चुदाई के दिन चुदाई की रातें

मेरा नाम सुधा है और मैं बीए मे पढ़ती हूँ. दिखने में सुंदर हूँ लेकिन
नेचर शर्मीली है. मेरा फिगर 36-26-36 है और रंग गोरा है. पिच्छले हफ्ते
तक मैं कुँवारी थी. मैने राज शर्मा की सेक्सी स्टोरीस पढ़ी थी और ब्लू
फिल्म्स भी देखी थी जिस कारण मुझे सेक्स कि समझ तो थी लेकिन किसी ने मुझे
कभी चोदा नहीं था. मैं चुदाई की इच्छा के कारण हमेशा अपनी चूत को शेव कर
के रखती थी कि ना जाने कब कोई चुदाई करने वाला मिल जाए. लेकिन जैसे कि
मैने कहा, मैं डरती थी और किसी को चुदाई के लिए न्योता देने की हिम्मत
नहीं पड़ती थी. घर में मेरे सिवा पापा और एक छोटी बेहन नामिता थी. पापा
श्री हंस राज एक दुकान मालिक थे और छ्होटी बेहन 12 क्लास में पढ़ती थी.
नामिता भी दिखने में बहुत सेक्सी थी. वो अक्सर स्कर्ट्स और टीशर्ट पहनती
थी. उसस्की स्कर्ट्स बहुत छ्होटी होती और उसस्के उरोज़ उसस्की टी-शर्ट से
बाहर निकलने को तैयार रहते.
एक दिन नामिता की नज़र मेरी पॉर्न बुक्स पर पड़ी और वो बोली,” दीदी, ये
क्या बच्चो वाली किताबें पढ़ती हो, मैं तुझे ब्लू फिल्म दिखाती हूँ जिस
में हबशी लड़के एक गोरी औरत को आगे पीच्छे से चोद्ते हैं. दीदी आज कल
कहानी तो बच्चे पढ़ते हैं. एक बात बतायो, तेरा कोई बाय्फ्रेंड है या
नहीं, कभी क़िस्सी ने तेरी चूत का उद्घाटन किया है या नहीं?” मैं अपनी
छ्होटी बेहन की बात सुन कर दंग रह गयी. “नामिता क्या बकती हो? तुम अभी
बच्ची हो. तुझे अपना मन पढ़ाई में लगाना चाहिए. अगर पापा को तेरी ऐसी
बातों का पता चल गया तो मार पड़ेगी. फिर मुझे मत कहना” नामिता हंस
पड़ी,”दीदी, जब चूत में जलन होती है तो लंड ही बुझाता है वो आग. तुझे अगर
मज़े लेने हैं तो बता देना. मैं स्कीम बना लूँगी. अपने यार से तेरी भी
चूत ठंडी करवा दूँगी. और रही पापा की बात, तुम फिकर मत करो. हमारे पापा
भी ऐश करते हैं. तू नहीं जानती कि पापा के संबंध उषा मौसी के साथ हैं.
पापा मौसी के साथ जो कुच्छ करते हैं, शायद हमारी मा के साथ भी ना किया हो
उन्हों ने. दीदी ये दुनिया इतनी सीधी नहीं है जितनी दिखती है”
मेरी मा की मौत के बाद उषा मौसी हमारा ख्याल रखती थी और हमारी गली में ही
रहती थी. उषा मौसी के साथ पापा का चक्कर? सोचते ही मेरी चूत गीली हो गयी.
मेरी मा की मौत आज से 3 साल पहले हुई थी. नामिता मेरे पास आई और मुझे
अपनी बाहों में भरते हुए मेरे गालों पर हाथ फेर कर बोली,” दीदी, ज़िंदगी
मज़े लेने के लिए है. जब पापा मौसी के साथ चुदाई करते हैं तो हम को किस
बात की रोक है. हम तो अभी जवान हैं. इस चूत में जो आग लगती है उसस्के लिए
भगवान ने लंड नाम की मज़ेदार चीज़ बनाई है. और रही पापा की बात आज रात को
तुझे पापा की और मौसी की चुदाई दिखा दूँगी और तू कहे तो कल अपने यार से
तुझे भी जवानी के मज़े दिलवा दूँगी. वैसे भी साला तुझे भूखी नज़रों से
देखता है वो.” मेरे मन ज़लज़ला उठा खड़ा हुआ और मेरी चूत से पानी आने
लगा.

रात को उषा मौसी आई और खाना बनाने लगी. मौसा जी नाइट शिफ्ट में काम करते
थे और मौसी हमारे घर ही सो जाती थी. मैने नामिता की बात सुन कर उषा मौसी
को गौर से देखा. मौसी की उमर कोई 32 साल की होगी और वो भरे जिस्म की
मालिका थी. चूतड़ काफ़ी भारी और चुचि भी बड़ी थी. मौसी ने ग्रीन रंग की
सलवार कमीज़ पहनी हुई थी लेकिन उसस्की चुचि जिस तरह उठक बैठक कर रही थी
लगता था उससने ब्रा नहीं पहनी थी. पापा रसोई में चले गये और मैने देखा की
पापा का हाथ मौसी के चूतड़ को टटोल रहा था और मौसी शर्मा कर नीचे की तरफ
देख रही थी. मैं और नामिता डाइनिंग रूम से ये नज़ारा देख रहे थे. नामिता
ने धीरे से कहा,”देखो दीदी, पापा कैसे हाथ फेर रहे हैं मौसी की गांद पर.
आज ज़रूर चोदेन्गे मौसी को.” इसके साथ ही नामिता ने मेरे चूतड़ को ज़ोर
से मसल दिया,” नामिता, ये क्या करती हो, कितना दर्द होता है मुझे” नामिता
मुस्कुरा पड़ी,”दीदी, ये दर्द नहीं है, यही तो मज़ा है. आज दिखाती हूँ
तुझे लंड और चूत का मधुर मिलन.”
टेबल पर पापा अपने सामने शराब का ग्लास रखे हुए थे और चुस्की ले रहे थे.
आज वो पानी जैसी दिखने वाली शराब पी रहे थे. फिर अचानक पापा ने ग्लास
मौसी की तरफ बढ़ा दिया और मौसी ने चुप चाप पी लिया. मैने देखा के पापा ने
टेबल के नीचे से अपना हाथ मौसी की जाँघ पर फेरना शुरू कर दिया. पापा और
मौसी की आँखों में लाल रंग के डोरे तैरने लगे थे. उनकी साँसों में तेज़ी
बता रही थी की दोनो चुदाई करने के लिए बेताब हैं. नामिता और मैने खाना
जल्दी से ख़तम किया और अपने अपने कमरे में चली गयी. नामिता ने मुझे आँख
मारी और कहा,” दीदी आज तुम मेरे साथ ही सो जाओ, मुझे तुमसे कोई बात करनी
है.” मैं उसस्के पीछे चल पड़ी. नामिता के कमरे की दीवार में एक बड़ा सा
छेद था जिस में से हम दोनो पापा की चुदाई का खेल देखने वाले थे. नामिता
और मैं दोनो ने अपने सारे कपड़े उतार फेंके और बिस्तर पर चली गयी.
नामिता का जिस्म भी बहुत सेक्सी था. उसस्के चुचक काफ़ी बड़े थे और उससने
अपनी चूत को अच्छी तरह से शेव कर रखा था. मुझे अपनी बाहों में भर कर मेरी
बेहन ने मेरी चुचि को मसल डाला और मेरे होंठों पर किस करने लगी, मेरे
चूतड़ को सहलाने लगी, मेरी चूत पर हाथ फेरने लगी,” ओह नामिता….ये क्या कर
रही हो….मुझे कुच्छ होता है….मेरे बदन में झूर झूरी सी हो रही
है…नामिता…..मेरी चूत में खुजली हो रही है…तुम मुझे किस कैसे कर रही
हो….हाई मेरी बेहन मुझे क्या हो रहा है..तेरा आलिंगन मुझे उतेज़ित कर रहा
है….तेरे बदन का सपर्श मुझे जला रहा है….मुझे छ्चोड़ दो प्लीज़” मेरे मूह
से निकला तो नामिता शरारती तरीके से मुस्कुरा पड़ी और फिर से मेरी गर्दन
और कंधों को किस करती रही. नामिता की जीभ से मेरी गर्दन और कंधे गीले हो
गये लेकिन मुझे बहुत कामुक आनंद आ रहा था. नामिता का हाथ मेरी चूत को
रगड़ने लगा तो चूत रस से उसस्की उंगलियाँ भीग गयी,” सुधा, साली देख तेरी
चूत का रस कैसे बह रहा है. तेरी चूत अब चुदाई के लिए तड़प रही है. आज की
रात तो मैं तुझे लेज़्बीयन प्यार से खुश करूँगी लेकिन कल तेरी चुदाई का
वो बंदोबस्त करूँगी की याद रखोगी सारी उमर भर. नामिता ने अगर आज भी तेरी
चूत का पानी ना निकाला तो मेरा नाम बदल देना.”
दूसरे कमरे में भी हुलचूल शुरू हो चुकी थी. नामिता मुझे छेद के पास ले
गयी और हम दोनो पापा के कमरे में झाँकने लगे. पापा और मौसी दोनो शराब पी
रहे थे और पापा ने मौसी के कपड़े उतारने शुरू कर दिए. मौसी चिहुक कर
बोली,” जिज़्जु, अपने पाजामे को भी तो उतारो, अपनी साली को भी तो अपने
लोड्े के दर्शन करवायो. मेरी बेहन को चोद कर तो दो लड़कियाँ पैदा कर ली
हैं तुमने, अब मुझे भी तो एक बच्चे की मा बना दो मेरे जिज़्जु राजा,”
मौसी बिस्तर पर टाँगें फैला कर बोल रही थी. मौसी की चूत पर काले काले बाल
थे. तभी पापा ने अपना पाजामा खोल दिया और अपना काला लंड मौसी के मूह पर
रख दिया और खुद मौसी की चुचि को सहलाने लगे,” उषा, मेरी रानी तेरा पति
तुझे बच्चा नहीं देता क्या? अगर तू चाहे तो मैं तुझे मा बना सकता हूँ.
मैने तुझे कभी ममता(हमारी मा) से कभी अलग नहीं समझा,” मौसी गुस्से में
बोली,” जीजू मेरा पति कुच्छ नहीं कर पाता. साला चूत पर लंड रखते ही झाड़
जाता है और मैं तरसती रह जाती हूँ. इसी लिए तो अपने जिज़्जु के सामने
टाँगें खोल देती हूँ, जिज़्जु राजा. लेकिन हर रोज़ चोरी से चुदवाते हुए
डर लगता है, कहीं सुधा और नामिता को शक हो गया तो क्या होगा?”
पापा ने अपना लंड अब मौसी के मूह में धकेलते हुए कहा” मेरी दोनो बेटियाँ
भी जवान हो चुकी हैं. उनको भी लंड की तलाश होगी. वो अपने पापा की स्थिति
को समझ लेंगी. वो समझ लेंगी कि अगर उनका पापा उनकी मौसी को चोद लेता है
तो कोई बुरा नहीं करता. ये तो डिमॅंड और सप्लाइ का सिधान्त है. अगर मेरी
साली को उसका पति नहीं चोदेगा तो क्या मैं भी छ्चोड़ दूँगा उसको पड़ोसी
के लिए? शाबाश मेरी रानी चूस मेरा लंड, चाट ले मेरे अंडकोष. आज की रात
मैं तुझे अपने बच्चे की मा बना कर यादगार बना देना चाहता हूँ, ज़ोर से
चूस लंड को रानी, काट खायो मेरे लंड को उषा रानी.”
पापा अपनी गांद आगे पीच्छे कर रहे थे और मौसी मज़े से लंड को चूस रही थी.
देखते ही देखते पापा भी पलंग पर लेट गये और उन्हों ने अपना मूह मौसी की
जांघों के बीच डाल कर मौसी की चूत को चाटना शुरू कर दिया. तभी नामिता ने
मेरे निपल को किस कर के चूसना शुरू कर दिया और बोली,” सुधा, पापा की
पोज़िशन को 69 कहते है. बहुत मज़ेदार पोज़िशन होती है जब मर्द औरत की चूत
चाटता है और औरत मर्द का लंड चुस्ती है तो उस्स्को 69 कहते हैं. मैं आज
तेरी चूत को चाट कर खलास कर दूँगी तो देखना कितना मज़ा आए गा, दीदी. पापा
और मौसी तो अपनी मस्ती में खो चुके हैं. तुम मुझे अपने जिस्म के साथ
खेलने दो. मुझे तेरी चूत का पानी निकालना है किओं की कल तो तेरी ज़िंदगी
का हसीन दिन होगा,”

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