दोस्त के दोस्त की मा को मज़े से चोदने की कहानी

हेलो स्टोरी रीडर्स, सॉरी काफ़ी लाते हो गया स्टोरी लाने में. माफी चाहूँगा. लास्ट पार्ट में आपने पढ़ा था, की कैसे फ़ैज़न और मम्मी एक-दूसरे से चिपक गये थे.

मम्मी और फ़ैज़न दोनो एक-दूसरे से एक-दूं ऐसे चिपके हुए थे, जैसे बहुत पहले से बिछड़े हुए हो. सडन्ली बूब्स चूस्टे हुए फ़ैज़न ने मम्मी को गांद से पदक से गोद में उठा लिया, और बेड पर डाल दिया. अब आयेज–

मम्मी ने बेड में गिरते ही फ़ैज़न को अपने उपर आने का इशारा किया. फ़ैज़न भी मम्मी के उपर चढ़ा, और दोनो पॅशनेट्ली किस करने लगे. वो कभी मम्मी के लोवर लिप्स चूस्टा, कभी अप्पर लिप्स, और दोनो एक-दूसरे की टंग (जीभ) को चूसने लगते.

5-7 मिनिट्स किस्सिंग सेशन के बाद फ़ैज़न मम्मी के बूब्स को मसालने लगा, और चूसने लगा. वो मम्मी के एक बूब को चूसा तो दूसरे को मसलता. फ़ैज़न ने खूब चूसा मम्मी को. मैं भी चुपके से देख रहा था गाते के कोने से. मॅन कर रहा था मैं भी जाके चूस लू एक बूब. एक फ़ैज़न चूज़, फिर एक मैं चूसू.

मैं तो गाते में था. बुत फ़ैज़न की स्पीड बढ़ रही थी. कभी वो किस करता मम्मी को, कभी वो गर्दन में चूस्टा, फिर बूब्स चूस्टा, और मम्मी भी मोन कर रही थी धीरे-धीरे.

फिर फ़ैज़न ने धीरे-धीरे उनकी निघट्य को निकाल फेंका, और मम्मी के उंदेर्बूबस को चूस्टे हुए उनकी नेवेल पे आ गया. वो मम्मी की टमी को चूस्टे हुए काटने लगा. मम्मी को हल्का-हल्का दर्द हुआ, और वो सिसकियाँ लेने लगी.

फिर फ़ैज़न ने अपनी उंगली को मम्मी की छूट में डाल दिया, और मम्मी तो जैसे कुछ सेकेंड्स के लिए स्टॅच्यू हो गयी. इस सडन आक्षन से मम्मी की छूट ऑलरेडी गीली हुई पड़ी थी. फिर फ़ैज़न नीचे खिसकते हुए गया, और मम्मी की छूट को चाटने लगा.

मम्मी को एक अलग ही फीलिंग आने लगी थी, जैसे मम्मी उडद रही हो. मम्मी अपने हाथ को हवा में लहरा रही थी, आंड हाथो से बेड शीट को खींच रही थी.

फ़ैज़न मम्मी की छूट को 10-15 मिनिट तक चूस्टा रहा. उंगली करता रहा, कभी 2 उंगली, कभी 3 उंगली. तभी शायद मम्मी का ज्वाला-मुखी फटा होगा, और मम्मी का ऑर्गॅज़म आ गया. फ़ैज़न मम्मी का सारा रस्स पी गया.

मम्मी ढीली हुई पड़ी थी बेड में. फ़ैज़न उठ के मम्मी के पास गया, और उनके बूब्स को सहलाते हुए उनको किस करने लगा और पूछा-

फ़ैज़न: कैसा लगा आंटी जी?

मम्मी: फ़ैज़न तुमने मुझे बिना छोड़े की खल्लास कर दिया.

फ़ैज़न: अछा जी, क्यूँ अंकल ने कभी नही छोड़ा आपको? फुल सॅटिस्फॅक्षन नही दी?

मम्मी: तुम्हारे अंकल अगर मुझे सॅटिस्फॅक्षन दे पाते, तो तुम शायद मेरी छूट ना चूस रहे होते बेटे, समझे?

फ़ैज़न: समझ गया आंटी. अछा ये बताइए, मैने तो आपको एक बार सॅटिस्फाइ किया. अब मुझे कों करेगा?

मम्मी: कों करेगा क्या? ऑफ कोर्स बेबी मैं करूँगी.

इतना बोलते हुए मम्मी ने फ़ैज़न के शॉर्ट्स को खिसका के नीचे किया, और उसका लंड 4 इंच का हो गया था.

मम्मी बोली: बस इतना?

फ़ैज़न बोला: आंटी एक बार इसको टच तो करो.

इतना बोल के मम्मी ने फ़ैज़न के लंड को मूह में ले ले लिया और चूसने लगी. एक मिनिट में फ़ैज़न का लंड 4 इंच से 6.5 इंच तक हो गया. मम्मी ने लंड को मूह से निकाला और बोली-

मम्मी: सॉरी फ़ैज़न, अनडरएस्टीमेट करने के लिए तुम्हारे लंड को.

फिर मम्मी दोबारा से लंड को मूह में लेके चूसने लगी, और आवाज़े आने लगी मम्मी के मूह से ग्लोप ग्लोप ग्लोप की. करीब 5 मिनिट के बाद फ़ैज़न ने मम्मी को उठाया, और बेड के नीचे उतार दिया.

वो बोला: घुटनो पर बैठ जाओ. मम्मी जैसे ही बैठी, इतने में फ़ैज़न ने लंड उनके मूह में डाल दिया.

मम्मी फुल स्पीड में फ़ैज़न को ब्लोवजोब दे रही थी. फ़ैज़न भी आँखें बंद करके लंड चुसाई करवा रहा था. इतने में फ़ैज़न बोला-

फ़ैज़न: ई’म कमिंग आंटी.

मम्मी ने तुरंत उसके लंड को निकाल के अपने बूब्स पे माल गिरवा लिया. फिर मम्मी उठी, और एक कपड़ा लेके अपने बूब्स को सॉफ किया, और फ़ैज़न के लंड को सॉफ किया, और बेड पे चली गयी.

फ़ैज़न और मम्मी दोनो नंगे थे. वो दोनो एक-दूसरे से रोमॅन्स कर रहे थे.

मेरे पुर डबल बेड में एक तरफ से दूसरी तरफ रोल हो रहे थे. मैने पहली बार मम्मी को नंगी देखा था. मैं फुल खुश था क्यूंकी मेरा भी लंड पूरा उबाल पे था. बस कोई चूस लेता तो माल निकाल देता.

खैर फिर मैने देखा, मम्मी फ़ैज़न के लंड को हाथो से हिलने लगी, और फ़ैज़न के लंड में जान आने लगी. उसका लंड अब फिरसे खड़ा था. अब बारी थी चुदाई की.

अब दोनो मिशनरी पोज़िशन में आ गये. मम्मी पीठ के बाल लेती थी, और फ़ैज़न ने मम्मी की टाँगो को फैला के अपने लंड को सेट किया, और छूट में डालना शुरू किया.

फ़ैज़न के लंड का आयेज का हिस्सा गया था, और मम्मी की छूट गीली होने की वजह से लंड छूट में सरकता हुआ चला गया. तभी मम्मी ने आहह करके साँस ली और साँस छ्चोढी, फ़ैज़न के लंड को पूरा अपने अंदर जाता हुआ महसूस करके.

अब फ़ैज़न ने मम्मी को छोड़ना शुरू किया. उसने तेज़-तेज़ झकते दिए, और मम्मी भी फ़ैज़न को सपोर्ट करती रही. मम्मी काफ़ी ज़्यादा मोन कर रही थी, और फ़ैज़न के लंड की मार मम्मी की छूट में बाज रही थी फॅक फॅक ठप ठप करके.

उनको भी काफ़ी टाइम बाद चरम-सुख मिल रहा था. मम्मी फ़ैज़न के मूह को खींच कर किस कर रही थी, और अपने बूब्स चुस्वा रही थी.

फ़ैज़न मस्त छोड़ने में लगा हुआ था हॉर्स की तरह. वो तका-तक तका-तक छोड़ रहा था.

ऐसे ही 10 मिनिट छोड़ा. फिर फ़ैज़न तक गया शायद, और लेट गया, और मम्मी को अपने उपर आने का इशारा किया. मम्मी भी पोर्नस्तर्स की तरह उसके लंड पे आके बैठ गयी, और लंड अपनी छूट में सेट करके छुड़वाने लगी.

मम्मी काफ़ी मज़े से उछाल-उछाल के छुड़वा रही थी, और आवाज़ कर रही थी. उनकी चुदाई की ठप-ठप आवाज़ आ रही थी.

तभी फ़ैज़न की मम्मी जो की सोई हुई थी, उनकी हरकत हुई, और मैं चुप-छाप आके अपनी जगह पर लेट गया. मैने नोटीस किया फ़ैज़न और मम्मी की चुदाई की आवाज़ रूम से बाहर से आ रही थी हॉल तक.

तभी फ़ैज़न की अम्मी उठ जाती है, और मेरी मम्मी और फ़ैज़न को ढूँढने लगती है. वो उनको नही दिखाई देते तो वो रूम की साइड जाने लगती है, और धीरे-धीरे से झाँक के रूम में देखती है. उनका बेटा अपने दोस्त की मम्मी को छोड़ रहा होता है. और मेरी मम्मी बड़े आराम से छुड़वा रही होती है.

फ़ैज़न की अम्मी को काफ़ी शॉक लगता है, और वो अपने सर पे हाथ रख के रूम साइड उनकी चुदाई देखते हुए खड़ी रह जाती है.

आयेज की कहानी नेक्स्ट पार्ट में.

गाइस आप सब लोग जो स्टोरी पढ़ते है, रिक्वेस्ट है प्लीज़ फीडबॅक दिया करो यार. राइटर्स को सपोर्ट करो ताकि कॉंटेंट लिखने में नये आइडियास आए, और कहानी बेटर हो पाए

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