मेरी इंग्लीश टीचर के साथ पहली चुदाई

मेरा नाम राणा है. मैं बुरेवला, पुंजब, पाकिस्तान का रहने वाला हू. मेरी आगे 21 साल है. मैं 2न्ड एअर का स्टूडेंट हू. एलेक्ट्रिकल एनगनीरिइंग कर रहा हू.

मेरे लंड का साइज़ 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा है. जो लड़की एक बार देख ले, वो दीवानी हो जाती है. इस कहानी की जो हेरोयिन है, उसका नामे सिद्रा है, और वो एक हाउसवाइफ है, और उसके 2 बच्चे भी है. लेकिन बच्चे होने के बावजूद भी लगता नही है की वो शादी-शुदा है, या उसका कोई बच्चा भी है. क्यूंकी उसने अपने आपको मेनटेन करके रखा है.

ये मेरी सॅकी कहानी है, जो की आज से 2 साल पहले की है. ये तब की बात है जब मैं 1स्ट्रीट एअर में था, और स्टडी में ध्यान ना देने के वजह से घर वालो ने मुझे टुटीओन पे लगा दिया था. बस फिर सुबा कॉलेज, और शाम को टुटीओन जाना यही रुटीन चल रही थी.

ऐसे ही चलता रहा. फिर एक दिन हमारे टुटीओन सेंटर में 1 इंग्लीश फीमेल टीचर आई, और उस टीचर को हमारी क्लास अलॉट की गयी. पहले दिन ही टीचर को देख कर मुझे उसपे क्रश आ गया. उस टाइम मैं बॅक बेंचर होता था. मगर टीचर के लिए मुझे फर्स्ट बेंचर बनना पड़ा.

मेरी कोशिश यही थी, की मैं टीचर की नज़र में आ जौ. और फिर ऐसा ही हुआ. मैं टीचर की नज़र में अछा स्टूडेंट साबित हुआ. आहिस्ता-आहिस्ता मैं टीचर से फ्रॅंक होने लगा. मेरी कोशिश यही होती थी, की किसी तरह टीचर को स्माइल करवा डू. क्यूंकी उनको मुस्कुराता देख कर मुझे बड़ा सुकून मिलता था. आहिस्ता-आहिस्ता फ्रॅंकनेस बढ़ने लगी, और मैं टीचर का फॅवुरेट बन गया.

फिर आख़िर-कार वो दिन आ गया, जब मैं टीचर के साथ रूम में अकेला था. और बाकी सब स्टूडेंट्स लाइट ऑफ होने की वजह से कॅंटीन में गये हुए थे. तो हुआ कुछ ऐसा की टीचर ने कहा-

टीचर: मुझे के अपना कॉंटॅक्ट नंबर दो.

मैं एक टाइम के लिए तो समझ नही पाया.

मैने पूछा: मा’आम मेरा या घर का?

लेकिन मा’आम ने कहा: नही-नही अपना पर्सनल नंबर दो.

ये सुन कर मेरे दिल में तो मानो खुशी के लड्डू फूटने लगे, और मैने अपना नंबर दे दिया. फिर मैं घर आ गया, और इंतेज़ार करने लगा मा’आम के टेक्स्ट का. मगर कोई टेक्स्ट नही आया.

ऐसे इंतेज़ार करते-करते 7 से 8 दिन गुज़र गये. मैं मायूस हो गया था. फिर एक दिन रात को 11 बजे के करीब उनका “ही” का मेसेज आया. मैं समझ गया था की ये मा’आम थी. मगर मैं जान कर अंजान बन रहा था, और ना पहचानने का नाटक कर रहा था.

ऐसे ही 2 दिन गुज़र गये. उसके बाद उन्होने खुद ही बता दिया की मैं तुम्हारी टीचर हू. आहिस्ता-आहिस्ता बात करते-करते 1 दिन मा’आम ने मुझे अपने घर बुलाया. मैं तो खुशी से पागल हो गया. फिर मैं तैयार हो कर उनके घर गया. घर पहुँच कर कुछ बातें हुई, और मा’आम ने पूछा-

टीचर: क्या खाओगे?

मैने कहा: कुछ भी नही.

मगर मेरे बहुत माना करने पे भी वो जूस ले आई. उसके बाद खाने का टाइम हुआ, तो मा’आम कहने लगी-

टीचर: क्या खाओगे, बर्गर खाओगे?

मैने कहा: जी खा लूँगा. मगर तब, अगर आप बनाएँगी तो.

तो उन्होने कहा: चलो मिल कर बनाते है.

फिर हम किचन में चले गये. किचन में जेया कर उन्होने मुझे प्याज़ काटने के लिए लगा दिया, और खुद बाकी काम करने लगी. प्याज़ काटने से मेरी आँखों से आँसू शुरू हो गये थे. ये देख कर वो भी मेरे पास आ गयी, और मुझसे नाइफ पकड़ने लगी.

उनका हाथ टच होते ही जिस्म में करेंट सा लगा. फिर देखते ही देखते हमारी किस्सिंग स्टार्ट हो गयी, जो की 8 से 10 मिनिट चली. फिर हम किस्सिंग के दौरान रूम में भी आ गये और पता भी नही चला. शायद जो आग मेरे दिल में लगी हुई थी, उसकी तापश दूसरी तरफ भी महसूस हो रही थी.

इसलिए किस्सिंग के दौरान वो मेरा पूरा साथ दे रही थी. किस्सिंग से फारिघ् हो कर वो मेरी आँखों में ऐसे देख रही थी जैसे के सालों की तारसी हुई हो. फिर मैने उनकी बॉडी को चूमना स्टार्ट किया, और साथ-साथ उनके कपड़े भी उतारने लगा. उस टाइम वो सलवार कमीज़ में थी, जो की मैने उतार दी.

उसके बाद वो सिर्फ़ ब्रा और पनटी में मेरे सामने खड़ी थी. फिर उन्होने मेरे शर्ट उतरी, और उसके बाद जीन्स भी उतार दी. अब मैं सिर्फ़ अंडरवेर में खड़ा था उनके सामने.

मेरे आँखों के सामने वो मंज़र था, जिसकी ख्वाहिश तो मुझे पहले दिन ही से थी. लेकिन उमीद बिल्कुल नही थी की ऐसा हो सकता था. मगर आज वो सपना पूरा हो गया. उसके बाद मैं उनकी गर्दन को काटने लगा, और लोवे बाइट्स छ्चोढने लगा.

ऐसा करते-करते मैने उनकी ब्रा और पनटी भी उतार दी, और मैं उनकी क्लीन शेव्ड फुददी देख कर पागल हो गया. फिर उन्होने मेरा अंडरवेर भी उतार दिया, और मेरा लंड देख कर उनको बहुत खुश हुई. फिर एक-दूसरे को चूमते चाट-ते मैने उन्हे बेड पे लिटा दिया.

उसके बाद अपना लंड उनकी फुददी में डालना शुरू किया. लेकिन काफ़ी टाइम से सेक्स ना मिलने की वजह से उनकी फुददी टाइट हो गयी थी, जिससे मेरा लंड अंदर नही घुस पा रहा था. फिर मैने तोड़ा सा आयिल उनकी फुददी पे लगाया, और साथ ही अपने लंड पे भी लगा लिया.

उसके बाद आहिस्ता-आहिस्ता लंड अंदर डालना स्टार्ट किया, जिससे उनकी सिसकियाँ निकल रही थी, और मुझे मदहोश कर रही थी. उसके बाद मैने 1 झटका मारा और मेरा आधा लंड अंदर घुस गया, जिससे उनकी चीख निकली और चीख सुन कर मैने पूरा लंड अंदर डाल दिया.

उस टाइम मैं सातवे आसमान पे था, और उनकी सिसकियों से पूरा कमरा गूँज रहा था. हमारी चुदाई तकरीबन 25 से 30 मिनिट तक चली. फिर मैं अंदर ही फारिघ् हो गया, और हम कुछ देर ऐसे ही बेड पे लेते रहे एक-दूसरे से खेलते-खेलते.

फिर उठ कर हम दोनो ने बात लिया, और शवर में तोड़ा मज़ा किया. उसके बाद मैं वापस घर आ गया अपने. अब भी जब मौका मिल जाता है, तो हम चुदाई कर लेते है.

आपको मेरी ये सॅकी कहानी कैसी लगी, मुझे एमाइल करके ज़रूर बताना. ताकि मैं अपनी ज़िंदगी के कुछ और ऐसे किससे आपके साथ शेर कर साकु.

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