दोस्त की भाभी के साथ सेक्स की शुरुआत की कहानी

ही फ्रेंड्स, मेरा नाम कारण है, और मैं अपनी सिटी की एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हू. बात उन दीनो की है, जब लॉक्कडोवन् शुरू हुआ था. कंपनी बंद होने की वजह से बहुत काम पेंडिंग पड़ा हुआ था, तो ऑफीस से हम लोगों को टास्क दिया गया था, की घर से काम करना है.

3-4 दिन तो मैने अपना काम किया. पर एक दिन मुझे कुछ समझ में नही आ रहा था. तो मैने अपने दोस्त दीपक को फोन किया की मुझे ये समझ में नही आ रहा था.

तो उसने बोला: तुम मेरे घर आ जाओ. हम यही से काम कर लेंगे.

मैने कहा: ठीक है.

कुछ देर बाद मैं उसके घर पर था. मैं गाते खोलने ही वाला था की अचानक गाते खुल गया, और मैने देखा की बहुत सुंदर लेडी रेड सारी में मेरे सामने खड़ी थी. मैं उनको पागलों की तरह देखे जेया रहा था, क्यूंकी उनका फिगर किसी अप्सरा से कम नही था.

गुलाबी होंठ रस्स से भरे हुए, पर्फेक्ट बूस, पतली सी कमर. ऐसा फिगर जिसे देख कर ही खड़ा हो गया. तभी उन्होने पूछा, “आप कौन”? उनकी आवाज़ सुन के मुझे होश आया और मैने बोला-

मैं: जी मैं दीपक का फ्रेंड हू.

तो उन्होने मुझे उपर से नीचे तक देखा और शायद मेरी पंत में खड़े हुए पेनिस को नोटीस कर लिया, जिसको मैं च्छुपाने की कोशिश कर रहा था.

उन्होने इशारे से मुझे बताया की उस रूम में जाओ वाहा है आपका फ्रेंड. फिर मैं अंदर चला गया, और वो बाहर शायद किसी काम से जेया रही थी.

मैं दीपक के पास जेया कर बैठ गया, और अपना काम करने लगा. लेकिन मुझे अभी भी उनके ख़याल आ रहे थे, तो मैने दीपक से पूछा-

मैं: ये लेडी कौन थी?

उसने कहा: ये मेरी भाभी है.

मैने कहा: ओक.

कुछ देर बाद भाभी हमारे पास आई, और दीपक से बोली-

भाभी: मैं टीवी देखने जेया रही हू, जब आपको लंच करना हो तो मुझे बता देना, मैं लगा दूँगी.

और ये बोल के मेरी तरफ हल्की सी स्माइल देकर वो चली गयी. उनकी स्माइल में मुझे कुछ इशारा लगा, और मैं सोच रहा था की कैसे भाभी से बात करू. तभी दीपक को एक कॉल आई, और वो जाने लगा.

तो मैने पूछा: क्या हुआ?

वो बोला: तुम काम करो, मैं बाहर जेया रहा हू. कुछ देर बाद अवँगा, और भाभी को बता देना.

मेरी कुछ समझ में नही आया किसकी कॉल थी, और वो कहा गया था वो. अब मैं अकेला था रूम में, और भाभी अपने रूम में अकेली. मेरा शैतानी दिमाग़ जाग गया था, क्यूंकी अब मौका भी था. फिर मैं रूम से बाहर निकला, और भाभी को आवाज़ दी. भाबी बाहर आई और बोली-

भाभी: क्या हुआ?

मे: वो दीपक बाहर गया है. किसी की कॉल आई थी. पर कुछ बता कर नही गया

भाभी: ओह ठीक है. तुम कुछ लोगे?

मे (मुझे लगा भाभी ने सीधा बोल दिया): हा एक कॉफी.

भाभी: ठीक है, मैं बनती हू.

और ये बोल के भाभी किचन में चली गयी. जब वो चल रही थी, तो मैं पीछे से देख रहा था, और उनको देख के मीं कंट्रोल नही कर पा रहा था. फिर मैं किचन की तरफ गया, और भाभी के बिल्कुल पीछे खड़े हो कर बोला-

मे: भाभी पानी मिलेगा?

वो एक दूं पीछे पलटी, और मुझाए टकरा गयी. उनके बूब्स मुझे टच हुए, जो बहुत ही सॉफ्ट थे, और उनके चेहरा मेरे चेहरे के पास था. मुझे उनकी साँसे महसूस हो रही थी, जिनमे अलग ही खुसबु थी.

भाभी: देती हू.

मे: क्या?

भाभी: पानी? यही माँगा ना तुमने अभी.

मे: माँगा तो है पर.

भाभी: पर?

मे: आपके होंठों का पानी, पिलाएँगी?

भाभी शर्मा गयी.

मे: ठीक है, अगर आपका मॅन नही है तो.

भाभी नशीली आँखों से मुझे देखते हुए बोली: मॅन ना होता तो तुमसे चिपक के खड़ी क्यूँ होती?

इतना सुनने के बाद मेरी खुशी का ठिकाना नही रहा, और मैने भाभी की कमर पकड़ के अपनी तरफ खींच लिया, और लीप किस करने लगा. भाभी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी, और अपने हाथो से मेरे बाल सहला रही थी, और मैं भी उनके बूब्स दबा रहा था.

पुर किचन में भाभी की सिसकारियाँ गूँज रही थी, और मैं भाभी के शरीर को हाथो से सहला रहा था. तभी मैने अपना एक हाथ भाभी की सारी में घुसा कर छूट से टच करा दिया.

भाभी ने लंबी साँस ली, और मेरे कान को दांतो से काटने लगी. मुझे भी पूरा जोश आ रहा था, और मेरा लंड पंत के अंदर से ही भाभी को टच हो रहा था. मैने उनकी छूट में उंगली डालना शुरू कर दिया, और उन्होने मेरा लंड पंत से निकाल कर पकड़ा और बोली-

भाभी: वाउ, काफ़ी बड़ा और स्ट्रॉंग लगता है.

मे: क्यूँ, आपके पति का ऐसा नही है?

भाभी: नही, उनके साथ तो मेरा मॅन भी नही करता. शुरू होते ही झाड़ जाता है उनका.

मे: कोई बात नही, आज अपनी प्यास बुझा लो.

ये बोल कर मैने भाभी के बूब्स ब्लाउस से निकाल दिए. अब मेरे सामने 2 छ्होटे-छ्होटे से आम थे, जिनका रस्स मैने पीना शुरू कर दिया, और भाभी की हालत ऐसी होती जेया रही थी, जैसे उन्होने कभी भी ये सुख पाया ही ना हो.

धीरे-धीरे में नीचे की तरफ जेया रहा था, की भाभी ने मेरे सर पकड़ा और बोली-

भाभी: बस, अब कुछ मुझे भी करने दोगे या खुद ही मज़े लेते रहोगे?

मैं रुक गया और खड़ा हो गया. भाभी नीचे बैठ गयी, और मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ कर मूह के पास ले गयी और बोली-

भाभी: ऐसा लगता है जैसा फ्रेश है अभी? कभी किसी के साथ किया नही क्या?

मैने बताया: किया था कॉलेज लाइफ में गफ़ के साथ (ये कॉलेज लाइफ की कहानी मैं बाद में पोस्ट करूँगा).

फिर भाभी ने लंड अपने मूह में लिया और आँखें बंद करके चूसने लगी. मुझे भी काफ़ी मज़ा आ रहा था. हम दोनो मस्ती कर रहे थे. तभी मैं गाते पर कुछ आवाज़ आई.

तो बे कंटिन्यूड…

नेक्स्ट पार्ट जल्दी ही पोस्ट करूँगा

दोस्तों. आपके आइडियास और फीडबॅक का वेट करूँगा. भाभी के साथ मस्ती जारी रहेगी. अगर किसी भाभी या गर्ल को कुछ भी पूछना हो, तो मैल करे

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