कहानी जिसमें एक लड़की की सहेली ने उसको मजा दिया

जब भी किरण को मौक़ा मिलता वह अपने सेल फ़ोन से अपनी और रीता की कभी साथ में तो कभी अलग से कई तरीके की अदा और पोज़ में तस्वीरें खींचती और खिंचवाती रहती थी। कई बार तो जब कोई आस-पास ना हो तब ऐसे सेक्सी पोज़ देकर अपनी तस्वीर रीता से खिंचवाती थी, कि रीता परेशान हो जाती थी।

कई बार किरण रीता को जबरदस्ती खाली क्लास रूम की बेंच पर या लॉन की हरी-हरी घास पर लिटा कर पल्लू हटा रीता के स्तनों को आधे दिखा कर तस्वीर खींच लेती थी। अपने हाथ को अपनी जांघों के बीच में डाल कर भी वह वीडियो खींचती थी।

किरण और रीता अपनी बचपन की, कॉलेज की, शादी की, हनीमून की और भी कुछ फोटो और वीडियो एक दूसरे के साथ शेयर करती रहतीं थीं। किरण की तो कई बिंदास बिकिनी वगैरह में ढेर सारी आधी नंगी फोटोज़ और वीडियो थीं। मेरी बीवी की भी कुछ उत्तेजक तस्वीरें और वीडियो मैंने खींचीं थीं।

कुछ रीता को बता कर और कुछ उससे छिपा कर। खैर बाद में वह छिपा कर ली हुई फोटो और वीडियो भी रीता से मैंने शेयर की थीं। एक बार रीता ने वह फोटो और वीडियो किरण के बार-बार आग्रह करने पर उसको दिखाये, पर शेयर नहीं किये। पर किरण कहाँ मानने वाली थी?

किरण ने रीता का फ़ोन लेकर मौक़ा मिलते ही चोरी-चोरी उन तस्वीरों और वीडियो को व्हाट्सप्प से अपने फ़ोन पर डाउनलोड कर लिए। उनमें रीता के वह डांस का भी वीडियो था जिसमें डांस करते हुए रीता की जांघें, कूदते हुए स्तन और एक दो बार उछलती हुई निप्पलें दिखाई पड़ रहीं थीं।

जब भी मौक़ा मिलता था, तब किरण रीता को उन फोटोज और वीडियो दिखा कर उसकी टाँग खींचती रहती थी, और रीता की खिसियानी शकल देख कर खिलखिलाकर हंस देती थी।

मेरी पत्नी रीता मुझे कहती थी कि किरण की इस तरह की उटपटांग बातें सुन कर वह भी कई बार काफी उत्तेजित हो जाती थी। उसकी चूत भी गीली हो जाती थी। पर वह किरण की तरह पागल नहीं थी। वह अपनी मर्यादा में रहना जानती थी।

सबसे पहले जब एक दोपहर स्कूल के बाद किरण मेरी पत्नी रीता को आग्रहपूर्वक अपने बंगलो पर ले गयी, तो रीता किरण के विशाल घर की सजावट, ऐश्वर्य और सुख साधनों की भरमार देख कर दंग रह गयी। किरण ने फिर रीता को अपना बैडरूम दिखाया।

वहाँ किरण ने रीता को सेक्स के कई उपकरण दिखाए जिन्हें देख कर रीता हैरान हो गयी। नकली लण्ड, चूत, वायब्रेटर इत्यादि उपकरणों को देख कर मेरी पत्नी की बोलती बंद हो गयी।

रीता के कहने के अनुसार उस दोपहर को किरण ने मेरी पत्नी को अपने बैडरूम में ले जा कर अपनी बाहों में भर लिया। रीता को आलिंगन करते हुए किरण कह रही थी, “रीता, मैं सच कह रही हूँ, काश मैं मर्द होती तो इसी समय तुम्हारे सारे कपड़े निकाल कर तुम्हें ऐसे तगड़े से चोदती, कि तुम अपने पति को भी भूल जाती। तुम इतनी खूबसूरत हो कि तुम्हें कोई भी तगड़ा हैंडसम मर्द जब कहो तब चोदने के लिए राजी हो जाएगा। पता नहीं तुम क्यों अपनी इस खूबसूरत जवानी को इस तरह अपने पुराने फटीचर ख्यालों में बर्बाद कर रही हो जबकि तुम्हारा पति भी तुम्हें इतना सपोर्ट कर रहा है।”

जब मेरी पत्नी ने किरण की बाँहों में लिपटी हुई इस बात पर कुछ नहीं बोली और आश्चर्य से किरण को देखती रही, तब किरण ने बरबस मेरी बीवी के होंठों से अपने होंठ चिपका दिए और अपनी जीभ रीता के मुंह में डाल कर रीता के मुंह का रस चूसने लगी।

रीता किरण की हरकतों से स्तब्ध किरण के बाहुपाश में बेबस अपने मुंह में किरण की जीभ पाकर बरबस उसे भी चूसने लगी। इस तरह रीता का सकारात्मक रवैया देख कर किरण ने फ़ौरन मेरी पत्नी की साड़ी और घाघरा उठा कर उसकी पैंटी को ऊपर से सहलाना शुरू किया।

बार-बार मेरी पत्नी का किरण का हाथ हटाने की कमजोर कोशिश के बावजूद किरण डटी रही, और रीता की पैंटी हटा कर उसने मेरी बीवी की चूत में उंगली डाल कर रीता की चूत को अपनी उँगलियों से चोदना शुरू कर दिया।

रीता जब किरण को रोकने की नाकाम कोशिश करने लगी, तब किरण ने कहा, “अब यह पवित्रता वाला ड्रामा बंद करो और मेरे साथ एन्जॉय करो। तुम्हारी चूत में से जिस तरह पानी रिस रहा है यह बताता है कि तुम कितना उत्तेजित हुई हो और तुम्हारा कितना मन है।” किरण की बात सुन कर रीता चुप। उसने फिर किरण को रोकना बंद कर दिया।

पर फिर किरण का हाथ जब रीता के ब्लाउज के बटन खोलने में लगा, तो फिर रीता ने उसे रोकना चाहा। मेरी बीवी रीता के बार-बार रोकने पर भी जब किरण ने मेरी पत्नी का ब्लाउज और ब्रा निकाल दिए, तब रीता के नंगे स्तनों को देख कर किरण की उत्तेजना का ठिकाना नहीं रहा।

पलक झपकते ही किरण रीता के निप्पलों से अपने होंठ चिपका कर एक छोटे से बच्चे की तरह मेरी बीवी के स्तनों में से जैसे दूध चूस रही हो, उस शिद्द्त से पूरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। किरण की हरकतें अब रीता के लिए भी असहज होती जा रहीं थी। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह किरण का विरोध करे या अपने उकसाये हुए बदन की बात सुने।

किरण ने रीता के स्तनों को खूब चूसा, चूत को चाटा, वाइब्रेटर से मेरी बीवी को कई बार झड़ने का मौक़ा भी दिया, और काफी कुछ किया। रीता भी आखिर बेबसी में किरण की बाहों में चली गयी, और किरण के साथ रीता ने उस दोपहर को वह सब किया जो उसने जिंदगी में सोचा नहीं था कि वह करेगी।

जब किरण ने मेरी पत्नी रीता को अपनी कार में हमारे घर छोड़ा, तो रीता बेचारी ऐसी हालत में थी जैसी पहले कभी नहीं थी। यह उसके जीवन का एक अनूठा अनुभव था।

किरण ने रीता के साथ ऑटो क्लिक टाइमर सेट करके किरण रीता को चूम रही थी, या कपड़े पहने हुए लिपट कर जैसे उसे चोद रही हो ऐसे पोज़ में कई फोटो लिए।

एक दो वीडियो भी लिए जिसमें किरण रीता को किस कर रही थी। रीता किरण की इन हरकतों से इतनी ज्यादा परेशान थी, कि उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि वह सब मुझे किस मुंह से बताये कि रीता किरण के साथ इस तरह के करतब में शामिल हो गयी थी।

किरण अपने पति सूरज की भी अलग-अलग पोज़िशन में फोटो और वीडियो लेती रहती थी। कभी जिम में, कभी कसरत करते हुए, कभी खाली निक्कर में तो कभी किरण के साथ प्यार जताते हुए। सूरज की खाली निक्कर पहने स्विमिंग पूल की कुछ फोटोज, तो कुछ फोटोज और वीडियो किरण और सूरज की स्विंमिंगपूल में मस्ती करते हुए साथ में।

ऐसी कई फोटोज और वीडियोज़ किरण कई बार रीता को दिखाती रहती थी। कई बार वह पागल लड़की अपने पति की ऐसी फोटो या वीडियो रीता को दिखाती थी, जिसमें सूरज का खड़ा हुआ लण्ड निक्कर में तम्बू बनाता हुआ दिख रहा हो।

ऐसी फोटो या वीडियो दिखा कर किरण हंस कर बोलती थी, “देखा मेरे पति का लण्ड? कैसा तगड़ा है रे! सॉलिड है ना? चाहिए तुझे यह लण्ड? बोल, मैं इंतजाम कर दूंगी। एक बार बोल दे।”

रीता यह सब देख और सुन कर बड़ी गुस्सा हो कर किरण को डांट देती थी, पर किरण पर उसका कोई असर नहीं होता था। पर वैसे रीता किरण को पसंद करने लग गयी थी।

मेरी पत्नी रीता एक अच्छी श्रोता थी। वह बोलती कम थी और सुनती ज्यादा थी। किरण का हिसाब-किताब उल्टा सा था। चूंकि रीता ज्यादातर किरण की यह सारी बातें चुपचाप हैरान सी सुनती रहती थी, किरण को भी सुनाने का और प्रोत्साहन मिल जाता था। इस कारण किरण की जुबान अपने पति के बारे में और उनकी सेक्स लाइफ और सेक्स की चर्चाओं के बारे में बात करते रूकती ही नहीं थी।

मैं भी किरण के बारे में रीता से सुन-सुन कर स्वाभाविक रूप से किरण की ओर ज्यादा आकर्षित होने लगा था। मूलतः मुझे किरण का सेक्स के मामले में बिंदासपन बहुत आकर्षित करता था। मेरी पत्नी रीता के सेक्स के बारे में कुछ रूढ़िवादी संकुचित विचारों से कई बार मैं परेशान हो जाता था।

मैं चाहता था कि मेरी पत्नी गैर मर्दों से मिले, उनसे जान-पहचान बढ़ाए और अगर उनमें से किसी के साथ भी उसका मेलजोल बढ़ता है तो मैं मेरी पत्नी को पूरी तरह से सपोर्ट करने के लिए तैयार था।

मेरे कई दोस्त और पड़ोसी जो मेरी नजर में कुछ हद तक रीता को पसंद आ सकते थे, उनके बारे में मेरी पत्नी रीता से मैं बात करता रहता था, ताकि शायद मेरी रीता उस मर्द की ओर आकर्षित हो। कुछ को तो मैं घर बुलाता रहता था, या रीता के साथ उनके घर जा कर उनसे बातचीत करने का अवसर ढूंढता रहता था।

मेरा आशय यह होता था कि रीता उनके बारे में क्या सोचती थी। क्या उसे कहीं किसी कोई मर्द में कुछ ज्यादा दिलचस्पी हो सकती है ताकि मैं उन दोनों को करीब लाने की कोशिश कर सकूँ। पर हर बार रीता मेरी मेहनत पर ठंडा पानी फेर देती थी। या तो वह उन मर्दों की तरफ देखती भी नहीं थी, या फिर मुझे साफ़-साफ़ कह देती थी कि मैं अपना टाइम जाया कर रहा था।

ऐसा नहीं था कि मेरी पत्नी रीता मेरा आशय नहीं समझती थी। मैंने उसे कई बार कहा था, कि मैं चाहता था कि मेरी बीवी का कोई मर्द बॉयफ्रेंड बने, और रीता उसके साथ छेड़छाड़ करे, या कुछ ज्यादा छूट ले। रीता ने शुरू में विरोध करने की नाकाम कोशिशों के बाद मेरी इन हरकतों का विरोध करना बंद कर दिया था।

कई बार वह उन मर्दों के बारे में अपनी नापसंदगी भी बता देती थी। इसलिए मेरे मन में आस थी कि कभी ना कभी तो मेरी पत्नी को कोई गैर मर्द पसंद आएगा। रीता ने कभी मेरी इस मुहिम का विरोध अगर नहीं किया तो समर्थन भी नहीं किया। मैं उसके मन की बात समझ ही नहीं पा रहा था।

मुझे ऐसा लगता था जैसे अगर घर में मैं रीता पर काम कर रहा था तो स्कूल में किरण मेरी पत्नी रीता पर काम कर रही थी। स्कूल में किरण को अभी एक या दो महीने हुए होंगे कि एक दिन जब फिर दोनों महिलायें शिक्षक कक्ष में अकेली मिलीं, तो किरण रीता से मिलते ही कहने लगी, “मालूम है, कल रात को मेरे पति ने क्या किया?”

जब बिना बोले रीता ने किरण की और देखा तो किरण बोली, “अरे बुद्धू, हर पति रात को बैडरूम में सोने से पहले अपनी पत्नी को क्या करता है?”

मेरी बीवी बेचारी स्तब्ध सी किरण को बड़े आश्चर्य से देखती ही रही। किरण ने कहा, “सूरज मेरी नाइटी उठा कर मेरी चूत पर हाथ फिराते हुए बड़े खुश हो रहे थे, क्यूंकि मैंने अपनी चूत पिछले ही दिन साफ़ करवा रखी थी। वह मेरी चूत को फील करते हुए पूछने लगे कि मेरी चूत मैंने किस बॉयफ्रेंड के लिए साफ़ कर रखी है?”

रीता बाँवरी सी अचंभित खड़ी हुई किरण को देखती ही रही। पत्थर की मूरत सी स्तब्ध मेरी बीवी की ओर देख कर मुंह फुला कर किरण हंस कर बोली, “मैं क्या बताती? पर मैं भी कोई कम थोड़े ही हूँ? मैंने तपाक से मेरे पति को जवाब देते हुए कहा, क्यों? बॉयफ्रेंड ही क्यों? क्या मेरी गर्लफ्रेंड नहीं हो सकती? मैंने मेरी चूत मेरी गर्लफ्रेंड रीता के लिए साफ़ करवा रखी है। हम जब मिलते हैं तब मौक़ा मिलते ही हम एक दूसरे की चूत पर हाथ फिरा कर तसल्ली करते हैं कि हमने हमारी चूत साफ़ रखी है या नहीं। इतना ही नहीं जब मौक़ा मिलता है तब हम एक दूसरे से मौज मस्ती करने का भी नहीं चूकते।”

आगे की कहानी अगले पार्ट में।

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