कॉलेज फ्रेंड की चूत और गांद फादी

दोस्तों उमीद है आपने मेरी ग्रूप सेक्स स्टोरी का पिछला पार्ट पढ़ लिया होगा. अब आयेज-

मैने मानसी को ज़ोर-ज़ोर से छोड़ना स्टार्ट कर दिया था. मुझे गुस्सा था की उस छूतिए ने मेरी गर्लफ्रेंड को रंडी कैसे बोला करके.

मैं: भोंसड़ी का बोल रहा था मेरी बंदी को रंडी बना के पेलेगा. आज मैने उसके बंदी पेल दी.

मैने कॉंडम नही पहना था. आज हमारा प्लान था की इसको बिना कॉंडम छोड़ेंगे. थोड़ी देर ऐसा चलता रहा. फिर हम उसको बेड मैं ले आए. तभी कारण और मैने उसको लिटा दिया. वो भी फुल मज़े ले रहे थे. कारण उसको छोड़ना स्टार्ट किया पीछे से.

मैने पहले उसके गाल को पकड़ा, एक किस किया. फिर एक हल्का सा स्लॅप दिया, और उसके मूह में लंड डाल दिया. यार एक एक्सपीरियेन्स्ड प्लेयर का मज़ा ही कुछ और होता है. वो मेरा लंड ऐसे चूस रही थी, की नेक्स्ट लेवेल मज़े आ रहे थे.

कारण: बेहन की लोदी, तुझे मैं दोस्त मानता था और तूने दो कौड़ी के लौंदे के चक्कर में मुझे स्लॅप मारा.

कारण का लंड आवरेज साइज़ का था, पर मेरे लंड से छ्होटा था. मैं उसके बूब्स दबा रहा था. तभी मुझे आइडिया आया की क्यूँ ना इसको रेकॉर्ड किया जाए, और जब भी इसका ब्फ उड़ेगा, तो उसकी बंदी की वीडियो दिखाएँगे, की उसके गर्लफ्रेंड हमसे कैसे चूड़ी थी.

फिर मैं बेड से उठा, और अपना और कारण का फोन लाया. उसके बाद उनको अलग-अलग आंगल में सेट कर दिया. फोन ऐसे आंगल मैं रखे थे, जिससे हम दिखाई नही दे रहे थे, पर मानसी सॉफ-सॉफ दिख रही थी. तभी मानसी बोली-

मानसी: अयाया आहह छोड़ो मुझे, और ज़ोर से छोड़ो.

कारण: बेहन की लोदी, ये ले, और ज़ोर से ले. बता तेरा ब्फ और हम में से कौन अछा छोड़ता है?

मानसी: अर्रे उससे तो चुदाई होती नही. मुझे बाहर जाना पड़ता है चुदाई के लिए.

फिर मैं बेड में आया और कारण से बोला: अब डबल पेनेट्रेशन करते है.

फिर कारण लेट गया. मानसी कारण के लॉड पर बैठ गयी. मेरे पास वॅसलीन था. मैने वो उसकी गांद में लगाई. फिर मैने एक उंगली उसकी गांद में डाली. कुछ समय बाद दूसरी, फिर तीसरी उंगली डाली. तीसरी उंगली के बाद मैने अपना लंड उसकी गांद में दे दिया था.

ये मेरा फर्स्ट टाइम था अनल करने का. गरगी कभी भी मुझे उसकी गांद छोड़ने नही देती थी. वो बोलती थी “कुछ भी कर लो, पर अनल नही करने दूँगी”. बहुत डरती थी वो.

इसकी गांद का च्छेद बहुत टाइट था. फिर हम दोनो इसको छोड़ने लगे. क्या नज़ारा था. नीचे से कारण उसको छोड़ रहा था, और पीछे से मैं. वो भी उछाल-उछाल के छुड़वा रही थी. कुछ समय बाद हम दोनो उसके अंदर ही झाड़ गये. वो भी तब तक 2-4 बार झाड़ चुकी थी.

तभी हमने तोड़ा सा ब्रेक लिया. मानसी ने भी पानी वग़ैरा पिया. हमारा माल जो उसकी छूट और गांद से गिर रहा था, वो उसने सॉफ क्या. फिर हमने अपनी-अपनी जगह बदली. हमने उसको गोद में पकड़ लिए था.

मैने उसकी छूट में और कारण ने उसकी गांद में लंड डाला और दोबारा से छोड़ने लगे. मानसी एक-दूं बावली हो गयी थी. उसके बूब्स मेरी छ्चाटी से टच हो रहे थे, और उसने अपने पैर मेरे चारों और लपेटे हुए थे. वो बारी-बारी हमको किस करती रहती.

हम बीच-बीच में उसके बूब्स भी दबाते रहते. लेफ्ट बूब मैं चूस रहा था, और रिघ्त बूब कारण. फिर हमने उसको सुबा 5 बजे तक हर पोज़िशन में छोड़ा. कभी अपना माल उसके अंदर और कभी उसके फेस में, बूब्स में, बॉडी में डालते रहते. उसका पूरा शरीर हमारे माल से सफेद हो गया था. फिर हम सो गये. 12 बजे जब हम उठे, तो हमने देखा मानसी दर्द में थी.

मानसी: हरमियों तुमने ये क्या किया?

कारण: बेहन की लोदी, कल तो उछाल-उछाल के छुड़वा रही थी. अब क्या हुआ?

फिर हमने उसको कल रात रेकॉर्ड करी हुई वीडियो दिखाई. उसने वो पूरी वीडियो देखी. मानसी ने बोला की ये वीडियो उसके ब्फ को नही दिखना.

फिर कारण ने कहा: एक ही शर्त पर नही दिखाएँगे.

मानसी: क्या?

कारण: अब से तुम बाहर नही चुड़वावगी, जब भी मॅन हो हमारे पास आ जाना.

तभी मानसी ये सुन के मुस्कुराइ और बोली: इतनी से बात! ठीक है. लेकिन जो हमने कल किया, उसको हम अभी दोबारा भी करेंगे. ये सुन कर हमारे होश उडद गये.

मानसी: भोंसड़ी वालो, कल तुम पुर मज़े ले गये. लेकिन मुझे दोबारा मज़े चाहिए.

मैं: चल ठीक है. वैसे भी हम जितना घूमना था घूम लिए है. अब जब तक हम यहाँ है, तब तक मज़े लिए जाए.

कारण: सही बात है. लेकिन सबसे पहले फ्रेश हो लेते है.

फिर हम सब फ्रेश होके आए. हमने खाना वग़ैरा खाया. उसके बाद तीनो ने अपने-अपने कपड़े उतारे. मानसी की नज़र हमारे लोड़ों पर गयी.

मानसी: अर्रे वाह, क्या बात है!(फिर वो मेरी तरफ देखी और बोली) अब मुझे पता चला गरगी इतना खुश क्यूँ रहती है.

ऐसा बोलते ही वो नीचे बैठी और हमारे लंड चूसने लगी बारी-बारी से. हमने फिर लगातार 2 दिन सेक्स किया. कभी अकेले में मेरे से चुड़वति, कभी कारण से अकेले में, तो कभी थ्रीसम. कभी तो जब उसके ब्फ का फोन आता तभी भी हम सेक्स करते. मानसी को दर्र रहता की उसके मोन्स ना निकल जाए.

उस दिन के बाद से मानसी हमारी पर्सनल रंडी बन चुकी थी. कभी भी सेक्स कर सकते थे उसके साथ. अब उसने बाहर से छुड़वाना भी बंद कर दिया था. एक बार कारण को आइडिया आया की अब हम तीनो सेक्स तो करते थे, क्यूँ ना गरगी को लाके एक स्वाप सेक्स किया जाए. उसने ये आइडिया मुझे बताया.

मुझे गुस्सा आया और मैं बोला: देख तू मेरा अछा दोस्त मैं तभी तेरे को आचे से समझा रहा हू. पहली बात तो गरगी को इस सब के बीच नही लाना. और दूसरी, अगर गरगी को इस बारे में पता चला, तो तेरी गांद मैं तोड़ूँगा.

उस दिन से उसके मॅन में ये बात दोबारा नही आई. हम तीनो के बीच कारोबार ऐसा ही चलता गया.

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