टर और प्रोड्यूसर ने मेरी चुदाई की. अब मैं उनकी रखैल जैसी हो गयी थी. प्रोड्यूसर सिर तो मुझे अपनी प्राइवेट पार्टीस में बुला कर मुझे उनके दोस्तों से भी चुडवाया करते. मैं सब कुछ चुप-छाप सहती रहती थी. मैं बस मोविए शुरू होने का इंतेज़ार कर रही थी, की शायद उसके बाद मुझे इंडस्ट्री में लोग पहचानने लगे.
फिर मोविए के शूटिंग शुरू हुई, और कुछ ही दीनो में मेरे सीन्स भी शूट होने वाले थे. शूट के लिए मैने भी अपना फिगर बिल्कुल मेनटेन करके रखा था. शूटिंग वाले दिन मैं सेट पे गयी, तब पहली बार मैने डाइरेक्टर और मैं लेड को देखा.
पिक्चर के हीरो बहुत ही फेमस आक्टर थे, और डाइरेक्टर भी काफ़ी जाने-माने थे. प्रोड्यूसर साहब और कॅस्टिंग डाइरेक्टर भी वहीं थे. प्रोड्यूसर साहब ने पिछली रात ही मेरी चुदाई की थी, जिससे मेरी बॉडी पे मार्क्स थे. मैं वो मेकप से च्चिपा ही रही थी की तभी हीरो के असिस्टेंट ने कहा की सिर मुझे उनकी वन में बुला रहे थे.
मैं बहुत ही एग्ज़ाइटेड थी. मुझे लगा की हम साथ में थोड़ी रिहर्सल करेंगे. जैसे ही उनके सेक्रेटरी ने वन का दरवाज़ा खोला, आस्क अंदर पिक्चर की हेरोयिन ऑलरेडी हीरो को ब्लोवजोब दे रही थी. मैं ये सब देख कर घबरा गयी. हीरो ने मुझे हाथ पकड़ कर अंदर बुलाया.
मैं अंदर आ गयी. मगर मैं ये सब देख कर बहुत घबराई हुई थी. हेरोयिन जब की शादी-शुदा थी और इंडस्ट्री में उनका बहुत नाम भी था. जब उनको ये सब करना पर सकता है, तो मेरे साथ क्या-क्या होगा?
हीरो अपनी हेरोयिन से: नही यार, अब तुझमे वो वाली बात नही रही. पहले 5-6 लोगों को एक बार में मज़े देती थी. अब एक अकेले को नही दे पा रही. लगता है तुझे बदलना होगा.
हेरोयिन: नही-नही ऐसी बात नही है. मैं करती हू ना.
हेरोयिन और शिद्दत से हीरो का लंड चूसने लग गयी. मैं वहीं खड़ी ये सब देख रही थी. तभी हीरो ने मेरी तरफ देखा और कहा.
हीरो: तुम मोविए में मेरी रखैल का रोल कर रही हो?
मे: जी हा (घबराते हुए).
हीरो ने हेरोयिन को वन से बाहर जाने को कहा. हेरोयिन ने पहले तो कुछ देर और माँगी, मगर हीरो के गुस्सा करने पे वो चुप-छाप वन से चली गयी.
अब वन में मैं और हीरो अकेले थे. तभी हीरो खड़े हुए. उन्होने बात रोब पहना था. उन्होने उसे भी उतार दिया. वो बिल्कुल नंगे थे. उनके 6 एबेस बिल्कुल सॉफ-सॉफ दिख रहे थे. मैने सोचा अगर इनके साथ सोना भी पड़े तो केयेम से केयेम उस प्रोड्यूसर के मोटे बदन से तो अछा ही होगा.
मेरी नज़र उनके लंड पर ही थी. वो धीरे से मेरे पास आए और मेरी जांघों पर अपना लंड रगड़ने लगे.
हीरो: उमर क्या है तुम्हारी?
मे: जी सिर 19 साल.
हीरो: पर्फेक्ट.
तभी उन्होने मेरे कंधे पे हाथ रख कर मुझे नीचे जाने का इशारा किया. मैं समझ चुकी थी वो मुझसे क्या चाहते थे. मैं भी नीचे अपने घुटनो पे बैठ गयी. उन्होने मेरे सिर को पकड़ा, और अपना लंड मेरे मूह में डाल दिए. मैं भी उनका लंड चूसने लगी.
धीरे-धीरे उनका लंड बड़ा होता गया. एक वक़्त पे तो उनका लंड पूरा मेरे मूह में नही आ रहा था. फिर भी वो ज़ोर लगते गये, और लंड पूरा मेरे गले तक घुसा दिया. मेरी आँखों में आँसू आ गये. एक वक़्त पे तो उनका लंड मेरे गले में अटक सा गया. मैं बिल्कुल भी साँस नही ले पा रही थी.
उन्होने मुझे और तड़पाने के लिए मेरी नाक को भी बंद कर दिया. मैं बहुत बुरी तरह चोक कर रही थी. मैने उनका लंड बाहर निकालने की कोशिश भी की, मगर नही निकाल पाई. मैं ऑलमोस्ट बेहोश होने ही वाली थी की उन्होने मेरे गालों पे एक ज़ोर का थप्पड़ मारा जिससे मैं होश में आई.
फिर जेया कर उन्होने लंड बाहर निकाला. मैं बिकिनी में थी क्यूंकी मेरे सीन्स उसी में शूट होने थे. उन्होने एक झटके में मेरे ब्रा को खींच कर फाड़ डाला, जिसके स्ट्रॅप से मेरी पीठ पे निशान भी बन गया.
हीरो: तुम्हे इन सब से कोई दिक्कत तो नही ना? वरना तुम ये फिल्म छ्चोढ़ कर जेया सकती हो.
मैं इतने करीब आ कर अब वापस नही जेया सकती थी. मैने सिर हिला कर ना कहा, और खुद दोबारा उनके लंड को मूह में लेकर चूसने लगी. तभी उन्होने मुझे बालों से पकड़ लिया. मेरे चेहरे को अपनी गांद के च्छेद के पास ले गये.
हीरो: चाट, हाट इसे साली.
मैं उनकी गांद के च्छेद को चाटने लगी. इससे उनका लंड हात्ोड़े जैसा टाइट हो गया. उनके गांद को चाट-ते वक़्त मुझे बिल्कुल अछा नही लग रहा था. मगर मैं कुछ नही कर सकती थी. जब उनका लंड पूरी तरह टाइट हो गया. तभी वन के दरवाज़े पे दस्तक हुई.
उन्होने उसे सीधा अंदर बुला लिया. वो एक असिस्टेंट डाइरेक्टर था. उसने मुझे हीरो की गांद चाट-ते हुए देख लिया.
हीरो: क्या देख रहा है?
आड़ (असिस्टेंट डाइरेक्टर): सिर, मेडम का शॉट रेडी है.
हीरो: देख नही रहा मेडम बिज़ी है. 1 घंटे बाद का शॉट लगाने बोल डाइरेक्टर को.
आड़ वहाँ से चुप-छाप चला गया. फिर उन्होने मुझे उठा कर बेड पे फेंक दिया और एक-दूं से मुझपे चढ़ गये. फिर उन्होने मेरी पनटी को भी चियर कर फाड़ दिया. मैं अब पूरी तरह नंगी थी, और वो मुझे जगह-जगह चूम और चाट रहे थे. कहीं-कहीं तो वो मुझे काट भी रहे थे.
फिर वो दो उंगली मेरी छूट में डाल कर अनिमल की तरह मेरी छूट को मसालने लगे. इससे मैं दर्द से मचलने लगी. मुझे काफ़ी दर्द हो रहा था. वो मेरे निपल्स को दांतो से खींच रहे थे, जैसे मानो की वो नोच ही डालेंगे.
मे: सिर… प्लीज़ तोड़ा आराम से, मेरा शॉट बिकिनी में है. बहुत मुश्किल से बॉडी को मेनटेन किया है.
हीरो: चुप साली… तेरा काम सिर्फ़ मुझे मज़े देने का है. बाकी सारे काम वफ्क्श से ठीक हो जाएँगे.
फिर उन्होने अपने लंड को मेरी छूट में डाल कर मेरी चुदाई शुरू की. वो शुरू से ही इतनी ज़ोर से छोड़ रहे थे की मेरी छूट पूरी तरह लाल हो चुकी थी. मैं दर्द से चिल्ला रही थी, मगर उन्होने मेरे मूह को अपने हाथो से बंद कर दिया.
हीरो: वाह… क्या टाइट छूट है तेरी. एक वक़्त पे उस हेरोयिन के भी ऐसे ही थे. आज किसी कुटिया की तरह झूल रहे है.
मे: प्लीज़ सिर मेरा वैसा हाल मत करना. मुझे इंडस्ट्री में और भी काम करना है.
इसपर हीरो हासणे लगा. मेरी बगल में पसीने को आते देख वो चाटने लगा. मुझे गुदगुदी सी हुई मगर उन्होने मुझे इतनी ज़ोर से जाकड़ रखा था, की मैं हिल तक नही पा रही थी. थोड़ी देर इसी तरह चूड़ने के बाद उन्होने मुझे घोड़ी बनने को कहा.
मैं पसीने में बिल्कुल भीग चुकी थी, और वो भी. मगर फिर भी मैं हिम्मत जुटा कर घोड़ी बन गयी. मगर उन्होने मेरी छूट को छोड़ने के बजाए मेरी गांद में लंड डाल दिया.
मे: प्लीज़ सिर आराम से करना. गांद में बहुत दर्द होता है, और आपके हात्ोड़े जैसा लंड तो मैं शायद ही ले पौ.
मगर उनको कहाँ मेरी फिकर थी. उनका पहला झटका ही इतना ज़ोर का था की मैं सीधा नीचे गिर गयी.
मे: आआआहह… ऊओ… मॅर गयी… आहह.. सिर..
पर उन्हे कहाँ पड़ी थी. उन्होने फिर से मेरी गांद को उठाया, और छोड़ना शुरू किया. मैं दर्द में चीख रही थी, मगर उसका कुछ फ़ायदा नही हो रहा था. उन्होने जाम के मेरी गांद को छोड़ा, और मेरी गांद पे थप्पड़ मारते गये. कभी वो मुझे अपने उपर ले लेते, तो कभी मुझे अपने नीचे, मगर छोड़ वो गांद को ही रहे थे.
उन्होने डॉगी स्टाइल में बहुत देर तक मेरी गांद छोड़ी. उनको मेरी चुदाई करते हुए 1 घंटे से उपर हो गया था, मगर वो झड़ने का नाम ही नही ले रहे थे. मेरा दर्द से बुरा हाल था. फिर उन्होने वन की वॉल से सता कर छोड़ा. इतने देर तक किसी ने नही छोड़ा था मुझे.
मैं और वो इतने पसीने से भीग चुकी थे, की अब उनका लंड आराम से मेरे अंदर जेया रहा था. और मैं ना जाने कितनी बार झाड़ चुकी थी. फिर उन्होने मेरा सिर वन से बाहर निकाल कर डॉगी स्टाइल में मेरी चुदाई की. बाहर के सभी लोगों को पता चल चुका था की अंदर मेरी चुदाई चल रही थी. मगर कोई कुछ नही बोल रहा था. हेरोयिन भी मुझे देख रही थी. उसकी आँखों में मुझे मेरा फ्यूचर दिख रहा था. की कैसे सब ने उसे इस्तेमाल करके छ्चोढ़ दिया है.
ऐसे ही लगभग 2 घंटे की चुदाई के बाद जेया कर हीरो ने अपना सारा पानी मेरी छूट में छ्चोढ़ दिया. जिसने मेरी छूट को भर दिया. उसके बाद उनका असिस्टेंट आया, और मुझे बातरोब दिया. अभी मैं तोड़ा आराम कर ही पाती की आड़ ने आ कर बोला की शॉट रेडी है.
मैं दर्द और थकान से चूर थी. मगर उसी तरह मुझे शॉट देने पड़े. फिर जब पक्कुप हुआ. तो हीरो के असिस्टेंट दोबारा मेरे पास आया और बोला की सिर ने मुझे दोबारा उनके वन में बुलाया था. मैं अब बिल्कुल चूड़ने की हालत में नही थी. मगर तभी डाइरेक्टर ने बोला-
डाइरेक्टर: पिक्चर बंद करवाएगी क्या? चुप-छाप से जेया.
मैं असिस्टेंट के पीछे पीछे चली गयी. जैसे ही मैं वन में गयी, वहाँ हीरो, प्रोड्यूसर, कॅस्टिंग डाइरेक्टर थे और पीछे से डाइरेक्टर भी आ गया और वन लॉक कर दिया. मैं समझ गयी की अब मेरे साथ गंगबांग होगा. वो लोग मुझे फार्महाउस पे ले गये. वहाँ मेरे साथ क्या-क्या हुआ, ये में नेक्स्ट पार्ट में बतौँगी.
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