दोस्तों ने एक दूसरे की मा को चोदा

हेलो दोस्तों सीधे कहानी पर आता हू. मैं इधर विकास की मों कोमल को छोड़ चुका था. अभी बारी थी मेरी मों की चूड़ने की. विकास ने उसे छोड़ने से पहले रूम में फोन रख कर वीडियो कॉल चला दी. अब मैं पूरा व्यू देख सकता था.

विकास मों को किस करने लगा. मों भी उसका पूरा साथ दे रही थी. विकास मों की गांद पर हाथ फेर रहा था. मों आहें भर रही थी, और गरम हो रही थी. विकास ने मों का ब्लाउस खोला, और मों के बूब्स दबाने लगा. क्या बूब्स थे मों के दोस्तों, मेरा लंड खड़ा हो गया.

विकास मों के निपल्स मसल रहा था. मों आवाज़े निकालने लगी आह उम्मह ऑश विकास अहह. विकास और गरम हो गया. उसने मों की सारी उतरी. फिर पेटिकोट उतरा, और मों को पूरा नंगा कर दिया. मों को पूरा नंगा देख कर मैं गरम हो गया. क्या बूब्स थे, क्या गांद थी, ऑश दोस्तों क्या बतौ.

विकास ने अपने भी कपड़े उतरे, और नंगा हो गया. उसने मों को घुटने के बाल बिताया, और मों के होंठो पर लॉडा रखा. मों धीरे-धीरे उस पर जीभ फेरने लगी. विकास ने मों के बाल पकड़े, और लंड चुसवाने लगा. मों ने विकास का पूरा लंड मूह के अंदर ले लिया.

क्या नज़ारा था दोस्तों. मा लंड को मूह के अंदर-बाहर कर रही थी. विकास एक हाथ से मों के बूब्स दबा रहा था, और एक हाथ से मा की छूट में उंगली कर रहा था. मा काफ़ी गरम हो चुकी थी. वो काफ़ी अछा ब्लोवजोब दे रही थी.

विकास लंड पर थूका और मा ने अपनी जीभ से उस थूक को पुर लॉड पर लगाया, और खुद का थूक डाल कर और गीला किया और चूसने लगी. करीब 10 मिनिट बाद विकास ने मों के मूह से लॉडा निकाला, और मों को बिस्तर पर लिटाया. उसने मों की दोनो टाँगो को फैलाया. मों की छूट बिल्कुल क्लीन शेव थी.

शायद मों ने चूड़ने के लिए आज ही शेव की थी. विकास ने मों की टांगे साइड में की, और छूट पर जीभ रखी. मों सिसकारियाँ लेने लगी. विकास ने छूट में थूक कर उसे गीला किया, और चाटने लगा. मों भी तड़प रही थी, और उछाल-उछाल कर अपनी छूट चटवा रही थी.

करीब 10 मिनिट छूट चाटने के बाद विकास ने मों की छूट में लॉड को सेट किया. मों बोल रही थी, “जल्दी डाल मेरे बेटे, काफ़ी दिन से तड़प रही थी मैं तेरे लॉड के लिए”. विकास ने एक ज़ोर का झटका मारा, और पूरा लंड मा की छूट में चला गया. मों चिल्ला रही थी, बुत विकास ने मों के होंठो को अपने होंठो में ले लिया. वो ज़ोर-ज़ोर से झटके देता रहा.

मों चिल्लती रही, बुत मों को मज़ा आ रहा था. 15 मिनिट छोड़ने के बाद विकास नीचे लेट गया, और मों उसके लॉड की सवारी करने लगी. मों इतना उछाल-उछाल कर छुड़वा रही थी, जैसे घोड़े की सवारी कर रही हो. विकास ने मों को अपनी तरफ खींचा, और नीचे झटके देने लगा. पूरा लंड मा की छूट में अंदर-बाहर हो रहा था. विकास भी फुल मज़े ले रहा था. कभी वो मों को किस करता, कभी उसके बूब्स दबाता.

ओह क्या नज़ारा था. करीब 5 मिनिट बाद विकास ने मों को घोड़ी बनाया, और मा की गांद मैं लॉडा डाला. मों चिल्ला रही थी, बुत विकास नही रुक रहा था. मों आयेज को भागने की कोशिश कर रही थी, बुत विकास ने मों को कमर से पकड़ रखा था.

विकास ने एक ज़ोर का झटका दिया, और लंड मा की गांद में पूरा घुस गया. मों की आँखों से आँसू आ रहे थे, बुत उनको मज़ा भी आ रहा था.

मों उसे बोल रही थी: ज़ोर से छोड़ मेरे राजा, और ज़ोर से छोड़.

विकास भी जोश में आ गया था. वो मों के बाल पकड़ कर धक्के मार रहा था. मों भी पीछे गांद करके उसे पूरा सपोर्ट दे रही थी. वो काफ़ी एक्सपीरियेन्स वाली जैसे चुड रही थी. मानो जैसे कोई प्रोफेशनल रंडी हो.

ये देख के मुझसे रहा नही गया. मैं भी विकास की मों कोमल को बेडरूम में लेकर गया, और पूरा नंगा कर दिया. आंटी भी साथ देने लगी. मैं आंटी को किस कर रहा था. आंटी मेरे होंठो को चबा रही थी. मैं आंटी के बूब्स को दबा रहा था, और आंटी सिसकारियाँ लेने लगी ऑश उम्मह आह.

मैने आंटी की छूट में उंगली दबाई. आंटी तड़पने लगी. फिर मैं आंटी की छूट को चाटने लगा. आंटी मेरे सिर को पकड़ कर अपनी छूट पर दबा रही थी, और रग़ाद रही थी. मेरा मूह पूरा आंटी की छूट के पानी से गीला हो गया.

दोस्तों क्या बतौ क्या स्वाद था आंटी की छूट में, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मैने पूरी जीभ आंटी की छूट में डाल दी. आंटी नीचे मेरे मूह के उपर छूट को प्रेस कर रही थी. करीब 10 मिनिट छूट चाटने के बाद आंटी बोली-

आंटी: रोशन, अपना लॉडा नही दोगे आंटी के मूह में?

मैं उठा और आंटी के मूह के पास लॉडा ले गया. आंटी ने पालक झपकते ही पूरा लॉडा मूह के अंदर ले लिया. ह क्या गर्माहट थी दोस्तों आंटी के मूह में ऑश आहह. करीब 15 मिनिट लॉडा चूसने के बाद मैं झड़ने वाला था.

मैने आंटी को पूछा: आंटी माल अंदर ही गिरा डू?

आंटी बोली: हा बेटा, अब से मैं तेरी रंडी हू. तू जो चाहेगा वो मैं करूँगी.

मैं आंटी के मूह में झाड़ गया. आंटी ने मेरा पूरा पानी चाट के पिया. फिर मैने आंटी को किस किया, और 10 मिनिट रेस्ट किया. आंटी ने चूस-चूस कर दोबारा मेरे लंड को खड़ा किया. लंड पूरा टाइट होने के बाद मैने आंटी को बेड पर लिटाया, आंटी की टांगे खोली, और छूट में लॉडा डाल दिया.

आंटी को काफ़ी मज़ा आ रहा था. उन्होने अपनी कमर के नीचे तकिया रखा, और छूट उपर उठाई. अब आंटी को छोड़ने में मज़ा आ रहा था. आंटी भी नीचे से पुश कर रही थी. मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था. मैने आंटी को घोड़ी बनाया, और आंटी की गांद मारने लगा.

साली रंडी की तरह गांद आयेज-पीछे कर रही थी. मैं भी काफ़ी गरम हो गया था. करीब 15 मिनिट छोड़ने के बाद मैं आंटी की गांद में ही झाड़ गया. उधर करीब 10 मिनिट बाद विकास भी मा की गांद में झाड़ गया, और मों भी झाड़ गयी.

दोनो बिस्तर पर लेते थे. मा विकास की बाहों में थी. विकास मों को किस कर रहा था. मों उसका साथ दे रही थी. फिर 10 मिनिट बाद दोनो बिस्तर से उठे, और तैयार हुए. तब तक मैं घर पर आया. मैने डोर को नॉक किया. मा ने दरवाज़ा खोला. मा काफ़ी खुश दिख रही थी. उनके चेहरे पर ग्लो आ गया था.

मैने मों को हग किया. मों काफ़ी खुश थी. अब ऐसे जब भी मौका मिलता है, हम दोनो दोस्त अपनी-अपनी मा को छोड़ते है.

तो दोस्तों कैसी लगी मेरी कहानी मुझे एमाइल करके फीडबॅक ज़रूर दे.

यह कहानी भी पड़े  माँ और बेटियों की रसीली जवानी


error: Content is protected !!