दोस्त के दोस्त की गर्लफ्रेंड को ठंडा करने की कहानी

हेलो दोस्तों, मैं सोनू शर्मा. कैसे हो आप सारे? आशा करता हू की आप सभी आचे ही होंगे, और चुदाई का भरपूर आनंद ले रहे होंगे अपनी ज़िंदगी में.

तो दोस्तों हाज़िर हू एक और सॅकी कहानी के साथ, जो की मेरे कॉलेज टाइम की है. इसमे मेरा दोस्त कार्तिक और शीतल है. हम तीनो एक ही क्लास में थे. शीतल हमारी क्लास की एक ऐसी लड़की थी, की हर कोई लड़का उसके मज़े लेता था. जैसे की बूब्स और गांद को प्रेस कर देना चलती क्लास में.

शीतल सावली और स्लिम थी, बूब्स भी छ्होटे थे, लेकिन उसकी गांद आचे से बाहर निकली हुई थी. और मेरा दोस्त कार्तिक तब वर्जिन था. बस हाथ से उसका काम चलता था. उसने कभी छूट नही मारी थी ( हम तीनो की उमर 19 की थी).

ये 2019 की बात है. तब हमारे 1 सेमेस्टर के एग्ज़ॅम चल रहे थे. लास्ट पेपर के दिन कार्तिक ने मुझे बोला-

कार्तिक: भाई आज पेपर ख़तम हो जाएगा. पढ़-पढ़ के दिमाग़ खराब हो गया है.

मे: सही कहा भाई तूने. चल फिर कल ईव्निंग में दारू पीने का प्लान करते है मेरे रूम पे.

कार्तिक: वो तो ठीक है भाई, लेकिन मेरे दिमाग़ में कुछ और चल रहा है.

मे: क्या, बोल?

कार्तिक: हम दोनो चुदाई करेंगे शीतल की.

मे: वो कैसे भाई?

कार्तिक: तू उसकी टेन्षन मत ले. मैं सब सेट कर लूँगा.

मे: अछा, वैसे तूने कभी छूट देखी भी है क्या कैसी होती है?

कार्तिक: नही यार, बस वीडियो में ही देखी है. इसलिए तो सेक्स करने की तलब लगी है मेरे अंदर. तेरे जैसा नसीब कहा है मेरा.

मे: हा भोंसड़ी के इसके लिए नसीब नही लंड में दूं चाहिए.

कार्तिक: तेरे भाई के अंदर पूरा दूं है.
एग्ज़ॅम ख़तम होने के बाद.

मे: भाई कल मैं कलाज नही अवँगा. पूरा दिन रूम पे सौंगा, और रिलॅक्स करूँगा.

कार्तिक: हा ठीक है. और तैयारी भी कर लेना. रूम सॉफ कर लेना, और चखना भी लेकर रखना. दारू और शीतल को लेकर आना मेरी ज़िम्मेदारी.

मे: ठीक है.

फिर नेक्स्ट दे मैने सब तैयारी कर ली थी. अब मैं दोनो का वेट करते-करते सो गया था. शाम के 8:30 के पास मेरा गाते नॉक हुआ.
जब मैने गाते खोला, तो मेरे सामने कार्तिक और शीतल थी.

कार्तिक: आबे तू सो रहा था क्या? तैयारी की है की नही? दारू भी लेकर आया हू.

मे: हा यार, सब कुछ हो गया है. मैं तुम लोगों का ही वेट कर रहा था.

शीतल: हेलो सोनू! कार्तिक ने मुझे सब बताया है तेरे बारे में. तेरे को देख कर ऐसा लगता नही है, की ऐसा भी होगा तू.

मे: हाहहाहा जो दिखता है वो होता नही है. और जो होता है, वो देखता नही है.

शीतल: हा ये भी है.

कार्तिक: चलो आओ प्रोग्राम चालू करते है.

कार्तिक ने बाग से म्ड विस्की 750 म्ल को बॉटल निकली. फिर हम तीनो दारू पीने लगे. मेरा पहला पॅक ख़तम भी नही हुआ था, की उतने में ये दोनो 3 पॅक ख़तम कर चुके थे. उपर से फन भी अपनी फुल स्पीड में चल रहा था.

कार्तिक ने अपने फोन में पार्टी सॉंग्स चला दिया, और हम लोगों ने डॅन्स करना चालू किया. शीतल हमारे बीच में डॅन्स कर रही थी. काफ़ी देर तक नाच गाना करने के बाद कार्तिक भी अपने फुल मूड में आ गया.

उसने शीतल के बाल पकड़े और वो दोनो एक-दूसरे को पागलों की तरह किस करने लगे. कार्तिक से अब ज़्यादा कंट्रोल नही हो रहा था. उसने शीतल की जीन्स और टॉप निकाल दी. शीतल ने येल्लो कलर की ब्रा और पनटी पहन रखी थी.

कार्तिक ने भी अपने सारे कपड़े निकाल दिए, और वो शीतल के सामने नंगा हो गया. उसके बाद शीतल भी कार्तिक का लंड पकड़ के आयेज-पीछे कर रही थी और कार्तिक शीतल के छ्होटे बूब्स चूस रहा था (शीतल के बूब्स 30 साइज़ के थे).

काफ़ी देर तक ऐसे ही करने के बाद कार्तिक ने शीतल को लंड चूसने को बोला. शीतल भी उसके 5 इंच के लंड को काफ़ी आचे से चूस रही थी. कार्तिक ने 2 मिनिट में ही अपना पानी निकाल दिया शीतल के मूह के उपर.

शीतल: छूतिए, बता नही सकता था क्या, पानी निकालने वाला है? और इतनी जल्दी कैसे निकल गया तेरा?

कार्तिक: सॉरी यार, इतना मज़ा आ रहा था की पता ही नही चला कब निकल गया.

मे (हेस्ट हुआ बोला): हाहाहा अर्रे जाने दे शीतल, नॉर्मल बात है.

शीतल: फिर भी बता देना अब नेक्स्ट टाइम. ऐसा मत करना तू.

कार्तिक: ठीक है.

शीतल बातरूम जेया कर अपना मूह दो कर आई. हम लोग फिरसे दारू पीने लगे. कार्तिक ने जल्दी-जल्दी 2 पॅक मारे, और शीतल को भी पिलाए(टोटल 5 पॅक लगा चुके थे दोनो स्ट्रॉंग वाले). फिरसे वो लोग एक-दूसरे को किस करने लगे. इधर मेरा अभी बस दूसरा ही पॅक चल रहा था.

उसके बाद कार्तिक का लंड फिरसे खड़ा हो गया. उसने शीतल की येल्लो कलर की पनटी निकली, और छूट को आचे से देखने लगा (शीतल की छूट पूरी काली थी).

मे: भोंसड़ी के क्या देख रहा है? छूट ही तो है, दिखाई नही दे रही है क्या? या दारू ज़्यादा हो गयी है?

कार्तिक: भाई यार मस्त छूट है रे इसकी.

शीतल: अछा, तो अब इसको लीक कर.

कार्तिक: ची! मैं नही चाटने वाला. मुझे नही पसंद.

शीतल: मदारचोड़, मैने तेरा लंड अपने मूह लिया, और अब तेरी बारी आई तो ची बोल रहा है.

कार्तिक: चुप कर, मैं नही करने वाला.

कार्तिक ने बाग से कॉंडम निकाला और अपने लंड पे लगा लिया. फिर उसने शीतल के पैर खोले, और लंड छूट में डाल दिया. अलग ही खुशी नज़र आ रही थी कार्तिक के फेस पे. पहली बार जो कर रहा था.

कार्तिक मिशनरी पोज़िशन में शीतल की छूट में तेज़-तेज़ धक्के मार रहा था. शीतल बस हल्की-हल्की सिसकियाँ ले रही थी. बस 4-5 मिनिट छोड़ने के बाद कार्तिक ने अपना पानी निकाल दिया.

उसके बाद कार्तिक शीतल के बाजू में लेट गया.(शीतल के फेस पे मुझे गुस्सा नज़र आरहा था).

शीतल: ऐसे-कैसे इतना जल्दी हो गया भद्वे तेरा?

मे: उसने कभी सेक्स नही किया है. पहली बार है. इसलिए ज़्यादा कुछ नही कर पाया वो.

शीतल: क्या?

मे: हाहाहा हा ये ही सच है.

शीतल: ज़्यादा हासणे की ज़रूरत नही है सोनू तेरे को. पॅक बना मेरे लिए.

मैने पॅक बना के शीतल को दिया.

कार्तिक (नशे में): सोनू यार मैं बहुत तक गया हू. और सर भी घूम रहा है. शायद ज़्यादा दारू हो गयी है.

शीतल (नशे में): आबे तेरे से कुछ होता नही है तो अपनी गांद मरवाने के लिए मुझे बुलाया है? बहुत ज़्यादा बोल रहा था ना तू, की मेरा स्टॅमिना भूत अछा है. नों-स्टॉप कर सकता हू. ऐसे करूँगा वैसे करूँगा. अब निकल गया तेरा दूं? बहनचोड़ मुझे गरम करके तू ठंडा हो गया.
कार्तिक को अब कोई फराक नही पद रहा था. उसका काम हो गया था. उसकी अब नींद भी लग चुकी थी.

मे: अर्रे शीतल, वो सो गया है. अब कितना भी बोल ले तू, उसको कोई फराक नही पड़ने वाला है. वैसे भी उसको जाने दे, मैं हू ना.

शीतल: हहा, तेरे दोस्त से कुछ नही हुआ, तो तेरे से क्या ही होगा? मुझे नही करना.

मे: दूं पे मत जेया रंडी. तेरी जैसो की बहुत छूट फादी है.

शीतल: तू भी सला फेकू है. कार्तिक ही तरह.

मुझे अब बहुत गुस्सा आ रहा था. मैने अपनी पंत नीचे की और अपना 7 इंच का लंड शीतल के मूह में तूस दिया. उसके बाल पकड़ के अपना लंड शीतल के गले तक उतारने लगा. ये सब इतना जल्दी हुआ, की शीतल को सोचने समझने का भी टाइम नही मिला. उसकी आँखों में आँसू आ गये थे.

नेक्स्ट पार्ट बहुत इंट्रेस्टिंग होने वाला है दोस्तों. उसमे कितनी बेरेहमी से शीतल को छोड़ा मैने, मज़ा आएगा आपको पढ़ने में. नेक्स्ट पार्ट के लिए मुझे ज़्यादा से ज़्यादा मैल करे.

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