कॉलेज में लड़के की गांद चुदाई की हॉट कहानी

ही फ्रेंड्स, मैं राज शर्मा हू. मैं एक बॉटम हू. मुझे रंडियो की तरह गांद मरवाने में बहुत मज़ा आता है. ये कहानी में मैं बतौँगा की कैसे मैने पहली बार अपनी गांद में लंड लिया और क्या-क्या किया.

मैं तोड़ा चब्बी हू, और मेरी गांद विद्या बालन जैसी है. एक-दूं चुड़क्कड़ गांद है मेरी, जिसको देख कर किसी का भी मॅन मचल जाए. अब मैं बिना टाइम वेस्ट किए कहानी पे आता हू.

मैं 1स्ट्रीट एअर में था, और मेरा चाल-चलन तोड़ा गे टाइप था. तो बहुत लोगों ने नोटीस किया या नही, मुझे पता नही था. पर बहुत सारे दोस्त लोग मज़ाक-मज़ाक में मेरी गांद पर थप्पड़ मारते थे.

ईवन मेरा बेस्ट फ्रेंड भी मेरी गांद पर थप्पड़ मारता था. काई लोग मेरी गांद में मूह भी डालते थे. पहले तो मैं सोचता था, की वो सब ऐसे करके मज़ाक करते थे, पर बाद में मुझे सब की हवस समझ में आई.

तो एक दिन कॉलेज के टाइम मैने और मेरे दोस्त ने प्लान किया, की बंक करते है एक क्लास. क्यूंकी हमने उस क्लास का वर्क नही किया था. तो फिर हम क्लास से निकल कर कॉलेज कॉरिडर में घूम रहे थे.

अब ध्यान आया के प्रिन्सिपल भी रौंद पे था, तो हमने टाय्लेट में च्छूपने का प्लान बनाया. हम कॉलेज टाय्लेट में थे, और कोई भी टाय्लेट में नही था.

अब हम टाय्लेट में ही बातें कर रहे थे, और मेरा दोस्त मूतने और टाय्लेट करने लगा. अब मैं च्छूप-च्छूप कर उसका लंड देखने लग गया. मुझे च्छूप-च्छूप कर लंड देखते हुए देख के वो समझ गया की मुझे लंड चाहिए था. फिर थोड़ी देर बाद वो मेरी गांद सहलाने लगा, और मेरी गांद दबाने लगा.

दोस्त: उफफफ्फ़ यार, सही गांद है तेरी. पूरी की पूरी लड़कियों जैसी गांद है तेरी.

मैं: अछा, तो तुम अब क्या करना चाहते हो?

दोस्त: बुरा मत मानना मेरी बात का. बुत मैं तुझे जाम कर छोड़ना चाहता हू.

उसकी ये जाम कर छोड़ने वाली बात सुन कर मैं भी हॉर्नी हो गया. फिर मैं उसकी पंत के उपर से ही उसका लंड सहलाने लगा. उसका लंड एक-दूं कड़क हो गया था.

फिर उसने अपनी पंत की ज़िप खोली, और अपना लंड बाहर निकाल लिया. एक-दूं काला, और 6 इंच का लंड था उसका, और काफ़ी मोटा भी था. फिर मैने ज़मीन पर घुटनो के बाल बैठ कर उसके लंड को किस किया, और स्लोली-स्लोली लीक करने लगा. उसके बाद मैं उसका लंड मूह में लेकर चूसने लगा.

मेरे लंड चूसने से उसको मज़ा आने लगा, और वो आहें भरते हुए बोला-

दोस्त: उफफफफ्फ़, क्या चूस्टा है तू, फुल रंडियों की तरह.

मैं: उम्म्म्म एम्म एम्म.

मैं भी मोन करते हुए उसका लंड चूस रहा था.

दोस्त: आअहह आअहह.

फिर उसने मुझे खड़ा किया, और मुझसे लिपट गया. फिर वो मेरी गांद को दबाने लगा. उसके बाद मैने अपनी पंत खोली, और उसने मेरा अंडरवेर खोल दिया. फिर वो मेरी गांद के छेड़ में उंगली करने लगा, और अपनी जीभ से चाटने लगा. उसने मेरी गांद के छेड़ को चाट-चाट कर गीला कर दिया था. फिर वो बोला-

दोस्त: उफफफ्फ़ यार, क्या टाइट छेड़ है.

मैं: तो छोड़ डाल भद्वे अब मेरी इस गांद को. मुझे भी तुझसे रंडियों की तरह चूड़ना है यार.

दोस्त: आअहह साली छिनाल, छोड़ता हू तुझे अभी.

फिर उसने अपना लंड मेरी गांद के छेड़ पर सेट किया, और ज़ोर से अंदर घुसा दिया. लंड अंदर घुसने से मेरी ज़ोर की आहह निकल गयी. शुरू में दर्द हुआ, लेकिन फिर जो मज़ा आया उफफफफफफ्फ़.

वो मेरी गांद को थप्पड़ मार-मार कर छोड़ रहा था. ठप ठप ठप करके आवाज़ आ रही थी, और मेरे मूह से सिर्फ़ आअहह आअहह की आवाज़ आ रही थी.

तभी एक और लड़का जो दूसरे सेक्षन में था, वो आ गया टाय्लेट में, और उसने हमे देख लिया. मैं उसको देख कर शॉक्ड हो गया, और मेरा दोस्त भी रुक गया. 20 सेकेंड्स की शांति हो गयी थी. मैं दर्र गया था की कही वो सब को ना बोल दे.

लेकिन वो दूसरा लड़का बहुत हरामी निकला, और वो हमे उस पोज़िशन में देख कर अपना लंड निकाल कर हिलने लग गया. उसका लंड भी करीब 6 इंच का था, और एक-दूं कड़क लंड था. फिर वो लड़का बोला-

वो लड़का: उफफफफ्फ़ तुम लोग इसकी गांद मारते हो? मुझे तो काफ़ी दीनो से इसको छोड़ना था. क्या मटक-मटक के चलता है ये भड़वा. ले चूस मेरा लंड अब भद्वे.

ये बोल कर उसने अपना लंड मेरे मूह के आयेज कर दिया. फिर मैं उसका लंड चूसने लगा, और मेरा दोस्त मेरी गांद मारता रहा. एक-दूं रफ चुदाई चल रही थी.

वो लड़का: उफफफ्फ़ यार, क्या चूस्टा है तू भद्वे.

दोस्त: आज ही इसकी गांद की सील तोड़ी है भाई.

वो लड़का: उफफफफफफ्फ़ यार, मुझे भी इसकी गांद मारनी है.

फिर उन दोनो ने स्विच किया, और मेरा दोस्त अब मेरा मूह छोड़ने लगा, और वो लड़का मेरी गांद छोड़ने लगा. पुर टाय्लेट में ठप ठप की आवाज़ आ रही थी.

वो लड़का: उफफफफ्फ़ क्या टाइट छेड़ है, और बड़ी गांद है (और मेरी गांद पर थप्पड़ मार-मार कर छोड़ रहा था).

फिर ऐसे ही दोनो लड़के मुझे छोड़ते-छोड़ते झाड़ गया. मेरे दोस्त ने मेरी गांद के छेड़ में, और उस लड़के ने मेरे मूह में अपना माल निकाल दिया.

वो लड़का: उफफफफफ्फ़ तेरा मूह गीला कर दिया रंडी, क्या लंड चूस्टा है तू.

दोस्त: सही बोला, और गांद तो देख सेयेल की, त्वेर्क कर रहा था चूड़ते टाइम. छेड़ देख कितना बड़ा हो गया आज तेरा भद्वे.

मैं: मुझे ऐसे ही रंडियो की तरह चूड़ना था. आज मेरी हवस पूरी हुई.

फिर मैने उन दोनो के लंड को एक साथ चूसा. उफफफफफ्फ़ इतनी चुदाई हुई की मैं भी झाड़ गया, और मेरी गांद का छेड़ उस दिन से बड़ा हो गया. आज भी वो लोग मिलते है मुझे, तो रंडियो की तरह छोड़ते है.

कैसी लगी आपको मेरी कहानी? पसंद आए तो कॉमेंट्स ज़रूर करना. आप मुझे एक-दूं गंदी गालियाँ भी दे सकते हो.

नेक्स्ट स्टोरी भी डालूँगा, सो रेडी रहना गाइस.

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