फ़ेसबुक के द्वारा मॉं के साथ सेक्स

हेलो फ्रेंड्स. ये मेरी रियल कहानी है. ऐसे तो इंडिया में बहुत सारी ऐसी फॅमिलीस है जिसमे इस टाइप की रीलेशन होती है, लेकिन कोई भी बाहर ये सब बोलता नही. मैं आज ये स्टोरी आप लोगों से शेर कर रहा हू.

मेरा नाम है राकेश, मेरी आगे अभी 24 है. मैं इंट्रोवर्ट हू, इसलिए मेरे बहुत कम फ्रेंड्स है जो बचपन से मेरे साथ रहे. इसलिए मेरी ज़्यादा गर्लफ्रेंड्स नही बनी. मुझे किसी लड़की पे ज़्यादा इंटेरेस्ट होता भी तो मैं बात कर नही पाता था. लेकिन मेरी गर्लफ्रेंड बनी थी 12त में. उसके साथ किस के अलावा और कुछ नही हुआ था, और एक ही साल में हमारा ब्रेकप भी हो गया.

तब मैं ग्रॅजुयेशन 1स्ट्रीट एअर में था, और कॉलेज बहुत कम जाया करता था. दिन भर ग़मे खेलता था, और रात पॉर्न देख के मूठ मारता था. मुझे पॉर्न में मिलफ केटेगरी ज़्यादा पसंद है, और मुझे लड़कियों से ज़्यादा आंटीस पसंद आती थी, और चब्बी लड़कियाँ पसंद आती थी. लेकिन मैं तब तक कभी मेरी मा को गंदी नज़रों से नही देखा था.

अब असली स्टोरी पे आते है. मैं वडिषा से हू और हमारी अबव मिड्ल क्लास फॅमिली है. जिसमे मैं, मेरी दीदी (रिया) जो मुझसे 2 यियर्ज़ बड़ी है, मा (अनिता, 45 यियर्ज़), और पापा (सुरेश, 49 यियर्ज़) है जो सूरत में फॅशन डिज़ाइनर का काम करते है.

मेरी मा दिखने में काफ़ी हॉट है. साइज़ बतौ तो 36-34-40. हा मों के चूतड़ मस्त साइज़ के है और गोरी है. घर पर ज़्यादातर निघट्य में रहती है, तो उसका फिगर और भी निखार के आता है. मा के फिगर को देखते-देखते ही मुझे आंटीस ज़्यादा पसंद आती थी. लेकिन मैं मा को कभी गंदी नज़रों से सोचता नही था.

मेरी मा 12त तक पढ़ी लिखी है, और वो हमारे गाओं में ही अँगनवादी मेडम है. एक टाइम पर मों एक अंकल के साथ रीलेशन में थी, और जब हम घर पर नही होते थे, तब वो अंकल घर पर भी आते थे. लेकिन मैं उस टाइम ज़्यादा ध्यान नही देता था.

मेरे पापा सूरत में रहते थे, और हम वडिषा में. पापा साल में एक मंत के लिए घर आते थे. लेकिन पापा को मा और अंकल के बारे में पता चल गया तो पापा और मा के बीच झगड़ा हुआ था. फिर तब से मा ने किसी भी मर्द से ज़्यादा बातें करनी बंद कर दी.

जैसे की मैने बताया, मेरी मा के लिए कोई गंदी सोच नही थी. लेकिन एक दिन मा नहा कर, टवल लपेट कर, उसके रूम पे जाके, डोर को अंदर से बिना लॉक किए टवल निकाल दी. अब वो पूरी नंगी होके ब्लाउस पहन रही थी. उस टाइम मेरा मोबाइल का चारजर मा के रूम में था.

मैं इस बात से अंजान था की मा अंदर ड्रेस चेंज कर रही थी. इसलिए मैं सीधा मा के रूम के दरवाज़े को धक्का दिया और अंदर जाते ही शॉक हो गया. मा दूसरी तरफ मूह करी हुई थी और पीछे से बिल्कुल नंगी. फिर जैसे मा को पता चला दरवाज़ा खुला है, तो वो भी पीछे मूड गयी, और फाटाक से टवल उठा के च्छुपाने लगी.

ये सब सिर्फ़ 10 सेकेंड्स का सीन था, और मैं भी बाहर आ गया. फिर मैं घर से बाहर चला गया 4 घंटे तक. लेकिन दिमाग़ में बस मा की गंद जो देखी थी वही चल रही थी. कितने मस्त गोरे चूतड़ थे. मुझे ऐसे लगा रियल में कोई पोर्नस्तर को देख लिया.

फिर शाम को घर आया. लेकिन तोड़ा दर्र भी था की मा का कैसे सामना करूँगा अब. लेकिन मा मुझे दुकान जाने बोली. वो बिल्कुल नॉर्मल बिहेव करी लेकिन वो भी मुझसे आखें मिला नही पा रही थी. फिर उस दिन रात को मैं मा के बारे में सोचने लगा, और मों-सोन पॉर्न वीडियोस मोबाइल पे सर्च करके देखने लगा.

उस दिन पहली बार मा को इमॅजिन किया और मूठ मारी. पता नही क्यूँ मुझे उस दिन सबसे ज़्यादा मज़ा आया था मूठ मारने में. और तब से मैं मा को घर पर झाड़ू करते हुए और घर का काम करते हुए घूरता था. कभी-कभी मा की क्लीवेज दिख जाती थी, और झाड़ू करते टाइम पीछे से गंद को देख कर पागल हो जाता था.

मैं बहुत ट्राइ करता था मा को पूरी नंगी देखने की, लेकिन कभी चान्स नही मिलता था. मैं डेली मों सोन और इन्सेस्ट की काई सारी वीडियोस देखने और स्टोरीस भी पढ़ने में अडिक्ट हो गया था. ऐसे ही 1 साल बीट गया और दीदी भी शादी कर ली थी.

अब घर पर सिर्फ़ मा और मैं रहते थे. तब मैं एक रात मा के रूम के डोर पे जाके चेक किया. उस दिन मा डोर को अंदर से लॉक नही करी थी. ये मैं पहले भी करता था, लेकिन अंदर से लॉक रहता था. लेकिन उस दिन शायद भूल गयी थी और तब गर्मियों का दिन चल रहे थे.

मैं रूम के अंदर धीरे से गया और मोबाइल की फ्लश ओं करके देखा. मा की निघट्य घुटनो से उपर हुई थी, और मा एक साइड को फेस करके सो रही थी. मैं पास गया और तोड़ा झाँक के देखा नीचे से, तो मा ने पनटी नही पहनी थी. चूतड़ हल्के दिख रहे थे मा के और छूट के बाल भी हल्के-हल्के. फिर मैं 2 फोटोस खींचा और मेरे रूम में आके मूठ मार के सो गया.

फिर डेली इस साइट से स्टोरीस पढ़ के मुझे भी बहुत मॅन किया मा के साथ रियल में सेक्स करने की. बहुत सोचने के बाद एक आइडिया आया, और उसी को अप्लाइ करने का सोचा.

आइडिया कुछ ऐसा था, मैं सोचा की अगर मा को ये इन्सेस्ट स्टोरीस के बारे में पता चले, और ऐसे मा बेटे के बीच सेक्स की बातें पता चले, तब मा भी अगर थोड़ी मेरे तरफ अट्रॅक्ट हो जाए तो सही है. अगर कोई इंटेरेस्ट नही दिखाई तो मैं कुछ ट्राइ नही करूँगा.

मेरे लिए ये तोड़ा आसान था, क्यूंकी मा पढ़ी लिखी है और स्मर्टफ़ोने उसे करती थी. मा की फ़ेसबुक ई’द भी थी, लेकिन उसके रियल नाम से नही. वो बस फ़ेसबुक पे वीडियोस देखने के लिए उसे करती थी. तो मैने एक लड़की के नाम की फेक फ़ेसबुक ई’द ओपन की और उसमे मा की उमर की एक आंटी की ड्प रखी. फिर मा को उस ई’द से रिक्वेस्ट भेजी.

दो दिन तक वेट की. फिर भी मा ने रिक्वेस्ट आक्सेप्ट नही की तो मा के फोन का पासवर्ड ट्राइ किया. उसी के मोबाइल नंबर का स्टार्टिंग से 4 लेटर्स पासवर्ड था, और फोन अनलॉक हो गया. मैने मा की फ़ेसबुक ओपन करके, मेरी फेक ई’द की रिक्वेस्ट आक्सेप्ट करके रख दिया.

फिर उस दिन रात को जब मा सारा काम ख़तम करके सोने गयी और फ़ेसबुक में ऑनलाइन आई, तब मैने मसाज किया. वो मसाज सीन की लेकिन रिप्लाइ नही दी. मा को छतिंग करना भी आता था, लेकिन प्रॉपर नही, इसलिए शायद वो किसी के साथ छत करना इग्नोर करती थी. फिर भी दो-टीन बार ही बोला तो रिप्लाइ करी-

मैं (फेक ई’द): ही.

मा: हेलो.

में (फेक ई’द): कैसी हो?

मा: कों हो आप?

में (फेक ई’द): मैं तुम्हे नही जानती हू, बस तुम मेरी आगे की लग रही हो, इसलिए फ्रेंडशिप करना चाहती हू.

मा: लेकिन मैं तो कोई फोटोस नही दी. आपको कैसे पता चला मेरी आगे?

में (फेक ई’द ): अर्रे तुम्हारी डटे ऑफ बर्त शो हो रही है ना.

मा: अछा.

मैं (फेक ई’द): वैसे आप फीमेल ही हो ना? क्यूंकी तुम्हारी कोई फोटोस भी नही है.

मा: हा मैं फीमेल ही हू. लेकिन मेरा नाम भी इसमे अलग है.

मैं (फेक ई’द): क्या है आपका नाम?

मा: अनिता.

मैं (फेक ई’द): तो इस नाम से क्यूँ उसे कर रही हो फ्ब?

फिर मा ने कोई रिप्लाइ नही दी, कुछ टाइम बाद ऑफलाइन चली गयी.

इसके बाद क्या हुआ, उसके लिए अगले पार्ट की वेट कीजिए.

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