चूत में मामा का माल भरवाने की कहानी

और फिर मैं और मामू घर से निकल गये. वैसे अब मैं मामा जी से मामू पर आ गयी थी. क्यूंकी अब मामा जी के साथ सेक्स रिलेशन्षिप चालू हो गया था. इसलिए इसलिए अब से मामू.

और मामू ने आज कहा था: मैने तुम्हारे लिए नौकरी की बात कर ली है.

और उन्होने मुझे एक लॅडीस की शॉप पर छ्चोढा और खुद अपने ऑफीस चले गये. उन्होने मुझसे कहा था की अंदर जेया कर किसी अरुण सिर से मिल लो. मैं फिर दुकान के अंदर गयी, तो काउंटर पर एक लड़की बैठी थी. वो मुझे देख कर बोली.

लड़की: हेलो मिस पिंकी, आप अंदर जाओ, अरुण सिर आपका ही इंतेज़ार कर रहे है.

पिंकी: आपको कैसे पता मैं पिंकी हू?

लड़की: आपके मामा जी ने आपके बारे में अरुण सिर को पहले ही बता दिया था.

फिर मैने उसे लड़की से ओके बोला, और अंदर अरुण सिर के पास गयी उनके रूम में. शॉप के अंदर एक और रूम था अरुण सिर का.

सिर: मिस, अंदर आओ, बैठो. तो आप हो पिंकी, जो नौकरी के लिए यहा आई हो.

पिंकी: जी हा सिर, वो मेरे मामा जी ने आपसे बात की होगी ना.

सिर: हा तुम्हारे मामा जी ने तो बात की है, और मैं तुम्हारे मामा जी के लिए तुम्हे नौकरी पर रख लूँगा. लेकिन तुमको मुझे खुश करना पड़ेगा.

पिंकी: जी हा सिर बिल्कुल, मैं आपको कभी शिकायत का मौका नही दूँगी ( मैं समझी थी की, की वो काम के बारे में बोल रहे थे ).

सिर: ओह नाइस, काफ़ी समझदार हो तुम मिस पिंकी. मैं तो बस ये देख रहा था, की तुम इस नौकरी के लिए क्या-क्या कर सकती हो.

पिंकी: सिर मैं आपके कहने का मतलब नही समझी.

सिर: मिस पिंकी, तुम सारे मतलब समझ जाओगी धीरे-धीरे. यहा सब स्टाफ का अलग-अलग काम है, मैं इसलिए तुमको बोल रहा था, ठीक है. तो क्या तुम तैयार हो?

पिंकी: जी हा सिर, मैं तैयार हू.

और फिर मैं सिर के रूम से बाहर शॉप पर आ गयी, और दुकान के काम में लग गयी.

नेक्स्ट:- घर पर मैं और मामू

मामा जी: ओह मेरी लव्ली डार्लिंग पिंकी. बताओ तुम्हारा दुकान पर आज का पहला दिन कैसा रहा?

पिंकी: बहुत ही अछा रहा मामा, दुकान. पर सारे स्टाफ और सिर भी बहुत आचे है. और आज पहला दिन था, तो बहुत मज़ा आया.

मामा जी: सुबा में मुझे भी बहुत मज़ा आया था.

पिंकी: ओह अछा, चलो मामू आप फ्रेश हो जाओ, मैं खाना बना लेती हू.

और फिर मैने खाना बनाया, और मैने और मामू ने साथ में खाना खाया. अब हम सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी मामू बोले-

मामा जी: पिंकी आज हम दोनो मेरे बेडरूम में एक साथ एक बेड पर सोएंगे, ठीक है.

पिंकी: मामू मुझे पहले से पता था की आज मुझे आपके साथ आपके बेडरूम में एक साथ एक बेड पर सोना पड़ेगा.

मामा जी: तुम बहुत खूबसूरत हो, और तुम्हारा फिगर भी बहुत हॉट आंड सेक्सी है. मैने तुमसे पहले कभी किसी सेक्सी लड़की को नही छोड़ा. तुम मेरी लाइफ की पहली सेक्सी लड़की हो. तुम्हे देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता है, तुम्हारी छूट में जाने के लिए. अब जल्दी करो, मेरे बेडरूम में चलते है. मैं अब और इंतेज़ार नही कर सकता हू.

पिंकी: ठीक है, चलो मामू. और फिर हम दोनो बेडरूम में चले गये. फिर बेडरूम में जाते ही मामू ने मुझे पकड़ लिया, और मुझे चूमने चाटने लगे.

पिंकी: ओह मामू, देखो आपका लंड खड़ा हो कर तड़प रहा है मेरी छूट में जाने के लिए.

मामा जी: तो जल्दी करो पिंकी. मेरे लंड को लेलो अपनी चिकनी छूट में. ताकि इसकी तड़प ख़तम हो.

फिर मामू ने अपनी पंत की ज़िप खोली, और लंड बाहर निकाला. वो बेड पर बैठे थे, और मैं घुटनो के बाल बैठ कर उनका लंड हाथ में पकड़े हुए थी.

मैं सुबह की चुदाई से बहुत कुछ जान गयी थी, तो मैं मामू लंड बड़े प्यार से सहला रही थी. और मामू अपने मूह से आहह ह कर रहे थे.

फिर आहिस्ते-आहिस्ते मैं मामू के लंड के टोपे पर अपनी ज़ुबान फेरने लगी. जिससे मामू को और ज़्यादा मज़ा आने लगा. फिर थोड़ी देर में मैं लंड को अपने मूह में लेकर बहुत ही प्यार से चूसने लगी. लंड बहुत गरम था, और मेरी थूक से गीला भी हो गया था.

इसलिए मुझे लंड चूसने में बहुत मज़ा आ रहा था. मामू को बहुत मज़ा आ रहा था लंड चुसवाने में, और वो बड़े मज़े से आह ऑश अहह की आवाज़े निकाल रहे थे.

मामा जी: पिंकी अब रुक जाओ. अगर तुम ऐसे ही मेरा लंड चूस्टी रही, तो मेरा पानी निकल जाएगा. चलो अब मुझे तुम्हारी छूट चाटनी है, और आज मैं तुम्हारी छूट ऐसे छोड़ूँगा, की तुम बस ऐसे चिल्ला उतोगी.

फिर मामू उठे, और मेरे कपड़े उतारने लगे. पहले उन्होने मेरी सलवार का नाडा खोला, और मेरी सलवार उतार दी. उसके बाद मेरी कमीज़ भी उतार दी. फिर मामू ने मेरी ब्रा पनटी भी उतार दी, और मुझे नंगी कर दिया. वो खुद भी अपने कपड़े उतार कर नंगे हो गये.

उसके बाद उन्होने मेरी टांगे खोल दी, और अब मेरी छूट चाटनी शुरू हो गये थे. मामू उनकी जीभ मेरी छूट के उपर बहुत प्यार से घुमा रहे थे. मुझे मेरी छूट के उपर गुदगुदी भी हो रही थी, और बहुत मज़ा भी आ रहा था.

फिर मामू ने आहिस्ते-आहिस्ते से मेरी छूट के अंदर अपनी जीभ घुसा कर अंदर-बाहर करने लगे. मेरे मूह से ह आह ऑश उफ़फ्फ़ अहह की आवाज़े निकालने लगी थी.

अब मेरी छूट गरम हो कर पानी छ्चोढने लगी थी. मामू ने चाट-चाट कर मेरी छूट को गरम कर दिया था.

मामा जी: पिंकी तुम्हारी छूट अब बहुत गर्म हो गयी है, और पानी छ्चोढने की वजह से गीली भी हो गयी है. अब तुम्हारी छूट को मेरे लंड की ज़रूरत है.

फिर मामू ने मुझे डॉगी स्टाइल में कर दिया, और खुद मेरे पीछे घुटनो के बाल बैठ गये, और लंड को हाथ में पकड़ कर छूट में घुसा दिया. वो लंड को पूरा अंदर-बाहर करने लगे.

मुझे पहले तो थोड़ी देर दर्द हुआ. लेकिन बाद में बहुत मज़ा आने लगा. मैं अपने मूह से आह आह ह ह की सिसकियाँ लेने लगी.

मामा जी: पिंकी तुम्हारी छूट बहुत मज़ेदार है. मुझे बहुत मज़ा आ रहा है तुम्हारी छूट छोड़ने में. और मैं यकीन से कह सकता हू, की तुमको भी बहुत मज़ा आ रहा है अपनी छूट में मेरा लंड लेकर.

पिंकी: हा मामू, मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है. आप ऐसे ही मुझे छोड़ते रहो. और ज़ोर से, और ज़ोर से धक्के मारो मेरी छूट के अंदर. ह आह ऑश उफ़फ्फ़ अहह ओह मामू ऑश अहह उफफफफफ्फ़.

मामा जी: पिंकी मैने तुम्हे सुबा कहा था ना की तुम मुझसे चूड़ने के लिए हमेशा तैयार रहोगी. क्यूंकी मुझे पता था तुम्हे मुझसे चूड़ने में बहुत मज़ा आया था. इसलिए तुम मुझसे छुड़वा रही हो.

पिंकी: हा मामू, मैं आपके लंड पर मारती हू. मुझे पहली नज़र में आपका लंड पसंद आ गया था.

मामा जी: मुझे भी तुम्हारी छूट पहली नज़र में पसंद आ गयी थी, जब तुम्हे मैने बातरूम में नंगी देखा था.

और अब हमेशा मैं तुमको ऐसे ही छोड़ता रहूँगा. और एक बात तुम हमेशा याद रखना. तुम सिर्फ़ मेरे लंड की हो.

पिंकी: मैं तो याद रखुगी, आप भी याद रखना की आपका लंड सिर्फ़ मेरी छूट का है.

मामा जी: मैं तुमसे वादा करता हू, की अब मैं सिर्फ़ तुम्हे ही छोड़ूँगा. तुम्हारी मामी को कभी नही छोड़ूँगा. और वैसे भी उसकी छूट छूट नही भोंसड़ा बन गया है.

पिंकी: इन सारी बातों को छ्चोढो, और आप सिर्फ़ मुझे छोड़ने पर ध्यान दो. ये बातें हम बाद में भी कर सकते है.

मामा जी: हा पिंकी, मैं भी तुमसे यही बोलने वाला था, की हम चुदाई के वक़्त चुदाई की बातें करेंगे, और कोई बात नही करेंगे.

फिर मामू ने सेक्स पोज़िशन चेंज कर दी. अब मैं सीधी बेड पर लेती, और मामू मेरे उपर आ गये (मिशनरी सेक्स). इस पोज़िशन में मामू ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगे, और साथ में मेरे बूब्स के निपल्स भी चूसने लगे.

क्यूंकी ये पोज़िशन मामा को बहुत पसंद है, और इस पोज़िशन में वो धक्के भी आचे से मारते है. इस पोज़िशन में पुर जिस्म की ताक़त लगती है ना, इसलिए.

पिंकी: ह आह ऑश उफ़फ्फ़ ऑश मामू अब मेरी छूट पानी छ्चोढने वाली है. और ज़ोर से करो आह ऑश उफ़फ्फ़ अहह.

और मामू ज़ोर से करने लगे. उन्होने स्पीड बढ़ा दी चुदाई की.

पिंकी: मामू मुझे बहुत मज़ा आ रहा है.

मामा जी: पिंकी अब मेरा भी पानी निकालने वाला है. मैं तुम्हारी छूट के अंदर अपने लंड का पानी निकालूँगा. मैं तुम्हारी छूट को अपने लंड के पानी से आज भर दूँगा.

पिंकी: हा मामू, भर दो मेरी छूट में अपने लंड की पानी (कम). मेरी छूट वैसे ही तड़प रही है आपके लंड के पानी (कम) के लिए.

और मामू ने मेरी छूट के अंदर अपने लंड के माल की पिचकारी छ्चोढ़ दी. माल काफ़ी गरम-गरम था. करीब 15 मिनिट की चुदाई के बाद निकला था. और फिर मामू उठे, और बातरूम में चले गये फ्रेश होने के लिए.

अब मुझे एक बात का पता चल गया था. की जब तक मामी, राजू, और पियू वापस नही आते, तब तक मामू मेरी चुदाई करेंगे. मतलब चुदाई 15 दिन तक चलेगी. वाउ, बहुत मज़ा आएगा मुझे और मामू को.

इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. अगर आप सब को मेरी कहानी पसंद आई हो, तो प्लीज़ कॉमेंट करे.

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