दोस्त ने दोस्त की मा को सिड्यूस किया

हेलो दोस्तों, कैसे है आप लोग. मैं आशु वापस आ गया हू अपनी स्टोरी को कंटिन्यू करते हुए मदर एक्सचेंज वाली लोवे स्टोरी.

लास्ट पार्ट में काफ़ी आचे रेस्पॉन्स आए. ई होप स्टोरी कंटिन्यू रहेगी, तो और भी रेस्पॉन्स और फीडबॅक मिलेंगे. अब आयेज चलते है.

तो फ़ैज़न और उसकी मम्मी घर आते है, और मेरी मम्मी उनका काफ़ी अछा वेलकम करती है. फ़ैज़न को तो देख के लग ही नही रहा था की वो अपनी पलके झपक रहा था. वो एक तक मेरी मम्मी को देखता रह गया. और ये बात उसकी पंत देख कर ज़ाहिर हो रही थी. क्यूंकी उसके लंड में तनाव आ रहा था.

मैं उसको पकड़ के अपने रूम में ले गया, और उसको चेंज करने को बोला. उसने अपनी पंत निकाल के अपने लंड को बाहर निकाला, और मसालने लगा. फिर वो बोला-

फ़ैज़न: भाई तुम्हारी मम्मी कितनी प्यारी और खूबसूरत है. दिल कर रहा है अभी यही बेड में पटक कर छोड़ू.

मैं बोला: भाई मेरा भी यही दिल करता है. जब भी मम्मी कुछ अची ड्रेस पहनती है, तो पकड़ कर छोड़ने का मॅन कर जाता है.

मैं उसको बोला: भाई अभी फिलहाल फ्रेश हो जेया. आज रात को कुछ करते है प्लान.

तो वो दिन पूरा घर में ही गया. ईव्निंग तक हम घर में थे. फिर हम बाहर गये, और सुत्ता मार के आ गये. आते हुए हम मोमॉस ले आए. घर में मोमॉस हम सब ने खाए.

बुत मेरी मम्मी को ज़्यादा तीखा लगा, तो मम्मी मूह खोल-खोल के बोल रही थी “मिर्च लगी मिर्च लगी”.

मैने उनको पानी दिया. मैने देखा फ़ैज़न फिरसे मम्मी को बड़ी गौर से देख रहा था. फिर हम मेरे रूम में आ गये, और हमारी दोनो मम्मी किचन में चली गयी बातें करते हुए, और डिन्नर प्रेपरेशन करने लगी.

मैने रूम में आके पूछा: फ़ैज़न ऐसे क्या देख रहा था?

फ़ैज़न: आशु तेरी मम्मी जिस तरह मूह खोली हुई थी, मैने अपना लंड तेरी मम्मी के मूह में महसूस किया.

ऐसे ही बाकचोड़ी में रात हो गयी. पापा भी आ गये, और हम सब ने डिन्नर किया. अब बारी आई सोने की.

हमारा फ्लॅट 2 भक है. एक रूम में पापा-मम्मी का, तो उसमे पापा सोने गये. बचा एक मेरा रूम. उसमे डबल बेड की वजह से जगह कम थी. और एक हॉल है.

फिर मम्मी बोली: हम लॅडीस यही हॉल में सो जाती है. तुम दोनो रूम में सो जाओ.

मैने कहा: नही, हम लोग भी यही हॉल में सो जाएगे.

मम्मी बोली: ठीक है, सब का बिस्तरा लगा दो.

तो मैने बिस्तर सेट किया, एक साइड हमारा, और दूसरी साइड मुम्मियों का. मेरी मम्मी तब तक किचन का काम ख़तम करके आ गयी. वो फ़ैज़न की अम्मी को रूम में लेकेर गयी, और निघट्य चेंज करके आ गयी दोनो.

दोनो को देख के लग रहा था, की दोनो ने ब्रा नही पहनी थी. क्यूंकी दोनो के बूब्स झूल रहे थे. हम दोनो का लंड उनको देख के शॉर्ट्स में खड़ा हो गया, और जैसे-तैसे हमने कंट्रोल किया.

तो मम्मी दोनो एक साइड बात करने लगी, और हम दोनो दूसरी साइड बातें कर रहे थे. फिर हमने डिसाइड किया, की फ़ैज़न मेरी मम्मी को पहले छोड़ेगा, और उसकी अम्मी को फ़ैज़न की हरकत दिखा के उसकी अम्मी को मैं छोड़ूँगा. फिर बाद में अपनी-अपनी मम्मी को छोड़ेंगे.

हम 4 लोग अब साइड बाइ साइड सो रहे थे. पहले फ़ैज़न की अम्मी, फिर मेरी मम्मी, फिर मैं, और उसके बाद फ़ैज़न. प्लान को एक्सेक्यूट करने के लिए फ़ैज़न ने मेरे साथ जगह रीप्लेस की. अब मेरी मम्मी की साइड फ़ैज़न आ गया था.

रात काफ़ी हो गयी थी, और मैं सोने का नाटक करने लगा. और दूसरी साइड फ़ैज़न की अम्मी को भी नींद आ गयी थी. मेरी मम्मी उनको सोने के लिए बोली, और वो सो गयी.

फ़ैज़न मोबाइल में ग़मे खेल रहा था. तब मम्मी ने उससे बात करनी शुरू की. उनकी नॉर्मल बात हुई. मम्मी और फ़ैज़न दोनो काफ़ी देर तक बातें करने लगे.

फ़ैज़न: आंटी एक बात बताओ, आपकी शादी कब हुई थी.

मम्मी: 1995.

फ़ैज़न: और आशु कब पैदा हुआ?

मम्मी बोली: 1996.

फिर मा ने पूछा: ये सब क्यूँ पूच रहे हो?

फ़ैज़न: आंटी आपको देख के लगता नही आप आशु की मम्मी हो.

मम्मी ने पूछा: ऐसा क्यूँ?

फ़ैज़न बोला: आंटी आप काफ़ी यंग दिखती हो. फिगर एक-दूं मेंटेंड आंड आशु आपका छ्होटा भाई लगता है.

मम्मी हस्सी और बोली: इतनी भी यंग नही हू. ई’म 44+.

फ़ैज़न: कसम से आंटी, कोई नही कहेगा आप 44 की हो. आप एक-दूं 34 के लगते हो.

मम्मी: बीटीयौ थॅंक्स फ़ैज़न.

फ़ैज़न बोला: आंटी और एक बात पूच सकता हू? इफ़ योउ डॉन’त माइंड.

मम्मी: पूछो.

फ़ैज़न: नही आंटी छ्चोढो, आप गुस्सा करोगे. और मेरी अम्मी को बोल दोगे.

मम्मी: ऐसा क्या पूछना चाहते हो? पूछो, मैं नही बोलूँगी किसी को.

फ़ैज़न ने हिम्मत करके पूछा: आपने खुद को काफ़ी मेनटेन किया है. आपका फिगर साइज़ क्या है?

मम्मी बोली: मुझे लगा ही था कुछ ऐसा ही पूचोगे तुम. खैर ई’म 38-34-36.

फ़ैज़न बोला: क्या बात कर रहे हो आंटी, सीरियस्ली? यकीन नही हो रहा है 38″ है आपके.

मम्मी ने हा में सर हिलाया.

फिर मम्मी बोली: चलो अब लेट जाओ.

फ़ैज़न और मम्मी साइड बाइ साइड लेते हुए थे. फ़ैज़न मम्मी से बात करने की कोशिश कर रहा था. वो अंजान बनते हुए बोला:

फ़ैज़न: आंटी इतने बड़े कैसे हो जाते है?

मम्मी बोली: नॅचुरली हो जाते है.

फ़ैज़न बोला: काश आंटी एक बार देख पाता आपको. मैने कभी किसी को नही देखा.

मम्मी: बेटा सो जाओ आप. ज़्यादा हो रहा है.

फ़ैज़न मम्मी के करीब गया और बोला: इफ़ योउ डॉन’त माइंड आंटी, मैं देख तो नही सकता. लेकिन क्या आपको टच करके फील कर सकता हू?

मम्मी: नही, तुम मेरे बेटे जैसे हो. इतना बता दिया, मुझे लगा नॉर्मल होता है. बुत इससे ज़्यादा नही.

फ़ैज़न: प्लीज़ आंटी. आपको देख तो मैं सकता नही. एक बार टच करने दो ना. मैं आशु से कभी कुछ नही बोलूँगा.

इतना बोल के फ़ैज़न मम्मी के पैर-वायर पकड़ने लग गया, और ज़िद्द करने लगा.

मम्मी: चलो ठीक है. एक बार कर लो टच. बुत ज़्यादा नही.

फ़ैज़न बोला: चलो आंटी.

और वो उनको उठाने लगा और इशारा किया मेरे रूम में जाने का. मम्मी भी धीरे से उठी ताकि फ़ैज़न की अम्मी नही उठे. फिर धीरे से दोनो मेरे रूम में गये, और फ़ैज़न ने गाते हल्का सा सरका दिया.

रूम में अंधेरा था, और बाहर से हल्की रोशनी जेया रही थी.

मम्मी: यहा क्यूँ लेके आए हो?

फ़ैज़न: आंटी एक बार हाथ लगाने का मौका मिल रहा है, और आपको पूरा ठीक से टच करके फील करना चाहता हू.

मम्मी बोली: अछा बेटा इतनी ज़्यादा अची लगी मैं?

फ़ैज़न बोला: कसम से आंटी, एक बार अपने इजाज़त दे ना, तो आपको बहुत प्यार करूँगा.

मम्मी बोली: कैसा वाला प्यार?

फ़ैज़न बोला: हर तरह का प्यार, जैसा आपको चाहिए.

मम्मी बोली: चलो जल्दी करो, मुझे सोने जाना है.

फ़ैज़न बोला: इतमीनान करिए आंटी 4-5 मिनिट दीजिए मेरे को. ताकि आपको आचे से चू साकु.

मम्मी बोली: ह्म.

फ़ैज़न खड़े-खड़े मम्मी को सबसे पहले हग किया, और उनको फोर्हेड पे किस किया. मम्मी को शायद ये अछा लगा. तो फ़ैज़न धीरे-धीरे उनके चेहरे से हाथ नीचे लेके आता गया, और नेक से नीचे लेके डाइरेक्ट उनके बूब्स पे टच किया.

मम्मी की सिसकियाँ निकल गयी. फ़ैज़न उनके बूब्स पर गोल-गोल सेम जगह पे हाथ फिरने लगा. फिर धीरे से उनके कमर में हाथ लेके गया, और उनकी कमर को नोचा. मम्मी के मूह से आउच निकला, और वो बोली-

मम्मी: बेटे आराम से करो.

फ़ैज़न हाथो को फिरसे उनकी गांद में लेके गया, और बहुत हैरान रह गया, की इतनी बड़ी गांद कैसे हो सकती है. वो सामने खड़ा था. और मम्मी की कमर से हाथ को पीछे लेके जाके उनकी गांद को महसूस कर रहा था.

जब फ़ैज़न मम्मी की गांद दबा रहा था, मम्मी से कंट्रोल नही हुआ. मम्मी ने उसको अपनी चेस्ट से लगा लिया, और मोन करने लगी. फ़ैज़न ने भी मौका देखा, और उनकी निघट्य को पीछे से उठाने लगा, और मम्मी की गांद मसालते हुए उनकी छूट में उंगली डालने लगा.

जब फ़ैज़न ने उंगली डाली, तो उसको पता चला मम्मी की छूट पूरी गीली हुई पड़ी थी. फ़ैज़न की उंगली जैसे ही मम्मी ने अपनी छूट में महसूस की, वैसे ही मम्मी ने अपना कंट्रोल खो दिया, और फ़ैज़न को अपने बूब्स में दबा लिया. मौका पाके फ़ैज़न ने उनके शोल्डर से निघट्य सरका दी, और मम्मी के बूब्स को मूह में ले लिया.

मम्मी और फ़ैज़न दोनो एक-दूसरे से एक-दूं ऐसे चिपके हुए थे, जैसे बहुत पहले से बिछड़े हुए हो.

सडन्ली बूब्स चूस्टे हुए फ़ैज़न ने मम्मी को गांद से पकड़ से गोद में उठा लिया, और बेड में डाल दिया.

आयेज की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में.

वेट फॉर पार्ट-3. उसमे पता चलेगा कैसे फ़ैज़न ने मम्मी को छोड़ा, और कैसे मैं उसकी अम्मी को छोड़ूँगा.

वेटिंग फॉर युवर रेस्पॉन्स आंड काइंड्ली रेस्पॉंड तो मैल.

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