देसी गर्ल का रंडी बनने का सफ़र

मैं जैसे ही वॉशरूम से टाय्लेट कर के बेड पे आई मुझे कब नींद लग गयी पता ही नही चला. क्यूंकी उतने देर तक खड़ा रहने के कारण मैं बहुत ही ज़्यादा तक गयी थी.

अब आयेज की स्टोरी…

मेरे ख़याल से मेरे सोए हुए 1 घंटा या 1.5 घंटा ही हुए होंगे. मेरे रूम में राकेश और पीयूष सिर आते हैं और मुझे जगा कर बोलते हैं की.. माही एक बहुत बड़ी खुशख़बरी तुम्हे बतानी है.

मैं शॉक्ड हो जाती हूँ और थोड़ी नींद में भी रहती हूँ. इस कारण से तो मैने पूछा की क्या खुशख़बरी है? तो राकेश जी बोलते हैं की जो तुम्हारी पोर्टफोलीयो बनी थी उसमे से दो चार पिक मैने और पीयूष ने प्रोड्यूसर पाटिल को सेंड करी. उनको तुम बहुत ज़्यादा पसंद आ गयी हो.

मैं बहुत खुश हो जाती हूँ और फिर मैं पूछती हूँ – वही प्रोड्यूसर सिर जिनसे आपने कार में मुझे मिलवाया था ज.ज. पाटिल?

राकेश सिर – हा, हा वही पाटिल साहब. बहुत बड़े फिल्म प्रोड्यूसर हैं वो उनकी फिल्म में आक्टिंग करने का माओका सब को नही मिलता.

मैं बहुत खुश हो गयी और राकेश और पीयूष जी को थॅंक्स कहा.

पीयूष सिर ने कहा – वो तुम्हे कल अपने फार्महाउस पे इन्वाइट किए हैं.

मैं और ज़्यादा खुश हो गयी.

फिर पीयूष सिर बोलते हैं राकेश सिर से ठीक है राकेश मैं चलता हूँ. पोर्टफोलीयो कल ईव्निंग तक क्लियर कर के दे दूँगा. फिर वो चले जाते हैं.

मैं और राकेश सिर उन्हे बाहर छ्चोड़ कर वापस रूम में आ जाते हैं.

राकेश सिर – माही मैं भी बहुत तक गया हूँ आज तो मैं तुम्हारे रूम से जाने वाला नही हूँ.

मैं – ओक सिर आप भी यहीं सो जाओ.

राकेश सिर – देखा माही कितने अच्छे से तुम्हारा सब कुछ हो गया. पोर्टफोलीयो भी बन गया और पाटिल को भी तुम पसद आ गयी. वैसे तुम हो ही इतनी खूबसूरत और तुम्हारी छूट का तो कहना ही क्या है.

मैं शर्मा गयी और सर झुका ली. उस वक़्त मैने एक नाइट सीटुए पहना हुआ था जिसमे मेरी बदन मी खूबसूरती बाहर झलक रही थी.

तभी राकेश सिर ने कहा – माही ये ड्रेस खोल दो मुझे फिर से तेरे छूट को देखने की इच्छा हो रही है.

मैं – सिर अभी कुछ देर पहले ही तो देखा है अब कल देख लेना आराम करने दो उसे भी. ऐसे भी उसे आज बहुत कास्ट मिला है. मैं तोड़ा स्माइल के साथ बोली.

राकेश सिर ने कहा – ये तो कुछ भी नही है माही उसे तो इससे भी ज़्यादा झेलना पड़ेगा, खैर छ्चोड़ो ये सब तुम कपड़े खोलो.

मैने सोचा की आज ये मानने वेल नही हैं जो होगा देखा जागेगा. मैं कपड़े खोल देती हूँ और अब मैं सिर्फ़ पनटी में आजाती हूँ.

राकेश सिर – माही इसको भी खोलो मुझे आज तेरे छूट के रस को पीना है.

मैं समझ गयी थी की आज फिर से मेरी छूट की बंद बजने वाली है और नींद की तो अब बात ही छ्चोड़ो. बुत अब और कोई ऑप्षन भी नही था मेरे पास. मैं राकेश सिर को नाराज़ नही कर सकती थी.

मैने अपना पनटी खोल भी खोल दिया अब मैं पूरी नंगी हो चुकी थी.

राकेश सिर कहा – आओ माही मेरे मूह के पास अपना छूट लाओ.

मैं – ओक सिर.

मैं राकेश सिर के मूह के पास अपनी छूट को फिक्स कर देती हूँ ये मेरे साथ फर्स्ट टाइम था.

राकेश सिर ज़ोर ज़ोर से मेरी मलाई जैसी चिकनी छूट को चाटने लगते हैं. और मेरे सरीर में नशा जैसा कुछ होने लगता है और मैं मदहोश होने लगती हूँ.

तभी एक बार राकेश सिर ने ज़ोर से मेरी छूट को अपने दाँत से पकास कर खिचने लगते हैं. मूज़े बहुत तेज दर्द होता है. मैं छीलाने लगती हूँ ओह ऊ अऔच ओह मम्मी… नो सिर आयसए मत कीजिए मैं मार जौंगी. और ऐसा बोलते हुए मैं अपने हाथ से उन्हे हटाने की कोसिस करती हूँ बुत मैं नाकाम हो जाती हूँ.

मेरे छूट में बहुत तेज दर्द हो रहा था मैं दर्द से तड़प रही थी.

कुछ देर बाद उन्होने दाँत से छूट को काटना और घिचना तो स्टॉप कर दिया. बुत अब उन्होने ने मेरी छूट में 2 फिंगर डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से अंदर और बाहर करने लगे. मुझे तेज जलन होने लगी ऐसा लगा जैसे किसी ने मिर्च को मेरी छूट में डाल दिया हो.

मैं दर्द से चत्पाने लगी मुझे समझ में नही आरहा था मई क्या करूँ. राकेश सिर इतनी ज़ोर से फिंगर्स अंदर बाहर कर रहे की उसकी आवाज़ और मेरी चीखने की आवाज़ पूरी रूम में गूँज रही थी. मुझे तो लग रहा था की आज मैं मार ही जौंगी.

ये सब करीब 5 से 7 मिनिट्स चला होगा और इस 5 से 7 मिनिट्स में मेरी क्या हालत हुई ये मैं ही जानती हूँ.

राकेश सिर की 2 फिंगर्स भी बड़ी मुश्किल से मेरी छूट के अंदर जा रही थी. तभी राकेश सिर ने कॉमेंट किया देख माही मेरी छोटी छोटी दो उंगलियाँ भी इतनी दिक्कत से जा रही है. तेरी छूट में सोच अगर पूरा लॉडा घुशा दूं तो तेरी छूट क्या होगा और तब तुम कितना छिलाओगी..

मैं – तब तो मैं मार ही जौंगी मेरे से ये दो उंगलियाँ ही नही झेली जा रही है.

मैं और राकेश सिर में बात हो ही रही थी की तभी राकेश सिर का मोबाइल बजा और मैं हटने लगी. तो उन्होने मुझे कहा छ्चोड़ दो बजने दो मुझे तो तुम्हारी छूट की बंद बजानी है आज.

मैने सोचा की यही माओका है माही राकेश सिर से बचने का. क्यूंकी आज वो फुल मोड में थे. मैने कहा सिर पहले बात कर लो हो सकता है अर्जेंट कॉल हो. फिर उसके बाद करना जो कर रहे हो, थोड़ी ना मैं और मेरी छूट भागी जा रही है.

बुत मेरे इतना कहने पर भी राकेश सिर नही माने उनका उंगली करने का सिलसिला चालू ही था.

कॉल फिर से आया.

मैने कहा देखिए कॉल फिर आया मेबी अर्जेंट कॉल हो आप रिसीव कर लो सिर.

फिर वो ज़ोर से मेी छूट को खिचनर लगे इस बार कुछ ही तेज खिछा था. उन्होने मुझे इतना दर्द हुआ लगा की मैं बेहोश हो जौंगी. मैं ज़ोर से छिलाई और साइड हो गयी और अपने हाथ से छूट को सहलाने लगी. मैने ढयन से देखा तो मेरी छूट सूज गयी थी और दाँत से खिचने की वजह से हल्का हल्का कट टाइप का हो गया था. जो की बहुत तेज दर्द और जलन दे रहा था. हाथ से छूट को सहलाने में भी बहुत दर्द महसूस हो रहा था.

तभी मैने देखा की राकेश सिर ने वो उंगलियाँ जो मेरी छूट में जाने से गीली हो गईं थी उसे अपने मूह में ले ले सॉफ कर लिए. और बोले वाह माही क्या टेस्ट है तुम्हारी छूट के रश का.

फिर उन्होने कॉल उत्तया और बात करने लगे. उन्होने कॉल को स्पीकर पर डाल दिया. अब बातें मुझे भी सुनाई दे रही थी लेकिन मैं अपनी छूट के दर्द और जलन से परेसन थी.

वो कॉल पीयूष सिर का था.

पीयूष सिर – क्या कर रहे थे यार इतनी कॉल किया कॉल नही उठा रहे थे?

राकेश सिर – वो मैं सो गया नींद लग गयी थी.

पीयूष सिर – ऊ, अच्छा सुनो.

राकेश सिर – हा, बोलो?

पीयूष सिर – पाटिल सिर कॉल किए थे बोल रहे थे की कल ईव्निंग का जो प्लान है वो कॅन्सल. वो 15 दिनों की आउटडोर शूटिंग के लिए दुबई जा रहे हैं. कल मॉर्निंग के 10 बजे की फ्लाइट से.

राकेश सिर – तो फिर कैसे होगा जो होना है?

पीयूष सिर – वही तो मैं सोचा और उनसे पूछा.

राकेश सिर – तो क्या बोला उन्होने?

पीयूष सिर – उन्होने बोला की उस लड़की को लेकर चलो तुम लोग भी और वहीं सब डील फाइनल होगा. सारे टीम के लोग जा रहे हैं. वहीं एक अच्छी स्टोरी बनेगी और इस लड़की के साथ भी वही फिल्म फाइनल कर लूँगा.

राकेश सिर – यार सब बात तो ठीक है बुत माही का वीसा और पासपोर्ट का क्या होगा? हम लोग का दिक्कत नही है क्यूंकी ऑलरेडी है बुत उसका?

पीयूष सिर -मैने बताया उनको ये बात तो वो बोले की पासपोर्ट ऑफीस में मेरा अपना बंदा है तुम उसकी चिंता मत करो. तुम उस लड़की का डॉक्युमेंट्स और उस लड़की का फोटो मुझे एमाइल करो अभी.

इसीलिए मैं आपको कॉल कर रहा था आप माही का डॉक्युमेंट्स मुझे एमाइल कीजिए अभी मैं ज.ज. सिर को फॉर्वर्ड कर देता हूँ.

राकेश सिर – ओक 2 मिनिट बाद कॉल बॅक करता हूँ मैल कर के.

पीयूष सिर – ओक.

राकेश सिर मेरी तरफ देखते हैं. मैं अभी भी अपनी छूट को हाथ से सहलाने ली कोसिस कर रही और मुझे बहुत तेज दर्द और जलन हो रहा था.

राकेश सिर – माही सुना ना तुमने सारी बातें?

मैं – एस सिर.

चलो अपना डॉक्युमेंट्स और फोटो जल्दी से ला कर दो मुझे. कल हम सब लोग 10 बजे की फ्लाइट से 15 दे’स के लिए दुबई जा रहे हैं.

मैं उतने की कोसिस करती हूँ बुत दर्द बहुत था खड़ा भी नही हुआ जा रहा था. तब राकेश सिर ने मुझे सहारा दिया और मेरी सूटकेस जहाँ रखी थी वहाँ पर मुझे ले गये. मैने उसे खोला और अपना ईद कार्ड और डॉक्युमेंट्स और फोटो सब राकेश सिर को दे दिया. उन्होने तुरंत सारे डॉक्युमेंट्स पीयूष सिर को मैल कर दिया और फिर उन्हे कॉल कर के बताया.

मैं राकेश सिर से पूछती हूँ-

सिर मुझे बहुत तेज दर्द और जलन हो रहा है. और ये देखो आपने जो दाँत से खिछा है ज़ोर से उससे मेरी छूट पे कट का निसान भी बन गया है. जिससे मुझे चलने में बहुत प्राब्लम हो रही है. अगर ऐसा ही रहा तो कल मैं कैसे चल पौँगी समय भी बहुत कम है? मैं आपको माना कर रही थी बुत आप माने ही नहीं.

राकेश सिर बोलते हैं एक मिनिट इधर आओ. मैं लड़खरते लड़खरते उनके पास जाती हूँ. वो ढयन से मेरी छूट को देखते हैं और बोलते हैं.. अरे हाँ यार माही सूजन तो ज़्यादा है और टाइम भी कम है क्या किया जाए.

फिर वो बोलते हैं मेरे एक डोर के रिश्तेदार डॉक्टर हैं, मैं उनको कॉल लगता हूँ. उन्होने कॉल लगाया बुत डॉक्टर ने रेसिवे नही किया.

अब मैं भी सोचने लगती हूँ क्या करूँ दर्द बढ़ता जा रहा था.

तभी फिर उधर से कॉल आया वो कॉल डॉक्टर का ही था. राकेश सिर ने उस डॉक्टर को सारी बातें बताईं. कॉल स्पीकर पे था तो मुझे भी सुनाई दे रहा था तो उस डॉक्टर ने कहा.. ठीक कल 11 बजे उसे मेरे क्लिनिक पे ले आना मैं देख लूँगा.

तो राकेश सिर ने कहा की आक्च्युयली कल उस लड़की को सुबह 10 बजे की फ्लाइट पकड़नी है. इसलिए तो मैं अभी आपको कॉल किया.

तो डॉक्टर ने कहा की अभी तो क्लिनिक वाला बिल्डिंग बंद होगा. अच्छा आप एक काम करिए आप उसको लेकर मेरे घर आ जाइए. मेरे घर पे कोई नही सब लोग तौर पे गये हुए हैं. लेकर आजाईए मैं देख लूँगा. बुत जो कंडीशन आप बता रहे हैं उस कंडीशन में वो कैसे कल ट्रॅवेल कर पाएगी?

इस पार्ट में बस इतना ही. आयेज क्या क्या हुआ मेरे साथ, कैसे मई डॉक्टर के पास जेया पाई और डॉक्टर मे मेरे साथ क्या किया या कैसे इल्लज किया. ये सब आपको आगामी आने वेल पार्ट में पता चलेगा फ्रेंड्स.

यह कहानी भी पड़े  कमसिन किरायेदार

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *


error: Content is protected !!