चुत की भूक लंड से मिटती है

दोस्तों,मुझे मेरे लंड से खेलने की एक बीमारी सी लग गयी थी जब में आठवी में था तबसे | मेरे सामने वाले घर में एक लड़की रहती थी जो की मस्त लगती थी, उसी को दख दख के मुझे ये बीमारी लग गयी लंड से खेलने की | पर एक दिन, वो लोग वो घर छोड़ के चले गए | अब में अकेला हो गया और सेक्स के लिए तड़पने लग गया था | अब मेरी नजर मेरे फ्लैट के मालिक के बेटी पे जाने लगा, उसके बारे में मैं कभी ये सब नही सोचा था क्युकी हम दोनों के परिवार एक ही परिवार की तरह रहते थे | उस लड़की का नाम काव्य था, काव्य और में एक साथ ही पैदा हुए थे बोले तो दो महीने का फर्क हे हम दोनों के बिच में, और बचपन से हम दोनों एक साथ ही पड़ते आ रहे थे |

काव्य धीरे धीरे बड़ी होती गयी मेरे साथ, उसके जिस्म में बड़ी तेजी से बदलाव आ रहा था बोले तो उसकी गांड और चुचे एक दम से बड गए थे, मैं देखता तो था पर कभी दूसरे ढंग
से सोचता नही था | वो अपने घर में अक्सर नाइटी पहनी रहती थी, में भी उसके घर में कभी कभी सो जाता था बोले तो शनिवार के दिन उसी के घर में सोता था | रात को उसके घर पे टीवी देखता था और वोही सो जाता था | उसका फिगर अब कुछ ३४-३०-३८ हो चूका था | एक दिन मेने सोच लिया की इसको नंगा देखूंगा, अगर में इसे बोलता की नंगी हो तो ये नही होती पर मझे कुछ बोलती भी नही और
अगर में इसे खुद कैसे भी कर के नंगा देख लू तब भी ये मुझे कुछ नही बोलती क्युकी हम दोनों काफी खुलके बात करते थे और बहुत बार सेक्स के उपर भी बातकर चुके थे |

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तो एक दिन क्या हुआ की में इसके घर गया इसकी माँ बोली की काव्य नहा रही हे, मेने तभी सोच लिया की आज इसको नंगा दख के ही रहूँगा |मैं बाहर गीर और इसके बाथरूम की खिडकी वाली जगह पे चला गया और आजू बाजू से दो पत्थर एक दूसरे के उपर रख के खड़ा होके बाथरूम की खिडकी से झाकने लगा | जब मैं देखा तो वो उलटे तरफ मुह के कर खड़ी थी और शावर से अपने जिस्म को गीला कर रही थी | उसने पनटी और ब्रा पहन हुई थी, कुछ देर बाद उसने अपना ब्रा का हुक खोल दिया और ब्रा को दिवार पे तंग दिया और अपने चुचो को मसलने लग गयी थी | मुझे चुचे तो दिख नही रहे थे पर पीछे की तरफ से पता चल रहा था की वो क्या कर रही हे |

कुछ देर चुचो को मसलने के बाद
वो मेरी तरफ पलटी और फिर अपनी पेंटी उतार दी और फिर नहाने लग गयी, अब तक उसने मुझे नही देखा था और में उसे बड़े ही मस्त में देखे जा रहा था | वो अपने जिस्म पे साबुन लगाने लग गयी और और फिर अपने चुत पे भी साबुन लगायी और चुत मसलने लग गयी | यही सब चल रहा था की उसने मुझे देख लिया, मेरी सुख गयी पर में देखता रहा वो मेरी तरफ बड और उसने खिद्नी निचे को कर दिया, फिर में वहा से पत्थर को हटाया और फिर वहा से चला गया |उसी दिन शाम को में उसके घर गया तो वो नित्य पहने हुई थी और लेट के टीवी देख रही थी,
उससे पूछा तो वो बोली की घरपे कोई नही हे मोम डैड शहर से बाहर गए हे कुछ पापा को काम था, ने पूछा की कब गए और कब तक आयेंगे तो वो बोली की अभी दस मिनट पहले ही गए हे और तीन घंटे के बाद ही आयेंगे |

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मैं फिर उसके बजे में लेट गया और हम दोनों फिर टीवी देखने लग गए, वो ” स्टार मूवीज ” देख रही थी और फिर कुछ देर के बाद उसमे एक सीन आया जिसमे लड़का लड़का एक चद्दर में लेते थे और सेक्स कर रहे थे, उसे देख के मेरा एक दम से टन गया | मैं उसको देखा तो वो टीवी की तरफ ही दकेह रही थी | मेने उसके चेहरे के
सामने अपना चेहरा ले गया और उसके होठो को किस किया और जेसे ही सर हटाने लगा तो उसने पीछे से मेरे सर को पकड़ के फिर से अपने होठो पे सटा लिए और फिर मुझे चूमने लगी और मेरे होठो को काटने लग गयी | मैं फिर उसके उपर लेट गया और अपने कमर से उसकी चुत को धक्का देने लगा और उसके सर को पकड़ के उसके होठो को कस कस के चूसने लगा और करीब पाँच मिनट तक हम दोनों एक दूसरे को चुमते रहे, कभी होठो को तो कभी गाल को टोफ इर कभी गले पे | चुमते वक्त वो मेरे शर्ट के अंदर से हाथ डाल के मेरे पीठ पे हाथ फेर रही थी |चुमते चूमे मैं निचे की तरफ सरकने लगा तो वो उठी और फिर मेरे कपड़ो को उतरने लग गयी और फिर एक एक कर के मेरे सरे कपड़ो को उतार दी, और फिर मेरी चड्डी
एम् हाथ डालके उसने मेरा लंड निकला और उसे सहलाने लग गयी,और फिर उसे किस किया |

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