दो बहनो के एक ही लड़के से चुदने की सेक्सी कहानी

तो पिछले पार्ट में आप लोगों ने पढ़ा था की मेरी गफ़ सुरभि को छोड़ने के बाद, मैं सालू (गफ़ की बड़ी बेहन) और सुरभि दोनो के बीच में लेट गयी, अब आयेज.

तो सुरभि की चुदाई में मुझे बहुत मज़ा आया, और सुरभि की भी नींद लग गयी. लेकिन मुझे नींद नही आ रही थी, क्यूंकी मेरी साइड में सालू सो रही थी.

मेरा मॅन कर रहा था, की उसके साथ कडलिंग करू. ऐसा सोचते-सोचते मुझे थोड़ी नींद आ गयी. लेकिन थोड़ी देर बाद मुझे कुछ महसूस हुआ तो मेरी नींद टूट गयी. तो मैने आँखें खोल के देखा तो सालू मेरा लंड सहला रही थी पंत के उपर से ही.

मैने कुछ रिक्ट नही किया. मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था, और वो मेरा लंड सहला रही थी. फिर सुरभि ने अचानक नींद में मुझे उसकी तरफ खींच लिया. और सालू ने लंड सहलाना बंद कर दिया. मुझे सुरभि के उपर गुस्सा आ रहा था.

थोड़ी देर में मैं सुरभि से अलग हुआ, और सालू की तरफ मुड़ा. अब सालू सो गयी थी, और मेरी तरफ उसकी बॅक थी, तो मैने धीरे से उसकी कमर पर हाथ रखा, और धीरे-धीरे सहलाने लगा त-शर्ट के उपर से ही.

फिर मैने उसकी त-शर्ट को तोड़ा उपर किया, और उसकी नंगी कमर पर हाथ फेरने लगा. वो कुछ रिक्ट नही कर रही थी. फिर मैं हाथ फिरता हुआ उसके बूब्स की तरफ ले गया, और ब्रा के उपर से उसके बूब्स पा हाथ फेरने लगा.

मैं धीरे-धीरे दबाने लगा. फिर उसने थोड़ी सिसकिया ली तो मैं समझ गया वो सोने का नाटक कर रही थी. तो मैं उसके बूब्स को ब्रा से निकाल के दबाने लगा. बहुत मज़ा आ रहा था. बहुत सॉफ्ट और बड़े थे उसके बूब्स.

फिर मैं उसके साथ पूरा चिपक गया, और उसकी गर्दन में स्मूच देने लगा. उसने अपना हाथ पीछे किया, और मेरे लंड को सहलाना लगी. मैने पंत की चैन खोल कर लंड को बाहर निकाला तो उसने पकड़ लिया, और हिलने लगी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

फिर मैने उसको मेरी तरफ किया, तो उसकी आँखें बंद थी. मैं उसके गालों पे किस करने लगा तो उसने आँख खोली, और सर उठा के पहले सुरभि की तरफ देखा. फिर वो मेरे होंठो को चूसने लगी. मैं भी उसके गुलाबी होंठो को चूस रहा था.

करीब 10 मिनिट तक हम सिर्फ़ किस्सिंग करते रहे. फिर मैं उसके एक बूब को दबा रहा था, और दूसरे बूब को चूस रहा था. वो धीरे-धीरे सिसकियाँ ले रही थी, और बार-बार सुरभि की तरफ देख रही थी.

फिर मैने उसकी पंत को पूरा खोल दिया, और पनटी को साइड में करके उसकी छूट में उंगली घुसने लगा. वो मोन कर रही थी, और मेरे लंड को हिला रही थी. वो पूरी गीली हो चुकी थी, और लंड लेने के लिए पागल हो रही थी.

फिर उसना कहा: प्लीज़ मुझे छोड़ो शॉमे प्लीज़!

मैं फिर धीरे से उसके उपर आया, और धीरे-धीरे मेरा लंड उसकी छूट में घुसने लगा. वो सुरभि की तरफ बार-बार देख रही थी, लेकिन सुरभि गहरी नींद में थी. फिर मैने आधा लंड उसके चूत में घुसाया, तो वो थोड़ी ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी.

फिर मैं उसको किस करने लगा, ताकि आवाज़ ना कर सके, और मेरे लंड को पूरा अंदर तक ले गया. वो बहुत दर्द में थी, और उसने मुझे कस्स के पकड़ लिया. फिर मैं थोड़ी देर रुका.

उसके बाद जब देखा की वो शांत हो गयी, तो मैने लंड आयेज-पीछे करना स्टार्ट कर दिया. उसको बहुत मज़ा आ रहा था, और वो एक्शिटेड हो कर मेरे होंठो को अपने दांतो से काट रही थी.

मैं भी उसको अब ज़ोर से छोड़ रहा था, तो अचानक सुरभि के हिलने की आवाज़ आई. तभी झट से मैं सालू के उपर से साइड में आया, और सोने का नाटक कर रहा था. सुरभि फिर कंबल में मूह धक के सो गयी.

फिर मैने सालू के पीछे से मेरा लंड उसकी छूट में घुसाया, और छोड़ने लगा. साथ में मैं उसके बूब्स को दबाने लगा. ऐसे छोड़ने में भी बहुत मज़ा आ रहा था. मैने फिर स्पीड बधाई, और ज़ोर से छोड़ने लगा.

वो फिर अपना फेस घुमा के मुझे किस कर रही थी, और फिर उसने पानी छ्चोढ़ दिया. मैने चुदाई कंटिन्यू रखी, और अब मैं भी झड़ने वाला था.

तो वो बोली: अंदर ही डाल दो. मैं प्रेग्नेंट होना चाहती हू.

तो मैने उसके अंदर ही पानी छ्चोढ़ दिया. फिर मैने अपना लंड निकाला, और सॉफ किया, और सालू की पनटी फिरसे लगा दी. फिर वो मेरी तरफ मूडी, और हम कड्ड्ल करके किस कर रहे थे. थोड़ी देर बाद हम सो गये.

सुबा उठने के बाद देखा की सालू उठ गयी थी. लेकिन सुरभि अभी तक सो रही थी. तो मैं सुरभि को किस करने लगा. इससे उसकी नींद टूट गयी, और वो मुझे किस करने लगी. थोड़ी देर किस्सिंग करके हम अलग हुए, और हम तीनो बुड्ढे अंकल को थॅंक योउ बोल के निकल गये जीजू को ढूँढने.

तो हम चलते जेया रहे थे. लेकिन जीजू का कोई आता पता नही था. हमारे पास खाना भी नही था, और भूख भी लग रही थी. फिर मैने डोर एक पेड़ देखा. वो आपल का पेड़ था. तो मैने थोड़े आपल तोड़े पेड़ से, और हम सब खा के निकल गये. उसके बाद हम चलते जेया रहे थे. तो फिर हुमको कुछ लोग नज़र आ गये.

शायद वो भी ट्रेकिंग करने आए थे. फिर हुँने उनको पूछा जीजू के बारे में तो उन्होने बताया की एक आदमी खो गया था, और उन्होने हुमको रास्ता बताया की जीजू किस तरफ गये थे. तो हम उधर चल पड़े.

फिर थोड़ी देर बाद हमने देखा की जीजू हमारी तरफ आ रहे थे. तो हमने उनको पुकारा. उन्होने देखा हुमको, और हमारे पास आ कर वो हमारे उपर चिल्लाने लग गये.

जीजू: कहा चले गये थे तुम लोग?

तो मैने कहा: आप कहा चले गये था मूह फूला के. ग़लती आपकी है. हम सब आपको पागलों की तरह ढूँढ रहे थे.

फिर सालू ना कहा: आपकी वजह से हम कितना परेशन थे. किसने बोला था आपको आयेज जाने के लिए.

फिर राघव ने सालू को किस किया तो सालू शांत हुई. और वो मुझे देख रही थी. फिर मैने सुरभि को किस किया, और हम सब निकल पड़े होटेल की तरफ. और वाहा और 2 दिन रहे थे हम लोग.

तब तक मैं सालू को 3 बार छोड़ चुका था, और सुरभि को तो कितनी बार छोड़ा उसका कोई हिसाब ही नही है. फिर हम सब घर लौट आए.

तो फ्रेंड्स कैसी लगी आपको ये स्टोरी, अपनी फीडबॅक पर भेज सकते है. थॅंक योउ.

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