दुश्मन की मा चोदी, बदला लेने के लिए

सेक्स स्टोरी कंटिन्यूस…

दोस्तों आपको याद होगा एक बार मैने बताया था की मैं अंकित को पहले से जानता था. क्यूंकी उसकी मम्मी जयश्री एक समय पर मेरे से चुडवाया करती थी. मैं आप सब को जयश्री के बारे में तोड़ा डीटेल में बता देता हू.

जयश्री की उमर तकरीबन 42-43 साल है, पर दिखने में अभी भी 35 के उपर की नही लगती. उसकी भोली सी शकल किसी भी इंसान को धोखे में रख सकती है, पर वो चुदाई की इतनी ही शौकीन औरत है. वो सिर्फ़ मेरे से नही पर बहुत सारे लोगों से चुड चुकी थी.

जयश्री मॉडर्न लेडी है. वो हर टाइप के कपड़े पहनती है, लीके जीन्स टॉप, सलवार सूट, कुर्ता लेगैंग्स, कभी-कभी किसी फंक्षन में सारी पहनती है.

उसका रंग गेहुआ है, जो हर एक इंडियन लेडी की ब्यूटी को सूट करता है. जयश्री की एक ख़ास क्वालिटी थी, जो जवान लड़के से लेकर बुद्धों तक उसकी और खींच रही थी, और वो चीज़ थी उसकी आँखें. उससे एक बार आइ कॉंटॅक्ट हो गया, मतलब वो उस पर लट्तू हो गया समझो.

मैने पहली बार उनको हमारे टाउन के मार्केट में देखा था. जयश्री और मेरी वहाँ नज़र एक हो गयी और उसके बाद हम दोनो एक-दूसरे को चुपके-चुपके देखने लगे थे. कुछ 2-3 महीने तक हम दोनो कभी-कभी मार्केट में आमने-सामने आ जाते थे. एक दिन मैने हिम्मत करके उनसे बात की, और हुँने नंबर एक्सचेंज किए. वो इतनी चुड़क्कड़ थी की बस 3-4 दिन की बात-चीत में वो मुझसे चूड़ने रेडी हो गयी.

मैं आप सब को बता देता हू की जयश्री का फिगर रशियन लड़कियों जैसा है. उसके स्माल मीडियम साइज़ बूब्स, और थोड़ी उभरी हुई गांद देख कर मैं पागल हो गया था. उसका फिगर बिल्कुल स्लिम 32ब-28-34 है. और चुदाई के टाइम वो बहुत प्लेषर देती थी. उसको मैं पॉर्न से सीखे हर एक स्टाइल में छोड़ चुका था. वो काफ़ी एक्सपीरियेन्स्ड औरत थी. और जवान हॅंडसम लड़कों को देख कर उसकी आँखें चमक जाती थी. उसको मैं कम से कम 10 बार छोड़ चुका था.

अंकित से मम्मी को बचाने के लिए मुझे जयश्री एक सेफ और सेक्यूर ऑप्षन लगा. मैने अब जयश्री की लाइफ में फिर से एंट्री लेने की सोची. लेकिन पिछले कुछ साल से मेरा और उसका कनेक्षन टूट गया था.

मम्मी मेरी लाइफ में आने के बाद तो हमारी बिल्कुल बात बाँध हो गयी. अब इतने समय के बाद उनको डाइरेक्ट मेसेज भी करना सही नही लग रहा था. मुझे जयश्री का तोड़ा बहुत शेड्यूल पता था की कब वो घर से बाहर जाती थी, तो मैं 4-5 दीनो तक मार्केट में उसी टाइम पर रहने लगा.

एक दिन हमारी नज़रें मिली, और मैने उनको स्माइल किया, और रिप्लाइ में उन्होने भी मुझे स्माइल पास की. उस टाइम पर उन्होने कुर्ता और लेगैंग्स पहना था. उसका स्लिम फिगर देख कर मॅन कर रहा था की साली को बीच बेज़ार कुटिया बना कर छोड़ू, और उस समय पर मुझे अंकित पर बहुत गुस्सा आ रहा था.

मैने अपने गुस्से पर कंट्रोल किया और पेशियेन्स रख कर काम करने का सोचा. मैने उनकी तरफ देख कर 2-4 बार स्माइल पास की, तो वो भी अब मुझे देखने लगी. और मैने जो सोचा था, वैसा ही हुआ, नेक्स्ट दे मुझे जयश्री का मेरे सोशियल मीडीया अकाउंट पर मेसेज आया.

जयश्री: ही हॅंडसम, कैसे हो? आज कल मुझे याद भी नही करते?

मैं: हा मैं आपको याद नही करता.

जयश्री: श. बहुत बिज़ी रहते हो क्या?

मैं: नही, ऐसा नही है. याद तो उसको किया जाता है जिसको हम भूल जाते है. और आपको मैं कभी नही भूल सकता.

जयश्री: ओह सॅकी? तो इतना टाइम हो गया, ना कभी कॉल, ना कोई मेसेज. मुझे लगा तुम भूल गये होगे.

मैं: आपके साथ बिताया हर एक पल याद है मुझे (मैने फिर कुछ पुरानी बातें की जब हम दोनो मिल कर चुदाई करते थे).

जयश्री: श अभी मुझे पता नही था तुम मुझे इतना पसंद करते हो.

मैं: बहुत टाइम हो गया हम मिले नही. और अब मुझे आपसे मिलना है.

जयश्री: मुझे भी तुमसे मिलना है.

उसके बाद हम दोनो ने मिलने का प्लान बनाया, और हम 2-3 दिन में ही हमारी पुरानी जगह पर मिले. उस दिन हमने खूब चुदाई करी. मैने उस दिन मेरी लाइफ का बेस्ट देने की कोशिश करी, क्यूंकी मैं चाहता था की जयश्री मेरे से बार-बार चूड़ने को तरसे. और हुआ भी ऐसा ही, उस एक ही वीक में हमने 3 बार चुदाई करी. और उस हर चुदाई में मैं कुछ नया ट्राइ कर रहा था. जयश्री मेरे साथ बहुत खुश थी. हम दोनो चुदाई के बाद नंगे चिपक कर सो रहे थे, और बातें कर रहे थे.

मैं: यार बहुत टाइम हो गया. पहले तो हम कितनी चुदाई करते थे, और फिर एक-दूं से मिलना बंद हो गया.

जयश्री: मैं तो अक्सर तुमको याद करती रहती थी. कभी मार्केट में तुम्हे देखती तो हमारी पुराने दीनो को याद करती. कितनी बार तो तुम्हारे सोशियल मीडीया पर फोटोस देख कर उंगली कर लेती हू.

मैं: इतना मिस करते थे, तो कभी मेसेज क्यूँ नही किया?

जयश्री: मुझे लगा तुम मुझसे बोर हो गये हो, और अब मेरे अंदर कोई इंटेरेस्ट बचा नही होगा.

मैं (उनके बूब्स को प्रेस करते हुए लिप्स किस करके): आप इतनी प्यारी हो तो आपको जितना भी प्यार करू, मेरा मॅन नही भरता.

जयश्री ने मेरे होंठ चूम लिए, और मेरी नेक, रलोब हर जगह चूमने लगी. उसके बाद उसने मेरा लंड मूह में लिया और लॉलिपोप की तरह चूसने लगी. मैं उसको बहुत प्यार से ट्रीट कर रहा था, और जयश्री है भी इतनी प्यारी थी की उसके साथ स्लो और रोमॅंटिक सेक्स करने में मज़ा आता है.

जयश्री मम्मी जितनी सुंदर तो नही बोल सकता. लेकिन उसकी आँखें मुझे बहुत पसंद थी. मैने अब उसकी छूट में लंड घुसा दिया और उनके हेर को सहलाते हुए लिप्स पर चूमने लगा.

जयश्री: ह्म, आ, उहह ऐसे ही छोड़ो मेरे राजा. बहुत टाइम के बाद ऐसा मज़ा मिल रहा है. (मुझे काट-ते हुए) कहाँ चले गये थे? पता है मैं तुम्हारे बिना कितनी तरस रही थी?

मैं: माफ़ करना मेरी जान. अब मैं तुम्हे कही छ्चोढ़ कर नही जाने वाला. और मैने तुम्हारी चुदाई को लेकर बहुत कुछ सोचा है. और मैं चाहता हू की हम वो सब एंजाय करे, जो दुनिया के बाकी के लग नही कर पाते.

जयश्री (मेरे लंड के उपर बैठ कर उछलते हुए): ओह ऐसा क्या सोचा है मेरी जान? ह्म.. आ बताओ ना मुझे भी.

मैं: जान मैं चाहता हू की हम हर एक चीज़ ट्राइ करेंगे. और हम मेरे दूसरे दोस्तों को भी उसमे शामिल करेंगे.

जयश्री: नही यार. और लोग नही, सिर्फ़ तुम्हारे साथ ही चूड़ना चाहती हू (वो शरीफ बन रही थी. पर मुझे पता था ये चुड़क्कड़ थी. नखरे करने के बाद मानने तो वाली ही थी).

मैं: ठीक है, जैसे तुम्हारी मर्ज़ी. बाकी मेरे कुछ ख़ास दोस्त है जिस पर मुझे भरोसा है. और मैं बहुत टाइम से उन लोगों से मिलता रहा हू.

जयश्री: ठीक है बेबी. तुम इतना कह रहे हो तो मैं उसके बारे में सोच कर बतौँगी.

जयश्री ये सब बातों से बहुत एग्ज़ाइटेड लग रही थी. उसका चुदाई में जोश बढ़ गया था. मैं फिर उसकी गांद में लंड डाल कर कुछ 30 मिनिट तक उसकी गांद लेता रहा. उसके बाद मैं झाड़ गया, और हम दोनो कुछ टाइम तक साथ सो कर वहाँ से निकल गये.

मैं फिर वनिता आंटी को मिला और उनको जयश्री के बारे में सब कुछ बताया. कैसे मैं उसके साथ रिश्ता बनाया और अब फिर से वो चुदाई का सिलसिला शुरू किया. वनिता आंटी को जब पता चला की मैं अंकित की मम्मी को छोड़ रहा था, तो वो बहुत खुश हुई, और मुझे गले लगा लिया, और मेरे लिप्स को चूमने लगी.

हम दोनो उस टाइम होटेल पर ही थे, तो मैने उनकी बहुत चुदाई करी. उसके बाद हमने जयश्री को लेकर अंकित को सबक सीखने का प्लान बनाया. एक दिन मैने जयश्री का वनिता आंटी से इंट्रो करवाया. कुछ दिन लगे पर वनिता आंटी और जयश्री दोनो बहुत अची दोस्त बन गये.

जयश्री अब वनिता आंटी के साथ अपनी सेक्स लाइफ खुल कर शेर करने लगी. और उन दोनो में क्या बात होती वो सब मुझे वनिता आंटी बताती.

मैने फिर वनिता आंटी से कहा की आप तरुण को भरोसा दिलाओ की आप उनके साथ हो, और हम उसकी हेल्प करना चाहते थे. क्यूंकी अंकित तरुण को किसी बात को लेकर ब्लॅकमेल करता था. और उसी वजह से वो अंकित की गंदी गालियाँ सुन कर भी चुप रहता था.

वनिता आंटी ने तरुण से बात की, और तरुण वनिता आंटी की हेल्प करने रेडी हुआ. वनिता आंटी ने मुझे उनका दोस्त हू ऐसे ही इंट्रो करवाया. तरुण को हमने बताया नही की मैं भावना
(मम्मी) का बेटा हू. तरुण इतना खुश हुआ जब उसको पता चला की मैने अंकित की मम्मी को बहुत छोड़ा था. और हमारा नेक्स्ट टारगेट यहीं था की हम तरुण से जयश्री की चुदाई करवाए.

एक दिन हमने जयश्री को तरुण से मिलने का प्लान किया. मुझे पता था की तरुण को देख कर जयश्री इंप्रेस हो जाएगी. तरुण ऐसा बंदा था की उसको देख कर कोई भी लड़की और औरत उससे चूड़ने के सपने देखने लगे. तरुण के पापा ने सिटी में इनवेस्टमेंट के लिए फ्लॅट लेकर रखा था. तो हमने वहाँ मिल कर पार्टी करने का प्लॅनिंग किया. जयश्री घर से झूठ बोल कर निकली की वो अपनी फ्रेंड के साथ शॉपिंग पर जेया रही थी. उस दिन जयश्री पहली बार तरुण से मिली.

तरुण को देख कर वो अपने होश खो बैठी. उसके बाद मैं वनिता आंटी के साथ सेक्स करने दूसरे रूम में चला गया, और तरुण ने जैसे मम्मी को कन्विन्स किया वैसे ही जयश्री को किया. जयश्री को तरुण से छुड़वा कर मैने अंकित से बदला पूरा किया. उसने भी तरुण का इस्तेमाल करके मम्मी का फ़ायदा उठाया था.

मैने चुपके से जयश्री और तरुण का सेक्स करते हुए वीडियो बना लिया था. ऐसे ही हम 3-4 दिन बाद फिर वहाँ मिले. इस बार मैने और तरुण ने मिल कर जयश्री को छोड़ा. वनिता आंटी ने उसको ना पता चले ऐसे जयश्री का मेरा और तरुण का लंड एक साथ लेते हुए डबल पेनेट्रेशन वीडियो बना लिया.

जयश्री के बहुत सारे न्यूड्स मैने उसकी मर्ज़ी से लिए थे. उनको अछा लगता जब मैं सेक्सी पोज़ में न्यूड्स लेता. जयश्री मेरे उपर बहुत भरोसा करती थी. और मैं उनका कभी ग़लत इस्तेमाल नही करना चाहता था. पर मुझे अंकित को सबक सीखने के लिए ये सब करना पद रहा था.

मेरे पास जयश्री के कुछ ऐसे न्यूड्स थे जिसमे उसका चेहरा ठीक से दिखाई नही दे रहा था. वनिता आंटी अंकित को जिस लेडी के न्यूड्स देती थी, वो जयश्री के थे. अंकित उसकी मम्मी के न्यूड्स देख कर पागल हो रहा था, और उसको छोड़ने के सपने देख रहा था.

वनिता आंटी मुझे कहती की यार हम ये बहुत ग़लत कर रहे थे. अंकित जिसके बारे में सोच रहा था, वो उसकी मम्मी थी. और हम मा बेटे के रिस्ते के बीच ये ग़लत कर रहे थे. मैने उसको समझाया की अंकित एक दरिन्दा था. जब उसको पता चलेगा की ये उसकी मा थी, तब उसको रीयलाइज़ होगा की उसने मेरी मम्मी के साथ जो किया वो बहुत ग़लत किया. ऐसा हाल उसकी मम्मी का भी हो गया है.

और अब मैने जो सोचा था उसको अंजाम देने के लिए मुझे वनिता आंटी को बहुत मुश्किल से मानना पड़ा. लेकिन अंकित जैसे कामीने इंसान को सबक सीखने के लिए और ब्लॅकमेल करने के लिए इससे बेहतर कुछ नही था. मैने अब अंकित के साथ ऐसा क्या किया की उसकी गांद फटत कर हाथ में आ गयी थी. वो जानने के लिए आपको अगले पार्ट तक वेट करना पड़ेगा.

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