दोस्त की शादी में मेरी सुहागरात

हाय दोस्तो, आप सभी को मेरा नमस्कार! मैं शिव राज हाजिर हूँ!
मेरी पुरानी कहानी
दिल्ली वाली भाभी की चूत चुदाई
को आप सभी का बहुत प्यार मिला, उसके लिए थैंक्स!
आज फिर मैं आप सब चूतों को हेल्लो करता हूँ और सारे लंड को नई नई चूत मिलती रहे… ऐसी कामना करता हूँ.

आज मैं आपके सामने एक सच्ची घटना लेकर आया हूँ, यह कहानी ज्यादा पुरानी नहीं है, सिर्फ छह माह पहले की है. मैं लखनऊ अपने एक दोस्त की शादी में गया था. मेरा बहुत अच्छा दोस्त था इसलिए एक दिन पहले पहुँच गया था. उसने हमारे और उनके स्पेशल गेस्ट का अरेंजमेंट एक होटल में किया था. फरवरी के दिन था, हल्की गुलाबी ठण्ड पड़ रही थी.

मैं दोपहर में उसके घर पहुँच गया, वो बहुत खुश हुआ मुझे देख कर… उसने अपनी फैमली में सबसे मुझे मिलवाया, फिर हमने साथ में लंच किया और हमें खाना उसकी एक रिश्तेदार जो उसकी बुआ की बहू थी, वो खिला रही थी और साथ में मेरे दोस्त को परेशान भी कर रही थी उसकी होने वाली वाइफ का नाम ले लेकर!
और मैं भी भाभी की तरफ से अपने दोस्त परेशान कर रहा था उसकी पुरानी गर्ल फ्रेंड्स का नाम ले ले कर!

भाभी मेरे से और पूछ रही थी कि कितनी लड़कियों को इसने अपने प्यार में फंसाया है, मैं उन सबके नाम उन्हें बता रहा था.
सबकी नजर बचा के भाभी ने मुझसे आंख मार कर पूछा- इसने कुछ किया भी है या बस ऊपर ऊपर ही खेलता रहा?
और हँसने लगी.
मैंने उन्हें बताया- आपका देवर बहुत पुराना खिलाड़ी है, इसने सबके साथ मैच खेले हुए हैं.

इतने में मेरे दोस्त का फ़ोन आ गया तो वो बाहर जाकर बात करने लगा तो भाभी ने मुझसे पूछा- तो आप भी इसी के जैसे ही खिलाड़ी हो या अनाड़ी हो?
तो मैंने कहा- भाभी जी, अब मैं अपनी तारीफ खुद कैसे कर सकता हूँ!
और हम हँसने लगे.

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सॉरी, मैंने अभी तक आप सबको भाभी के बारे में तो कुछ बताया ही नहीं… उनका नाम सुमन था, वो करीब 35 साल की होंगी, उनके दो बच्चे हैं, बड़ा 10 साल का और छोटा 7 साल का!
वो अपने छोटे बेटे के साथ आयी थी. वो दिल्ली की रहने वाली थी. उन्होंने अपने आप को इतना मेंटेन कर रखा था कि कोई उन्हें 25 साल से ऊपर तो कह ही नहीं सकता था.

मैंने उनसे पूछा- आप क्यों परेशान कर रही थी मेरे दोस्त को… आपकी भी नई नई शादी हुई है, भैया जो आपको परेशान करते हैं, उसका बदला निकल रही हो?
तो वो बोली- पागल… मेरी शादी को 14 साल हो गये और मेरे दो बेटे हैं.
बाहर एक बच्चे को दिखाते हुए बोली- ये मेरा छोटा बेटा है, बड़ा दिल्ली में है, वो नहीं आया.

मैंने कहा- मैं ही मिला हूँ आपको बकरा बनाने को? मैं भी दिल्ली में 10 साल रहा हूँ, सब जानता हूँ… प्लीज मुझे इस तरह से उल्लू मत बनाइये.
तो वो हँसने लगी और बोली- तुम्हें यकीन नहीं तो अपने दोस्त से पूछ लेना!
मैंने कहा- अरे नहीं भाभी, अगर मैंने उससे आपके बारे में पूछा तो मारेगा, बोलेगा ‘मेरी भाभी पे लाइन मार रहा है साले?’
तो वो हँसने लगी और बोली- अरे अब मुझे कौन लाइन मारेगा? तुम लोगों को तो जवान जवान लड़कियाँ पसंद आएँगी.

मैंने भी मौका देखते हुए कहा- अरे भाभी जी, जो मजा आप में है, वो इन सब से नहीं मिल सकता!
और हँसने लगा.

वो भी शरमा के तिरछी नजर से देखते हुए सिर्फ मुस्करा रही थी और मेरे बारे में पूछने लगी- अपनी वाइफ को क्यों नहीं लाये?
तो मैं बोला- मेरी बेटी तबियत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं अकेला ही आया हूँ.

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बात बात में उन्होंने मुझसे पूछा- रात में कहाँ रुकोगे?
तो मैं बोला- जहाँ आप सुलाओगी, वहीं सो जाऊंगा.
भाभी हँसने लगी और बोली- यार यहाँ तो बहुत भीड़ है, सुना है कि होटल में भी रूम बुक है. यार मेरे लिए भी उधर ही जुगाड़ करवा दो?
तो मैं बोला- अरे आप अपने देवर से बोल दो कि मैं सो नहीं पाऊँगी, मेरा भी होटल में ही जुगाड़ करवा देना तो वो कर देगा.

फिर मेरा दोस्त आ गया. तभी भाभी ने अरुण से पूछा- कितने रूम बुक हैं होटल में?
तो उसने बताया- 3 रूम हैं, एक में कोई रुक हुआ है, 2 अभी खाली हैं. शायद रात में दो लोग और कोई आने वाले हैं लेकिन अभी उनका कुछ कन्फर्म नहीं है.
भाभी बोली- यार प्लीज, मेरा भी उधर ही कुछ जुगाड़ करवा देना, इधर मैं सो नहीं पाऊँगी, बहुत भीड़ है, रात भर ट्रेन में भी ठीक से नहीं सो पायी और सुबह से तो तुम देख ही रहे हो!
भाभी भी दिल्ली से आज सुबह ही पहुची थी.

मैं बोला- यार, कोई नहीं अगर रात में वो लोग आ भी गए तो मेरे रूम आ जायेंगे, मैं मैनेज कर लूंगा.
तो वो बोला- ठीक है!
और इतने में किसी आवाज दी तो वो बाहर चला गया तो भाभी ने मुझे थैंक्स बोला.
मैंने कहा- कोई बात नहीं, अगर कोई दिक्कत होगी तो मैं आपके रूम में आ जाऊंगा!
और हँसने लगा.

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