कज़िन ने चोदा, और दूसरे मर्द से चुडवाया

ही दोस्तों, तो चलते है कहानी पर.

तो जैसे ही मैं भैया को छाई देकर अपने रूम में आई, मैं नंगी हो सो गयी. मुझे बस नींद आई ही थी, की इतने में भैया आ गये और मुझे उठाने लगे.

मैं बहुत तक गयी थी. मैं भैया से बोली: प्लीज़ भैया मुझे सोने दो. तक गयी हू मैं.

पर तभी भैया मेरे उपर चढ़ गये और मेरे दोनो हाथ पकड़ कर मेरे होंठो पर, गालों पर यहाँ-वहाँ काटने लगे. मैं बस बोल रही थी-

मैं: आहह आह भैया, प्लीज़स भैया, अभी नही.

ऐसे ही बोल रही थी, पर भैया नही सुने. वो वैसे ही बेरेहमी से बस मेरे होंठो को, निपल्स को काट रहे थे. 5 मिनिट बाद वो रुक गये और मेरे सामने खड़े हो कर एक झटके में मेरे बाल पकड़े. फिर अपना लंड मेरे मूह में तूस दिए, और बस ज़ोर-ज़ोर से मेरा मूह छोड़ने लगे.

मुझे दर्द हो रहा था. साँस लेने में तकलीफ़ हो रही थी, और मैं बस गप्प गलप्प गौ गौ स्लूर्प्प स्लूर्प्प कर रही थी. पर भैया बस मेरा मूह छोड़ रहे थे. 5 मिनिट बाद उन्होने अचानक मेरे बाल छ्चोढे, और मैं शांत हो गयी.

फिर तभी उन्होने मुझे पलटा दिया, और वहीं बिस्तर पर घोड़ी बना दिया. अब वो मेरी गांद फैलने लगे. मैं सिसकते हुए बोली-

मैं: भैया अभी छूट छोड़ लीजिए ना. गांद आज मत मारना भैया, अहह प्लीज़.

पर भैया नही माने. उन्होने गांद के होल पर थूका, और 1 ज़ोर का झटका मारा. अब मैं अहह ह मम्मी करते हुए नीचे गिर गयी. भैया ने तुरंत मेरे बाल पकड़े, और मुझे पीछे खींच कर मेरी गर्दन पर पीठ पर काटने लगे.

मैं: आह भैया आह, प्लीज़ निकालो भैया आह. प्लीज़ कल छोड़ लेना भैया आप चाहो तो.

पर भैया नही सुने. वो बस मुझे घोड़ी बनाए मेरी गांद मार रहे थे. 10 मिनिट के बाद उन्होने मुझे बेड के साइड वाले ड्रेसिंग टेबल पर खड़ा किया, और मिरर में मुझे देख कर बस मेरी गांद छोड़ने लगे.

40 मिनिट की चुदाई के बाद आख़िर में भैया ने अपना खून से भरा लंड मेरे मूह में तूस दिया. फिर सारा पानी मेरे मूह में ही छ्चोढ़ कर मेरे उपर मूतने लगे.

मैं बस तक कर वहाँ पड़ी थी. भैया तो अपना काम करके चले गये, और मैं बस वही सो गयी. सुबह मेरी नींद खुली तो देखा मैं पेशाब में ही लेती थी. पुर रूम से बस उसकी ही गंध छा गयी थी. घर में हर बदबू आ रही थी. जैसे-तैसे मैं नहाई, और मामा-मामी के आने से पहले पूरा घर सॉफ कर दिया.

उसके बाद मैं भैया को उठाने रूम में गयी. मुझे लगा था अभी उनका गुस्सा शांत हो जाएगा. पर जैसे ही मैने उनको उठाया, उन्होने मेरे बाल पकड़ लिए, और फिर से अपना लंड मेरे मूह में तूस दिया.

5 मिनिट तक गलप्प गलप्प गौ गौ गौ स्लर्प करते हुए मैं बस उनका लंड चूस रही थी. 5 मिनिट बाद जब उनका पानी मैं पी गयी, तब वो उठ गये, और नहाने चले गये.

तब तक मामा-मामी भी आ गये. फिर हम सब ने मिल कर नाश्ता किया और तभी सूरज भैया मामा से बोले-

भैया: पापा वैसे भी रश्मि का कॉलेज ख़तम हो रहा है. तो मैं चाहता हू वो मेरा ऑफीस जाय्न करे.

मामा ने हेस्ट हुए पर्मिशन दे दी. मुझे लगा अब भैया का गुस्सा शांत हो गया. मैं भी हेस्ट हुए तैयार हो कर भैया के साथ उनके ऑफीस चली गयी.

ऑफीस में गयी तो पहले ही एक आदमी खड़ा था. भैया उनके साथ मीटिंग में लग गये, और मैं भैया के साथ उनकी साइड में बैठी थी. आक्च्युयली वो बिल्डर्स थे, जो भैया से मेटीरियल खरीदते थे.

1 घंटे की मीटिंग के बाद भैया और सब लोग खड़े हो गये. सब ने आपस में हाथ मिलाया, और डील ओक हो गयी. तभी भैया बाहर जाने लगे. उनके पीछे मैं भी जेया रही थी. भैया जैसे ही रूम के बाहर गये, उन्होने मुझे अंदर धकेल दिया और दरवाज़ा बंद करते हुए बोले-

भैया: इस क्लाइंट का ख़याल रखना. इससे मुझे करोड़ों का बिज़्नेस मिलने वाला है.

फिर बस मैं सीधा जेया कर चेर में गिर पड़ी. जैसे ही मैं चेर पर गिरी, वो आदमी मेरे उपर टूट पड़ा. वो मेरी कुरती के उपर से मेरे बूब्स ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा, और मेरे होंठो को और गर्दन को काटने लगा. मैं बस आह उम्म्म आ उम्म कर रही थी.

मे ऐसे ही आहें भर रही थी, और तभी उसने एक झटके में मेरी कुरती फाड़ दी. फिर वो मेरे निपल्स पर टूट पड़ा और उन्हे काटने लगा. अब वो चूस्टे हुए नीचे जाने लगा, और मेरा पाजामा भी एक झटके में नीचे करके मेरी छूट को चाटने लगा.

आबवो मेरे पैरों में बैठे मेरी छूट चाट रहा था, और दोनो हाथो से मेरे बूब्स दबा रहा था. मैं बॅस आह आह ह ऐसे ही चिल्ला रही थी. 5 मिनिट बाद अचानक वो उठा, और मुझे खड़ा करके सीधा दीवार से सता दिया. फिर एक झटके में पीछे से लंड मेरी छूट में पेल दिया.

अब मैं आह आह प्लीज़ छ्चोढो मुझे आह भैया ह बस ऐसे ही चिल्ला रही थी. मुझे मज़ा तो आ रहा था, पर मैं बस उसको अछा लगे इसलिए ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाते हुए बीच-बीच माना कर रही थी.

20 मिनिट खड़े-खड़े छोड़ने के बाद उन्होने मुझे वहीं चेर पर घोड़ी बना दिया. फिर अब वो मेरी गांद मारने लगा. मैं बस आह आह प्लीज़ आराम से आह, आराम से छोड़ो आह ऐसे ही चिल्ला रही थी.

40 मिनिट की चुदाई के बाद उसने अपना पानी मेरे मूह में छ्चोढा और वो चला गया. उसके जाते ही भैया ने फिर से मुझे छोड़ा.

मैं आहें भरते हुए भैया से बोली: भैया क्या आप सच में मुझे रंडी बनाओगे? क्या आपको अब मुझसे प्यार नही रहा?

तभी उन्होने मेरे बाल पकड़े और बोले: तू मेरी रखैल है समझी? अगर ज़्यादा छू-छा करेगी ना, तो तुझे घर से कैसे निकालना है मैं जानता हू.

ये बात सुन कर मैं चुप हो गयी. शाम को घर आने के बाद मैने खाना बनाया, और खाते समय मैने भैया को फाइनल एग्ज़ॅम्स का बहाना दे कर कल से ऑफीस आने माना कर दिया. ये बोल कर, की बस हफ़्ता भर है भैया उसके बाद मैं रोज़ आ जौंगी.

इसका बदला भैया ने मुझसे कैसे लिया, ये मैं आपको नेक्स्ट पार्ट में बताती हू.

error: Content is protected !!