दुबई जाने के लिए बेटी हुई चूड़ने को तैयार

ही दोस्तों, मेरा नाम प्रकाश कुमार है. मैं लुक्कणोव से हू. मेरी उमर 48 साल है. दिखने में मैं फिट हू, और लंड मेरा 7 इंच लंबा, और 3 इंच मोटा है. ये कहानी मेरे और मेरी सौतेली बेटी के बीच बने नाजायज़ रिश्ते की है. तो चलिए आपको सब डीटेल में बताता हू.

पिछले साल ये सब शुरू हुआ. मेरी बीवी, जिससे मैं बहुत प्यार करता था, वो इस दुनिया से चल बसी. उसके साथ मेरी सेक्स लाइफ बहुत अची चल रही थी. हम दोनो के एक बेटा है, जो अब्रॉड में स्टडी करता है. तो हम दोनो हज़्बेंड-वाइफ ही एक-दूसरे का सहारा थे.

उसके जाने के बाद मैं अकेला हो गया. मेरा काम में भी मॅन नही लगता था. फिर मेरे बेटे ने मुझे फोन करके नयी शादी करने को कहा. मेरे रिलेटिव्स भी यही कहने लगे. पहले तो मैं नही माना, लेकिन सब के फोर्स करने पर मैं मान गया.

फिर मुझे 40 साल की एक औरत से मिलवाया गया. उसका नाम शीतल भाटिया था. शीतल डिवोर्स्ड थी, और उसकी एक 19 साल की बेटी थी. उसका फिगर 36-32-38 था, और रंग बहुत गोरा था. कुल मिला कर वो बहुत सेक्सी थी.

जब मैने उससे बात की, तो वो मुझे समझदार भी लगी. अब उसमे दोनो क्वालिटीस थी. वो सेक्सी भी थी, और समझदार भी. तो मैने रिश्ते के लिए हा बोल दिया. कुछ दीनो में ही हमारी शादी हो गयी. शादी वाले दिन मैं पहली बार अपनी सौतेली बेटी से मिला.

मेरी नयी बेटी का नाम पिंकी था. वो भी अपनी मा की तरह गोरी और सेक्सी थी. हालाकी उस वक़्त मैने उसको अपनी बेटी की नज़र से ही देखा था. उसका फिगर 32-28-34 था.

फिर हम घर आ गये. मैने पिंकी को उसका रूम दिखाया, और मैं और शीतल अपने रूम में चले गये. फिर मैने उसकी अपने बेटे से बात करवाई. बेटे से बात होने के बाद मैने सोचा अब तोड़ा रोमॅन्स किया जाए.

मैं शीतल के पास गया, और उसको अपनी बाहों में भर कर किस करने लगा. शीतल ने भी मुझे पूरा रेस्पॉन्स दिया. कुछ मिनिट किस करने के बाद मैने उसके बूब्स दबाने शुरू किए. तभी शीतल ने मुझे कहा-

शीतल: आज मैं बहुत तक गयी हू. हम ये बाद में करे?

मैने ओक बोला, और फिर हम सोने चले गये. अगले दिन जब सुबा उठा, तो शीतल बेड पर नही थी. जब मैं बाहर गया तो वो किचन में ब्रेकफास्ट बना रही थी. मुझे देख कर उसने मुझे गुड मॉर्निंग बोला, और नहा कर नाश्ता करने के लिए कहा.

मैं जल्दी से अंदर गया, और नहा कर बाहर आ गया. तभी पिंकी भी टेबल पर आ गयी. मैने देखा पिंकी ने ब्लू शॉर्ट्स, और पिंक त-शर्ट पहनी हुई थी. उसकी शॉर्ट्स उसकी जांघों तक थी, और त-शर्ट स्लीव्ले और डीप नेक वाली थी.

इन कपड़ों में उसकी क्लीवेज और सेक्सी जांघें आसानी से देखी जेया सकती थी. लेकिन मैं अभी भी उसके बारे में कुछ ऐसा-वैसा नही सोच रहा था. दिन बीतने लगे, और शीतल हर रात मुझे किसी ना किसी बहाने से सेक्स के लिए माना कर रही थी.

मैं समझ नही पा रहा था, की वो ऐसा क्यूँ कर रही थी. मेरी सेक्स की भूख बढ़ती जेया रही थी. मूठ मार कर भी मेरे अंदर की आग शांत नही हो रही थी. दोस्तों जब पार्ट्नर मॅर जाए, तो बंदा फिर भी कंट्रोल कर लेता है. लेकिन सेक्सी औरत साथ हो, पर फिर भी उसको छोड़ने का मिले, तो बहुत दिक्कत होती है.

शीतल मुझे उसको हाथ लगाने नही देती थी, तो धीरे-धीरे मेरा ध्यान भटकने लगा. अब सेक्सी ड्रेस पहनने वाली पिंकी के जिस्म पर मेरा मॅन डोलने लगा. जब भी वो मेरे सामने होती, तो मैं उसको ही देखता रहता.

ब्रेकफास्ट की टेबल पर मैं उसकी क्लीवेज देखने की कोशिश करता. चलते-फिरते वक़्त मैं उसकी मटकती गांद देख कर खुश हो जाता. मेरे मॅन में उसके लिए वासना भारी जेया रही थी. फिर एक दिन कुछ ऐसा हुआ, जिससे सब बदल गया. हम लोग साथ बैठे डिन्नर कर रहे थे. तभी पिंकी ने कहा-

पिंकी: पापा मुझे आपसे एक फेवर चाहिए.

मैं: क्या चाहिए बेटा?

पिंकी: पापा हमारे कॉलेज का ट्रिप जेया रहा है दुबई में. मुझे भी जाना है. 6 दिन का ट्रिप है, और 60000 फीस है.

मैं: 60000! ये तो बहुत ज़्यादा है बेटा. इतना हम अफोर्ड नही कर सकते.

पिंकी: प्लीज़ पापा. मुझे शायद ही ये चान्स दोबारा मिले. प्लीज़ मॅनेज कर लो ना.

मैं: सॉरी बेटा, लेकिन ये नही हो सकता.

शीतल: पिंकी पापा ने बोला ना की नही हो सकता, मतलब नही हो सकता. जब खुद कमाओगी, तो जहा मर्ज़ी घूम लेना.

ये सुन कर पिंकी चुप हो गयी, और डिन्नर करके चुप-छाप अपने रूम में चली गयी.

2 दिन बाद शीतल को अपनी किसी फ्रेंड की पार्टी में जाना था, तो वो वाहा चली गयी. मैं और पिंकी घर पर ही थे. मैं अपने रूम में बैठा टीवी पर न्यूज़ देख रहा था. तभी पिंकी मेरे रूम में आई. मैं बेड पर बैठा था. वो मेरे पास आई और बोली-

पिंकी: पापा एक रिक्वेस्ट है.

मैने टीवी बंद किया, और बोला: हा बोलो बेटी.

पिंकी: पापा वो दुबई ट्रिप…

अभी वो आयेज बोल ही रही थी, की मैं उसकी बात काट-ते हुए बोला-

मैं: बेटा मैने बोला था ना की हम इतना महँगा ट्रिप अफोर्ड नही कर सकते. अब तुम बार-बार वही पूचोगी तो मुझे भी बुरा लगेगा.

पिंकी ने ब्लू जीन्स और रेड टॉप पहना हुआ था. उसकी टॉप व-नेक थी, तो उसकी क्लीवेज नज़र आ रही थी. उसकी क्लीवेज में उसकी चैन का लॉकेट फ़ससा हुआ था, जो कमाल का लग रहा था. मेरी नज़र उसकी क्लीवेज पर ही टिक गयी. पिंकी ने भी मुझे उसकी क्लीवेज देखते हुए देख लिया. फिर वो बोली-

पिंकी: पापा अगर आप मुझे दुबई ट्रिप के लिए पैसे दोगे, तो मैं भी आपका फ़ायदा कर सकती हू.

मैं: कैसा फ़ायदा?

पिंकी: मैने देखा है की मम्मी आपको कुछ करने नही देती. और जहा तक मैं जानती हू, वो करने भी नही देंगी. मम्मी का डाइवोर्स भी इसी वजह से हुआ था.

उसकी बात सुन कर मैं हैरान रह गया.

पिंकी: लेकिन अगर आप मुझे ट्रिप के लिए पैसे दोगे, तो मैं आपके लिए वो सब कर सकती हू, जो आप चाहते है.

ये बोल कर पिंकी ने अपना टॉप उतार दिया. अब वो मेरे सामने ब्रा और जीन्स में थी. उसका बदन इतना सेक्सी था, की मैं क्या ही बतौ. मेरी तो आँखें फाटती की फाटती रह गयी.

इसके आयेज क्या हुआ, ये आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. कहानी पढ़ कर मज़ा आया हो, तो कॉमेंट सेक्षन में अपनी फीडबॅक ज़रूर दे.

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